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थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त *थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त होती है कि रणधीर सिंह एवं बबीता इनके परिवार को जो रविंद्र सिंह एवं उनके परिवार वाले हैं, उन्होंने बहुत बुरी तरीके से मारा है। मौके पर तुरंत ही थाना प्रभारी, सीओ साहब और मेरे द्वारा जांच की गई तो यह पता चला कि आज जो रविंद्र के परिवार हैं, उन्होंने रणधीर के परिवार को घसीट के बहुत बुरी तरीके से मारा-पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुए। तुरंत ही उनको हमने हॉस्पिटल भेजा एवं वहां से वो बीएचयू भी रेफर हुए हैं। जब मामले की गहराई से जांच की तो यह पता चला कि करीब एक साल पूर्व दोनों परिवार के जो लड़का-लड़की हैं, वो साथ में भागे थे। तब से ही दोनों परिवार में तनातनी चल रही थी। 15-16 दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, जिसके बेसिस पे मुकदमा पंजीकृत किया गया था और कार्रवाई भी की गई थी। आज भी जो प्रकरण हुआ है, उसमें गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे विधिक कार्रवाई की जा रही है।* *श्री शुभम अग्रवाल अपर पुलिस अधीक्षक भदोही की बाईट-*

10 hrs ago
user_Devesh pandey समाचार संपादक B
Devesh pandey समाचार संपादक B
ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त *थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त होती है कि रणधीर सिंह एवं बबीता इनके परिवार को जो रविंद्र सिंह एवं उनके परिवार वाले हैं, उन्होंने बहुत बुरी तरीके से मारा है। मौके पर तुरंत ही थाना प्रभारी, सीओ साहब और मेरे द्वारा जांच की गई तो यह पता चला कि आज जो रविंद्र के परिवार हैं, उन्होंने रणधीर के परिवार को घसीट के बहुत बुरी तरीके से मारा-पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुए। तुरंत ही उनको हमने हॉस्पिटल भेजा एवं वहां से वो बीएचयू भी रेफर हुए हैं। जब मामले की गहराई से जांच की तो यह पता चला कि करीब एक साल पूर्व दोनों परिवार के जो लड़का-लड़की हैं, वो साथ में भागे थे। तब से ही दोनों परिवार में तनातनी चल रही थी। 15-16 दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, जिसके बेसिस पे मुकदमा पंजीकृत किया गया था और कार्रवाई भी की गई थी। आज भी जो प्रकरण हुआ है, उसमें गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे विधिक कार्रवाई की जा रही है।* *श्री शुभम अग्रवाल अपर पुलिस अधीक्षक भदोही की बाईट-*

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  • गहरपुर, जोगिनका मार्ग पर दबंगों द्वारा चलवाया गया बुलडोजर, ग्रामीण परेशान, मामला पहुंचा एसडीएम सदर ज्ञानपुर, लगाई न्याय की गुहार गहरपुर-भुजान बस्ती में रास्ते पर चला बुलडोजर,एसडीएम सदर तक पहुंचा मामला भदोही। आखिरकार ज्ञानपुर सदर तहसील अंतर्गत गहरपुर-भुजान बस्ती के रास्ते पर गरजे बुलडोजर का मामला सोमवार को एसडीएम सदर अरूण दीक्षित तक पहुंच ही गया। आवागमन न होने से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र एसडीएम को सौंपकर अवरूद्ध हुए रास्ते को अविलंब मुक्त कराने की गुहार लगाई। पीड़ित ग्रामीण लल्लन, उमाशंकर, मोहनलाल गुप्ता, विनोद गुप्ता, महेंद्र कुमार, देवराज, माताशंकर, सियाराम, चिरंजीव, मुन्ना अविनाश, रामनिरंजन, गिरजा शंकर, लल्लू, जयप्रकाश, अजय कुमार, महावीर, सुरेश साहू, अतुल, माता प्रसाद, विनोद कुमार, संतोष, विकास शुक्ला, छोटे गुप्ता, प्रियांशु गुप्ता, संदीप शुक्ला, दशरथ गुप्ता, जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया कि गहरपुर-भुजान बस्ती जाने के लिए उक्त एकमात्र रास्ता है और लगभग दशक पूर्व से लोग आवागमन करते आ रहे हैं लेकिन गांव के ही कुछ मनबढ़ बिना किसी सूचना के उपरोक्त रास्ते को जेसीबी लगाकर उखाड़ दिया गया। चिंता की बात यह कि मनबढ़ किसके आदेश पर रास्ता अवरूद्ध किया समझ से परे है। सदर तहसील प्रशासन ने अवरूद्ध किये जा रहे रास्ते का निराकरण नहीं कराया जा सका तो ग्रामीणों के समक्ष आवागमन की विकट स्थिति उत्पन्न होगी। एसडीएम सदर अरूण दीक्षित ने मामले की जांच कराने की बात कहीं।
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    गहरपुर, जोगिनका मार्ग पर दबंगों द्वारा चलवाया गया बुलडोजर, ग्रामीण परेशान, मामला पहुंचा एसडीएम सदर ज्ञानपुर, लगाई न्याय की गुहार 
गहरपुर-भुजान बस्ती में रास्ते पर चला बुलडोजर,एसडीएम सदर तक पहुंचा मामला
भदोही। आखिरकार ज्ञानपुर सदर तहसील अंतर्गत गहरपुर-भुजान बस्ती के रास्ते पर गरजे बुलडोजर का मामला सोमवार को एसडीएम सदर अरूण दीक्षित तक पहुंच ही गया। आवागमन न होने से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र एसडीएम को सौंपकर अवरूद्ध हुए रास्ते को अविलंब मुक्त कराने की गुहार लगाई। पीड़ित ग्रामीण लल्लन, उमाशंकर, मोहनलाल गुप्ता, विनोद गुप्ता, महेंद्र कुमार, देवराज, माताशंकर, सियाराम, चिरंजीव, मुन्ना अविनाश, रामनिरंजन, गिरजा शंकर, लल्लू, जयप्रकाश, अजय कुमार, महावीर, सुरेश साहू, अतुल, माता प्रसाद, विनोद कुमार, संतोष, विकास शुक्ला, छोटे गुप्ता, प्रियांशु गुप्ता, संदीप शुक्ला, दशरथ गुप्ता, जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया कि गहरपुर-भुजान बस्ती जाने के लिए उक्त एकमात्र रास्ता है और लगभग दशक पूर्व से लोग आवागमन करते आ रहे हैं लेकिन गांव के ही कुछ मनबढ़ बिना किसी सूचना के उपरोक्त रास्ते को जेसीबी लगाकर उखाड़ दिया गया। चिंता की बात यह कि मनबढ़ किसके आदेश पर रास्ता अवरूद्ध किया समझ से परे है। सदर तहसील प्रशासन ने अवरूद्ध किये जा रहे रास्ते का निराकरण नहीं कराया जा सका तो ग्रामीणों के समक्ष आवागमन की विकट स्थिति उत्पन्न होगी। एसडीएम सदर अरूण दीक्षित ने मामले की जांच कराने की बात कहीं।
    user_Rajesh pandey
    Rajesh pandey
    ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त *थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त होती है कि रणधीर सिंह एवं बबीता इनके परिवार को जो रविंद्र सिंह एवं उनके परिवार वाले हैं, उन्होंने बहुत बुरी तरीके से मारा है। मौके पर तुरंत ही थाना प्रभारी, सीओ साहब और मेरे द्वारा जांच की गई तो यह पता चला कि आज जो रविंद्र के परिवार हैं, उन्होंने रणधीर के परिवार को घसीट के बहुत बुरी तरीके से मारा-पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुए। तुरंत ही उनको हमने हॉस्पिटल भेजा एवं वहां से वो बीएचयू भी रेफर हुए हैं। जब मामले की गहराई से जांच की तो यह पता चला कि करीब एक साल पूर्व दोनों परिवार के जो लड़का-लड़की हैं, वो साथ में भागे थे। तब से ही दोनों परिवार में तनातनी चल रही थी। 15-16 दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, जिसके बेसिस पे मुकदमा पंजीकृत किया गया था और कार्रवाई भी की गई थी। आज भी जो प्रकरण हुआ है, उसमें गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे विधिक कार्रवाई की जा रही है।* *श्री शुभम अग्रवाल अपर पुलिस अधीक्षक भदोही की बाईट-*
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    थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त
*थाना भदोही में आज 27 अक्टूबर को सुबह करीब 5:30 बजे 112 पर एक सूचना प्राप्त होती है कि रणधीर सिंह एवं बबीता इनके परिवार को जो रविंद्र सिंह एवं उनके परिवार वाले हैं, उन्होंने बहुत बुरी तरीके से मारा है। मौके पर तुरंत ही थाना प्रभारी, सीओ साहब और मेरे द्वारा जांच की गई तो यह पता चला कि आज जो रविंद्र के परिवार हैं, उन्होंने रणधीर के परिवार को घसीट के बहुत बुरी तरीके से मारा-पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुए। तुरंत ही उनको हमने हॉस्पिटल भेजा एवं वहां से वो बीएचयू भी रेफर हुए हैं। जब मामले की गहराई से जांच की तो यह पता चला कि करीब एक साल पूर्व दोनों परिवार के जो लड़का-लड़की हैं, वो साथ में भागे थे। तब से ही दोनों परिवार में तनातनी चल रही थी। 15-16 दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, जिसके बेसिस पे मुकदमा पंजीकृत किया गया था और कार्रवाई भी की गई थी। आज भी जो प्रकरण हुआ है, उसमें गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे विधिक कार्रवाई की जा रही है।*
*श्री शुभम अग्रवाल अपर पुलिस अधीक्षक भदोही की बाईट-*
    user_Devesh pandey समाचार संपादक B
    Devesh pandey समाचार संपादक B
    ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कोर्ट के आदेश पर लालानगर में फिर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया अवैध कब्जा दो माह पहले भी खाली कराई गई थी जमीन, एक-दो दिन बाद ही दोबारा कर लिया गया था कब्जा गोपीगंज लालानगर में न्यायालय के आदेश पर सोमवार को एक बार फिर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा लालानगर स्थित भूमि संख्या 730, जिसका रकबा 0.1870 हेक्टेयर है, को लेकर हरदेईया उर्फ हरषदेईया बनाम भोला बिंद आदि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 134 के तहत उपजिलाधिकारी न्यायालय ने 13 जुलाई 2026 को अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश पारित किया था। इसके बाद राजस्व विभाग की ओर से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, कब्जा हटाए जाने के एक-दो दिन बाद ही संबंधित भूमि पर दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने फिर से कार्रवाई की तैयारी की। आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी औराई ने तहसीलदार राहुल सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित की थी। टीम को 26 अक्टूबर को मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटवाने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण हटवाया। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल रही। इस दौरान कोतवाल सचितानन्द पाण्डेय समेत राजस्व के लेखपाल कामेश्वर नाथ मिश्रा, अनिल कुमार यादव,अरुण कुमार भारती, रामराज यादव,पवन पटेल, सोनू लाल गौतम,अनिता कुमारी, प्रियंका कुमारी मौजूद रही।
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    कोर्ट के आदेश पर लालानगर में फिर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया अवैध कब्जा

दो माह पहले भी खाली कराई गई थी जमीन, एक-दो दिन बाद ही दोबारा कर लिया गया था कब्जा
गोपीगंज लालानगर में न्यायालय के आदेश पर सोमवार को एक बार फिर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा लालानगर स्थित भूमि संख्या 730, जिसका रकबा 0.1870 हेक्टेयर है, को लेकर हरदेईया उर्फ हरषदेईया बनाम भोला बिंद आदि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 134 के तहत उपजिलाधिकारी न्यायालय ने 13 जुलाई 2026 को अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश पारित किया था। इसके बाद राजस्व विभाग की ओर से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, कब्जा हटाए जाने के एक-दो दिन बाद ही संबंधित भूमि पर दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने फिर से कार्रवाई की तैयारी की। आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी औराई ने तहसीलदार राहुल सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित की थी। टीम को 26 अक्टूबर को मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटवाने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण हटवाया। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल रही। इस दौरान कोतवाल सचितानन्द पाण्डेय समेत राजस्व के लेखपाल कामेश्वर नाथ मिश्रा, अनिल कुमार यादव,अरुण कुमार भारती, रामराज यादव,पवन पटेल, सोनू लाल गौतम,अनिता कुमारी, प्रियंका कुमारी मौजूद रही।
    user_Chandan modanwal
    Chandan modanwal
    ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता  बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता  बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा
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    ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक
सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे
लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी
पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा
और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे
देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता  बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा

ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक
सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे
लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी
पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा
और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे
देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता  बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा
    user_Anis Akhtar
    Anis Akhtar
    Local News Reporter औराई, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • दीपावली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया साहब द्वारा ज्वैलर्स, बैंक के अधिकारियों तथा आंगड़िया पेढ़ी के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें लगभग 300 व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे। दीपावली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया साहब द्वारा ज्वैलर्स, बैंक के अधिकारियों तथा आंगड़िया पेढ़ी के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें लगभग 300 व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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    दीपावली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया साहब द्वारा ज्वैलर्स, बैंक के अधिकारियों तथा आंगड़िया पेढ़ी के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें लगभग 300 व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे।


दीपावली पर्व के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया साहब द्वारा ज्वैलर्स, बैंक के अधिकारियों तथा आंगड़िया पेढ़ी के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें लगभग 300 व्यक्ति कार्यक्रम में उपस्थित थे।
    user_दिलीप कुमार यादव पत्रकार
    दिलीप कुमार यादव पत्रकार
    Local News Reporter हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मिर्जापुर: अष्टभुजा भैरव कुंड मार्ग 5 महीने से अंधेरे में! भैरव कुंड के पुजारी दिनेश महाराज का आरोप है कि मार्ग पर करीब 5 महीने से बिजली आपूर्ति बाधित है। नवरात्र के 9 दिनों तक बिजली रही, लेकिन मेला समाप्त होते ही फिर अंधेरा छा गया। श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी, जिम्मेदार विभाग से बिजली बहाली की मांग। #Mirzapur #विंध्याचल #BreakingNews
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    मिर्जापुर: अष्टभुजा भैरव कुंड मार्ग 5 महीने से अंधेरे में!

भैरव कुंड के पुजारी दिनेश महाराज का आरोप है कि मार्ग पर करीब 5 महीने से बिजली आपूर्ति बाधित है। नवरात्र के 9 दिनों तक बिजली रही, लेकिन मेला समाप्त होते ही फिर अंधेरा छा गया। श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी, जिम्मेदार विभाग से बिजली बहाली की मांग।
#Mirzapur #विंध्याचल #BreakingNews
    user_Khulasach TV
    Khulasach TV
    Court reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मिर्ज़ापुर पूर्व IAS दिव्या मित्तल मड़िहान क्षेत्र के रामपुर गांव में नन्हे मुन्ने बच्चों से उनके बेहतर भविष्य को पहले से ही सुदृढ़ करने का वादा करती हुई
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    मिर्ज़ापुर

पूर्व IAS दिव्या मित्तल मड़िहान क्षेत्र के रामपुर गांव में नन्हे मुन्ने बच्चों से उनके बेहतर भविष्य को पहले से ही सुदृढ़ करने का वादा करती हुई
    user_Journalist S N Yadav
    Journalist S N Yadav
    Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मिर्ज़ापुर के विंध्याचल में युवक की हत्या की आशंका, परिजनों की न्याय की गुहार।
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    मिर्ज़ापुर के विंध्याचल में युवक की हत्या की आशंका, परिजनों की न्याय की गुहार।
    user_मेट्रो संदेश न्यूज़
    मेट्रो संदेश न्यूज़
    Newspaper publisher मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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