पड़ोसी के घर से उड़ी चिंगारी ने मचाई तबाही,करीब 15 लाख रुपए की संपत्ति जल कर हुई खाक ।। प्रखंड अंतर्गत नौतन खुर्द पंचायत के वार्ड संख्या 3 में बुधवार शाम आई तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस दौरान पड़ोसी के चूल्हे से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया, जिससे बिजली महतो के तीन घर जलकर पूरी तरह राख हो गए।पीड़ित बिजली महतो ने बताया कि पड़ोसी के यहां लकड़ी के चूल्हे पर खाना बन रहा था, तभी अचानक तेज हवा के साथ उठी चिंगारी उनके घर तक पहुंच गई और आग लग गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन तेज आंधी के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। देखते ही देखते तीनों घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।घटना के बाद हुई बारिश ने आग को फैलने से रोका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। आगलगी में घर में रखे करीब तीन लाख रुपये नगद, एलईडी टीवी, फर्नीचर, सिलाई मशीन समेत लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित ने थाना और अंचल कार्यालय में लिखित आवेदन दिया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पड़ोसी के घर से उड़ी चिंगारी ने मचाई तबाही,करीब 15 लाख रुपए की संपत्ति जल कर हुई खाक ।। प्रखंड अंतर्गत नौतन खुर्द पंचायत के वार्ड संख्या 3 में बुधवार शाम आई तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस दौरान पड़ोसी के चूल्हे से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया, जिससे बिजली महतो के तीन घर जलकर पूरी तरह राख हो गए।पीड़ित बिजली महतो ने बताया कि पड़ोसी के यहां लकड़ी के चूल्हे पर खाना बन रहा था, तभी अचानक तेज हवा के साथ उठी चिंगारी उनके घर तक पहुंच गई और आग लग गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन तेज आंधी के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। देखते ही देखते तीनों घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।घटना के बाद हुई बारिश ने आग को फैलने से रोका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। आगलगी में घर में रखे करीब तीन लाख रुपये नगद, एलईडी टीवी, फर्नीचर, सिलाई मशीन समेत लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित ने थाना और अंचल कार्यालय में लिखित आवेदन दिया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
- मझौलिया प्रखंड में बुधवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी।1
- हाल में हुई बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। इसी मौके का फायदा उठाने के लिए किसानों को सलाह है कि हरी खाद का उपयोग एवं रासायनिक उर्वरक का संतुलित उपयोग करना है। आधुनिक समय में यही दोहरी रणनीति खेत और किसान दोनों की समृद्धि की गारंटी है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि सिर्फ रासायनिक खाद या सिर्फ जैविक खाद से नहीं, बल्कि दोनों के वैज्ञानिक मेल से ही खेत की सेहत और किसान की जेब मजबूत होगी। "अभी हुई बारिश से खेत में नमी है। यह हरी खाद वाली फसलें जैसे मूंग, उड़द, ढैंचा की बुवाई का सुनहरा मौका है। इसे खेत में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाएं और आगामी खरीफ में नाइट्रोजन वाले उर्वरक 20% तक कम करके भी सफल उत्पादन लें, डॉ. सिंह ने चेताया कि लगातार रासायनिक खाद डालने से मिट्टी सख्त हो रही है और जैविक कार्बन में कमी आ रही है। वहीं, सिर्फ हरी खाद से फसल की पूरी पोषण जरूरत पूरी नहीं हो सकती। "समाधान है - पहले हरी खाद से मिट्टी बनाओ, फिर जरूरत भर उर्वरक डालो।" *हरी खाद: मिट्टी की रीढ़* फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी. आर. ने कहा कि खरीफ से पहले ढैंचा, सनई, मूंग या लोबिया को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देना हरी खाद कहलाता है। इससे खेत में राइजोबियम बैक्टीरिया 1 एकड़ में 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन जोड़ते हैं। साथ ही 4-5 टन जैविक पदार्थ मिलने से मिट्टी भुरभुरी होती है। पानी की बचत के साथ मिट्टी की जलधारण क्षमता 30% बढ़ती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। डॉ. सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर NPK डालें। हरी खाद नाइट्रोजन देती है, लेकिन फास्फोरस, पोटाश, जिंक व सल्फर की कमी उर्वरक से पूरी करनी पड़ती है। संतुलित रासायनिक उर्वरक से फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप में भी कमी आती है। हरी खाद से यूरिया बचेगा, संतुलित डोज से बाकी खाद की बर्बादी रुकेगी। उपज 20-25% ज्यादा जीवित मिट्टी एवं पूरा पोषण के साथ बंपर पैदावार। मिट्टी की सेहत सुधरती है मृदा का pH मान संतुलित होगा, केंचुए व मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी। गुणवत्ता बेहतर दाने का वजन, चमक व भंडारण क्षमता बढ़ेगी। हरी खाद मिट्टी की जान है, उर्वरक तुरंत का टॉनिक। दोनों मिलेंगे तो खेत सोना उगलेगा और किसान की समृद्धि पक्की होगी इस अवसर पर केंद्र के श्याम कुमार भार्गव, इकबाल कुमार, किसान सलाहकार केशव कुमार एवं प्रगतिशील किसान मोहन सिंह, शौकत अली, महेंद्र सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।3
- आंधी का कहर: पेड़ गिरने से युवक की मौत, मासूम बेटा गंभीर घायल #Tags #AandhiKahar #BettiahNews #Bairia #BiharNews #BreakingNews #StormDamage #Accident #VillageNews #GMCH #NaturalDisaster #ViralNews #LocalNews1
- सिवान में एक युवक को मारी गोली मौके पे हुई मौत - एक युवक की स्थिति नाज़ुक1
- बगहा व्यवहार न्यायालय परिसर में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने आधा दर्जन दुकानों और गुमटियों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरा इलाका अफरा-तफरी से भर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो फूस के होटल और चार गुमटियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि एक होटल में रखे गैस सिलेंडर के फटने से आग और भड़क उठी, जिसने आसपास की दुकानों को भी अपनी लपटों में समेट लिया। इस भीषण हादसे में मिथलेश का होटल, उसके बगल का एक अन्य होटल, राजा साह और शंभू साह की गुमटी समेत कई छोटी दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इन दुकानों में न्यायालय से जुड़े जरूरी फॉर्म और अहम कागजात रखे थे, जो अब राख में तब्दील हो चुके हैं। सबसे बड़ा खतरा उस समय टल गया, जब आग घटनास्थल के ठीक पीछे स्थित उत्पाद थाना तक पहुंचने से पहले ही काबू में कर ली गई। अगर आग वहां तक पहुंच जाती, तो जब्त शराब, महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और कई अहम रिकॉर्ड जलकर खाक हो सकते थे, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही उत्पाद थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन इस घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- पश्चिम चम्पारण के बेतिया शहर में शाम सात बजे के करीब जोरदार बारिश के साथ बर्फ गिरा। 29.04.2026.1
- बुधवार की देर शाम सुगौली क्षेत्र में आयी आंधी-तूफान और बारिश से हुई क्षति,मक्का फसल और आम के पेड़ों पर पड़ा भारी असर। कृषि विभाग जुटा क्षति के आकलन में।1
- बेतिया। बुधवार को मझौलिया के कुरैशी पट्टी स्थित हजरत हाफिज शाह अब्दुल गफूर चिश्ती के मजार पर उर्स मेला के अवसर1