अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) झांसी महानगर ने भारत के गौरवशाली वनवासी समाज के सम्मान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए एक विशेष स्वागत एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 24 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाले दो लाख वनवासी कार्यकर्ताओं के वृहद सम्मेलन के निमित्त था। इस दौरान, संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने झांसी स्टेशन पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे वनवासी कार्यकर्ताओं का पुष्प एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए भोजन वितरण की व्यापक व्यवस्था भी कराई, जिसके तहत झांसी महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा अब तक लगभग दस हजार वनवासी कार्यकर्ताओं को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। डॉ. संदीप सरावगी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जैसे महानायक वनवासी समाज की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने मातृभूमि की सेवा के भाव से सदैव जनजातीय समाज के साथ खड़े रहने की बात दोहराई और कहा कि यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने वनवासी कार्यकर्ताओं के लिए इतनी बड़ी संख्या में भोजन व्यवस्था को सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक सेवा भाव का परिणाम बताया। महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह ने वनवासी समाज को भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक चेतना और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है। महानगर मंत्री सुयश शुक्ला ने जोर देकर कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव वनवासी समाज के सम्मान, उत्थान और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने हेतु कार्य करती रही है और परिषद कार्यकर्ता सेवा का अवसर मिलने पर हमेशा तत्पर रहेंगे। कार्यक्रम में एग्रीविजन प्रमुख विक्रम फर्स्वाण, विभाग संगठन मंत्री हरिओम जायसवाल, कल्याण चौधरी, प्रिंस लखेरा, समीर रिछारिया, अंश, जतिन, अभिराज, आकाश साहू, आनंद पाल, अंकुश पाल, हनी अग्रवाल और जिला संगठन मंत्री आकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) झांसी महानगर ने भारत के गौरवशाली वनवासी समाज के सम्मान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए एक विशेष स्वागत एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 24 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाले दो लाख वनवासी कार्यकर्ताओं के वृहद सम्मेलन के निमित्त था। इस दौरान, संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने झांसी स्टेशन पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे वनवासी कार्यकर्ताओं का पुष्प एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए भोजन वितरण की व्यापक व्यवस्था भी कराई, जिसके तहत झांसी महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा अब तक लगभग दस हजार वनवासी कार्यकर्ताओं को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। डॉ. संदीप सरावगी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जैसे महानायक वनवासी समाज की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने मातृभूमि की सेवा के भाव से सदैव जनजातीय समाज के साथ खड़े रहने की बात दोहराई और कहा कि यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने वनवासी कार्यकर्ताओं के लिए इतनी बड़ी संख्या में भोजन व्यवस्था को सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक सेवा भाव का परिणाम बताया। महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह ने वनवासी समाज को भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक चेतना और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है। महानगर मंत्री सुयश शुक्ला ने जोर देकर कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव वनवासी समाज के सम्मान, उत्थान और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने हेतु कार्य करती रही है और परिषद कार्यकर्ता सेवा का अवसर मिलने पर हमेशा तत्पर रहेंगे। कार्यक्रम में एग्रीविजन प्रमुख विक्रम फर्स्वाण, विभाग संगठन मंत्री हरिओम जायसवाल, कल्याण चौधरी, प्रिंस लखेरा, समीर रिछारिया, अंश, जतिन, अभिराज, आकाश साहू, आनंद पाल, अंकुश पाल, हनी अग्रवाल और जिला संगठन मंत्री आकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लाईओवर पर देर रात एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और जलकर खाक हो गई। हालांकि, ड्राइवर की सतर्कता और सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते बस से सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। इस घटना से फ्लाईओवर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बस, जो शताब्दी ट्रेवल्स की बताई जा रही है, लखनऊ से झांसी होते हुए रतलाम जा रही थी। बस चालक कमलेश कुमार के अनुसार, रात करीब 1 बजे झांसी पहुंचने पर दो सवारियों को बैठाना था। इसी दौरान फ्लाईओवर पर चढ़ते समय बस में एक तेज झटका लगा और अचानक लाइटें बंद हो गईं। जांच करने पर पता चला कि तारों में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्री अपना सामान भी बाहर नहीं निकाल पाए और वह भी जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम कई दमकल गाड़ियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।2
- झांसी में 3 जून को वर्ल्ड साइक्लिंग डे के उपलक्ष्य में साइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ झांसी द्वारा एक साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है।1
- आज दिनांक 24 मई 2026 को चिरगांव स्थित रामनगर तिराहा पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। शाम लगभग 6:30 बजे, एक क्वैड कार (नंबर UP 93BD5189) ने नियंत्रण खोकर कई राहगीरों और सब्जी-फल की रेडी वालों को कुचल दिया, जिसमें से 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गाड़ी झांसी की ओर जा रही थी जब ड्राइवर ने उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे उसकी रफ्तार बढ़ गई। इस दुर्घटना में सामने से आ रहे कई राहगीर और वहीं लगी सब्जी-फल की रेडी वाले घायल हो गए। बताया गया है कि ड्राइवर मौके से फरार हो गया था, लेकिन लोगों के शोर-शराबे को सुनकर कुछ राहगीरों ने उसे पकड़ लिया और थाने भेज दिया। सूचना मिलते ही चिरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस बुलाकर घायल लोगों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरगांव भेजा।4
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) झांसी महानगर ने भारत के गौरवशाली वनवासी समाज के सम्मान और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए एक विशेष स्वागत एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 24 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाले दो लाख वनवासी कार्यकर्ताओं के वृहद सम्मेलन के निमित्त था। इस दौरान, संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने झांसी स्टेशन पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे वनवासी कार्यकर्ताओं का पुष्प एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए भोजन वितरण की व्यापक व्यवस्था भी कराई, जिसके तहत झांसी महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा अब तक लगभग दस हजार वनवासी कार्यकर्ताओं को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। डॉ. संदीप सरावगी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जैसे महानायक वनवासी समाज की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने मातृभूमि की सेवा के भाव से सदैव जनजातीय समाज के साथ खड़े रहने की बात दोहराई और कहा कि यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने वनवासी कार्यकर्ताओं के लिए इतनी बड़ी संख्या में भोजन व्यवस्था को सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक सेवा भाव का परिणाम बताया। महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह ने वनवासी समाज को भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक चेतना और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है। महानगर मंत्री सुयश शुक्ला ने जोर देकर कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव वनवासी समाज के सम्मान, उत्थान और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने हेतु कार्य करती रही है और परिषद कार्यकर्ता सेवा का अवसर मिलने पर हमेशा तत्पर रहेंगे। कार्यक्रम में एग्रीविजन प्रमुख विक्रम फर्स्वाण, विभाग संगठन मंत्री हरिओम जायसवाल, कल्याण चौधरी, प्रिंस लखेरा, समीर रिछारिया, अंश, जतिन, अभिराज, आकाश साहू, आनंद पाल, अंकुश पाल, हनी अग्रवाल और जिला संगठन मंत्री आकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दतिया शहर में रेलवे द्वारा किए जा रहे बाउंड्री निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में विरोध तेज हो गया है। रास्ता बंद होने की आशंका को देखते हुए, शहर की लगभग 10 कॉलोनियों और रामनगर डेरा के निवासियों ने मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग आजादी के समय से ही आम रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और शहरी लोग वर्षों से आवागमन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रास्ते पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत गांव तक सड़क का निर्माण भी कराया गया था। हालांकि, अब रेलवे द्वारा बाउंड्री बनाई जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण रास्ता पूरी तरह से बंद होने की स्थिति में आ गया है। निवासियों के अनुसार, यदि यह रास्ता बंद होता है, तो हजारों लोगों को दैनिक आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, और उन्हें स्कूल, बाजार, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे के इस बाउंड्री निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और लोगों के लिए एक स्थायी वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन भी संपन्न किया।1
- रीवा में हुए एक हादसे के बाद जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर दिगंबर जैन समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इसी कड़ी में, बबीना में दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष आशीष जैन कल्लन के नेतृत्व में एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विकास खंड कार्यालय पहुंचा, जहाँ खंड विकास अधिकारी राम अवतार सिंह को साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए, जो समाज में व्याप्त चिंता और आक्रोश को दर्शा रहा था।3
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी आज झांसी पहुंचे, जहाँ उन्होंने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) कार्यालय के सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बीडा संबंधी समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने बीडा क्षेत्र को कंकरीला, पथरीला और काँटों से भरा समझकर छोड़ दिया था। उन्होंने बताया कि अब नोएडा की तर्ज पर झांसी में 57 हजार एकड़ में एक बड़ा औद्योगिक हब तैयार किया जा रहा है, जिसमें डिफेंस कॉरिडोर भी शामिल है। मंत्री नंदी के अनुसार, यह परियोजना झांसी और पूरे बुंदेलखंड के लिए तरक्की के द्वार खोलेगी। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी गई जमीनों के अधिग्रहण में और तेजी लाई जाए। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सांसद, विधायक, एमएलसी और जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी अपने सुझाव दिए। मंत्री नंदी ने उन सुझावों पर तत्काल अमल करने योग्य बिंदुओं पर अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के जल्द शिलान्यास की तैयारी करने को भी कहा।1
- दतिया शहर में हो रहे विकास कार्य अब निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में, रेलवे द्वारा बनाई जा रही बाउंड्री को रोकने की मांग को लेकर शहर की लगभग दस कॉलोनियों और रामनगर डेरा के सैकड़ों निवासी न्यू कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया, आरोप लगाया कि रेलवे विभाग रास्ता बंद कर रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग आजादी के समय से ही आम रास्ते के रूप में उपयोग किया जा रहा है और यह उनके दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत गांव तक सड़क का निर्माण भी इसी मार्ग पर किया गया था। निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि यह रास्ता बंद होता है, तो हजारों लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुँचना पड़ेगा। इन सभी परेशानियों को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे की बाउंड्री निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए और लोगों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1