जालौन पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बड़ा खुलासा किया है। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों पर यह दावा किया जा रहा था कि जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में तैनात सिपाही अरविंद पटेल ने एक महिला कांस्टेबल के साथ 'मेरा बालम थानेदार' गाने पर सर्विस रिवॉल्वर के साथ रील बनाई थी। जालौन पुलिस ने इन सभी दावों को भ्रामक, अपुष्ट और तथ्यहीन बताते हुए इनका स्पष्ट रूप से खंडन किया है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अरविंद पटेल नहीं है। इतना ही नहीं, जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में अरविंद नाम का कोई आरक्षी तैनात नहीं है, और प्रारंभिक जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में दिख रहा आरक्षी जनपद जालौन में नियुक्त ही नहीं है। पुलिस ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया चैनलों और प्लेटफॉर्म ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस वीडियो को जालौन पुलिस से जोड़कर प्रसारित कर दिया, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, उसके वास्तविक स्थान, उसमें दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान और वीडियो प्रसारित करने वालों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में क्षेत्राधिकारी नगर ने भी आधिकारिक बयान जारी कर जनता से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें, क्योंकि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध हो सकता है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर की सत्यता को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को दोहराती है। किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना अनिवार्य है, ताकि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की गलत छवि प्रस्तुत न हो।
जालौन पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बड़ा खुलासा किया है। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों पर यह दावा किया जा रहा था कि जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में तैनात सिपाही अरविंद पटेल ने एक महिला कांस्टेबल के साथ 'मेरा बालम थानेदार' गाने पर सर्विस रिवॉल्वर के साथ रील बनाई थी। जालौन पुलिस ने इन सभी दावों को भ्रामक, अपुष्ट और तथ्यहीन बताते हुए इनका स्पष्ट रूप से खंडन किया है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अरविंद पटेल नहीं है। इतना ही नहीं, जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में अरविंद नाम का कोई आरक्षी तैनात नहीं है, और प्रारंभिक जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में दिख रहा आरक्षी जनपद जालौन में नियुक्त ही नहीं है। पुलिस ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया चैनलों और प्लेटफॉर्म ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस वीडियो को जालौन पुलिस से जोड़कर प्रसारित कर दिया, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, उसके वास्तविक स्थान, उसमें दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान और वीडियो प्रसारित करने वालों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में क्षेत्राधिकारी नगर ने भी आधिकारिक बयान जारी कर जनता से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें, क्योंकि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध हो सकता है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर की सत्यता को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को दोहराती है। किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना अनिवार्य है, ताकि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की गलत छवि प्रस्तुत न हो।
- जालौन जिले के कालपी क्षेत्र की एक महिला ने गांव के तीन लोगों पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि एक विवाह समारोह के दौरान उसके साथ अश्लील हरकत की गई, और जब उसने इसका विरोध किया तो उसके पति के साथ उसे भी पीटा गया। इसके बाद घर पहुंचकर शिकायत करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। महिला का कहना है कि उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और यह समाचार पीड़िता के प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।1
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अलियापुर निवासी मुन्नू लाल के बेटे अजय कुमार के बैंक खाते से ऑनलाइन गेमिंग के ज़रिए दिनांक 11/01/26 को ₹15,000 कट गए थे। पीड़ित ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर रूरा थाना साइबर हेल्प डेस्क के श्याम सुंदर ने त्वरित कार्रवाई की। उनकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, दिनांक 2/07/26 को शिकायतकर्ता के बैंक खाते में ₹15,000 की पूरी राशि वापस करा दी गई। रूरा थाना साइबर हेल्प डेस्क की इस त्वरित कार्रवाई से प्रभावित होकर शिकायतकर्ता ने जनपद कानपुर देहात पुलिस का धन्यवाद किया। इस सफल कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए, रूरा थाना साइबर हेल्प डेस्क ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर कस्बे में घर के अंदर फांसी के फंदे से एक विवाहिता का शव मिलने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई मृतका के भाई की तहरीर पर हुई, जिसमें पुलिस ने पति सहित सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जालौन जनपद के धर्मपुरा उबारी निवासी किशन कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी 21 वर्षीय बहन प्रतिज्ञा का विवाह 27 नवंबर 2023 को मंगलपुर के पुरानी बाजार निवासी पवन गुप्ता के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के रूप में मोटरसाइकिल और नकदी की मांग करते हुए प्रतिज्ञा को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, कई बार समझौतों के बावजूद प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। सोमवार दोपहर बाद प्रतिज्ञा का शव उनके मंगलपुर स्थित घर में फांसी से लटका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के भाई किशन कुमार की तहरीर पर, पुलिस ने पति पवन गुप्ता, देवर अमन गुप्ता, सास उर्मिला देवी, मौसिया सास राधा कौशल, उनकी बेटियों रिमझिम और मुस्कान, तथा ममिया ससुर कुलदीप निवासी शाहजहांपुर सट्टी के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। वरिष्ठ उपनिरीक्षक कमलेश यादव ने गुरुवार शाम जानकारी दी कि मामले में आरोपी पति पवन गुप्ता और सास उर्मिला देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है।1
- मंगलपुर कस्बे में एक विवाहिता का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिलने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना सोमवार को सामने आई थी, जिसके बाद मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत कुल सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जालौन जनपद के धर्मपुरा उबारी निवासी किशन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 21 वर्षीय बहन प्रतिज्ञा का विवाह 27 नवंबर 2023 को मंगलपुर कस्बे के पुरानी बाजार निवासी पवन गुप्ता से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे, जिसमें एक मोटरसाइकिल और नकदी की मांग शामिल थी। इसी मांग को लेकर प्रतिज्ञा का लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, इस मामले में कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते भी हुए, लेकिन उत्पीड़न का यह सिलसिला बंद नहीं हुआ। सोमवार दोपहर बाद प्रतिज्ञा का शव मंगलपुर कस्बे के पुरानी बाजार स्थित उसके घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के भाई किशन कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति पवन गुप्ता, देवर अमन गुप्ता, सास उर्मिला देवी, मौसिया सास राधा कौशल, राधा कौशल की बेटियां रिमझिम और मुस्कान, तथा ममिया ससुर कुलदीप निवासी शाहजहांपुर सट्टी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति पवन गुप्ता और सास उर्मिला देवी को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ उपनिरीक्षक कमलेश यादव ने गुरुवार शाम बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में आगे की जांच जारी है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के ग्राम आलमपुर में सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी शराब के ठेके को गांव से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने ठेके पर जमकर हंगामा किया और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि शराब का यह ठेका गांव के निकट और एक विद्यालय के पास स्थित है, जिससे बच्चों के भविष्य और उनके शैक्षणिक माहौल पर बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि ठेके पर निर्धारित समय के अलावा दिन और रात, दोनों समय शराब की बिक्री की जाती है, जिसका सीधा प्रभाव गांव के वातावरण पर पड़ रहा है।4
- जालौन पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बड़ा खुलासा किया है। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों पर यह दावा किया जा रहा था कि जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में तैनात सिपाही अरविंद पटेल ने एक महिला कांस्टेबल के साथ 'मेरा बालम थानेदार' गाने पर सर्विस रिवॉल्वर के साथ रील बनाई थी। जालौन पुलिस ने इन सभी दावों को भ्रामक, अपुष्ट और तथ्यहीन बताते हुए इनका स्पष्ट रूप से खंडन किया है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अरविंद पटेल नहीं है। इतना ही नहीं, जनपद जालौन के कंट्रोल रूम में अरविंद नाम का कोई आरक्षी तैनात नहीं है, और प्रारंभिक जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में दिख रहा आरक्षी जनपद जालौन में नियुक्त ही नहीं है। पुलिस ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया चैनलों और प्लेटफॉर्म ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस वीडियो को जालौन पुलिस से जोड़कर प्रसारित कर दिया, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, उसके वास्तविक स्थान, उसमें दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान और वीडियो प्रसारित करने वालों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में क्षेत्राधिकारी नगर ने भी आधिकारिक बयान जारी कर जनता से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें, क्योंकि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध हो सकता है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर की सत्यता को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को दोहराती है। किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना अनिवार्य है, ताकि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की गलत छवि प्रस्तुत न हो।1
- मुर्रा ग्राम पंचायत को एक मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है, जिसके तहत मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने गुरुवार को डेरापुर विकास खंड की इस ग्राम पंचायत का दौरा किया। उन्होंने 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025' का शुभारंभ किया और ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों तथा आरआरसी सेंटर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपने संबोधन में सीडीओ ने जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सीडीओ ने बताया कि 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025' के अंतर्गत मुर्रा ग्राम पंचायत को पूरे जनपद के लिए एक मिसाल के तौर पर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान अधिनियम के उद्देश्यों और विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई, साथ ही ग्राम स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। इसके बाद, सीडीओ ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' के तहत खड़ंजा बम्बा से रामबाबू के खेत तक प्रस्तावित 1.40 किलोमीटर लंबी नाली निर्माण परियोजना का निरीक्षण किया, जिसकी अनुमानित लागत 1.84 लाख रुपये है। निरीक्षण में जनरेट मास्टर रोल में दर्ज 17 श्रमिकों के मुकाबले मौके पर 13 श्रमिक काम करते मिले, जिस पर सीडीओ ने मजदूरी का समयबद्ध भुगतान श्रमिकों के बैंक खातों में सुनिश्चित करने और मास्टर रोल के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपने दौरे के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत मुर्रा में स्थापित आरआरसी सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों से आने वाले सूखे और गीले कचरे को पूरी तरह अलग किया जाए तथा प्लास्टिक व अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो। उन्होंने जैविक खाद की बेहतर गुणवत्ता और उसकी ब्रांडिंग कर स्थानीय नर्सरियों व किसानों को उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि स्वयं सहायता समूहों और ग्राम पंचायत की आय में वृद्धि हो सके। आरआरसी सेंटर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान से नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता शुल्क की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इस कार्यक्रम और निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मोहित दुबे, उपायुक्त मनरेगा अशोक कुमार, खंड विकास अधिकारी संजू सिंह, पंचायत सचिव धर्मेन्द्र, तकनीकी सहायक राजीव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- बुधवार को सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबे में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के स्वागत कार्यक्रम के दौरान पार्टी के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। धक्का-मुक्की से शुरू हुआ यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख राजेंद्र पाल गौतम कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर कानपुर के लिए रवाना हो गए। घटना की सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मनोरमा शंखवार की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार, उनके बेटे अंश, बाउंसरों और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज की गई धाराओं में जातिसूचक टिप्पणी करना, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देना शामिल है। सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने गुरुवार सुबह करीब 7 बजे जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच अब क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी गई है।1