चित्तौड़गढ़ के डूंगला उपखंड क्षेत्र के सेठवाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार सुबह करीब 9 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में सरस्वती माता मंदिर के पास करीब सात फीट लंबा सांप देखा गया। सांप के दिखाई देते ही छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। एहतियात के तौर पर तुरंत विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। विद्यालय प्रशासन ने तत्काल सर्प मित्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके क्षेत्र से बाहर होने के कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिसर में भय का माहौल बना रहा। इस बीच, स्थानीय निवासी भेरूलाल उर्फ लाला पाटीदार और स्थानीय पत्रकार मोहनदास वैरागी को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद दोनों बिना समय गंवाए स्कूल पहुंचे। दोनों ने पूरी सावधानी और काफी मशक्कत के बाद इस करीब सात फीट लंबे सांप का सफल रेस्क्यू कर उसे आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया। सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ही विद्यालय परिसर का माहौल सामान्य हो पाया। एक संभावित बड़ा हादसा टलने के बाद स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सभी ने साहस और सूझबूझ का परिचय देने के लिए मोहनदास वैरागी एवं भेरूलाल उर्फ लाला पाटीदार का आभार व्यक्त किया।
चित्तौड़गढ़ के डूंगला उपखंड क्षेत्र के सेठवाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार सुबह करीब 9 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में सरस्वती माता मंदिर के पास करीब सात फीट लंबा सांप देखा गया। सांप के दिखाई देते ही छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। एहतियात के तौर पर तुरंत विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। विद्यालय प्रशासन ने तत्काल सर्प मित्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके क्षेत्र से बाहर होने के कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिसर में भय का माहौल बना रहा।
इस बीच, स्थानीय निवासी भेरूलाल उर्फ लाला पाटीदार और स्थानीय पत्रकार मोहनदास वैरागी को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद दोनों बिना समय गंवाए स्कूल पहुंचे। दोनों ने पूरी सावधानी और काफी मशक्कत के बाद इस करीब सात फीट लंबे सांप का सफल रेस्क्यू कर उसे आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया। सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ही विद्यालय परिसर का माहौल सामान्य हो पाया। एक संभावित बड़ा हादसा टलने के बाद स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सभी ने साहस और सूझबूझ का परिचय देने के लिए मोहनदास वैरागी एवं भेरूलाल उर्फ लाला पाटीदार का आभार व्यक्त किया।
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।4
- चित्तौड़गढ़ के धनेतकलां में सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए निःशुल्क आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध है। इस दवा को प्राप्त करने के लिए मरीज के परिवार का कोई भी सदस्य केवल आवश्यक सामग्री अपने साथ लेकर धनेतकलां पहुंच सकता है और दवा प्राप्त कर सकता है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।1
- नीमच की आस्था को देखकर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जहां ईश्वर, संत और भक्तों का संगम होता है, वहीं पर कुंभ साकार होता है। इस दौरान टाउन हॉल में 'हर-हर महादेव' का उद्घोष गूंज उठा और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सनातन संस्कृति, धर्म और सेवा का संदेश दिया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।1
- चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।1