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राजस्थान के रामगंजमंडी स्थित दरा घाटी में गुरुवार देर रात से लगे भीषण जाम ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस जाम के कारण कई वाहन घंटों से फंसे हुए हैं और सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरा घाटी में भारी वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू करवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण गाड़ियाँ रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ पा रही हैं। खबर लिखे जाने तक यह भीषण जाम पूरी तरह से नहीं खुल पाया था और वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी गति से चल रही थी। पुलिस लगातार यातायात को सामान्य करने की दिशा में प्रयासरत है।
Aajam Choudhary
राजस्थान के रामगंजमंडी स्थित दरा घाटी में गुरुवार देर रात से लगे भीषण जाम ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस जाम के कारण कई वाहन घंटों से फंसे हुए हैं और सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरा घाटी में भारी वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू करवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण गाड़ियाँ रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ पा रही हैं। खबर लिखे जाने तक यह भीषण जाम पूरी तरह से नहीं खुल पाया था और वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी गति से चल रही थी। पुलिस लगातार यातायात को सामान्य करने की दिशा में प्रयासरत है।
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- रामगंजमंडी क्षेत्र के रावली रोड पर गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि गोसेवकों ने गोवंश से भरे दो ट्रकों को रोक लिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जांच के लिए थाने ले गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों ट्रक पंजाब से महाराष्ट्र की ओर जा रहे थे। वाहनों में सवार जगदीप कुमार शुक्ला, आकाश, हिम्मत पाटिल और हिलाल पुंडलिक थोरात से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि गोवंश को खेती के कार्यों के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने परिवहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजातों की जांच की, जिसमें दस्तावेज सही पाए गए और उनके जवाब संतोषजनक मिले। दस्तावेजों की जांच में कोई अनियमितता न मिलने पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को छोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर देर रात तक गोसेवक और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद वाहनों को रवाना कर दिया गया।1
- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर स्थित दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में एक बार फिर भीषण जाम लग गया। गुरुवार रात को अभ्यारण्य क्षेत्र में एक ट्रक खराब हो जाने से एक लेन बंद हो गई, जिसके कारण राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बीती रात से हो रही लगातार बारिश ने स्थिति को और भी खराब कर दिया। इसके बाद दरा नाल के पास भूसे से लदी एक पिकअप गाड़ी भी खराब हो गई, जिसने जाम को और बढ़ा दिया। इस गंभीर जाम के कारण भटवाड़ा अमझार सड़क पर 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई, वहीं कोटा-झालावाड़ सड़क पर भी 7-7 किलोमीटर तक वाहन फंसे रहे। वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे, जिससे सैकड़ों यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।4
- शुक्रवार को कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में बारिश के दौरान हरियाखेड़ी फोरलेन पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां कार और बाइक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, मदनपुरिया निवासी प्रताप, धनराज और दुर्गावती बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार से उनकी भिड़ंत हो गई, जिससे तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को मोड़क अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें झालावाड़ रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कार चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और बारिश के मौसम में वाहन चालकों से सावधानी बरतने तथा सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।1
- मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोड़क थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1 किलो 946 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब निवासी ट्रक चालक गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशानुसार संचालित विशेष अभियान 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत की गई। मोड़क थाना पुलिस अपने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, जब उन्होंने पंजाब नंबर के एक टाटा ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखा गया डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसके बाद चालक गुरविंदर सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस तस्करी के नेटवर्क, मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कोटा ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कंजर समुदाय की नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में धकेला जा रहा था। इस कार्रवाई में कुल 10 लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 7 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने बच्चियों को बेचने और दलाली करने वाले गिरोह के पाँच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है, और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। इस गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के झालावाड़, बूंदी और टोंक से लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने एक प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह गरीब कंजर समुदाय के डेरों में रहने वाले लोगों को रुपए देकर उनकी बच्चियों को खरीदता था और बाद में उन्हें मुंबई जैसे बड़े शहरों में वेश्यावृत्ति के लिए धकेल देता था। पुलिस को कुछ समय पहले मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एक विशेष जांच टीम गठित की गई। गोपनीय जांच के दौरान 2 जून को मुंबई पुलिस की एक टीम कुछ लड़कियों को पुनर्वास के लिए राजस्थान लाई थी, तभी सूचना मिली कि गिरोह के एजेंट उन्हें दोबारा कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की, जिसमें दो ऐसी लड़कियां भी मिलीं जो रिकॉर्ड में बालिग थीं, लेकिन वास्तव में नाबालिग पाई गईं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों में हेरफेर कर उनकी उम्र बढ़ाता था और उनकी पहचान व पते भी बदल देता था ताकि भविष्य में उनकी पहचान साबित न हो सके। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्थानीय दलालों के माध्यम से आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबे परिवारों को बेहतर भविष्य और रोजगार का झांसा देकर उनकी बेटियों को अपने साथ ले जाते थे। बाद में उन्हें मुंबई और अन्य महानगरों में सक्रिय एजेंटों को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट तीन स्तरों पर काम करता था: पहले स्तर पर राजस्थान के स्थानीय एजेंट गरीब परिवारों की तलाश करते थे; दूसरे स्तर पर बिचौलिए आर्थिक लालच देकर लड़कियों को अपने साथ ले जाते थे; और तीसरे स्तर पर महानगरों में सक्रिय बड़े एजेंट और डांस बार संचालक इन लड़कियों को अनैतिक गतिविधियों में धकेल देते थे। पुलिस की विशेष जांच दल ने मुंबई, बूंदी और टोंक में अलग-अलग टीमों के माध्यम से कार्रवाई कर लड़कियों को मुक्त कराया, और मामले में मुंबई से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।4
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े और खौफनाक अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुंबई, ग्वालियर, बूंदी और टोंक तक फैले इस नेटवर्क के चंगुल से कुल 10 लड़कियों को सुरक्षित छुड़ाया है, जिनमें 7 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि एक मीडिया रिपोर्ट में झालावाड़ से गिरोह के तार जुड़ने के संकेत मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले में सनसनीखेज खुलासे तब हुए जब 2 जून को मुंबई पुलिस की एक टीम कुछ लड़कियों को पुनर्वास के लिए राजस्थान लेकर आई और झालावाड़ पुलिस को सूचना मिली कि तस्कर गिरोह इन लड़कियों को दोबारा अगवा करने की फिराक में है। झालावाड़ पुलिस ने तुरंत मुंबई पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मोर्चा संभाला। रेस्क्यू की गई लड़कियों के दस्तावेजों की जांच में पता चला कि गिरोह नाबालिग लड़कियों के पहचान पत्रों में हेरफेर कर उनकी उम्र बढ़ा देता था और कागजों में उन्हें बालिग दिखाकर डांस बार तथा अनैतिक धंधों में धकेल देता था। उनकी असली पहचान छिपाने के लिए लड़कियों के नाम और पते तक बदल दिए जाते थे। पुलिस की गिरफ्त में आए पांच आरोपियों और एक हिरासत में लिए गए संदिग्ध ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह रैकेट तीन शातिर स्तरों पर काम करता था। पहले स्तर पर, स्थानीय दलाल ग्रामीण इलाकों में अत्यधिक गरीबी या भारी कर्ज में डूबे परिवारों को चिह्नित करते थे। दूसरे स्तर पर, बिचौलिए इन लाचार परिवारों को बेहतर भविष्य और रोजगार का झांसा देकर तथा पैसों का लालच देकर उनकी बेटियों को अपने साथ ले जाते थे। इसके बाद तीसरे स्तर पर, इन लड़कियों को ग्वालियर और मुंबई जैसे महानगरों के बड़े एजेंटों और डांस बार संचालकों को बेच दिया जाता था, जो उन्हें इस नर्क में फंसा देते थे। तस्करी के इस घिनौने खेल में क्रूरता की सारी हदें तब पार हो गईं जब पुलिस ने छापेमारी के दौरान सौदेबाजी के कुछ एग्रीमेंट बरामद किए। इन दस्तावेजों में एक खौफनाक शर्त लिखी थी कि पीड़ित लड़की के परिवार पर चढ़ा कर्ज केवल तभी माफ माना जाएगा जब लड़की आत्महत्या कर ले या उसकी मौत हो जाए। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के खिलाफ यह एक ऐतिहासिक कामयाबी है और इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तथा मुंबई-ग्वालियर से जुड़े बाकी आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छापेमारी और जांच की कार्रवाई लगातार जारी है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत सुमर के एक नागरिक ने आरोप लगाया है कि उनके घर के रास्ते में, जहाँ एक नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भी स्थित है, वहाँ रामेश्वर कटारिया ने मकान का गेट लगाकर रास्ते पर सीढ़ी का निर्माण कर लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रास्ता उनके परिवार द्वारा लगभग 50 वर्ष से अधिक समय से उपयोग किया जा रहा है। इस अतिक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार पहुँचाने वाली गाड़ी के साथ-साथ आमजन के वाहनों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और एसडीएम को भी शिकायतें दी थीं, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस सीढ़ी की समस्या के चलते आए दिन लोगों के बीच लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज की घटनाएँ होती रहती हैं, जिसके मद्देनजर आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।2
- राजस्थान के रामगंजमंडी स्थित दरा घाटी में गुरुवार देर रात से लगे भीषण जाम ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस जाम के कारण कई वाहन घंटों से फंसे हुए हैं और सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरा घाटी में भारी वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू करवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण गाड़ियाँ रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ पा रही हैं। खबर लिखे जाने तक यह भीषण जाम पूरी तरह से नहीं खुल पाया था और वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी गति से चल रही थी। पुलिस लगातार यातायात को सामान्य करने की दिशा में प्रयासरत है।1