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जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹

8 hrs ago
user_Moti ray
Moti ray
Salesperson Sagar Nagar, Madhya Pradesh•
8 hrs ago

जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • आचार्य श्री सुनील सागर महाराज : युग-प्रवर्तक जैन चेतना का प्रकाशस्तंभ आज के भौतिकवादी और विचलित समय में जहाँ आध्यात्मिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं आचार्य श्री सुनील सागर महाराज जैसे संत मानव समाज को आत्मबोध, संयम और सांस्कृतिक चेतना की ओर पुनः लौटने का मार्ग दिखा रहे हैं। वे केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। मध्यप्रदेश के सागर जिले के तिगोड़ा ग्राम में 7 अक्टूबर 1977 को जन्मे आचार्य श्री ने मात्र 20 वर्ष की आयु में 1997 में आचार्य सन्मति सागर महाराज से दीक्षा लेकर संसारिक मोह से ऊपर उठकर त्याग, तप और साधना का व्रत ग्रहण किया। दस वर्षों की कठोर तपस्या के पश्चात 2007 में औरंगाबाद में उन्हें आचार्य पद से विभूषित किया गया। यह केवल पद नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक नेतृत्व की एक नई जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने असाधारण निष्ठा से निभाया। आचार्य श्री की सबसे बड़ी विशेषता है — प्राकृत भाषा में प्रवचन देने की विलक्षण क्षमता। आज जब प्राचीन भाषाएँ लुप्तप्राय होती जा रही हैं, आचार्य श्री ने प्राकृत को जन-जन की भाषा बना दिया। उनके प्रवचनों में शास्त्र, विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक जीवन के प्रश्नों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उनका प्रसिद्ध सिद्धांत "3T – टाइमिंग, ट्यूनिंग, ट्रेनिंग" आज के युवा वर्ग के लिए जीवन प्रबंधन का सशक्त सूत्र बन चुका है। वे बताते हैं कि जीवन में सफलता केवल परिश्रम से नहीं, बल्कि सही समय, सही सोच और सही प्रशिक्षण से प्राप्त होती है। यह विचारधारा उन्हें पारंपरिक संत से आगे ले जाकर आधुनिक युग का मार्गदर्शक बनाती है। आचार्य श्री न केवल आध्यात्मिक उन्नयन पर बल देते हैं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास के संरक्षण को भी राष्ट्रधर्म मानते हैं। उनके प्रवचन भारत की आत्मा को जागृत करते हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। उनकी विराट साधना यात्रा का प्रभाव उनके संघ में भी दृष्टिगोचर होता है, जहाँ आज 146 साध्वियाँ और 85 साधु तप, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हैं। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके विचारों की जीवंत धारा है। उनकी अद्वितीय उपलब्धियों को Royal Sunsex International Book of Record में भी दर्ज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व का है। निष्कर्षतः, आचार्य श्री सुनील सागर महाराज हमारे समय के उन दुर्लभ संतों में हैं जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु बनकर मानवता को नैतिकता, आत्मशुद्धि और शांति के पथ पर ले जा रहे हैं। वे वास्तव में जैन चेतना के युग-प्रवर्तक प्रकाशस्तंभ हैं।
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    आचार्य श्री सुनील सागर महाराज : युग-प्रवर्तक जैन चेतना का प्रकाशस्तंभ
आज के भौतिकवादी और विचलित समय में जहाँ आध्यात्मिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं आचार्य श्री सुनील सागर महाराज जैसे संत मानव समाज को आत्मबोध, संयम और सांस्कृतिक चेतना की ओर पुनः लौटने का मार्ग दिखा रहे हैं। वे केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
मध्यप्रदेश के सागर जिले के तिगोड़ा ग्राम में 7 अक्टूबर 1977 को जन्मे आचार्य श्री ने मात्र 20 वर्ष की आयु में 1997 में आचार्य सन्मति सागर महाराज से दीक्षा लेकर संसारिक मोह से ऊपर उठकर त्याग, तप और साधना का व्रत ग्रहण किया। दस वर्षों की कठोर तपस्या के पश्चात 2007 में औरंगाबाद में उन्हें आचार्य पद से विभूषित किया गया। यह केवल पद नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक नेतृत्व की एक नई जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने असाधारण निष्ठा से निभाया।
आचार्य श्री की सबसे बड़ी विशेषता है — प्राकृत भाषा में प्रवचन देने की विलक्षण क्षमता। आज जब प्राचीन भाषाएँ लुप्तप्राय होती जा रही हैं, आचार्य श्री ने प्राकृत को जन-जन की भाषा बना दिया। उनके प्रवचनों में शास्त्र, विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक जीवन के प्रश्नों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।
उनका प्रसिद्ध सिद्धांत "3T – टाइमिंग, ट्यूनिंग, ट्रेनिंग" आज के युवा वर्ग के लिए जीवन प्रबंधन का सशक्त सूत्र बन चुका है। वे बताते हैं कि जीवन में सफलता केवल परिश्रम से नहीं, बल्कि सही समय, सही सोच और सही प्रशिक्षण से प्राप्त होती है। यह विचारधारा उन्हें पारंपरिक संत से आगे ले जाकर आधुनिक युग का मार्गदर्शक बनाती है।
आचार्य श्री न केवल आध्यात्मिक उन्नयन पर बल देते हैं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास के संरक्षण को भी राष्ट्रधर्म मानते हैं। उनके प्रवचन भारत की आत्मा को जागृत करते हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
उनकी विराट साधना यात्रा का प्रभाव उनके संघ में भी दृष्टिगोचर होता है, जहाँ आज 146 साध्वियाँ और 85 साधु तप, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हैं। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके विचारों की जीवंत धारा है।
उनकी अद्वितीय उपलब्धियों को Royal Sunsex International Book of Record में भी दर्ज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व का है।
निष्कर्षतः, आचार्य श्री सुनील सागर महाराज हमारे समय के उन दुर्लभ संतों में हैं जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु बनकर मानवता को नैतिकता, आत्मशुद्धि और शांति के पथ पर ले जा रहे हैं। वे वास्तव में जैन चेतना के युग-प्रवर्तक प्रकाशस्तंभ हैं।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    Journalist Sagar, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • लोकेशन जैसीनगर सागर मध्य प्रदेश संवाददाता प्रशांत दीक्षित जैसीनगर मोबाइल नंबर 9981 27 24 43 ग्राम सेमरा में चल रही श्री राम कथा में क्षेत्र के भक्तो का सैलाब उमड़ा जिसमे हजारों की संख्या में भक्तो ने मानस सेविका निशी दीदी के मुखारबिंद से श्री राम कथा श्रवण की जहा उन्होंने भगवान राम के चरित्र का वर्णन किया कथा सुनने सागर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत भी सामिल हुए वही हमारे संवाददाता प्रशांत दीक्षित से बात करते हुए मानस सेविका निशी दीदी ने कहा कि जिस घर में श्री रामचरितमानस का पाठ होता है उस घर में बच्चों के संस्कार कभी खराब नही होगे वही उन्होंने हिंदू राष्ट के सवाल पर कहा कि हमसब सनातनी है ये सनातन राष्ट है और सनातन राष्ट रहेगा इतना मुझे विश्वास है
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    लोकेशन जैसीनगर सागर  मध्य प्रदेश संवाददाता प्रशांत दीक्षित जैसीनगर मोबाइल नंबर 9981 27 24 43 
ग्राम सेमरा में चल रही श्री राम कथा में क्षेत्र के भक्तो का सैलाब उमड़ा जिसमे हजारों की संख्या में भक्तो ने मानस सेविका निशी दीदी के मुखारबिंद से श्री राम कथा श्रवण की जहा उन्होंने भगवान राम के चरित्र का वर्णन किया कथा सुनने सागर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत भी सामिल हुए वही हमारे संवाददाता प्रशांत दीक्षित से बात करते हुए मानस सेविका निशी दीदी ने कहा कि जिस घर में श्री रामचरितमानस का पाठ होता है उस घर में बच्चों के संस्कार कभी खराब नही होगे वही उन्होंने हिंदू राष्ट के सवाल पर कहा कि हमसब सनातनी है ये सनातन राष्ट है और सनातन राष्ट रहेगा इतना मुझे विश्वास है
    user_पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
    Journalist जैसिनगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सेवा में, श्रीमान राज्यपाल महोदय, मध्यप्रदेश श्रीमान जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक अनुविभागीय अधिकारी, एसडीओपी महोदय, सुरखी जिला सागर विषय- सुरखी थानांतर्गत जैन मंदिर छोटा में हुई चोरी की घटना पर कठोर कार्यवाही बाबत महोदय जी, विषय अंतर्गत लेख है कि सागर जिले की सुर्खी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में बीते दिनों से कई चोरियों की घटनाएं हुई जिनकी लिखित शिकायत पुलिस थाना में दर्ज की गई जिनमें हाल ही में दिगंबर जैन मंदिर छोटा जिसमें से तकरीबन 5 किलो चांदी के छत्र चोरी हुए थे जिसको लेकर समग्र जैन जैनेतर समाज में रोष व्याप्त था परन्तु उक्त घटना का छठवां दिन बीत चुका है अभी तक पुलिस प्रशासन किसी भी चोरी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाया जो कि पुलिस की कारवाही प्रक्रिया को शंका के घेरे में करती नजर आ रही और पुलिस पर से जनता का विश्वास कम होता जा रहा है उपरोक्त कारणों से पूर्वसूचित तिथि आज दिनांक 16/1/2026 के समय दोपहर 12 बजे से पुलिस थाना सुरखी के सामने समस्त जैन बंधु अपने प्रतिष्ठान बंद कर एवं जैनेतर, ब सागर जिले के अधिकतर पदाधिकारी शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे सोए पुलिस महकमे की नींद खुले और सुरखी थानांतर्गत होने वाली चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लग सके अतः महोदय जी निवेदन है कि उपरोक्त घटनाक्रम पर ठोस कदम उठाते हुए कठोर कारवाही करे!
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    सेवा में,
श्रीमान राज्यपाल महोदय,
मध्यप्रदेश 
श्रीमान जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक 
अनुविभागीय अधिकारी, एसडीओपी महोदय, सुरखी जिला सागर 
विषय- सुरखी थानांतर्गत जैन मंदिर छोटा में हुई चोरी की घटना पर कठोर कार्यवाही बाबत 
महोदय जी,
विषय अंतर्गत लेख है कि सागर जिले की सुर्खी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में बीते दिनों से कई चोरियों की घटनाएं हुई जिनकी लिखित शिकायत पुलिस थाना में दर्ज की गई जिनमें हाल ही में दिगंबर जैन मंदिर छोटा जिसमें से तकरीबन 5 किलो चांदी के छत्र चोरी हुए थे जिसको लेकर समग्र जैन जैनेतर समाज में रोष व्याप्त था परन्तु उक्त घटना का छठवां दिन बीत चुका है अभी तक पुलिस प्रशासन किसी भी चोरी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाया जो कि पुलिस की कारवाही प्रक्रिया को शंका के घेरे में करती नजर आ रही और पुलिस पर से जनता का विश्वास कम होता जा रहा है उपरोक्त कारणों से पूर्वसूचित तिथि आज दिनांक 16/1/2026 के समय दोपहर 12 बजे से पुलिस थाना सुरखी के सामने 
समस्त जैन बंधु अपने प्रतिष्ठान बंद कर एवं जैनेतर, ब सागर जिले के अधिकतर पदाधिकारी शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे सोए पुलिस महकमे की नींद खुले और सुरखी थानांतर्गत होने वाली चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लग सके अतः महोदय जी निवेदन है कि उपरोक्त घटनाक्रम पर ठोस कदम उठाते हुए कठोर कारवाही करे!
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ऐरन महोत्सव में दर्शकों का प्लास्टिक के डंडों से स्वागत @highlight #bina24hoursnews
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    ऐरन महोत्सव में दर्शकों का प्लास्टिक के डंडों से स्वागत 
@highlight #bina24hoursnews
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एरण महोत्सव में गूंजी बुंदेली बोली, बीना की बेटियों ने दिल छू लेने वाली प्रस्तुति से जीता मंन
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    एरण महोत्सव में गूंजी बुंदेली बोली,
बीना की बेटियों ने दिल छू लेने वाली प्रस्तुति से जीता मंन
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जयगुरुदेव जिला छतरपुर वमीठा में होगा भव्य सत संग । *कल से होगा खजुराहो में बाबा उमाकांत जी महाराज सत्संग एवं नामदान* खजुराहो : आने वाले खराब समय से बचने का रास्ता देने वाले और जीवात्मा के कल्याण का रास्ता बताने वाले वक्ता गुरु परम् पूज्य परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज द्वारा ( समय परिस्थिति अनुकूल रहने पर ) सतसंग व नामदान कार्यक्रम-दिनांक*: 17 जनवरी 2026, शनिवार को दोपहर 2 बजे से एवं 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को समय दोपहर 11 बजे से स्थान खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, बमीठा- खजुराहो रोड, कान्हा पैलेस के पास, जिला छतरपुर (म.प्र) में होगा।
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    जयगुरुदेव 
जिला  छतरपुर वमीठा में होगा भव्य सत संग ।
*कल से होगा खजुराहो में  बाबा उमाकांत जी महाराज सत्संग एवं नामदान*
खजुराहो : आने वाले खराब समय से बचने का रास्ता देने वाले और जीवात्मा के कल्याण का रास्ता बताने वाले वक्ता गुरु परम् पूज्य परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज द्वारा ( समय परिस्थिति अनुकूल रहने पर ) सतसंग व नामदान कार्यक्रम-दिनांक*: 17 जनवरी 2026, शनिवार को दोपहर 2 बजे से एवं 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को समय दोपहर 11 बजे से स्थान खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, बमीठा- खजुराहो रोड, कान्हा पैलेस के पास, जिला छतरपुर (म.प्र) में होगा।
    user_हरिकृष्ण सोनी
    हरिकृष्ण सोनी
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सागर पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता से बची बुजुर्ग महिला की जान BY नीरज वैद्यराज पत्रकार 07582888100 सीसीटीवी विश्लेषण और अथक प्रयासों से तीन दिन बाद मिला मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग मानवीय पुलिसिंग, संवेदनशीलता एवं आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग का एक और सराहनीय उदाहरण सागर पुलिस द्वारा प्रस्तुत किया गया। दिनांक 11 जनवरी 2026 की दोपहर को शालनी जैन निवासी गौरझामर अत्यंत व्यथित अवस्था में पुलिस कंट्रोल रूम सागर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग माता जी का इलाज कराने भाग्योदय अस्पताल गई थीं। उपचार उपरांत लौटते समय भाग्योदय अस्पताल के सामने से ऑटो में बैठकर कटरा तक आईं, जहां उतरते समय ऑटो में उनकी माता जी का एक बैग छूट गया। बैग में यद्यपि कपड़े अधिक कीमती नहीं थे, किंतु उसमें माता जी के सभी महत्वपूर्ण मेडिकल दस्तावेज एवं रिपोर्ट रखे थे, जिनके अभाव में डॉक्टर इलाज करने से मना कर रहे थे। माता जी की हालत गंभीर होने के कारण यह बैग मिलना अत्यंत आवश्यक था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संपूर्ण जानकारी तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा को दी गई। सिन्हा द्वारा मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को तत्काल बैग का पता लगाने हेतु निर्देशित किया गया। निर्देशन के पश्चात सीसीटीवी कंट्रोल रूम टीम द्वारा लगातार तीन दिनों तक अथक प्रयास किए गए। उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक आशीष दुबे, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक ट्रैफिक थाना एवं आरक्षक राकेश सुलखिया को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से ऑटो की पहचान में लगाया गया। लगातार फुटेज खंगालने के बाद कटरा क्षेत्र में ऑटो से उतरते हुए जैन मैडम एवं उनकी माता जी को चिन्हित किया गया। ऑटो की आंशिक नंबर प्लेट के आधार पर संभावित कई रजिस्ट्रेशन नंबरों की पहचान कर उनसे जुड़े दर्जनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया। अत्यंत कठिन प्रयासों के पश्चात अंततः वास्तविक ऑटो चालक का पता लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा ऑटो चालक के घर जाकर संपर्क किया गया, जहां से मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग सुरक्षित रूप से बरामद कर कंट्रोल रूम सागर लाया गया। बैग प्राप्त होने पर जैन मैडम स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं, जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा, सागर पुलिस एवं कंट्रोल रूम की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अपनी माता जी के इलाज हेतु आवश्यक मेडिकल दस्तावेज लेकर रवाना हुईं। यह सराहनीय कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, प्रधान आरक्षक आशीष दुबे, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक थाना यातायात, आरक्षक राकेश सुलखिया द्वारा किया गया। यह घटना सागर पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता, तत्परता एवं मानवीय सोच का जीवंत प्रमाण है, जिससे आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
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    सागर पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता से बची बुजुर्ग महिला की जान
BY नीरज वैद्यराज पत्रकार 
07582888100
सीसीटीवी विश्लेषण और अथक प्रयासों से तीन दिन बाद मिला मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग
मानवीय पुलिसिंग, संवेदनशीलता एवं आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग का एक और सराहनीय उदाहरण सागर पुलिस द्वारा प्रस्तुत किया गया।
दिनांक 11 जनवरी 2026 की दोपहर को शालनी जैन  निवासी गौरझामर अत्यंत व्यथित अवस्था में पुलिस कंट्रोल रूम सागर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग माता जी का इलाज कराने भाग्योदय अस्पताल गई थीं। उपचार उपरांत लौटते समय भाग्योदय अस्पताल के सामने से ऑटो में बैठकर कटरा तक आईं, जहां उतरते समय ऑटो में उनकी माता जी का एक बैग छूट गया।
बैग में यद्यपि कपड़े अधिक कीमती नहीं थे, किंतु उसमें माता जी के सभी महत्वपूर्ण मेडिकल दस्तावेज एवं रिपोर्ट रखे थे, जिनके अभाव में डॉक्टर इलाज करने से मना कर रहे थे। माता जी की हालत गंभीर होने के कारण यह बैग मिलना अत्यंत आवश्यक था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संपूर्ण जानकारी तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा को दी गई। सिन्हा द्वारा मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को तत्काल बैग का पता लगाने हेतु निर्देशित किया गया।
निर्देशन के पश्चात सीसीटीवी कंट्रोल रूम टीम द्वारा लगातार तीन दिनों तक अथक प्रयास किए गए। उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक आशीष दुबे, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक ट्रैफिक थाना  एवं आरक्षक राकेश सुलखिया को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से ऑटो की पहचान में लगाया गया।
लगातार फुटेज खंगालने के बाद कटरा क्षेत्र में ऑटो से उतरते हुए जैन मैडम एवं उनकी माता जी को चिन्हित किया गया। ऑटो की आंशिक नंबर प्लेट के आधार पर संभावित कई रजिस्ट्रेशन नंबरों की पहचान कर उनसे जुड़े दर्जनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया। अत्यंत कठिन प्रयासों के पश्चात अंततः वास्तविक ऑटो चालक का पता लगाया गया।
पुलिस टीम द्वारा ऑटो चालक के घर जाकर संपर्क किया गया, जहां से मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग सुरक्षित रूप से बरामद कर कंट्रोल रूम सागर लाया गया।
बैग प्राप्त होने पर जैन मैडम स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं, जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा, सागर पुलिस एवं कंट्रोल रूम की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अपनी माता जी के इलाज हेतु आवश्यक मेडिकल दस्तावेज लेकर रवाना हुईं।
यह सराहनीय कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में
उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान,
प्रधान आरक्षक आशीष दुबे,
महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक थाना यातायात,
आरक्षक राकेश सुलखिया
द्वारा किया गया।
यह घटना सागर पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता, तत्परता एवं मानवीय सोच का जीवंत प्रमाण है, जिससे आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    Journalist Sagar, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • बीना से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐरण क्षेत्र न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह स्थल पांचवीं और छठवीं शताब्दी के गुप्तकाल की अमूल्य धरोहरों को अपने भीतर समेटे हुए है, जो भारत के स्वर्णिम इतिहास की याद दिलाता है।
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    बीना से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐरण क्षेत्र न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह स्थल पांचवीं और छठवीं शताब्दी के गुप्तकाल की अमूल्य धरोहरों को अपने भीतर समेटे हुए है, जो भारत के स्वर्णिम इतिहास की याद दिलाता है।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • sindarai madho ka hi
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    sindarai madho ka hi
    user_Arjun uikey
    Arjun uikey
    दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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