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गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898

7 hrs ago
user_Tulla tulsi
Tulla tulsi
Doctor Badwara, Katni•
7 hrs ago

गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898

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  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत  फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Badwara, Katni•
    7 hrs ago
  • Post by Sourabh Shrivastava
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    Post by Sourabh Shrivastava
    user_Sourabh Shrivastava
    Sourabh Shrivastava
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कपिलधारा कूप स्वीकृति के नाम पर रिश्वत लेते पहली बार सरपंच रंगे हाथों गिरफ्तार। ​ ​भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लोकायुक्त संभाग सागर ने आज बुधवार 25 फरवरी को एक बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। ​आवेदक नंदलाल राठौर (निवासी ग्राम चौपरा) ने अपनी एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की सुविधा के लिए कपिलधारा योजना के तहत कूप (कुएं) निर्माण हेतु आवेदन किया था। कूप निर्माण की स्वीकृति जनपद पंचायत शाहनगर से मिल चुकी थी और इसका कार्य मनरेगा के तहत होना था। हितग्राही का ​आरोप है कि जब उसने कार्य शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच जगत आदिवासी से संपर्क किया, तो सरपंच ने कार्य शुरू करने की अनुमति देने के बदले 11,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। ​सरपंच द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत नंदलाल राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। आज जैसे ही आवेदक ने सरपंच जगत आदिवासी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹5,000 सौंपे, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे जनपद कार्यालय में हड़कंप के हालात हो गये और जनपद में पदस्थ कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही जारी है। इस कार्यवाही में निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह एवं लोकायुक्त सागर का स्टाफ मोजूद रहा।
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    कपिलधारा कूप स्वीकृति के नाम पर रिश्वत लेते पहली बार सरपंच रंगे हाथों गिरफ्तार।
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​भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लोकायुक्त संभाग सागर ने आज बुधवार 25 फरवरी को एक बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।
​आवेदक नंदलाल राठौर (निवासी ग्राम चौपरा) ने अपनी एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की सुविधा के लिए कपिलधारा योजना के तहत कूप (कुएं) निर्माण हेतु आवेदन किया था। कूप निर्माण की स्वीकृति जनपद पंचायत शाहनगर से मिल चुकी थी और इसका कार्य मनरेगा के तहत होना था। हितग्राही का ​आरोप है कि जब उसने कार्य शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच जगत आदिवासी से संपर्क किया, तो सरपंच ने कार्य शुरू करने की अनुमति देने के बदले 11,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
​सरपंच द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत नंदलाल राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। आज जैसे ही आवेदक ने सरपंच जगत आदिवासी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹5,000 सौंपे, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे जनपद कार्यालय में हड़कंप के हालात हो गये और जनपद में पदस्थ कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही जारी है।
इस कार्यवाही में निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह एवं लोकायुक्त सागर का स्टाफ मोजूद रहा।
    user_Saurabh Singh
    Saurabh Singh
    पत्रकार शाहनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • माननीय कलेक्टर साहब कलेक्टर महोदय तक मेरा यह वीडियो पहुंचाना जरूरी है ज्यादा से ज्यादा शेयर करो दोस्तों ताकि एक निर्दोषी को न्याय मिल सके और
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    माननीय कलेक्टर साहब कलेक्टर महोदय तक मेरा यह वीडियो पहुंचाना जरूरी है ज्यादा से ज्यादा शेयर करो दोस्तों ताकि एक निर्दोषी को न्याय मिल सके और
    user_उमेश लोधी
    उमेश लोधी
    शाहनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Shivcharan Yadav
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    Post by Shivcharan Yadav
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मैहर के आदिवासियों का अन्न कौन खा रहा है? 3 महीने से राशन बंद, गांव में भूख का संकट मैहर - जनपद पंचायत मैहर की एक आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भमरहा के ग्राम मनौरा में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। पिछले तीन महीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का राशन नहीं मिला, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों में आक्रोश है और बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या आदिवासियों के हिस्से का अन्न कोटेदार हड़प रहा है या सिस्टम ही फेल हो चुका है? ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर मैहर को दिये गए आवेदन पत्र मे कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी एवं पिछड़ा बाहुल्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत लोग शासकीय राशन पर निर्भर हैं। राशन वितरण ठप होने से परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें 9 किलोमीटर दूर दूसरे गांव तक जाना पड़ता है, लेकिन कई बार वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में यदि राशन रिकॉर्ड में उठ रहा है तो जमीन पर क्यों नहीं पहुंच रहा? सरकार गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा की योजनाओं का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन मैहर में तीन महीने से राशन बंद होना प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। ग्राम पंचायत भमरहा की सरपंच श्रीमती दुर्गा भाई ने कलेक्टर से अपील की है कि तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध कराने और पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।
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    मैहर के आदिवासियों का अन्न कौन खा रहा है? 3 महीने से राशन बंद, गांव में भूख का संकट
मैहर - जनपद पंचायत मैहर की एक आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भमरहा के ग्राम मनौरा में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। पिछले तीन महीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का राशन नहीं मिला, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश है और बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या आदिवासियों के हिस्से का अन्न कोटेदार हड़प रहा है या सिस्टम ही फेल हो चुका है?
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर मैहर को दिये गए आवेदन पत्र मे कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी एवं पिछड़ा बाहुल्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत लोग शासकीय राशन पर निर्भर हैं। राशन वितरण ठप होने से परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें 9 किलोमीटर दूर दूसरे गांव तक जाना पड़ता है, लेकिन कई बार वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में  यदि राशन रिकॉर्ड में उठ रहा है तो जमीन पर क्यों नहीं पहुंच रहा?
सरकार गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा की योजनाओं का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन मैहर में तीन महीने से राशन बंद होना प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है।
ग्राम पंचायत  भमरहा की सरपंच श्रीमती दुर्गा भाई ने कलेक्टर से अपील की है कि तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध कराने और पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उमरिया जिला जेल में सात दिवसीय संगीतमय भगवात संपन्न हुई 💥 उमरिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट
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    उमरिया जिला जेल में सात दिवसीय संगीतमय भगवात संपन्न हुई 💥
उमरिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by उमेश लोधी
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    Post by उमेश लोधी
    user_उमेश लोधी
    उमेश लोधी
    शाहनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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