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उमेश लोधी
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- कपिलधारा कूप स्वीकृति के नाम पर रिश्वत लेते पहली बार सरपंच रंगे हाथों गिरफ्तार। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लोकायुक्त संभाग सागर ने आज बुधवार 25 फरवरी को एक बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आवेदक नंदलाल राठौर (निवासी ग्राम चौपरा) ने अपनी एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की सुविधा के लिए कपिलधारा योजना के तहत कूप (कुएं) निर्माण हेतु आवेदन किया था। कूप निर्माण की स्वीकृति जनपद पंचायत शाहनगर से मिल चुकी थी और इसका कार्य मनरेगा के तहत होना था। हितग्राही का आरोप है कि जब उसने कार्य शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच जगत आदिवासी से संपर्क किया, तो सरपंच ने कार्य शुरू करने की अनुमति देने के बदले 11,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सरपंच द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत नंदलाल राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। आज जैसे ही आवेदक ने सरपंच जगत आदिवासी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹5,000 सौंपे, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे जनपद कार्यालय में हड़कंप के हालात हो गये और जनपद में पदस्थ कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही जारी है। इस कार्यवाही में निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह एवं लोकायुक्त सागर का स्टाफ मोजूद रहा।3
- माननीय कलेक्टर साहब कलेक्टर महोदय तक मेरा यह वीडियो पहुंचाना जरूरी है ज्यादा से ज्यादा शेयर करो दोस्तों ताकि एक निर्दोषी को न्याय मिल सके और1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- Post by Shivcharan Yadav1
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- मैहर के आदिवासियों का अन्न कौन खा रहा है? 3 महीने से राशन बंद, गांव में भूख का संकट मैहर - जनपद पंचायत मैहर की एक आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भमरहा के ग्राम मनौरा में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। पिछले तीन महीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का राशन नहीं मिला, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों में आक्रोश है और बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या आदिवासियों के हिस्से का अन्न कोटेदार हड़प रहा है या सिस्टम ही फेल हो चुका है? ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर मैहर को दिये गए आवेदन पत्र मे कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी एवं पिछड़ा बाहुल्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत लोग शासकीय राशन पर निर्भर हैं। राशन वितरण ठप होने से परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें 9 किलोमीटर दूर दूसरे गांव तक जाना पड़ता है, लेकिन कई बार वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में यदि राशन रिकॉर्ड में उठ रहा है तो जमीन पर क्यों नहीं पहुंच रहा? सरकार गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा की योजनाओं का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन मैहर में तीन महीने से राशन बंद होना प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। ग्राम पंचायत भमरहा की सरपंच श्रीमती दुर्गा भाई ने कलेक्टर से अपील की है कि तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध कराने और पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।1
- मैहर।जिस गौ माता की पूजा हमारे देवी देवता तक करते हो उस गौ माता के संरक्षण के लिए हमारे सनातन के शंकराचार्य जी को आंदोलन करना पड़े इससे बड़ा दुर्भाग्य हिंदुस्तान के लिए कुछ और नहीं हो सकता। मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वे अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ है उनके इस आंदोलन में हर सक्षमता के साथ खड़े है। हर हाल में गौ राष्ट्रमाता होनी चाहिए गौ का संरक्षण और संवर्धन होना चाहिए। क्या क्या कहा नारायण त्रिपाठी ने सुने वीडियो।1
- Post by उमेश लोधी1