डीएम ने प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, क्षतिग्रस्त सड़क-रपटों की मरम्मत के दिए निर्देश हमीरपुर। अतिवृष्टि और बिरमा नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का मंगलवार को जिलाधिकारी अशोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विकासखंड मुस्करा के ग्राम शिवनी, नत्थू पाल-डेरा समेत प्रभावित मजरों में नदी के जलस्तर, जलभराव, फसल क्षति और क्षतिग्रस्त सड़कों व रपटों का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि बिरमा नदी का जलस्तर अब घट चुका है और बाढ़ जैसी स्थिति समाप्त हो गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों व रपटों का तत्काल रेस्टोरेशन कर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए। डीएम ने शिवनी में किसान दर्शन साहू के खेत पहुंचकर तिल, मूंगफली और अरहर की फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में खेत-खेत सर्वे कर वास्तविक फसल क्षति दर्ज करने तथा पात्र किसानों को समय से क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए। कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर भी त्वरित सर्वे कराने को कहा। 31 हजार फसल क्षति दावे, 20 हजार का सर्वे पूरा एक सप्ताह में शेष सर्वे पूरा कर किसानों के खातों में पहुंचेगी क्षतिपूर्ति उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत जनपद में व्यक्तिगत क्षति के करीब 31 हजार दावे प्राप्त हुए हैं। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने अब तक 20 हजार दावों का सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि शेष दावों का सर्वे आगामी एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से पात्र बीमित किसानों की क्षतिपूर्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। डीएम ने राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री और खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी व प्रशासनिक टीमों की तैनाती प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सतर्क रहने को कहा।
डीएम ने प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, क्षतिग्रस्त सड़क-रपटों की मरम्मत के दिए निर्देश हमीरपुर। अतिवृष्टि और बिरमा नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का मंगलवार को जिलाधिकारी अशोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विकासखंड मुस्करा के ग्राम शिवनी, नत्थू पाल-डेरा समेत प्रभावित मजरों में नदी के जलस्तर, जलभराव, फसल क्षति और क्षतिग्रस्त सड़कों व रपटों का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि बिरमा नदी का जलस्तर अब घट चुका है और बाढ़ जैसी स्थिति समाप्त हो गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों व रपटों का तत्काल रेस्टोरेशन कर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए। डीएम ने शिवनी में किसान दर्शन साहू के खेत पहुंचकर तिल, मूंगफली और अरहर की फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में खेत-खेत सर्वे कर वास्तविक फसल क्षति दर्ज करने तथा पात्र किसानों को समय से क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए। कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर भी त्वरित सर्वे कराने को कहा। 31 हजार फसल क्षति दावे, 20 हजार का सर्वे पूरा एक सप्ताह में शेष सर्वे पूरा कर किसानों के खातों में पहुंचेगी क्षतिपूर्ति उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत जनपद में व्यक्तिगत क्षति के करीब 31 हजार दावे प्राप्त हुए हैं। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने अब तक 20 हजार दावों का सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि शेष दावों का सर्वे आगामी एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से पात्र बीमित किसानों की क्षतिपूर्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। डीएम ने राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री और खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी व प्रशासनिक टीमों की तैनाती प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सतर्क रहने को कहा।
- बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए बनाया जुगाड़ू नाव हमीरपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हो गया है। गांवों और बस्तियों में रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच मुस्करा कोतवाली क्षेत्र के जीआईसी स्कूल के आसपास की बस्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जलभराव के बीच एक बच्चे को स्कूल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा लकड़ी के टुकड़ों के सहारे तैयार किए गए जुगाड़ू नाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। वायरल वीडियो में पानी से भरे रास्ते के बीच एक व्यक्ति बच्चे को लकड़ी के सहारे तैयार किए गए अस्थायी तैरने वाले साधन पर बैठाकर आगे ले जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि बस्ती में जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। ऐसे में परिजनों को बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए इस तरह का जुगाड़ करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने से रास्ते जलमग्न हो गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों की परेशानी भी बढ़ गई है। वायरल वीडियो ने क्षेत्र में जलभराव और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- जय जवान जय किसान संगठन ने फसल बीमा के मध्यावधि सर्वे की उठाई मांग 📍 मौदहा में जय जवान जय किसान एसोसिएशन ने डीएम को भेजा अनुस्मारक, अतिवृष्टि और लगातार बारिश से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराने की मांग, संगठन ने बताया—28 अगस्त से 15 सितंबर तक कई बार भेजे जा चुके हैं पत्र, खरीफ 2025 की एक वर्ष से अधिक समय से लंबित बीमा पॉलिसियों का भुगतान कराने की भी मांग, अध्यक्ष गुलाब सिंह ने सर्वे में देरी से किसानों को बीमा सहायता मिलने में परेशानी की जताई आशंका।1
- हमीरपुर :नियमों की अनदेखी पर डबल डेकर बसों पर ARTO का चाबुक, पांच बसें सीज हमीरपुर। दिल्ली में हुए बस हादसे के बाद परिवहन विभाग ने डबल डेकर बसों के खिलाफ सघन कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को ARTO विभाग की टीम ने नियमों की अनदेखी करने वाली डबल डेकर बसों के खिलाफ अभियान चलाकर काव्या, विश्वनाथ सर्विस समेत पांच बसों को सीज कर दिया, जबकि 65 वाहनों का चालान किया गया। कार्रवाई के दौरान प्रत्येक बस पर करीब 40 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के बाद सदर कोतवाली क्षेत्र के बस स्टैंड रोड पर यात्रियों में आक्रोश देखने को मिला। बसों के अचानक रुक जाने से परेशान यात्रियों ने हंगामा किया। महिला यात्रियों ने बसों के आगे खड़े होकर दूसरी बस की व्यवस्था कराने अथवा महोबा तक का किराया वापस करने की मांग की। यात्रियों के हंगामे से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डबल डेकर बसों पर हुई कार्रवाई से निजी बस संचालकों में हड़कंप मचा रहा। ARTO ने बताया कि बसों के सीज होने से प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे साधनों की व्यवस्था कराई जा रही है। परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद डबल डेकर बस संचालकों में खलबली मची हुई है।1
- यातायात पुलिस एवं एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा संयुक्त रूप से स्लिपर बसों की सघन चेकिंग हेतु विशेष अभियान चलाया गया जनपद कानपुर देहात में सड़क सुरक्षा एवं बस यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यातायात पुलिस एवं एआरटीओ प्रवर्तन की संयुक्त टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान जनपद में संचालित एवं अन्य जनपदों से आने वाली स्लिपर बसों की सघन जांच की गई तथा अभियान के क्रम में प्रतिदिन रात्रि में स्लिपर बसों एवं अन्य यात्री वाहनों की नियमित चेकिंग की जाएगी।चेकिंग के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का विशेष रूप से परीक्षण किया गया। मुख्य रूप से बसों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं स्थिति, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम की उपलब्धता, ड्राइवर एवं कंडक्टर के लाइसेंस की जांच, चालकों की ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से जांच, निर्धारित मानकों के अनुरूप इमरजेंसी गेट की उपलब्धता एवं कार्यशीलता तथा किसी प्रकार की संदिग्ध अथवा ज्वलनशील वस्तुओं की जांच की गई। यात्रियों से इमरजेंसी गेट की जानकारी एवं आपातकालीन स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में भी पूछताछ की गई।अभियान के दौरान नियमों एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई। इस दौरान यातायात पुलिस एवं एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा स्पष्ट किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने हेतु चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- 🚨 उरई में मिठाई दुकानों पर ताबड़तोड़ चेकिंग, नकली चांदी वर्क वाली मिठाई नष्ट जालौन। जिला मुख्यालय उरई में सिटी मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई की दुकानों पर चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान नकली चांदी वर्क की कोटिंग वाली मिठाई मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। कई दुकानों से मिठाइयों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद दुकानदारों में हड़कंप, जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। #Jalaun #Orai #FoodSafety #BreakingNews #JalaunNews1
- Amethi.. Me.. Ek.. Mhela..ne..relve..kebahar...do..judva...bach..chon..ko..janmdiya...md.. Anish.. Kuraishi.. Fattepur.. Mushangar.. Kanpur.. Dihat.. U. P1
- जालौन में बीच चौराहे पर देखने को मिली रईसजादों की दबगई । जालौन में बीच चौराहे पर देखने को मिली रईसजादों की दबंगई बिना नंबर की बुलेट बाइक रोकना ट्रैफिक सिपाही को पड़ा भारी ब्लैक फ़िल्म लगी थार चालक का भी बीच चौराहे पर देखने क़ो मिला तांडव नियमों का पालन कराने वाले ट्रैफिक सिपाही से भिड़े रईसजादे ट्रैफिक सिपाही से गाली-गलौज और धमकाते रईसजादों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल । जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगतसिंह चौराहे का मामला ।2
- डीएम ने प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, क्षतिग्रस्त सड़क-रपटों की मरम्मत के दिए निर्देश हमीरपुर। अतिवृष्टि और बिरमा नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का मंगलवार को जिलाधिकारी अशोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विकासखंड मुस्करा के ग्राम शिवनी, नत्थू पाल-डेरा समेत प्रभावित मजरों में नदी के जलस्तर, जलभराव, फसल क्षति और क्षतिग्रस्त सड़कों व रपटों का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि बिरमा नदी का जलस्तर अब घट चुका है और बाढ़ जैसी स्थिति समाप्त हो गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों व रपटों का तत्काल रेस्टोरेशन कर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए। डीएम ने शिवनी में किसान दर्शन साहू के खेत पहुंचकर तिल, मूंगफली और अरहर की फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में खेत-खेत सर्वे कर वास्तविक फसल क्षति दर्ज करने तथा पात्र किसानों को समय से क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए। कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर भी त्वरित सर्वे कराने को कहा। 31 हजार फसल क्षति दावे, 20 हजार का सर्वे पूरा एक सप्ताह में शेष सर्वे पूरा कर किसानों के खातों में पहुंचेगी क्षतिपूर्ति उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत जनपद में व्यक्तिगत क्षति के करीब 31 हजार दावे प्राप्त हुए हैं। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने अब तक 20 हजार दावों का सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि शेष दावों का सर्वे आगामी एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से पात्र बीमित किसानों की क्षतिपूर्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। डीएम ने राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री और खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी व प्रशासनिक टीमों की तैनाती प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सतर्क रहने को कहा।1