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मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप *ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड* - मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप। भिंड जिले की मेहगांव जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भारौली कलां में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद विकास कार्य ठप हो गए हैं। मामले की मुख्य बातें: शिकायत और कार्रवाई: भोपाल स्तर पर शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया. जांच के चलते पंचायत के सभी विकास कार्य रोक दिए गए। सचिव निलंबित: 20 मई को पंचायत सचिव को निलंबित किया गया था। -आरोप: आरोप है कि बस स्टैंड निर्माण से पहले ही सरपंच और सचिव ने मिलकर 4 लाख 94 हजार रुपए की हस्तांतरित राशि निकाल ली। प्रशासन की हिदायत: घोटाले के बाद प्रशासन ने महिला सरपंच को सख्त हिदायत दी है। नया विवाद: शिकायत के बाद महिला सरपंच के पुत्र संदीप जेसीबी लोडर लेकर बस स्टैंड की जमीन का समतलीकरण कराने पहुंचा, इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि नियमों में जेसीबी लोडर से इस तरह का काम करने का प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद काम कराया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

1 hr ago
user_DUS Live
DUS Live
Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप *ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड* - मेहगांव जनपद की ग्राम पंचायत भारौली कलां में लाखों का घोटाला, भोपाल स्तरीय शिकायत के बाद मचा हड़कंप। भिंड जिले की मेहगांव जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भारौली कलां में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद विकास कार्य ठप हो गए हैं। मामले की मुख्य बातें: शिकायत और कार्रवाई: भोपाल स्तर पर शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया. जांच के चलते पंचायत के सभी विकास कार्य रोक दिए गए। सचिव निलंबित: 20 मई को पंचायत सचिव को निलंबित किया गया था। -आरोप: आरोप है कि बस स्टैंड निर्माण से पहले ही सरपंच और सचिव ने मिलकर 4 लाख 94 हजार रुपए की हस्तांतरित राशि निकाल ली। प्रशासन की हिदायत: घोटाले के बाद प्रशासन ने महिला सरपंच को सख्त हिदायत दी है। नया विवाद: शिकायत के बाद महिला सरपंच के पुत्र संदीप जेसीबी लोडर लेकर बस स्टैंड की जमीन का समतलीकरण कराने पहुंचा, इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि नियमों में जेसीबी लोडर से इस तरह का काम करने का प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद काम कराया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

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  • मौ नगर के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य एवं महंत रामदास महाराज द्वारा किया गया सम्मानित मौ नगर की मेधावी छात्र-छात्राओं को शुक्रवार को लगभग 2 बजे पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य एवं दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज द्वारा एक निजी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान कक्षा 10 एवं 12 तथा उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरण किए गए।
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    मौ नगर के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य एवं महंत रामदास महाराज द्वारा किया गया सम्मानित
मौ नगर की मेधावी छात्र-छात्राओं को शुक्रवार को लगभग 2 बजे पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य एवं दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज द्वारा एक निजी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान कक्षा 10 एवं 12 तथा उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरण किए गए।
    user_Devendra jain
    Devendra jain
    Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नाला बना, नेकी की दीवार गायब! गरीबों की खुशियां लौटाएगी नगर पालिका पोरसा ,,,,,,,गत महीनों से बंद पड़ी ‘नेकी की दीवार’, गरीबों के तन से कपड़े और चेहरे से मुस्कान दोनों गायब पोरसा में गरीब और बेसहारा लोगों के लिए कभी उम्मीद और सम्मान का ठिकाना बनी ‘नेकी की दीवार’ आज खुद नगर पालिका की अनदेखी का शिकार हो गई है। महीनों पहले नाला निर्माण के दौरान तोड़ी गई नेकी की दीवार अब तक दोबारा खड़ी नहीं हो सकी। नाला बनकर तैयार हो गया, लेकिन नगर पालिका को गरीबों की इस ‘नेकी की दीवार’ की याद नहीं आई। पोरसा में विगत वर्षों से संचालित नेकी की दीवार जरूरतमंद और गरीब लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इसकी देखरेख संचालक डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा की जाती थी। बताया जाता है कि इसके लिए कैंपस का निर्माण वैश्य समाज द्वारा कराया गया था। यहां जरूरतमंद लोगों के लिए नए-नए व पुराने कपड़े उपलब्ध हो जाते थे। गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग यहां आकर अपनी जरूरत के कपड़े ले जाते और खुशी-खुशी उन्हें पहनकर अपने आपको किसी से कम नहीं समझते थे। इस पहल ने पोरसा में जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया। नाला बना, लेकिन ‘नेकी’ का घर नहीं बना कुछ महीने पहले नगर पालिका द्वारा नेकी की दीवार के सामने से नाला निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान नेकी की दीवार को तोड़ दिया गया। नाला अब बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन नेकी की दीवार को दोबारा संचालित करने की दिशा में नगर पालिका की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नेकी की दीवार के संचालक डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ से मौखिक रूप से कई बार नेकी की दीवार को दोबारा शुरू कराने के लिए कहा, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सवाल—गरीबों की इस ‘नेकी’ में नगर पालिका को क्यों नहीं दिख रही दिलचस्पी? नगर पालिका की इस अनदेखी को लेकर शहरवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि नाला निर्माण के लिए नेकी की दीवार को हटाया गया था तो निर्माण पूरा होने के बाद उसे पहले की तरह व्यवस्थित कराकर दोबारा शुरू कराया जाना चाहिए था। पोरसा की जनता ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि गरीबों के लिए वर्षों से संचालित नेकी की दीवार को जल्द से जल्द दोबारा तैयार कराकर शुरू कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों के तन पर फिर कपड़े और चेहरों पर मुस्कान लौट सके। अब देखना यह है कि नगर पालिका को ‘नेकी की दीवार’ याद आती है या गरीबों की यह नेकी फाइलों में ही दफन होकर रह जाती है,,,, मुक्ताईनगर बालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर का कहना है कि हमारा नाला का निर्माण इंजीनियर द्वारा पूर्ण घोषित होने के बाद हम नेगी की दीवार को गरीबों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः बनाएंगे
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    नाला बना, नेकी की दीवार गायब! गरीबों की खुशियां लौटाएगी नगर पालिका 
पोरसा ,,,,,,,गत  महीनों से बंद पड़ी ‘नेकी की दीवार’, गरीबों के तन से कपड़े और चेहरे से मुस्कान दोनों गायब
पोरसा में  गरीब और बेसहारा लोगों के लिए कभी उम्मीद और सम्मान का ठिकाना बनी ‘नेकी की दीवार’ आज खुद नगर पालिका की अनदेखी का शिकार हो गई है। महीनों पहले नाला निर्माण के दौरान तोड़ी गई नेकी की दीवार अब तक दोबारा खड़ी नहीं हो सकी। नाला बनकर तैयार हो गया, लेकिन नगर पालिका को गरीबों की इस ‘नेकी की दीवार’ की याद नहीं आई।
पोरसा में विगत वर्षों से संचालित नेकी की दीवार जरूरतमंद और गरीब लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इसकी देखरेख संचालक डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा की जाती थी। बताया जाता है कि इसके लिए कैंपस का निर्माण वैश्य समाज द्वारा कराया गया था। यहां जरूरतमंद लोगों के लिए नए-नए व पुराने कपड़े उपलब्ध हो  जाते थे।
गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग यहां आकर अपनी जरूरत के कपड़े ले जाते और खुशी-खुशी उन्हें पहनकर अपने आपको किसी से कम नहीं समझते थे। इस पहल ने पोरसा में जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया।
नाला बना, लेकिन ‘नेकी’ का घर नहीं बना
कुछ महीने पहले नगर पालिका द्वारा नेकी की दीवार के सामने से नाला निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान नेकी की दीवार को तोड़ दिया गया। नाला अब बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन नेकी की दीवार को दोबारा संचालित करने की दिशा में नगर पालिका की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
नेकी की दीवार के संचालक डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ से मौखिक रूप से कई बार नेकी की दीवार को दोबारा शुरू कराने के लिए कहा, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सवाल—गरीबों की इस ‘नेकी’ में नगर पालिका को क्यों नहीं दिख रही दिलचस्पी?
नगर पालिका की इस अनदेखी को लेकर शहरवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि नाला निर्माण के लिए नेकी की दीवार को हटाया गया था तो निर्माण पूरा होने के बाद उसे पहले की तरह व्यवस्थित कराकर दोबारा शुरू कराया जाना चाहिए था।
पोरसा की जनता ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि गरीबों के लिए वर्षों से संचालित नेकी की दीवार को जल्द से जल्द दोबारा तैयार कराकर शुरू कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों के तन पर फिर कपड़े और चेहरों पर मुस्कान लौट सके।
अब देखना यह है कि नगर पालिका को ‘नेकी की दीवार’ याद आती है या गरीबों की यह नेकी फाइलों में ही दफन होकर रह जाती है,,,, 
मुक्ताईनगर बालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर का कहना है कि हमारा नाला  का निर्माण इंजीनियर द्वारा पूर्ण घोषित होने के बाद हम नेगी की दीवार को गरीबों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः बनाएंगे
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भैंस चराते समय तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत: रातभर चला रेस्क्यू, सुबह मिला शव भिंड। बरोही थाना क्षेत्र के अमलेड़ा गांव में तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर रातभर एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। शुक्रवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया जिसके बाद करीब 9 बजे बालक का शव तालाब से बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार अमलेड़ा निवासी 13 वर्षीय कृष्णा पुत्र जगमोहन धानुक गुरुवार शाम करीब 4 बजे गांव के तालाब के किनारे भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। घटना को वहां मौजूद कुछ बच्चों ने देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ तालाब पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।सूचना पर बरोही थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रात करीब 8 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन बालक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ ने कांटे की मदद से तलाश की जिसमें शव फंस गया और उसे सुबह करीब 9 बजे बाहर निकाल लिया गया।इसके बाद शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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    भैंस चराते समय तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत: रातभर चला रेस्क्यू, सुबह मिला शव
भिंड। बरोही थाना क्षेत्र के अमलेड़ा गांव में तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर रातभर एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। शुक्रवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया जिसके बाद करीब 9 बजे बालक का शव तालाब से बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार अमलेड़ा निवासी 13 वर्षीय कृष्णा पुत्र जगमोहन धानुक गुरुवार शाम करीब 4 बजे गांव के तालाब के किनारे भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। घटना को वहां मौजूद कुछ बच्चों ने देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ तालाब पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।सूचना पर बरोही थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रात करीब 8 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन बालक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ ने कांटे की मदद से तलाश की जिसमें शव फंस गया और उसे सुबह करीब 9 बजे बाहर निकाल लिया गया।इसके बाद शव को जिला अस्पताल के
पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
    user_Praveen parihar
    Praveen parihar
    भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भिंड ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन। अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स। भिंड की जनता कायर बुजदिल नहीं है जो अवैध रूप से टोल देगी। भिंड के ऊमरी क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे-552 पर एमपीआरडीसी द्वारा महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल टैक्स स्थापित किए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर टोल हटाने की मांग की है। वीओ: दरअसल, नेशनल हाईवे-552 पर ऊमरी में एमपीआरडीसी द्वारा दूसरा टोल टैक्स स्थापित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही ऊमरी और कनावर क्षेत्र में टोल संचालित हो रहे हैं और अब महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल लगाए जाने से क्षेत्र के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल के विरोध में पहुंचे और कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि 2008 के नियमों के अनुसार एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक ही दिशा में लगातार दो टोल के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि ऊमरी क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर के अंतराल पर दूसरा टोल स्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक ऊमरी और आसपास के किसान अपने कृषि उत्पादों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों से दिन में कई बार आवागमन करते हैं। ऐसे में नया टोल शुरू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया और टोल शुरू किया गया, तो क्षेत्र में आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं एमपीआरडीसी अधिकारियों का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, हालांकि नियमों के संबंध में जांच की बात भी सामने आई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा यदि टोल अवैध हुआ तो उखाड़ कर फेंक देंगे। इस मामले में एमपी आरडीसी के महाप्रबंधक भिंड राजेश दाहिमा का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, लेकिन टोल एक ही पर लगेगा। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर टोल व्यवस्था की जांच और दूसरे टोल को हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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    भिंड 
ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन 
अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स
ऊमरी टोल विवाद
पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन।
अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स। 
भिंड की जनता कायर बुजदिल नहीं है जो अवैध रूप से टोल देगी। 
भिंड के ऊमरी क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे-552 पर एमपीआरडीसी द्वारा महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल टैक्स स्थापित किए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर टोल हटाने की मांग की है।
वीओ:
दरअसल, नेशनल हाईवे-552 पर ऊमरी में एमपीआरडीसी द्वारा दूसरा टोल टैक्स स्थापित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही ऊमरी और कनावर क्षेत्र में टोल संचालित हो रहे हैं और अब महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल लगाए जाने से क्षेत्र के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल के विरोध में पहुंचे और कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि 2008 के नियमों के अनुसार एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक ही दिशा में लगातार दो टोल के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि ऊमरी क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर के अंतराल पर दूसरा टोल स्थापित किया जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक ऊमरी और आसपास के किसान अपने कृषि उत्पादों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों से दिन में कई बार आवागमन करते हैं। ऐसे में नया टोल शुरू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया और टोल शुरू किया गया, तो क्षेत्र में आंदोलन तेज किया जाएगा।
वहीं एमपीआरडीसी अधिकारियों का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, हालांकि नियमों के संबंध में जांच की बात भी सामने आई है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा यदि टोल अवैध हुआ तो उखाड़ कर फेंक देंगे।
इस मामले में एमपी आरडीसी के महाप्रबंधक भिंड  राजेश दाहिमा का कहना है कि
राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, लेकिन टोल एक ही पर लगेगा।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर टोल व्यवस्था की जांच और दूसरे टोल को हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    user_श्री राम श्री राम
    श्री राम श्री राम
    Voice of people भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा। भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिंड सदर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह होंगे। समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई जाएगी और समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी वीरेंद्र शिवहरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने समाज के सभी लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर समारोह को सफल बनाने की अपील की।
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    भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को

भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा।

भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को
भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिंड सदर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह होंगे। समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई जाएगी और समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की जानकारी वीरेंद्र शिवहरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने समाज के सभी लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर समारोह को सफल बनाने की अपील की।
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले Bhind : भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले यदि ऐसा ही चला रहा तो ग्रामीणों के साथ करूंगा आंदोलन उखाड़ फेंक दूंगा यह टोल
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    भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले
Bhind : भिंड जिले के उमरी में स्थित एक किलोमीटर के अंदर दो टोल लगाए जाने को लेकर विरोध जारी ग्रामीणों ने उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बोले यदि ऐसा ही चला रहा तो ग्रामीणों के साथ करूंगा आंदोलन उखाड़ फेंक दूंगा यह टोल
    user_DUS Live
    DUS Live
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश *लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ बांके तिगुनायक/देवानंद नायक लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था। *पहले भी उठते रहे हैं सवाल* लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। *जिम्मेदार कौन?* सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है। *सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल* लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। *जनता के सवाल* क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं? दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला? ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया? जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?
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    अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश
*लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही*
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*दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर*
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*अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश*
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बांके तिगुनायक/देवानंद नायक 
लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था।
*पहले भी उठते रहे हैं सवाल*
लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ।
*जिम्मेदार कौन?*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है।
*सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल*
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।
*जनता के सवाल*
क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं?
दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?
ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है?
अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया?
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?
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    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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