जसोल परिवार विवाद: स्थानीय नेताओं की चुप्पी, शेखावाटी के नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा के तीखे बयान बालोतरा/जोधपुर। जसोल परिवार में हुए विवाद को लेकर जहां स्थानीय जनप्रतिनिधि इसे निजी मामला बताकर चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं शेखावाटी क्षेत्र के नेता और पूर्व मंत्री विधायक Rajendra Singh Gudha लगातार इस मुद्दे पर मुखर होकर सामने आ रहे हैं। घटना सामने आने के बाद से गुढ़ा मीडिया में लगातार तीखे बयान दे रहे हैं और इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का कोई भी फैसला पूरी तरह निजी नहीं हो सकता। उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति राजनीति या जनप्रतिनिधि के रूप में समाज के सामने होता है, तो उसके फैसलों का असर सीधे समाज और जनमानस पर पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों को केवल निजी जीवन का मामला बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुढ़ा ने सीधे तौर पर Manvendra Singh Jasol को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने आचरण और फैसलों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज ऐसे लोगों से एक आदर्श की उम्मीद करता है। इधर, जसोल क्षेत्र के कई स्थानीय जनप्रतिनिधि इस विवाद पर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह परिवार का निजी मामला है और इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
जसोल परिवार विवाद: स्थानीय नेताओं की चुप्पी, शेखावाटी के नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा के तीखे बयान बालोतरा/जोधपुर। जसोल परिवार में हुए विवाद को लेकर जहां स्थानीय जनप्रतिनिधि इसे निजी मामला बताकर चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं शेखावाटी क्षेत्र के नेता और पूर्व मंत्री विधायक Rajendra Singh Gudha लगातार इस मुद्दे पर मुखर होकर सामने आ रहे हैं। घटना सामने आने के बाद से गुढ़ा मीडिया में लगातार तीखे बयान दे रहे हैं और इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का कोई भी फैसला पूरी तरह निजी नहीं हो सकता। उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति राजनीति या जनप्रतिनिधि के रूप में समाज के सामने होता है, तो उसके फैसलों का असर सीधे समाज और जनमानस पर पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों को केवल निजी जीवन का मामला बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुढ़ा ने सीधे तौर पर Manvendra Singh Jasol को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने आचरण और फैसलों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज ऐसे लोगों से एक आदर्श की उम्मीद करता है। इधर, जसोल क्षेत्र के कई स्थानीय जनप्रतिनिधि इस विवाद पर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह परिवार का निजी मामला है और इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
- बिहार के बेगूसराय में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने कुछ लोगों ने UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, जिसमें लोगों ने UGC से संबंधित फैसलों के खिलाफ आवाज़ उठाई और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।1
- बिजनौर के धामपुर से जहां रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और सिलेंडर की समय पर आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गैस बुक कराने के करीब 25 दिन बाद भी डिलीवरी न मिलने और घरेलू सिलेंडर पर लगभग 60 रुपये की वृद्धि से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी को लेकर कई उपभोक्ता गैस एजेंसी पहुंच गए और विरोध जताते हुए कालाबाजारी की आशंका भी व्यक्त की। उपभोक्ता अदनान अहमद, दीपू शर्मा, सूर्य कुमार, सुरेन्द्र कुमार, सुरेश कुमार और मोहित सहित अन्य लोगों ने एजेंसी संचालिका डिम्पल गुप्ता से व्यवस्था सुधारने की मांग की। उनका कहना था कि सिलेंडर समय पर न मिलने से घरों की रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एजेंसी पर बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपभोक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और संबंधित समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया बाइट डिंपल गुप्ता संचालिका वेंकटेश्वर गैस एजेंसी धामपुर4
- Post by Voice of Labour1
- Post by Ram Mishra1
- अलवर में है गैस सिलेंडर की किल्लत एजेंसी पर हुआ हंगामा1
- Post by Raj Kumar Chaturvedi2
- बांदीकुई।।बसवा थाना क्षेत्र के सबडावली के पास वीरपाला की ढाणी के जंगलों में बुधवार सुबह एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। 55 वर्षीय महिला तीन दिन पहले रविवार सुबह अपने घर से लापता हो गई थी।सूचना मिलने पर बसवा पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी हनुमान सहाय ने बताया- महिला के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस महिला की मौत के कारणों की जांच कर रही है।घर से 25 किलोमीटर दूर मिला शव।महिला रविवार सुबह अपने घर से लापता हुई थीं, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट बांदीकुई थाने में दर्ज कराई गई थी। महिला का शव उसके घर से करीब 25 किलोमीटर दूर मिला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला इतनी दूर कैसे पहुंची।मामले की सूचना पर महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह महिला के गायब होने के बाद उन्होंने तुरंत बांदीकुई पुलिस को सूचना दी थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। तीन दिन बाद शव मिलने से परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए है1
- जसोल: राजस्थान के चर्चित जसोल परिवार से जुड़ी एक खबर इन दिनों चर्चा में है। खबरों और स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, यह सवाल उठ रहा है कि क्या मानवेंद्र सिंह ने दूसरी शादी कर ली है। हालांकि इस बारे में अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी बीच एक और मामला सुर्खियों में आ गया है। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह की मां को घर के अंदर आने से रोक दिया गया, जिसके बाद परिवार के अंदर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। इस घटना को लेकर जसोल क्षेत्र और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के अंदर चल रहे विवाद की वजह से यह स्थिति बनी है, लेकिन असली कारण क्या है, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।1