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*एनसीएल ने समय से पहले वार्षिक कोयला उत्पादन लक्ष्य को किया पार* *लक्ष्य से अधिक उत्पादन करने की वर्षों की परंपरा को रखा जारी* देश की ऊर्जा संरक्षा को समर्पित कोल इंडिया लिमिटेड की सिंगरौली स्थित मिनीरत्न कंपनी एनसीएल ने सोमवार को प्रथम पाली तक 140 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर एक दिन शेष रहते वार्षिक कोयला उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर इतिहास रच दिया। ‘'कोयला है तो भरोसा है' की परिकल्पना को चरितार्थ करते हुए, 140 मिलियन टन का यह ऐतिहासिक उत्पादन राष्ट्र की प्रगति के प्रति टीम एनसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मौजूदा ऊर्जा परिदृश्य में, घरेलू स्तर पर उत्पादित कोयला एक बार फिर भारत के बिजली क्षेत्र की एक भरोसेमंद रीढ़ साबित हो रहा है। इस संदर्भ में, एनसीएल के लगातार और बढ़े हुए उत्पादन ने तापीय बिजली संयंत्रों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। अपनी 10 मशीनीकृत ओपनकास्ट खदानों के माध्यम से एनसीएल वर्षों से लगातार वार्षिक उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करते आ रही है, जो इसकी निरंतर परिचालन उत्कृष्टता को रेखांकित करती है। एनसीएल की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कोयला देश के लिए सबसे किफायती उपलब्ध ऊर्जा संसाधन बना हुआ है, और आने वाले वर्षों में भी यह बिजली उत्पादन के प्रमुख स्रोत के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। एनसीएल प्रबंधन ने कंपनी की इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए टीम एनसीएल व विभिन्न हितग्राहियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी कंपनी इसी प्रकार देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी । एनसीएल की इस उपलब्धि में कंपनी की सभी उत्पादन परियोजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |

8 hrs ago
user_Sunil Pandey (Sunil Pandey)
Sunil Pandey (Sunil Pandey)
Local News Reporter सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago
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*एनसीएल ने समय से पहले वार्षिक कोयला उत्पादन लक्ष्य को किया पार* *लक्ष्य से अधिक उत्पादन करने की वर्षों की परंपरा को रखा जारी* देश की ऊर्जा संरक्षा को समर्पित कोल इंडिया लिमिटेड की सिंगरौली स्थित मिनीरत्न कंपनी एनसीएल ने सोमवार को प्रथम पाली तक 140 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर एक दिन शेष रहते वार्षिक कोयला उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर इतिहास रच दिया। ‘'कोयला है तो भरोसा है' की परिकल्पना को चरितार्थ करते हुए, 140 मिलियन टन का यह ऐतिहासिक उत्पादन राष्ट्र की प्रगति के प्रति टीम एनसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मौजूदा ऊर्जा परिदृश्य में, घरेलू स्तर पर उत्पादित कोयला एक बार फिर भारत के बिजली क्षेत्र की एक भरोसेमंद रीढ़ साबित हो रहा है। इस संदर्भ में, एनसीएल के लगातार और बढ़े हुए उत्पादन ने तापीय बिजली संयंत्रों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। अपनी 10 मशीनीकृत ओपनकास्ट खदानों के माध्यम से एनसीएल वर्षों से लगातार वार्षिक उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करते आ रही है, जो इसकी निरंतर परिचालन उत्कृष्टता को रेखांकित करती है। एनसीएल की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कोयला देश के लिए सबसे किफायती उपलब्ध ऊर्जा संसाधन बना हुआ है, और आने वाले वर्षों में भी यह बिजली उत्पादन के प्रमुख स्रोत के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। एनसीएल प्रबंधन ने कंपनी की इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए टीम एनसीएल व विभिन्न हितग्राहियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी कंपनी इसी प्रकार देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी । एनसीएल की इस उपलब्धि में कंपनी की सभी उत्पादन परियोजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |

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  • Jai Shri Ram jai hanuman ji Maharaj दोरज पहाड़ी हनुमान जी का दर्शन करे अपने जीवन को धन्य बनावे जय श्री राम जय हनुमान जी हनुमान जी सभी की मनोकामना पूर्ण करे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
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    Jai Shri Ram jai hanuman ji Maharaj दोरज पहाड़ी हनुमान जी का दर्शन करे अपने जीवन को धन्य बनावे जय श्री राम जय हनुमान जी हनुमान जी सभी की मनोकामना पूर्ण करे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
    user_Pramod kumar Tiwari
    Pramod kumar Tiwari
    Social worker Singrauli, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • Post by Singrauli Madhya Pradesh
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    Post by Singrauli Madhya Pradesh
    user_Singrauli Madhya Pradesh
    Singrauli Madhya Pradesh
    सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    38 min ago
  • ​सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। ​कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। ​दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। ​इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। ​अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
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    ​सीधी।
जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
​कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है।
​दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं।
​इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
​अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Photographer गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • अनपरा (सोनभद्र)। खेल प्रेमियों के लंबे इंतजार का आखिरकार शानदार अंत हो गया। अनपरा कॉलोनी स्थित CISF मैदान पर आयोजित अनपरा प्रीमियर लीग (APL-12) 2026 का भव्य समापन रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। लगभग दो महीने तक चले इस टूर्नामेंट ने स्थानीय विद्युत कर्मियों और युवाओं को खेल प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच दिया फाइनल में रोमांच चरम पर फाइनल मुकाबला फाइटर और स्मेसर टीम के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मेसर ने 15 ओवर में 8 विकेट खोकर 98 रन बनाए और फाइटर को 99 रनों का लक्ष्य दिया स्मेसर की ओर से अंकित ओझा ने 21 गेंदों में 30 रन और अजीत बिंद ने 15 गेंदों में 22 रन की अहम पारी खेली। फाइटर की शानदार जीत लक्ष्य का पीछा करते हुए फाइटर टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। अजय शर्मा ने 11 गेंदों में 19 रन और विजेंद्र राजभर ने 9 गेंदों में 20 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई इस शानदार प्रदर्शन के लिए अजय शर्मा को मैन ऑफ द मैच चुना गया ये रहे स्टार खिलाड़ी मैन ऑफ द मैच: अजय शर्मा बेस्ट बल्लेबाज एवं सीरीज: श्रीकांत वर्मा बेस्ट गेंदबाज: प्रवीण राय इतिहास रच गई फाइटर टीम फाइटर टीम के कप्तान इं. असुर जीत शर्मा ने टीम का शानदार नेतृत्व करते हुए फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की और एक नया इतिहास रच दिया। मुख्य अतिथि का संदेश समापन समारोह में मुख्य अतिथि अनपरा तापीय परियोजना के महाप्रबंधक ई. दूधनाथ यादव ने कहा— "खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है आयोजन की शानदार सफलता मुख्य आयोजक इं. कुमार गौरव ने सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और टीम कप्तानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया खेल भावना का शानदार उदाहरण वर्षों से आयोजित हो रहा APL टूर्नामेंट न सिर्फ क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं और विद्युत कर्मियों के लिए मनोरंजन और प्रतिभा का प्रमुख मंच बन चुका है।
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    अनपरा (सोनभद्र)। खेल प्रेमियों के लंबे इंतजार का आखिरकार शानदार अंत हो गया। अनपरा कॉलोनी स्थित CISF मैदान पर आयोजित अनपरा प्रीमियर लीग (APL-12) 2026 का भव्य समापन रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। लगभग दो महीने तक चले इस टूर्नामेंट ने स्थानीय विद्युत कर्मियों और युवाओं को खेल प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच दिया फाइनल में रोमांच चरम पर
फाइनल मुकाबला फाइटर और स्मेसर टीम के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मेसर ने 15 ओवर में 8 विकेट खोकर 98 रन बनाए और फाइटर को 99 रनों का लक्ष्य दिया
स्मेसर की ओर से अंकित ओझा ने 21 गेंदों में 30 रन और अजीत बिंद ने 15 गेंदों में 22 रन की अहम पारी खेली।
फाइटर की शानदार जीत
लक्ष्य का पीछा करते हुए फाइटर टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। अजय शर्मा ने 11 गेंदों में 19 रन और विजेंद्र राजभर ने 9 गेंदों में 20 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई इस शानदार प्रदर्शन के लिए अजय शर्मा को मैन ऑफ द मैच चुना गया ये रहे स्टार खिलाड़ी
मैन ऑफ द मैच: अजय शर्मा
बेस्ट बल्लेबाज एवं सीरीज: श्रीकांत वर्मा बेस्ट गेंदबाज: प्रवीण राय
इतिहास रच गई फाइटर टीम
फाइटर टीम के कप्तान इं. असुर जीत शर्मा ने टीम का शानदार नेतृत्व करते हुए फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की और एक नया इतिहास रच दिया।
मुख्य अतिथि का संदेश
समापन समारोह में मुख्य अतिथि अनपरा तापीय परियोजना के महाप्रबंधक ई. दूधनाथ यादव ने कहा—
"खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है आयोजन की शानदार सफलता
मुख्य आयोजक इं. कुमार गौरव ने सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और टीम कप्तानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया खेल भावना का शानदार उदाहरण
वर्षों से आयोजित हो रहा APL टूर्नामेंट न सिर्फ क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं और विद्युत कर्मियों के लिए मनोरंजन और प्रतिभा का प्रमुख मंच बन चुका है।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • डाला (सोनभद्र) | विशेष रिपोर्ट सोनभद्र जनपद के चोपन थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परासपानी से जवाडी डांड मार्ग पर स्थित चोरपनिया गांव के पास वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज से अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) की ओर जा रही एक कार को रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान किशोर कुमार (38 वर्ष), पुत्र संत नारायण चौधरी, निवासी सीमोड, रांची (झारखंड) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त उनकी पत्नी नितू देवी और लगभग 3 वर्षीय पुत्र वैदिक भी कार में सवार थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कैसे हुआ? रविवार शाम करीब 3:30 बजे यह हादसा हुआ, जब सामने से रॉन्ग साइड पर आ रहे ट्रक ने कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन: घटना की सूचना राहगीरों द्वारा तुरंत डायल 112 और चोपन पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और डायल 112 टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को तत्काल एंबुलेंस से चोपन अस्पताल भेजा गया। पुलिस जांच में जुटी: हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। चोपन पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: बताया जा रहा है कि पूरा परिवार अंबिकापुर की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उनकी जिंदगी में दर्द बनकर उतर आया। एक ओर जहां परिवार के मुखिया की मौत हो गई, वहीं पत्नी और मासूम बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। बड़ा सवाल: आखिर कब तक रॉन्ग साइड ड्राइविंग और लापरवाही से लोगों की जान जाती रहेगी? यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    डाला (सोनभद्र) | विशेष रिपोर्ट
सोनभद्र जनपद के चोपन थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परासपानी से जवाडी डांड मार्ग पर स्थित चोरपनिया गांव के पास वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज से अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) की ओर जा रही एक कार को रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक की पहचान किशोर कुमार (38 वर्ष), पुत्र संत नारायण चौधरी, निवासी सीमोड, रांची (झारखंड) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त उनकी पत्नी नितू देवी और लगभग 3 वर्षीय पुत्र वैदिक भी कार में सवार थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा कैसे हुआ?
रविवार शाम करीब 3:30 बजे यह हादसा हुआ, जब सामने से रॉन्ग साइड पर आ रहे ट्रक ने कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन:
घटना की सूचना राहगीरों द्वारा तुरंत डायल 112 और चोपन पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और डायल 112 टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को तत्काल एंबुलेंस से चोपन अस्पताल भेजा गया।
पुलिस जांच में जुटी:
हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। चोपन पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:
बताया जा रहा है कि पूरा परिवार अंबिकापुर की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उनकी जिंदगी में दर्द बनकर उतर आया। एक ओर जहां परिवार के मुखिया की मौत हो गई, वहीं पत्नी और मासूम बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
बड़ा सवाल:
आखिर कब तक रॉन्ग साइड ड्राइविंग और लापरवाही से लोगों की जान जाती रहेगी? यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_Kiran Sahani
    Kiran Sahani
    Media company Obra, Sonbhadra•
    18 hrs ago
  • अनपरा प्रीमियर लीग APL-12 2026 का हुआ भव्य समापन! करीब दो महीने तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट के फाइनल में फाइटर टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्मेसर को हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। स्मेसर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 98 रन बनाए, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए फाइटर टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। मैन ऑफ द मैच रहे अजय शर्मा, बेस्ट बल्लेबाज और सीरीज श्रीकांत वर्मा, बेस्ट गेंदबाज प्रवीण राय बने। मुख्य अतिथि महाप्रबंधक ई. दूधनाथ यादव ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खेल के महत्व पर जोर दिया। अनपरा कॉलोनी का CISF मैदान तालियों और जोश से गूंज उठा—और APL-12 ने एक बार फिर खेल भावना को नई ऊंचाई दी!
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    अनपरा प्रीमियर लीग APL-12 2026 का हुआ भव्य समापन!
करीब दो महीने तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट के फाइनल में फाइटर टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्मेसर को हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
स्मेसर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 98 रन बनाए, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए फाइटर टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया।
मैन ऑफ द मैच रहे अजय शर्मा,
बेस्ट बल्लेबाज और सीरीज श्रीकांत वर्मा,
बेस्ट गेंदबाज प्रवीण राय बने।
मुख्य अतिथि महाप्रबंधक ई. दूधनाथ यादव ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खेल के महत्व पर जोर दिया।
अनपरा कॉलोनी का CISF मैदान तालियों और जोश से गूंज उठा—और APL-12 ने एक बार फिर खेल भावना को नई ऊंचाई दी!
    user_Mustaf Ahamad
    Mustaf Ahamad
    Credit reporting agency ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • घोरावल तहसील के ग्राम पंचायत भैसवार में किसानों का धरना 315 दिन में पहुंच गया अभी तक प्रशासन के द्वारा कोई शक्ति नहीं दिखाया गया किसानों का धरना तेज हो रहा है भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा के नेतृत्व में धरना चल रहा है एवं संजय कुमार यादव जिला सचिव द्वारा कहां गया जी यह धरना हमारा अनिश्चितकाल तक चलता रहेगा जब तक हमारे पांच सूत्री मांग का जांच पूर्ण रूप से नहीं हो जाता है तब तक मेरा धरना चलता रहेगा चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े
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    घोरावल तहसील के ग्राम पंचायत भैसवार में किसानों का धरना 315 दिन में पहुंच गया अभी तक प्रशासन के द्वारा कोई शक्ति नहीं दिखाया गया किसानों का धरना तेज हो रहा है भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा के नेतृत्व में धरना चल रहा है एवं संजय कुमार यादव जिला सचिव द्वारा कहां गया जी यह धरना   हमारा अनिश्चितकाल तक चलता रहेगा  जब तक हमारे पांच सूत्री मांग का जांच पूर्ण रूप से नहीं हो जाता है तब तक मेरा धरना चलता रहेगा चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े
    user_Brijesh kumar singh
    Brijesh kumar singh
    घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा अचानक समीक्षा बैठक करने पहुँच गए। बैठक में बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जनता की समस्याओं में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ​(वॉइस ओवर): सिहावल की सरज़मीं पर कलेक्टर विकास मिश्रा के कड़े तेवर देखने को मिले। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जब बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली, तो कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि अवाम को राहत पहुँचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दुरुस्त दिखनी चाहिए। ​प्राईड इंडिया न्यूज़ के तीखे सवालों का जवाब देते हुए कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि अब सभी विभागों में तालमेल बिठाकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इसी बीच, सिहावल में दमकल गाड़ी की पुरानी मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत ठोस पहल करने का आश्वासन दिया है। ​(क्लोजिंग): कलेक्टर की इस सख्ती के बाद अब सिहावल की सोई हुई व्यवस्थाओं में हलचल शुरू हो गई है। इलाके की जनता को उम्मीद है कि अब नलों में पानी, अस्पतालों में बेहतर इलाज और बिजली की सुचारू सप्लाई का सपना सच होगा। विंध्य बलराम न्यूज़ के लिए सीधी से रुद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट।
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    सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा अचानक समीक्षा बैठक करने पहुँच गए। बैठक में बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जनता की समस्याओं में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
​(वॉइस ओवर):
सिहावल की सरज़मीं पर कलेक्टर विकास मिश्रा के कड़े तेवर देखने को मिले। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जब बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली, तो कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि अवाम को राहत पहुँचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दुरुस्त दिखनी चाहिए।
​प्राईड इंडिया न्यूज़ के तीखे सवालों का जवाब देते हुए कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि अब सभी विभागों में तालमेल बिठाकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इसी बीच, सिहावल में दमकल गाड़ी की पुरानी मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत ठोस पहल करने का आश्वासन दिया है।
​(क्लोजिंग):
कलेक्टर की इस सख्ती के बाद अब सिहावल की सोई हुई व्यवस्थाओं में हलचल शुरू हो गई है। इलाके की जनता को उम्मीद है कि अब नलों में पानी, अस्पतालों में बेहतर इलाज और बिजली की सुचारू सप्लाई का सपना सच होगा। विंध्य बलराम न्यूज़ के लिए सीधी से रुद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Photographer गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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