कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर कच्चे मकान की धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की शादी दो साल पहले ही हुई थी, जिसके बाद मायके पक्ष के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के भाई अरविंद ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसने अपनी बहन बबली की शादी दो साल पहले सूरज पुत्र फूलचंद्र के साथ की थी। उनके अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग कर रहा था। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने बबली की हत्या कर दी और फिर उसके शव को फांसी पर लटका दिया। परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पिपरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर कच्चे मकान की धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की शादी दो साल पहले ही हुई थी, जिसके बाद मायके पक्ष के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के भाई अरविंद ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसने अपनी बहन बबली की शादी दो साल पहले सूरज पुत्र फूलचंद्र के साथ की थी। उनके अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग कर रहा था। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने बबली की हत्या कर दी और फिर उसके शव को फांसी पर लटका दिया। परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पिपरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
- कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर कच्चे मकान की धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की शादी दो साल पहले ही हुई थी, जिसके बाद मायके पक्ष के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के भाई अरविंद ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसने अपनी बहन बबली की शादी दो साल पहले सूरज पुत्र फूलचंद्र के साथ की थी। उनके अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग कर रहा था। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने बबली की हत्या कर दी और फिर उसके शव को फांसी पर लटका दिया। परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पिपरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।1
- प्रयागराज में नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया और फुटपाथ व्यापारी एकता समिति के संयुक्त तत्वावधान में सिविल लाइंस स्थित एक निजी होटल में चार दिवसीय खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विदुप अग्रहरि ने किया। यह प्रशिक्षण कैंप 26 जून तक चलेगा, जिसमें भाग लेने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को मुफ्त लाइसेंस और किट प्रदान की जाएगी।1
- कौशाम्बी जनपद में मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के दृष्टिगत की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी साझा की गई है। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण ने इस विषय पर एक वीडियो बाइट जारी कर इन तैयारियों का विवरण दिया।1
- माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख को उत्तर प्रदेश के शाहगंज स्थित पान दरीबा के इमामबाड़ा मिर्ज़ा सफदर अली बेग से एक ऐतिहासिक गश्ती दुलदुल जुलूस निकाला गया। सन् 1836 में स्थापित, यह जुलूस लगभग 191 साल से लगातार अपनी परंपरा का निर्वहन कर रहा है। यह भोर में शुरू होकर पूरे दिन और रात विभिन्न इलाक़ों में गश्त करने के बाद अगले दिन प्रातः छह बजे अपने क़दीमी इमामबाड़े पर वापस पहुँचकर संपन्न हुआ। जुलूस ने शाहगंज, पत्थर गली, बरनतला, मिन्हाजपूर नखास कोहना, अहमदगंज, क़ाज़ी गंज, बख्शी बाज़ार, ताराबाबू की गली, अकबरपुर, रौशनबाग़, सियाहमुर्ग़, बुड्ढा ताज़िया, पुराना गुड़िया तालाब, दायरा शाह अजमल, बैदन टोला, कोलहन टोला, हसन मंज़िल, रानीमंडी, धोबी गली, यादगार हुसैनी गली, बच्चा जी धर्मशाला, डॉ काटजू रोड़, कोतवाली, लोकनाथ चौराहा, गुड़ मंडी, बहादुरगंज, अग्रसेन चौराहा, इमामबाड़ा वज़ीर हुसैन छोटी चक, घंटाघर, और सब्ज़ी मण्डी जैसे कई क्षेत्रों में घर-घर अपनी गश्त पूरी की। इस दौरान अक़ीदतमंदों ने इमाम हुसैन के वफ़ादार घोड़े ज़ुलजनाह (दुलदुल) को घरों में दूध-जलेबी और भीगी चने की दाल खिलाकर अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। दुलदुल को सफ़ेद चादर पर खूनी रंग के छींटे और गुलाब व चमेली के फूलों से सजाकर घर-घर ज़ियारत करवाई गई। सुन्नी समुदाय की महिलाएँ भी सदियों पुरानी परम्परा का पालन करते हुए गलियों में कटोरे और बर्तनों में दूध-जलेबी भिगोकर खड़ी थीं, और जैसे ही दुलदुल उनके पास पहुंचा, उन्होंने भीगी आँखों से बोसा लेकर उसका स्वागत किया और दूध-जलेबी खिलाई। दुलदुल जुलूस के आयोजकों में मिर्ज़ा चंगेज़, सुहैल, शमशाद, जहांगीर, सलीम, मुन्ना, माहे आलम, छोटे बाबू, मुर्तु़ज़ा अली बेग, मुज्तबा अली बेग, रिज़वान और सादिक़ जैसे लोग चौबीस घंटे के इस गश्ती जुलूस में घरों तक दुलदुल ले जाने में सहयोग करते रहे। एक अनूठा और प्रेरणादायक नज़ारा डॉ. चड्ढा रोड, लोकनाथ और गुड़ मंडी में देखने को मिला, जहाँ हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले पुरुष व महिलाओं ने भी अपने पुरखों की परम्परा को निभाते हुए दुलदुल का सम्मान किया। ये हिंदू औरतें और मर्द नंगे पांव, महिलाएँ सर पर पल्लू डाल कर अपने छोटे-छोटे बच्चों को दुलदुल से मस्स कराने और बोसा लेने को आतुर दिखीं। कई लोगों ने अपने बच्चों को दुलदुल घोड़े के नीचे से निकालकर मन्नतें व मुरादें मांगीं, जो सांप्रदायिक सद्भाव और साझा आस्था का प्रतीक बना। इसी के साथ, दादा-परदादा के समय से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए, मुरादाबाद से खास सातवीं मोहर्रम के जुलूस में शामिल होने आए इंतेज़ार मेंहदी, सैय्यद हामिद मज़हर ज़ैदी और जाफर मेंहदी ने दो दर्जन से अधिक अलम के साथ नौहा पढ़ते हुए डॉ. मुस्तफा के इमामबाड़े से जुलूस में शिरकत की। यह जुलूस इमामबाड़ा अली नक़ी जाफरी दायरा शाह अजमल पहुंचा और फिर दायरा शाह अजमल तिराहे पर कुछ देर रुकने के बाद मातमी जुलूस डॉ. मुस्तफा तक गया। यहाँ दुलदुल घोड़े को कुछ देर आराम देने के बाद एक दूसरा घोड़ा सजाया गया, जिसे रानीमंडी और बाकी घरों में ले जाया गया। इस अलम और दुलदुल जुलूस में सैय्यद मोहम्मद अस्करी, बाक़र मेंहदी, ज़हीर हाशिम, शौकत, मुज्तबा हैदर क़दर, शबीह अब्बास जाफरी, शजीह अब्बास और आमिर आब्दी सहित कई लोग शामिल रहे।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए कटरा स्थित खान ग्लोबल कोचिंग को सील कर दिया। PDA की टीम ने दोपहर में अचानक छापेमारी की, जिसमें पाया गया कि यह कोचिंग संस्थान मानक के अनुरूप संचालित नहीं हो रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि खान ग्लोबल कोचिंग तीन मंजिला भवन में चल रहा था, जहाँ फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और पार्किंग जैसी कई आवश्यक सुविधाएँ नदारद थीं। इन गंभीर कमियों को देखते हुए PDA ने तत्काल प्रभाव से भवन को सीज कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बिना नक्शा पास कराए तथा फायर NOC के चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों पर ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। खान ग्लोबल कोचिंग को भी नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ में हुई आग लगने की घटना के बाद से पूरे प्रदेश में फायर विभाग और विकास प्राधिकरण अलर्ट पर हैं। प्रयागराज में भी फायर विभाग ने कई अन्य कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से सैकड़ों छात्र, जो यहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, उनमें हड़कंप मच गया है। अभी तक कोचिंग प्रबंधन का कोई पक्ष सामने नहीं आया है।1
- कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। नवविवाहिता का शव घर के अंदर कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटकता हुआ मिला। मृतका के मायके पक्ष के परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका की शादी लगभग दो साल पहले सूरज पुत्र फूलचंद्र के साथ धूमधाम से हुई थी। मृतका के भाई अरविंद ने पुलिस को एक तहरीर देकर आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग लगातार दहेज की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ही उनकी बहन की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया गया। परिजनों ने इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पिपरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा, और फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।1
- जनपद कौशाम्बी में मोहर्रम के पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी गई है। कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण ने इन तैयारियों के संबंध में एक वीडियो बाइट जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मोहर्रम को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।1
- फूलपुर कस्बे में सातवीं मोहर्रम के अवसर पर दुलदुल का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस फूलपुर की हवेली जामा मस्जिद से शुरू होकर बड़ा आलम मुल्लाना के इमामबाड़े में पहुंचा। इसके बाद बदरुल हसन जैदी के इमामबाड़े से दुलदुल निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जुलूस के दौरान रास्ते भर लोगों ने दुलदुल घोड़े को दूध, जलेबी और किशमिश खिलाई। फूलपुर की अंजुमन अब्बासिया ने, जिसका नेतृत्व सत्तर अहमद कर रहे थे, नौहे पढ़े। सातवीं मोहर्रम का यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग मुल्लाना, कोहना, कैथाना, नई बस्ती और जमीलाबाद से गुजरा। कैथाना में मुतवल्ली असीम, अजीत विश्वकर्मा, शकील और नईम ने लोगों के लिए काफी और शरबत का लंगर वितरित किया। इसके बाद जुलूस शुक्लाना, जाफरगंज, बरई टोला, जमीलाबाद और बानगी बाजार पहुंचा, जहां बलाग़त हुसैन और बदरुल हसन जैदी ने शोज पढ़े। जुलूस में हुसैनी आगे चल रहे थे, जिनके पीछे मातमी दस्त था। इस अवसर पर नईम, अजीत विश्वकर्मा, हसनैन अहमद, अख्तर, सैफ, आसिफ, गौरव विश्वकर्मा, फैज, तारिक सिद्दीकी, फराज, आमिर, साहिल, अमीन और तैय्याफ सहित कई लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी विवेक कुमार यादव और सौरभ पांडेय अपनी पूरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात थे।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में एक भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ गंभीर रूप से घायल हैं। ये बच्चे कोचिंग और एनीमेशन कोर्स करने वाले छात्र थे, जो आग की लपटों में घिर गए। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के कारण गेट लॉक हो गया और वे बाहर नहीं निकल सके, जिसके चलते कई बच्चों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। इस हृदयविदारक घटना के बाद एक खौफनाक सच सामने आया है कि जिस इमारत में यह त्रासदी हुई, वह पूरी तरह अवैध थी। हैरानी की बात यह है कि 2016 में इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी हुआ था, लेकिन महज दो महीने के भीतर ही उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इस छूट का फायदा उठाते हुए भवन मालिकों ने बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और बिना आपातकालीन निकासी की व्यवस्था किए ही उसमें कोचिंग सेंटर और अवैध दुकानें खोल लीं। प्रशासन इस दौरान गहरी नींद में सोता रहा, और अब हादसे के बाद सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। यदि समय रहते अवैध भवन को तोड़ दिया जाता तो आज 15 मासूम बच्चे जीवित होते। यह घटना अधिकारियों और भवन मालिकों की कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसने इन बच्चों की जान ले ली। सवाल यह भी उठता है कि यूपी में नियमों को ताक पर रखकर खड़ी ऐसी कितनी और इमारतें हैं, और कार्रवाई हमेशा हादसे के बाद ही क्यों होती है। आज इन्हीं अनुत्तरित सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास किया जाएगा।1