दतिया पुलिस ने बहुचर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड के दो फरार आरोपियों, जिन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम बंटी उर्फ रूपेश तिवारी और अमित तिवारी हैं। यह घटना दिनांक 17.06.26 को शाम करीब 8:00 बजे सिद्धार्थ कॉलोनी दतिया में हुई थी, जब पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने एक व्यक्ति को गोली लगी पाया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल दतिया भेजा गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मदीद गवाह रोहित यादव की रिपोर्ट पर अमित तिवारी, बंटी तिवारी, गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा के खिलाफ अप क्र 357/26 धारा 103(1), 190, 191(2), 191(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत चावला और एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन के कुशल मार्गदर्शन में की गई कार्यवाही के तहत, इस मामले के चार आरोपियों गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा को पहले ही पकड़ा जा चुका था। शेष फरार चल रहे दो आरोपियों, बंटी उर्फ रूपेश तिवारी पुत्र किशोर कुमार तिवारी और अमित पुत्र किशोर कुमार तिवारी, दोनों निवासी बुंदेला कॉलोनी दतिया, को साइबर सेल, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भोपाल से गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों से घटना में प्रयुक्त एक काले रंग की स्कॉर्पियो एन और एक काले रंग की थार गाड़ी जब्त की गई। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई 315 बोर की दो लाइसेंसी राइफलें और 45 राउंड भी विधिवत रूप से जब्त किए गए हैं। इन आरोपियों को अब न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जाएगा। इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी थाना कोतवाली दतिया निरी धीरेंद्र मिश्रा, उनि अंशुल अरोरा, प्रआर 195 शिवगोविंद चौबे, आर 698 रविंद्र यादव, आर 368 अरविंद रावत, आरक्षक 395 गोविंद, आर 348 दीपक, आर 363 मुनेश बघेल, आरक्षक आनंद, आर. चालक 177 फिरोज खान, आरक्षक वीरेंद्र ओझा और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दतिया पुलिस ने बहुचर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड के दो फरार आरोपियों, जिन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम बंटी उर्फ रूपेश तिवारी और अमित तिवारी हैं। यह घटना दिनांक 17.06.26 को शाम करीब 8:00 बजे सिद्धार्थ कॉलोनी दतिया में हुई थी, जब पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने एक व्यक्ति को गोली लगी पाया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल दतिया भेजा गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मदीद गवाह रोहित यादव की रिपोर्ट पर अमित तिवारी, बंटी तिवारी, गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा के खिलाफ अप क्र 357/26 धारा 103(1), 190, 191(2), 191(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत चावला और एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन के कुशल मार्गदर्शन में की गई कार्यवाही के तहत, इस मामले के चार आरोपियों गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा को पहले ही पकड़ा जा चुका था। शेष फरार चल रहे दो आरोपियों, बंटी उर्फ रूपेश तिवारी पुत्र किशोर कुमार तिवारी और अमित पुत्र किशोर कुमार तिवारी, दोनों निवासी बुंदेला कॉलोनी दतिया, को साइबर सेल, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भोपाल से गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों से घटना में प्रयुक्त एक काले रंग की स्कॉर्पियो एन और एक काले रंग की थार गाड़ी जब्त की गई। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई 315 बोर की दो लाइसेंसी राइफलें और 45 राउंड भी विधिवत रूप से जब्त किए गए हैं। इन आरोपियों को अब न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जाएगा। इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी थाना कोतवाली दतिया निरी धीरेंद्र मिश्रा, उनि अंशुल अरोरा, प्रआर 195 शिवगोविंद चौबे, आर 698 रविंद्र यादव, आर 368 अरविंद रावत, आरक्षक 395 गोविंद, आर 348 दीपक, आर 363 मुनेश बघेल, आरक्षक आनंद, आर. चालक 177 फिरोज खान, आरक्षक वीरेंद्र ओझा और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- शनिवार को मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनावी माहौल में व्हाइट हाउस पैनल ने धार्मिक आस्था और चुनावी उत्साह का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया। यह आयोजन चुनावी हुंकार और शक्ति प्रदर्शन का मिलाजुला रूप था। नामांकन भरने से पहले, सभी प्रत्याशियों ने अचलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। इसके बाद, ढोल-नगाड़ों की गूँज, आतिशबाजी और समर्थकों के ज़बरदस्त जुलूस के साथ वे निर्वाचन कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने नामांकन दाखिल किए। इस अवसर पर, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि यदि उनकी टीम चुनाव जीतती है, तो वे चैंबर की भूमि पर एक आधुनिक भवन का निर्माण, व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान, और ग्वालियर के आईटी पार्क को विकसित करके युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करने को प्राथमिकता देंगे।1
- मुरैना जिले के केंदुराबाद थाना क्षेत्र के खरगापुर गांव में एक मां अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने दुरावत थाने पहुंची थी। लेकिन, उसे अपनी बेटी के लिए न्याय नहीं मिला; इसके बजाय उसे पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। न्याय मांगने पहुंची इस मां पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे पुलिस के इस व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।2
- ग्वालियर से लगभग 30 किलोमीटर दूर आंतरी गांव में एक रहस्यमयी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, जहाँ पिछले कई दिनों से एक ही परिवार के पाँच भाइयों के घरों में अचानक आग लगने की घटनाएँ हो रही हैं। इन घटनाओं में कपड़े, बिस्तर और खाने का सामान जल रहा है, लेकिन अब तक आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है। यह मामला इतना गंभीर हो चुका है कि प्रशासन से लेकर फॉरेंसिक टीम तक इसकी जाँच में जुटी हुई है। ग्वालियर जिले के आंतरी गांव में कल्याण सिंह बघेल, सेवाराम बघेल, कामता प्रसाद बघेल, महेंद्र बघेल और लक्षीराम बघेल के घरों में रहस्यमयी ढंग से आग लग रही है। शुरुआत कल्याण सिंह के घर से हुई, जहाँ अचानक कपड़ों और बिस्तर में आग लग गई, जिसके बाद एक-एक करके बाकी चार भाइयों के घरों में भी ऐसी ही घटनाएँ होने लगीं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आग लगने के पीछे न तो बिजली का शॉर्ट सर्किट है और न ही कोई चूल्हा जल रहा होता है, फिर भी अचानक सामान जल उठता है। आग इतनी तेजी से फैलती है कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता, और दहशत के कारण पूरा परिवार अब घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर मजबूर है। परिवार का दावा है कि यदि जला हुआ सामान बचाने के लिए किसी पड़ोसी के घर रखा जाए, तो वहाँ भी उसी सामान में आग लग जाती है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। इन घटनाओं के बाद गांव में अंधविश्वास भी फैलने लगा है, जहाँ कुछ ग्रामीण इसे भूत-प्रेत या जादू-टोने का असर मान रहे हैं। कई तांत्रिकों को बुलाकर पूजा-पाठ और टोटके भी कराए गए हैं, लेकिन आग लगने का असल कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जाँच पूरी होने का इंतजार करने की अपील कर रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और एहतियात के तौर पर गांव में पानी का टैंकर तैनात कर दिया गया है, साथ ही फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है। ग्वालियर से आई फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जाँच की, जिसके दौरान आग लगने वाले स्थानों के आसपास माचिस की तीलियाँ भी मिलने की बात सामने आई है। अधिकारी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं और बता रहे हैं कि जाँच अभी जारी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन घरों में बार-बार आग कैसे लग रही है – क्या इसके पीछे किसी की शरारत है, कोई वैज्ञानिक कारण है या कोई अन्य वजह? इसका जवाब अब जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।1
- दतिया पुलिस ने बहुचर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड के दो फरार आरोपियों, जिन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम बंटी उर्फ रूपेश तिवारी और अमित तिवारी हैं। यह घटना दिनांक 17.06.26 को शाम करीब 8:00 बजे सिद्धार्थ कॉलोनी दतिया में हुई थी, जब पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने एक व्यक्ति को गोली लगी पाया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल दतिया भेजा गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मदीद गवाह रोहित यादव की रिपोर्ट पर अमित तिवारी, बंटी तिवारी, गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा के खिलाफ अप क्र 357/26 धारा 103(1), 190, 191(2), 191(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत चावला और एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन के कुशल मार्गदर्शन में की गई कार्यवाही के तहत, इस मामले के चार आरोपियों गोलू तिवारी, दिव्यांग पाठक, राहुल बुंदेला और विकास शर्मा को पहले ही पकड़ा जा चुका था। शेष फरार चल रहे दो आरोपियों, बंटी उर्फ रूपेश तिवारी पुत्र किशोर कुमार तिवारी और अमित पुत्र किशोर कुमार तिवारी, दोनों निवासी बुंदेला कॉलोनी दतिया, को साइबर सेल, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भोपाल से गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों से घटना में प्रयुक्त एक काले रंग की स्कॉर्पियो एन और एक काले रंग की थार गाड़ी जब्त की गई। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई 315 बोर की दो लाइसेंसी राइफलें और 45 राउंड भी विधिवत रूप से जब्त किए गए हैं। इन आरोपियों को अब न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जाएगा। इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी थाना कोतवाली दतिया निरी धीरेंद्र मिश्रा, उनि अंशुल अरोरा, प्रआर 195 शिवगोविंद चौबे, आर 698 रविंद्र यादव, आर 368 अरविंद रावत, आरक्षक 395 गोविंद, आर 348 दीपक, आर 363 मुनेश बघेल, आरक्षक आनंद, आर. चालक 177 फिरोज खान, आरक्षक वीरेंद्र ओझा और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुर गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पति ने अपनी पत्नी और दो बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पति इस बात से नाराज़ था कि उसकी पत्नी ने भागवत कथा में डांस किया था। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद पति ने स्वयं भी एक ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।4
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आंतरी कस्बे में एक रहस्यमयी आग की घटना ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है। यहां पिछले कई दिनों से एक ही परिवार के पांच भाइयों, कल्याण सिंह बघेल, सेवाराम बघेल, कामता प्रसाद बघेल, महेंद्र बघेल और लक्षीराम बघेल के घरों में बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक आग लग रही है। इस आग से कपड़े, बिस्तर और खाने का सामान अपने आप जल जा रहा है। परिवार का कहना है कि उनके घरों में न तो कोई शॉर्ट सर्किट है और न ही चूल्हा जल रहा है, फिर भी सामान में आग लग जाती है। इस रहस्यमय घटना के चलते गांव में कई तांत्रिकों को बुलाया गया, जिन्होंने विभिन्न पूजा-पाठ और टोटके किए। हालांकि, तांत्रिक भी आग लगने का असली कारण बताने में असमर्थ रहे। सूचना मिलने पर प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिए पानी से भरा एक टैंकर तैनात कर फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है। अब प्रशासन इस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रहा है। ग्वालियर से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने सभी प्रभावित घरों की गहन जांच की, जिसके दौरान उन्हें आग लगने वाले स्थानों पर माचिस की तीलियां भी मिली हैं। हालांकि, इस मामले में कोई भी अधिकारी अभी तक स्पष्ट तौर पर कोई भी जानकारी नहीं दे रहा है।3