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मोहर्रम की सात तारीख को लोंगिया मोहल्ले से मेहंदी का एक जुलूस निकाला गया।

7 hrs ago
user_Shahid hussain
Shahid hussain
Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
7 hrs ago

मोहर्रम की सात तारीख को लोंगिया मोहल्ले से मेहंदी का एक जुलूस निकाला गया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • अजमेर स्थित जेएलएन अस्पताल के गेट पर अस्थाई सफाई कर्मचारियों और वार्ड बॉय ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार पर आयोजित किया गया।
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    अजमेर स्थित जेएलएन अस्पताल के गेट पर अस्थाई सफाई कर्मचारियों और वार्ड बॉय ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार पर आयोजित किया गया।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • अजमेर के आनासागर झील क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना के कारण क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    अजमेर के आनासागर झील क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना के कारण क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
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    अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
    user_News Daily Hindi
    News Daily Hindi
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • ब्यावर में 23 जून 2026 को एडवोकेट घनश्याम फुलवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और संभागीय आयुक्त अजमेर को भी भेजा गया। ज्ञापन में ब्यावर के बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मिट्टी भरकर प्लाट काटने और बेचने का मुद्दा उठाया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिष्टमंडल ने राजस्थान के बहुचर्चित जनयाचिका "अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार (याचिका संख्या 1536/2003)" का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने 2 अगस्त 2004 को जलस्रोतों में पानी की आवक में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाकर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी हुआ था जिसने जल निकासी चैनलों को सरकारी भूमि घोषित करने और सरकारी स्वामित्व वाली झीलों के डूब क्षेत्रों में निजी खातेदारी अधिकारों को सरकार के अधीन लाने का सुझाव दिया था। इसी फैसले के बाद अजमेर की आना सागर, फाई सागर, राजसमन्द झील और उदयपुर झील से अतिक्रमण हटाए गए थे। इसके साथ ही, शिष्टमंडल ने हाईकोर्ट के बफर जोन संबंधी फैसले का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार प्राथमिक नाले, नदी, झील या डूब क्षेत्र के केंद्र से 50 मीटर की दूरी पर और नदियों, नालों पर 25 से 15 मीटर की दूरी के अंदर कोई निर्माण अवैध है। आरोप लगाया गया है कि ब्यावर में इन सभी फैसलों की "खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाई जा रही हैं", जिससे तालाबों में पानी की आवक बाधित हो रही है। ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर के बिचडली तालाब के भराव के रास्ते को मिट्टी भरकर रोका जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा इसके डूब क्षेत्र तथा कैचमेंट एरिया में कॉलोनियां काट कर बेची जा रही हैं, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में है। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा 23 मई 2024 को जारी एक लोक सूचना का उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार जय नारायण त्रिपाठी द्वारा खसरा संख्या 1476, 1477, 1479 पर पट्टों के लिए आवेदन किया गया था, जो तालाब का डूब क्षेत्र है। गोविंद नारायण त्रिपाठी ने स्वयं 4 मार्च 2022 को नगर परिषद को दिए एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि उनके खेत में तालाबी पानी आता है, जिससे बचाव के लिए उन्हें मिट्टी भरवानी पड़ी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि यह डूब क्षेत्र है। इसके अलावा, शहर का ऐतिहासिक परकोटा भी तोड़ा गया ताकि कॉलोनी के लिए रास्ता बनाया जा सके, जिसमें पार्षद पुत्र अमित प्रजापत का नाम सामने आया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में नगर परिषद प्रशासन द्वारा बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र खसरा संख्या 1447 से अवैध भरी हुई मिट्टी को हटाया गया, जिसके लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। हालांकि, एडवोकेट फुलवारी ने यह भी कहा कि यह धन्यवाद तभी सार्थक होगा जब उनके द्वारा पिछले छह वर्षों में अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसील कार्यालय और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी जारी की जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की भूमाफियाओं से मिलीभगत प्रतीत होती है। 14 मई 2024 को नगर परिषद ने इन डूब क्षेत्रों पर सूचना बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाने की सूचना प्रसारित की थी, लेकिन बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष अधिकारियों ने सांठगांठ कर वे सूचना बोर्ड हटा दिए, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हुए। रजिस्ट्री कार्यालय में भी इन जमीनों की रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बड़ा राजस्व वसूला जाता है और अवैध भरती भरकर जमीनों का बेचान जारी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोग जो मकान बनाने के लिए भूखंड खरीदते हैं, उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन यह सब होते हुए भी निष्क्रिय रहा। शिष्टमंडल ने मांग की है कि ऐसे भूमाफियाओं को पट्टा नहीं दिया जाए, बिचडली तालाब के अस्तित्व की रक्षा की जाए, और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जो इन अवैध गतिविधियों में भूमाफियाओं से साठगांठ कर शामिल थे। इस शिष्टमंडल में एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल और एडवोकेट शाबिर खान भी उपस्थित थे। एडवोकेट घनश्याम फुलवारी प्रदेश सचिव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि आरटीआई व मानवाधिकार विभाग तथा ब्यावर नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद हैं।
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    ब्यावर में 23 जून 2026 को एडवोकेट घनश्याम फुलवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और संभागीय आयुक्त अजमेर को भी भेजा गया। ज्ञापन में ब्यावर के बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मिट्टी भरकर प्लाट काटने और बेचने का मुद्दा उठाया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

शिष्टमंडल ने राजस्थान के बहुचर्चित जनयाचिका "अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार (याचिका संख्या 1536/2003)" का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने 2 अगस्त 2004 को जलस्रोतों में पानी की आवक में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाकर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी हुआ था जिसने जल निकासी चैनलों को सरकारी भूमि घोषित करने और सरकारी स्वामित्व वाली झीलों के डूब क्षेत्रों में निजी खातेदारी अधिकारों को सरकार के अधीन लाने का सुझाव दिया था। इसी फैसले के बाद अजमेर की आना सागर, फाई सागर, राजसमन्द झील और उदयपुर झील से अतिक्रमण हटाए गए थे। इसके साथ ही, शिष्टमंडल ने हाईकोर्ट के बफर जोन संबंधी फैसले का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार प्राथमिक नाले, नदी, झील या डूब क्षेत्र के केंद्र से 50 मीटर की दूरी पर और नदियों, नालों पर 25 से 15 मीटर की दूरी के अंदर कोई निर्माण अवैध है। आरोप लगाया गया है कि ब्यावर में इन सभी फैसलों की "खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाई जा रही हैं", जिससे तालाबों में पानी की आवक बाधित हो रही है।

ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर के बिचडली तालाब के भराव के रास्ते को मिट्टी भरकर रोका जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा इसके डूब क्षेत्र तथा कैचमेंट एरिया में कॉलोनियां काट कर बेची जा रही हैं, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में है। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा 23 मई 2024 को जारी एक लोक सूचना का उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार जय नारायण त्रिपाठी द्वारा खसरा संख्या 1476, 1477, 1479 पर पट्टों के लिए आवेदन किया गया था, जो तालाब का डूब क्षेत्र है। गोविंद नारायण त्रिपाठी ने स्वयं 4 मार्च 2022 को नगर परिषद को दिए एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि उनके खेत में तालाबी पानी आता है, जिससे बचाव के लिए उन्हें मिट्टी भरवानी पड़ी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि यह डूब क्षेत्र है। इसके अलावा, शहर का ऐतिहासिक परकोटा भी तोड़ा गया ताकि कॉलोनी के लिए रास्ता बनाया जा सके, जिसमें पार्षद पुत्र अमित प्रजापत का नाम सामने आया।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में नगर परिषद प्रशासन द्वारा बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र खसरा संख्या 1447 से अवैध भरी हुई मिट्टी को हटाया गया, जिसके लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। हालांकि, एडवोकेट फुलवारी ने यह भी कहा कि यह धन्यवाद तभी सार्थक होगा जब उनके द्वारा पिछले छह वर्षों में अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसील कार्यालय और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी जारी की जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की भूमाफियाओं से मिलीभगत प्रतीत होती है। 14 मई 2024 को नगर परिषद ने इन डूब क्षेत्रों पर सूचना बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाने की सूचना प्रसारित की थी, लेकिन बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष अधिकारियों ने सांठगांठ कर वे सूचना बोर्ड हटा दिए, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हुए। रजिस्ट्री कार्यालय में भी इन जमीनों की रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बड़ा राजस्व वसूला जाता है और अवैध भरती भरकर जमीनों का बेचान जारी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोग जो मकान बनाने के लिए भूखंड खरीदते हैं, उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन यह सब होते हुए भी निष्क्रिय रहा। शिष्टमंडल ने मांग की है कि ऐसे भूमाफियाओं को पट्टा नहीं दिया जाए, बिचडली तालाब के अस्तित्व की रक्षा की जाए, और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जो इन अवैध गतिविधियों में भूमाफियाओं से साठगांठ कर शामिल थे। इस शिष्टमंडल में एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल और एडवोकेट शाबिर खान भी उपस्थित थे।

एडवोकेट घनश्याम फुलवारी प्रदेश सचिव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि आरटीआई व मानवाधिकार विभाग तथा ब्यावर नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद हैं।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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    अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया।

पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे।

चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
    user_ओमप्रकाश चौधरी
    ओमप्रकाश चौधरी
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    9 min ago
  • लामाना ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर मनरेगा का काम बिना मस्टरोल और बिना MMS के करवाया जा रहा है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। श्रमिकों ने जानकारी दी है कि उनकी हाजिरी हाजिरी कॉपी में ली जा रही है, जबकि मनरेगा कार्यों में MMS अनिवार्य होता है। श्रमिकों ने बताया कि वे बुधवार सुबह 7:00 बजे से कार्यस्थल पर उपस्थित थे, लेकिन मेट छगनलाल सुबह 9:00 बजे से ही साइड से नदारद थे। श्रमिकों की उपस्थिति किसी रजिस्टर में दर्ज की जा रही थी, जिससे स्पष्ट होता है कि MMS के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पूरे मामले की जानकारी पीसांगन के विकास अधिकारी महेंद्र मालाकार को दी गई है। विकास अधिकारी ने मामले की पूरी जांच करने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि बिना मस्टरोल के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए।
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    लामाना ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर मनरेगा का काम बिना मस्टरोल और बिना MMS के करवाया जा रहा है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। श्रमिकों ने जानकारी दी है कि उनकी हाजिरी हाजिरी कॉपी में ली जा रही है, जबकि मनरेगा कार्यों में MMS अनिवार्य होता है।

श्रमिकों ने बताया कि वे बुधवार सुबह 7:00 बजे से कार्यस्थल पर उपस्थित थे, लेकिन मेट छगनलाल सुबह 9:00 बजे से ही साइड से नदारद थे। श्रमिकों की उपस्थिति किसी रजिस्टर में दर्ज की जा रही थी, जिससे स्पष्ट होता है कि MMS के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

इस पूरे मामले की जानकारी पीसांगन के विकास अधिकारी महेंद्र मालाकार को दी गई है। विकास अधिकारी ने मामले की पूरी जांच करने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि बिना मस्टरोल के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए।
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मोहर्रम की सात तारीख को ख़्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के मकबरे में रखे बड़े ताजिये पर मेहंदी पेश की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
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    मोहर्रम की सात तारीख को ख़्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के मकबरे में रखे बड़े ताजिये पर मेहंदी पेश की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • पाली जिले के सादड़ी में सोमवार शाम रणकपुर सड़क मार्ग पर शक्ति माताजी मंदिर के पास एक बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार तीन युवक घायल हो गए। सूचना मिलते ही सादड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर रणकपुर मार्ग से गुजर रहे थे, तभी शक्ति माताजी मंदिर के पास बाइक अचानक असंतुलित होकर सड़क पर फिसल गई। इस दुर्घटना में पेमाराम (21), लालाराम (18), जो दोनों सूरताराम गरासिया के पुत्र हैं, और विमाराम (18), जो राजाराम गरासिया के पुत्र हैं, घायल हो गए। ये सभी उदयपुर जिले के सायरा और विशमा कमोल निवासी हैं। घटना की सूचना पर सादड़ी पुलिस के एएसआई मनोहर सिंह और कॉन्स्टेबल लक्ष्मणदान मौके पर पहुंचे और घायलों को सादड़ी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया।
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    पाली जिले के सादड़ी में सोमवार शाम रणकपुर सड़क मार्ग पर शक्ति माताजी मंदिर के पास एक बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार तीन युवक घायल हो गए। सूचना मिलते ही सादड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर रणकपुर मार्ग से गुजर रहे थे, तभी शक्ति माताजी मंदिर के पास बाइक अचानक असंतुलित होकर सड़क पर फिसल गई। इस दुर्घटना में पेमाराम (21), लालाराम (18), जो दोनों सूरताराम गरासिया के पुत्र हैं, और विमाराम (18), जो राजाराम गरासिया के पुत्र हैं, घायल हो गए। ये सभी उदयपुर जिले के सायरा और विशमा कमोल निवासी हैं। घटना की सूचना पर सादड़ी पुलिस के एएसआई मनोहर सिंह और कॉन्स्टेबल लक्ष्मणदान मौके पर पहुंचे और घायलों को सादड़ी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया।
    user_Bhikaram Kandar
    Bhikaram Kandar
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
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