चित्रकूट के मानिकपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज चक्रवाती आंधी-बारिश के कारण एक विशाल पेड़ गिरने से सैकड़ों मासूम परिंदों की जान चली गई। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे मानिकपुर रेलवे कॉलोनी के पटेल नगर इलाके में अचानक चली तेज आंधी के कारण यह पेड़ जड़ से टूटकर गिर पड़ा। इस पेड़ पर बड़ी संख्या में तोते बैठे हुए थे, और इसके गिरते ही करीब 500 से अधिक तोते इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में लगभग 250 तोतों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क पर बिखरे पड़े मृत और घायल तोतों को देखा, तो हर कोई भावुक हो उठा। लोगों ने घायल पक्षियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, यहाँ तक कि उन्हें सीपीआर देने की कोशिश भी की गई, लेकिन बड़ी संख्या में तोतों को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय निवासियों ने मृत तोतों को सम्मान के साथ कफन में दफनाया, वहीं कई घायल तोतों को अपने घरों में ले जाकर उनका इलाज और देखभाल शुरू की। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया है, और इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत से हर कोई स्तब्ध है।
चित्रकूट के मानिकपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तेज चक्रवाती आंधी-बारिश के कारण एक विशाल पेड़ गिरने से सैकड़ों मासूम परिंदों की जान चली गई। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे मानिकपुर रेलवे कॉलोनी के पटेल नगर इलाके में अचानक चली तेज आंधी के कारण यह पेड़ जड़ से टूटकर गिर पड़ा। इस पेड़ पर बड़ी संख्या में तोते बैठे हुए थे, और इसके गिरते ही करीब 500 से अधिक तोते इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में लगभग 250 तोतों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क पर बिखरे पड़े मृत और घायल तोतों को देखा, तो हर कोई भावुक हो उठा। लोगों ने घायल पक्षियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, यहाँ तक कि उन्हें सीपीआर देने की कोशिश भी की गई, लेकिन बड़ी संख्या में तोतों को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय निवासियों ने मृत तोतों को सम्मान के साथ कफन में दफनाया, वहीं कई घायल तोतों को अपने घरों में ले जाकर उनका इलाज और देखभाल शुरू की। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया है, और इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत से हर कोई स्तब्ध है।
- भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता अंकित पाराशर ने टीकमगढ़ के पूर्व विधायक राकेश गिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अंकित पाराशर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर वायरल किया है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने की बात भी कही है। हालांकि, पूर्व विधायक राकेश गिरी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है।1
- मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में 31 मई 2026 को राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी की एक भव्य शोभा यात्रा रैली निकाली गई। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय युवा और बुजुर्ग, दोनों उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।4
- टीकमगढ़ शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शहर के चहुंमुखी विकास और जनहित के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 34 करोड़ रुपये की एक वृहद विकास योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस बड़ी सौगात से टीकमगढ़ के विकास को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है। इस कदम के लिए एक पूर्व विधायक ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि वे एक बार चुनाव जीत जाते हैं, तो नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की जाएगी।1
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना स्थित गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण के लिए एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रविवार सुबह गायत्री शक्ति पीठ परिसर से शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से जनजागरण किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें", "धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं" और "नशा मुक्त भारत-स्वस्थ भारत" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। रैली में शामिल युवाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रमों का जगह-जगह आयोजन किया गया विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन आज दिनांक 31 मई, विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री सौरभ तिवारी के मार्गदर्शन में जिला टीकमगढ़ में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा पुलिस विभाग एवं ग्रामीण स्वावलंबन समिति के सहयोग से तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों के माध्यम से आमजन को तंबाकू एवं अन्य नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बच्चों एवं युवाओं में जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से पेंटिंग, गायन एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त पुलिस ग्राउंड, टीकमगढ़ में बच्चों द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से "तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो" एवं "स्वस्थ युवा, सशक्त भारत" जैसे प्रेरणादायक नारों के साथ नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक तंबाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुंचाकर एक स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता को बढ़ावा देना था।1
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी शुक्रवार को पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करके, उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया है, जिसे संतों ने पर्यावरण के प्रति लगाव का प्रतीक बताया। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं की जगह वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने इस अवसर पर टिप्पणी की कि “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत विपिन बिहारी जी ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर ‘हरि के नाम पर हरियाली’ लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को साधुवाद दिया, जिन्होंने आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की दिशा में कदम बढ़ाया है, और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल करार दिया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं प्रथा न अपनाकर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।1
- बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।4
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भगवंतपुरा में एक युवक की ग्वालियर में इलाज के दौरान 31 मई को मौत हो गई। मृतक की पहचान भगवंतपुरा टोंगरा खिरक निवासी बबलू केवट पिता सुकनी केवट के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने बबलू के साथ मारपीट की थी, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर चोटों के चलते उसे जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अब परिजन मांग कर रहे हैं कि मारपीट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।1