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धार्मिक अनुष्ठान का उद्घोष से क्षेत्र गूँजमान
आलोक कुमार
धार्मिक अनुष्ठान का उद्घोष से क्षेत्र गूँजमान
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- Post by उमेश उरांव1
- धार्मिक अनुष्ठान का उद्घोष से क्षेत्र गूँजमान1
- सिसई प्रखंड के साप्ताहिक बाजार टाड़ में होली के अवसर पर लगने वाले सिसई फागुन मेला लगाने का तैयारी जोर सोर से चल रहा हैं। बड़े बड़े झूले, मौत का कुंआ, बिजली झूला, नौका, सर्कस, रेल गाड़ी आदि लगाए जा रहे हैं।1
- घाघरा (गुमला,):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर घाघरा प्रखंड के आदर बाजार टांड़ में मंगलवार को विशाल नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व पंचायती राज निदेशक एवं वर्तमान अपर आयकर आयुक्त रांची निशा उरांव शामिल हुई । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की तस्वीरों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर किया गया । अपने संबोधन में निशा उरांव ने CNT (छोटानागपुर टेनेंसी) एवं PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया) कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कानून आदिवासियों की जमीन, परंपरा एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पंचायती राज विभाग से उनके जाने के बाद इन कानूनों में व्यापक परिवर्तन कर दिए गए हैं, जो आदिवासी हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों से जमीन छीनी जा रही है।विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा परंपरागत तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन का फैसला केवल गांव के 'पहन' (पुजारी) के हाथ में रहना चाहिए।धर्मांतरण के मुद्दे पर निशा उरांव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहान को पहले जमीन पूजा-पाठ करने के एवज में दिया जाता है। यदि पहान का धर्मांतरण हो जाए, तो पुरखों के नियम के अनुसार उसे पद से हटा देना चाहिए, लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा, जो हमारी परंपरा का सीधा उल्लंघन है।' ग्राम सभा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा का अर्थ पुरखों का कानून है। पहले ग्राम सभा गांव खुद गठित करता था, जमीन विवाद सुलझाता था, सरकारी योजनाओं का निर्णय लेता था। लेकिन नए नियमों में ग्राम सभा का गठन (ब्लॉक) स्तर पर हो रहा है, पहन-पुजार-महतो को किनारे कर सचिव, उपसचिव, अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष बना दिया जा रहा है। जमीन का फैसला जिला प्रशासन कर रहा है, योजनाओं का निर्णय जिला परिषद ले रही है। इससे गांव की ताकत छीनकर शहर को सौंप दिया गया है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं PESA की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया, जहां एक गांव में बोर्ड लगा था- 'इस गांव में पादरी का प्रवेश व चंगाई सभा मना है।' इस मामले में कोर्ट ने कहा कि धर्म प्रचार हो सकता है, लेकिन धर्मांतरण नहीं। सामुदायिक निर्णयों को कोर्ट भी मान्यता देता है, यदि मामला संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा हो। निशा उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, दिलेश्वर पहान, मनोज दास, पुष्कर महतो,तेजू महतो, बादल राम, लाल साहू सहित सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।3
- *रोमांचक मुकाबले में गुमला ने धनबाद को 13 रन से किया पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश* जेएससीए द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट टूर्नामेंट गुमला जिला क्रिकेट एसोसिएशन के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत मंगलवार को हुए मुकाबले में गुमला ने धनबाद को रोमांचक मुकाबले में 13 रन से पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश। गुमला की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 40वे ओवर में 178 रनों पर ऑल आउट हो गई। गुमला की ओर से अशीशन कुमार ने 42, कमल कुमार ने 34, राहुल ने 22 , और यमुना झा ने 21 की पारी खेली। वही, धनबाद की ओर से राजवीर ने 9 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट झटके। जवाबी पारी खेलने उतरी धनबाद की टीम रोमांचक मुकाबले में 13 रनों से यह मैच हार गई। धनबाद की ओर से सिद्धार्थ ने 53 और अनुराग ने 40 रनों की पारी खेली। एक समय धनबाद की टीम का स्कोर 122 रन पर एक विकेट था और जीत के लिए महज 22 ओवरों में मात्र 57 रनों की जरूरत थी। इसी बीच गुमला के हरफनमौला स्पिनर अनिकेत राज साहू ने गेंदबाजी की कमान संभाली। एक के बाद एक विकेट गंवाकर धनबाद की पूरी टीम 165 पर ऑल आउट हो गई। चार विकेट लेने वाले गुमला के अनिकेत राज साहू को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। मौके पर मुख्य रूप से टीआरडीओ अजय यादव, अंपायर प्रशांत कुमार , अजमल हुसैन , स्कोरर जुलकर नैं अहमद, जिला क्रिकेट संघ के सचिव जीतेन्द्र सिंह, मनोज चौधरी, अंकित विश्वकर्मा, ज्ञान प्रकाश, मधुसूदन उरांव, आयुष अग्रवाल, सनी साहू, विनीत नाग, शशिरंजन, पंकज कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।2
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- -------------------------- चतरा | रांची: झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद दुःखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला एक मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट (Air Ambulance) तकनीकी खराबी के बाद रडार से गायब हो गया और सिमरिया थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना के अनुसार सिमरिया थाना क्षेत्र के खासियातू करम टांड़ के घने जंगल में हताहत, प्राथमिक सूचना के अनुसार, विमान में सवार 7 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। विमान में एक गंभीर मरीज, उनके परिजन, एक डॉक्टर, एक मेल नर्स और क्रू मेंबर्स सवार थे। _कैसे हुआ हादसा?, जांच जारी---_ जानकारी के मुताबिक, विमान ने रांची से दिल्ली के लिए एयरलिफ्ट किया था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान का संपर्क एटीसी (ATC) से टूट गया और वह रडार से गायब हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिमरिया के आसमान में विमान को लड़खड़ाते देखा गया, जिसके बाद वह तेज धमाके के साथ करम टांड़ के जंगलों में जा गिरा। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी की बात स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सूचना। घटना की सूचना मिलते ही सिमरिया थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। क्योंकि इलाका काफी दुर्गम और जंगली है, इसलिए राहत कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मौके से जो तस्वीरें और खबरें छनकर आ रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं।प्रशासनिक अमला मौके पर पहुँचने की कोशिश कर रहा है। घने जंगल और शाम का वक्त होने के कारण सर्च ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है, लेकिन प्राथमिकता शवों को निकालने और मलबे की जांच करने की है। *ख़बर अपडेट का इंतजार* विमान में सवार लोगों की आधिकारिक पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। क्या यह तकनीकी खराबी थी या खराब मौसम का असर, इसकी जांच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सूचित कर देने की ख़बर है।1
- सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नये प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सचिंद्र मोहन का दिन मंगलवार को डीलर संघ प्रखंड अध्यक्ष मकीन अंसारी ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। उसके बाद पदाधिकारी ने प्रखंड सभागार में सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों के साथ पहली बैठक की। बैठक का शुरुआत परिचय के साथ किया गया। जहां प्रखंड खाद्य पूर्ति पदाधिकारी ने दुकानदारों को समय पर खाद्यान्न का उठाव कर उतम व्यवहार रखते हुए लाभुकों के बीच वितरण करने को कहा।1