RSS शताब्दी वर्ष: घाघरा के नागरिक सम्मेलन में जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा पर मंथन घाघरा (गुमला,):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर घाघरा प्रखंड के आदर बाजार टांड़ में मंगलवार को विशाल नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व पंचायती राज निदेशक एवं वर्तमान अपर आयकर आयुक्त रांची निशा उरांव शामिल हुई । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की तस्वीरों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर किया गया । अपने संबोधन में निशा उरांव ने CNT (छोटानागपुर टेनेंसी) एवं PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया) कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कानून आदिवासियों की जमीन, परंपरा एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पंचायती राज विभाग से उनके जाने के बाद इन कानूनों में व्यापक परिवर्तन कर दिए गए हैं, जो आदिवासी हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों से जमीन छीनी जा रही है।विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा परंपरागत तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन का फैसला केवल गांव के 'पहन' (पुजारी) के हाथ में रहना चाहिए।धर्मांतरण के मुद्दे पर निशा उरांव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहान को पहले जमीन पूजा-पाठ करने के एवज में दिया जाता है। यदि पहान का धर्मांतरण हो जाए, तो पुरखों के नियम के अनुसार उसे पद से हटा देना चाहिए, लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा, जो हमारी परंपरा का सीधा उल्लंघन है।' ग्राम सभा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा का अर्थ पुरखों का कानून है। पहले ग्राम सभा गांव खुद गठित करता था, जमीन विवाद सुलझाता था, सरकारी योजनाओं का निर्णय लेता था। लेकिन नए नियमों में ग्राम सभा का गठन (ब्लॉक) स्तर पर हो रहा है, पहन-पुजार-महतो को किनारे कर सचिव, उपसचिव, अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष बना दिया जा रहा है। जमीन का फैसला जिला प्रशासन कर रहा है, योजनाओं का निर्णय जिला परिषद ले रही है। इससे गांव की ताकत छीनकर शहर को सौंप दिया गया है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं PESA की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया, जहां एक गांव में बोर्ड लगा था- 'इस गांव में पादरी का प्रवेश व चंगाई सभा मना है।' इस मामले में कोर्ट ने कहा कि धर्म प्रचार हो सकता है, लेकिन धर्मांतरण नहीं। सामुदायिक निर्णयों को कोर्ट भी मान्यता देता है, यदि मामला संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा हो। निशा उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, दिलेश्वर पहान, मनोज दास, पुष्कर महतो,तेजू महतो, बादल राम, लाल साहू सहित सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।
RSS शताब्दी वर्ष: घाघरा के नागरिक सम्मेलन में जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा पर मंथन घाघरा (गुमला,):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर घाघरा प्रखंड के आदर बाजार टांड़ में मंगलवार को विशाल नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व पंचायती राज निदेशक एवं वर्तमान अपर आयकर आयुक्त रांची निशा उरांव शामिल हुई । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की तस्वीरों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर किया गया । अपने संबोधन में निशा उरांव ने CNT (छोटानागपुर टेनेंसी) एवं PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया) कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कानून आदिवासियों की जमीन, परंपरा एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पंचायती राज विभाग से उनके जाने के बाद इन कानूनों में व्यापक परिवर्तन कर दिए गए हैं, जो आदिवासी हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि
विकास के नाम पर आदिवासियों से जमीन छीनी जा रही है।विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा परंपरागत तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन का फैसला केवल गांव के 'पहन' (पुजारी) के हाथ में रहना चाहिए।धर्मांतरण के मुद्दे पर निशा उरांव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहान को पहले जमीन पूजा-पाठ करने के एवज में दिया जाता है। यदि पहान का धर्मांतरण हो जाए, तो पुरखों के नियम के अनुसार उसे पद से हटा देना चाहिए, लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा, जो हमारी परंपरा का सीधा उल्लंघन है।' ग्राम सभा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा का अर्थ पुरखों का कानून है। पहले ग्राम सभा गांव खुद गठित करता था, जमीन विवाद सुलझाता था, सरकारी योजनाओं का निर्णय लेता था। लेकिन नए नियमों में ग्राम सभा का गठन (ब्लॉक) स्तर पर हो रहा है, पहन-पुजार-महतो को किनारे
कर सचिव, उपसचिव, अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष बना दिया जा रहा है। जमीन का फैसला जिला प्रशासन कर रहा है, योजनाओं का निर्णय जिला परिषद ले रही है। इससे गांव की ताकत छीनकर शहर को सौंप दिया गया है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं PESA की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया, जहां एक गांव में बोर्ड लगा था- 'इस गांव में पादरी का प्रवेश व चंगाई सभा मना है।' इस मामले में कोर्ट ने कहा कि धर्म प्रचार हो सकता है, लेकिन धर्मांतरण नहीं। सामुदायिक निर्णयों को कोर्ट भी मान्यता देता है, यदि मामला संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा हो। निशा उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, दिलेश्वर पहान, मनोज दास, पुष्कर महतो,तेजू महतो, बादल राम, लाल साहू सहित सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।
- झारखंड आवासीय विद्यालय कातिंग में शैक्षणिक सत्र दो हजार छब्बीस–सत्ताईस के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जानकारी देते हुए सोमवार शाम पांच बजे बताया गया कि बैठक में विद्यालय की रिक्त सीटों, श्रेणीवार आरक्षण तथा नामांकन की पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि आगामी सत्र में कक्षा छह, सात और नौ में नामांकन लिया जाएगा। सामाजिक न्याय और समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीटों का श्रेणीवार बंटवारा भी निर्धारित किया गया। कक्षा छह में कुल पचास सीटें निर्धारित हैं, जिनमें अनुसूचित जनजाति के लिए इकतीस सीटें, अनुसूचित जाति के लिए एक सीट, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के लिए पांच सीटें, अल्पसंख्यक वर्ग के लिए एक सीट तथा बीपीएल श्रेणी के लिए बारह सीटें आरक्षित की गई हैं। वहीं उच्च कक्षाओं में कक्षा सात के लिए दो सीटें और कक्षा नौ के लिए एक सीट निर्धारित की गई है। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमसम्मत रखने का निर्देश दिया। कातिंग पंचायत की मुखिया मधुरा मिंज तथा चैनपुर की मुखिया शोभा देवी ने भी शिक्षा के अधिकार पर बल देते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों को इन सीटों का लाभ मिलना चाहिए। विद्यालय की वार्डन सिलवाती देवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आगामी सत्र की तैयारियों की जानकारी साझा की। बैठक में विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ आगामी सत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के सुझाव भी दिए। अंत में अतिथियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चयन प्रक्रिया में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योग्य और जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिल सके।1
- चतरा जिले के सिमरिया में एयर इंडिया का हेलीकॉप्टर क्रैश 23 तारिक 7 बजकर 11 मिनट में रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, प्राप्त जानकारी के मुताबिक उड़ान भरते ही एटीसी से संपर्क टूट गया था,एयर एंबुलेंस में पायलट समेत सात लोग सवार थे, एयर एंबुलेंस रांची से मरीज संजय ,संजय की पत्नी अर्चना देवी परिजन धुरु कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता रांची सदर अस्पताल, सचिन कुमार मिश्रा पैरा मेडिकल , सवरदीप सिंह क्रू मेंबर, पायलट विवेक विकास भगत समेत सात लोग थे दिल्ली बेहतर इलाज के लिए लेकर जा रहे थे विमान में मौजूद सभी लोगों की इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई है। लेकिन अब सवाल मरीज के परिजन पूछ रहे है,कि मौसम खराब होने पर भी( DGCA) कि ओर से कैसे उड़ान की परमिशन दी गई । एक सवाल झारखण्ड के स्वास्थ मंत्री को भी अगर राँची रिम्स में ही बेहतर इलाज की सुविधा होती तो दिल्ली मरीज को लेकर केव जाते लोग, साथ में मरीज के परिजन उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं बताया यह भी जा रहा है कि हादसे की राज ब्लैक बॉक्स खोलेगा , फिलहाल कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी।1
- आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा1
- Post by हमर जशपुर1
- Post by We News 241
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाठ क्षेत्र में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में नीति आयोग पोषित “पाथ टू एडवांसमेंट एंड होलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ (पहल)” परियोजना के तहत पीवीटीजी परिवारों के समग्र विकास का कार्य जारी है। जानकारी देते हुए सोमवार की शाम छह बजे बताया गया कि पहले चरण में लघु सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाने, लिफ्ट सिंचाई, तालाब निर्माण एवं पंपसेट उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है, ताकि कृषि को मजबूती मिल सके। इसके बाद आजीविका बढ़ाने के लिए बकरी पालन, मुर्गी पालन, एजोला घास की खेती, मचान विधि से सब्जी उत्पादन तथा मोरिंगा पौध वितरण किया जा रहा है। कुल तैंतालीस पीवीटीजी परिवारों को एक वर्ष के भीतर स्थायी रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार ने कहा कि यह पहल औरापाठ क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- कल शाम चतरा के सिमरिया जंगल एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया जिसमें पायलट समेत 7 लोग सवार थे सभी की दर्दनाक मौत मृतक में रांची सदर अस्पताल का एक डॉक्टर भी शामिल1
- हमें जनसैलाब भरे होता है सब मां का असीम कृपा है1