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आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा कभी अचरज था आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा

5 hrs ago
user_SAMBHU RAVI
SAMBHU RAVI
पत्रकार Jashpur, Chhattisgarh•
5 hrs ago

आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा कभी अचरज था आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा

  • user_Rinku Ram
    Rinku Ram
    Jashpur, Chhattisgarh
    👌
    4 hrs ago
More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा
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    आज सन्ना क्षेत्र में ड्रोन हेलिकाप्टर दिखा
    user_SAMBHU RAVI
    SAMBHU RAVI
    पत्रकार Jashpur, Chhattisgarh•
    5 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
  • चैनपुर थाना क्षेत्र के बम्नी मोड़ के पास मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे एक भीषण बाइक हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को पुलिस वाहन से तत्काल अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया
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    चैनपुर थाना क्षेत्र के बम्नी मोड़ के पास मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे एक भीषण बाइक हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को पुलिस वाहन से तत्काल अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • झारखंड आवासीय विद्यालय कातिंग में शैक्षणिक सत्र दो हजार छब्बीस–सत्ताईस के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जानकारी देते हुए सोमवार शाम पांच बजे बताया गया कि बैठक में विद्यालय की रिक्त सीटों, श्रेणीवार आरक्षण तथा नामांकन की पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि आगामी सत्र में कक्षा छह, सात और नौ में नामांकन लिया जाएगा। सामाजिक न्याय और समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीटों का श्रेणीवार बंटवारा भी निर्धारित किया गया। कक्षा छह में कुल पचास सीटें निर्धारित हैं, जिनमें अनुसूचित जनजाति के लिए इकतीस सीटें, अनुसूचित जाति के लिए एक सीट, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के लिए पांच सीटें, अल्पसंख्यक वर्ग के लिए एक सीट तथा बीपीएल श्रेणी के लिए बारह सीटें आरक्षित की गई हैं। वहीं उच्च कक्षाओं में कक्षा सात के लिए दो सीटें और कक्षा नौ के लिए एक सीट निर्धारित की गई है। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमसम्मत रखने का निर्देश दिया। कातिंग पंचायत की मुखिया मधुरा मिंज तथा चैनपुर की मुखिया शोभा देवी ने भी शिक्षा के अधिकार पर बल देते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों को इन सीटों का लाभ मिलना चाहिए। विद्यालय की वार्डन सिलवाती देवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आगामी सत्र की तैयारियों की जानकारी साझा की। बैठक में विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ आगामी सत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के सुझाव भी दिए। अंत में अतिथियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चयन प्रक्रिया में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योग्य और जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिल सके।
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    झारखंड आवासीय विद्यालय कातिंग में शैक्षणिक सत्र दो हजार छब्बीस–सत्ताईस के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जानकारी देते हुए सोमवार शाम पांच बजे बताया गया कि बैठक में विद्यालय की रिक्त सीटों, श्रेणीवार आरक्षण तथा नामांकन की पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि आगामी सत्र में कक्षा छह, सात और नौ में नामांकन लिया जाएगा। सामाजिक न्याय और समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीटों का श्रेणीवार बंटवारा भी निर्धारित किया गया। कक्षा छह में कुल पचास सीटें निर्धारित हैं, जिनमें अनुसूचित जनजाति के लिए इकतीस सीटें, अनुसूचित जाति के लिए एक सीट, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के लिए पांच सीटें, अल्पसंख्यक वर्ग के लिए एक सीट तथा बीपीएल श्रेणी के लिए बारह सीटें आरक्षित की गई हैं। वहीं उच्च कक्षाओं में कक्षा सात के लिए दो सीटें और कक्षा नौ के लिए एक सीट निर्धारित की गई है।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमसम्मत रखने का निर्देश दिया।
कातिंग पंचायत की मुखिया मधुरा मिंज तथा चैनपुर की मुखिया शोभा देवी ने भी शिक्षा के अधिकार पर बल देते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों को इन सीटों का लाभ मिलना चाहिए। विद्यालय की वार्डन सिलवाती देवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आगामी सत्र की तैयारियों की जानकारी साझा की।
बैठक में विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ आगामी सत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के सुझाव भी दिए। अंत में अतिथियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चयन प्रक्रिया में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योग्य और जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिल सके।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • कैमरे में कैद धमकी! ओडिशा से आए पिता-पुत्र पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी का आरोप | Viral Video
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    कैमरे में कैद धमकी! ओडिशा से आए पिता-पुत्र पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी का आरोप | Viral Video
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    25 min ago
  • घाघरा (गुमला,):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर घाघरा प्रखंड के आदर बाजार टांड़ में मंगलवार को विशाल नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व पंचायती राज निदेशक एवं वर्तमान अपर आयकर आयुक्त रांची निशा उरांव शामिल हुई । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की तस्वीरों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर किया गया । अपने संबोधन में निशा उरांव ने CNT (छोटानागपुर टेनेंसी) एवं PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया) कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कानून आदिवासियों की जमीन, परंपरा एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पंचायती राज विभाग से उनके जाने के बाद इन कानूनों में व्यापक परिवर्तन कर दिए गए हैं, जो आदिवासी हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों से जमीन छीनी जा रही है।विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा परंपरागत तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन का फैसला केवल गांव के 'पहन' (पुजारी) के हाथ में रहना चाहिए।धर्मांतरण के मुद्दे पर निशा उरांव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहान को पहले जमीन पूजा-पाठ करने के एवज में दिया जाता है। यदि पहान का धर्मांतरण हो जाए, तो पुरखों के नियम के अनुसार उसे पद से हटा देना चाहिए, लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा, जो हमारी परंपरा का सीधा उल्लंघन है।' ग्राम सभा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा का अर्थ पुरखों का कानून है। पहले ग्राम सभा गांव खुद गठित करता था, जमीन विवाद सुलझाता था, सरकारी योजनाओं का निर्णय लेता था। लेकिन नए नियमों में ग्राम सभा का गठन (ब्लॉक) स्तर पर हो रहा है, पहन-पुजार-महतो को किनारे कर सचिव, उपसचिव, अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष बना दिया जा रहा है। जमीन का फैसला जिला प्रशासन कर रहा है, योजनाओं का निर्णय जिला परिषद ले रही है। इससे गांव की ताकत छीनकर शहर को सौंप दिया गया है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं PESA की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया, जहां एक गांव में बोर्ड लगा था- 'इस गांव में पादरी का प्रवेश व चंगाई सभा मना है।' इस मामले में कोर्ट ने कहा कि धर्म प्रचार हो सकता है, लेकिन धर्मांतरण नहीं। सामुदायिक निर्णयों को कोर्ट भी मान्यता देता है, यदि मामला संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा हो। निशा उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, दिलेश्वर पहान, मनोज दास, पुष्कर महतो,तेजू महतो, बादल राम, लाल साहू सहित सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।
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    घाघरा (गुमला,):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर घाघरा प्रखंड के आदर बाजार टांड़ में मंगलवार को विशाल नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।  मुख्य अतिथि पूर्व पंचायती राज निदेशक एवं वर्तमान अपर आयकर आयुक्त रांची निशा उरांव शामिल हुई ।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि द्वारा जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की तस्वीरों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर किया गया । अपने संबोधन में निशा उरांव ने CNT (छोटानागपुर टेनेंसी) एवं PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरिया) कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कानून आदिवासियों की जमीन, परंपरा एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पंचायती राज विभाग से उनके जाने के बाद इन कानूनों में व्यापक परिवर्तन कर दिए गए हैं, जो आदिवासी हितों के विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों से जमीन छीनी जा रही है।विकास जरूरी है, लेकिन जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा परंपरागत तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल-जंगल-जमीन का फैसला केवल गांव के 'पहन' (पुजारी) के हाथ में रहना चाहिए।धर्मांतरण के मुद्दे पर निशा उरांव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहान को पहले जमीन  पूजा-पाठ करने के एवज में दिया जाता है। यदि पहान का धर्मांतरण हो जाए, तो पुरखों के नियम के अनुसार उसे पद से हटा देना चाहिए, लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा, जो हमारी परंपरा का सीधा उल्लंघन है।' ग्राम सभा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा का अर्थ पुरखों का कानून है। पहले ग्राम सभा गांव खुद गठित करता था, जमीन विवाद सुलझाता था, सरकारी योजनाओं का निर्णय लेता था। लेकिन नए नियमों में ग्राम सभा का गठन  (ब्लॉक) स्तर पर हो रहा है, पहन-पुजार-महतो को किनारे कर सचिव, उपसचिव, अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष बना दिया जा रहा है। जमीन का फैसला जिला प्रशासन कर रहा है, योजनाओं का निर्णय जिला परिषद ले रही है। इससे गांव की ताकत छीनकर शहर को सौंप दिया गया है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं PESA की भावना के खिलाफ है।उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण दिया, जहां एक गांव में बोर्ड लगा था- 'इस गांव में पादरी का प्रवेश व चंगाई सभा मना है।' इस मामले में कोर्ट ने कहा कि धर्म प्रचार हो सकता है, लेकिन धर्मांतरण नहीं। सामुदायिक निर्णयों को कोर्ट भी मान्यता देता है, यदि मामला संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा हो। निशा उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट हों। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग प्रमुख रामप्रसाद बड़ाइक, दिलेश्वर पहान, मनोज दास, पुष्कर महतो,तेजू महतो, बादल राम, लाल साहू सहित सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे ।
    user_अरविन्द यादव
    अरविन्द यादव
    Newspaper advertising department गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • *रोमांचक मुकाबले में गुमला ने धनबाद को 13 रन से किया पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश* जेएससीए द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट टूर्नामेंट गुमला जिला क्रिकेट एसोसिएशन के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत मंगलवार को हुए मुकाबले में गुमला ने धनबाद को रोमांचक मुकाबले में 13 रन से पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश। गुमला की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 40वे ओवर में 178 रनों पर ऑल आउट हो गई। गुमला की ओर से अशीशन कुमार ने 42, कमल कुमार ने 34, राहुल ने 22 , और यमुना झा ने 21 की पारी खेली। वही, धनबाद की ओर से राजवीर ने 9 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट झटके। जवाबी पारी खेलने उतरी धनबाद की टीम रोमांचक मुकाबले में 13 रनों से यह मैच हार गई। धनबाद की ओर से सिद्धार्थ ने 53 और अनुराग ने 40 रनों की पारी खेली। एक समय धनबाद की टीम का स्कोर 122 रन पर एक विकेट था और जीत के लिए महज 22 ओवरों में मात्र 57 रनों की जरूरत थी। इसी बीच गुमला के हरफनमौला स्पिनर अनिकेत राज साहू ने गेंदबाजी की कमान संभाली। एक के बाद एक विकेट गंवाकर धनबाद की पूरी टीम 165 पर ऑल आउट हो गई। चार विकेट लेने वाले गुमला के अनिकेत राज साहू को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। मौके पर मुख्य रूप से टीआरडीओ अजय यादव, अंपायर प्रशांत कुमार , अजमल हुसैन , स्कोरर जुलकर नैं अहमद, जिला क्रिकेट संघ के सचिव जीतेन्द्र सिंह, मनोज चौधरी, अंकित विश्वकर्मा, ज्ञान प्रकाश, मधुसूदन उरांव, आयुष अग्रवाल, सनी साहू, विनीत नाग, शशिरंजन, पंकज कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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    *रोमांचक मुकाबले में गुमला ने धनबाद को 13 रन से किया पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश*
जेएससीए द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट टूर्नामेंट
गुमला जिला क्रिकेट एसोसिएशन के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर 23 क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत मंगलवार को हुए मुकाबले में गुमला ने धनबाद को रोमांचक मुकाबले में 13 रन से पराजित कर सेमीफाइनल में किया प्रवेश। गुमला की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 40वे ओवर में 178 रनों पर ऑल आउट हो गई। गुमला की ओर से अशीशन कुमार ने 42, कमल कुमार ने 34, राहुल ने 22 , और यमुना झा ने 21 की पारी खेली। वही, धनबाद की ओर से राजवीर ने 9 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट झटके। जवाबी पारी खेलने उतरी धनबाद की टीम रोमांचक मुकाबले में 13 रनों से यह मैच हार गई। धनबाद की ओर से सिद्धार्थ ने 53 और अनुराग ने 40 रनों की पारी खेली। एक समय धनबाद की टीम का स्कोर 122 रन पर एक विकेट था और जीत के लिए महज 22 ओवरों में मात्र 57 रनों की जरूरत थी। इसी बीच गुमला के हरफनमौला स्पिनर अनिकेत राज साहू ने गेंदबाजी की कमान संभाली। एक के बाद एक विकेट गंवाकर धनबाद की पूरी टीम 165 पर ऑल आउट हो गई। चार विकेट लेने वाले गुमला के अनिकेत राज साहू को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
मौके पर मुख्य रूप से टीआरडीओ अजय यादव, अंपायर प्रशांत कुमार , अजमल हुसैन , स्कोरर जुलकर नैं अहमद, जिला क्रिकेट संघ के सचिव जीतेन्द्र सिंह, मनोज चौधरी, अंकित विश्वकर्मा, ज्ञान प्रकाश, मधुसूदन उरांव, आयुष अग्रवाल, सनी साहू, विनीत नाग, शशिरंजन, पंकज कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • हमें जनसैलाब भरे होता है सब मां का असीम कृपा है
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    हमें जनसैलाब भरे होता है 
सब मां का असीम कृपा है
    user_SAMBHU RAVI
    SAMBHU RAVI
    पत्रकार Jashpur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
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