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एक विद्युत पोल से उतरे करंट की चपेट में आने से एक गर्भवती भैंस की मौत हो गई। इस घटना के बाद भैंस के मालिक द्वारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है।

1 day ago
user_Leagel India
Leagel India
कलां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

एक विद्युत पोल से उतरे करंट की चपेट में आने से एक गर्भवती भैंस की मौत हो गई। इस घटना के बाद भैंस के मालिक द्वारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है।

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  • उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नौबस्ता क्षेत्र से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों को जानने के लिए दर्शकों से शुरू ऐप पर लगातार अपडेट रहने का आग्रह किया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नौबस्ता क्षेत्र से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों को जानने के लिए दर्शकों से शुरू ऐप पर लगातार अपडेट रहने का आग्रह किया गया है।
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • नेपाल की पवित्र भूमि लुंबिनी स्थित लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में 'वाटर वुमन' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचारों से सभी को प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले के दातागंज की मूल निवासी शिप्रा पाठक ने भारत-नेपाल की साझा विरासत और प्रकृति संरक्षण पर विशेष जोर दिया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में म्यांमार, श्रीलंका, चीन, जापान और भूटान सहित विभिन्न देशों के विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया, जिससे इसका स्वरूप वैश्विक बना। अपने संबोधन में, शिप्रा पाठक ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए इसे प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पर्यावरणीय चेतना को शामिल करने से आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति के संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होंगी। साहित्य और संस्कृति पर बोलते हुए, उन्होंने भारतीय और नेपाली साहित्य में प्रकृति को जीवन का आधार मानने और वेदों से लेकर बौद्ध ग्रंथों तक नदियों, पर्वतों और वनों को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक प्रेरणा स्रोत बताने पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 13 हजार किलोमीटर की पदयात्रा और 58 लाख पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया है। शिप्रा पाठक भारत में गंगा और गंडक सहित सात प्रमुख नदियों के संरक्षण अभियान से भी जुड़ी हैं और लंदन की संसद के साथ-साथ जापान, हांगकांग, इंडोनेशिया, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों में भी पर्यावरण पर संवाद कर चुकी हैं। लुंबिनी की पवित्रता का उल्लेख करते हुए, उन्होंने इस भूमि की हरियाली, वायु और बौद्ध दर्शन के शांत वातावरण को मानव और प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक बताया, इसे केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक भी कहा। भारत और नेपाल के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत एक ही स्रोत से जुड़ी है, जिसे किसी भी सीमा से अलग नहीं किया जा सकता। पर्यावरणीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने हिमालय के तेजी से पिघलने, गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियों के प्रदूषण, तथा वनों के लगातार घटते क्षेत्र को मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा और गंभीर चेतावनी बताया। अपने संबोधन के अंत में, शिप्रा पाठक ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए भविष्य के लुंबिनी को हरियाली, स्वच्छ जल और समृद्ध वन जीवन का प्रतीक बनाने का आह्वान किया, जहाँ शिक्षा, समाज और संस्कृति मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, विद्वानों और छात्रों ने उनके विचारों की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
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    नेपाल की पवित्र भूमि लुंबिनी स्थित लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में 'वाटर वुमन' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचारों से सभी को प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले के दातागंज की मूल निवासी शिप्रा पाठक ने भारत-नेपाल की साझा विरासत और प्रकृति संरक्षण पर विशेष जोर दिया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में म्यांमार, श्रीलंका, चीन, जापान और भूटान सहित विभिन्न देशों के विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया, जिससे इसका स्वरूप वैश्विक बना।

अपने संबोधन में, शिप्रा पाठक ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए इसे प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पर्यावरणीय चेतना को शामिल करने से आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति के संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होंगी। साहित्य और संस्कृति पर बोलते हुए, उन्होंने भारतीय और नेपाली साहित्य में प्रकृति को जीवन का आधार मानने और वेदों से लेकर बौद्ध ग्रंथों तक नदियों, पर्वतों और वनों को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक प्रेरणा स्रोत बताने पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 13 हजार किलोमीटर की पदयात्रा और 58 लाख पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया है। शिप्रा पाठक भारत में गंगा और गंडक सहित सात प्रमुख नदियों के संरक्षण अभियान से भी जुड़ी हैं और लंदन की संसद के साथ-साथ जापान, हांगकांग, इंडोनेशिया, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों में भी पर्यावरण पर संवाद कर चुकी हैं।

लुंबिनी की पवित्रता का उल्लेख करते हुए, उन्होंने इस भूमि की हरियाली, वायु और बौद्ध दर्शन के शांत वातावरण को मानव और प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक बताया, इसे केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक भी कहा। भारत और नेपाल के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत एक ही स्रोत से जुड़ी है, जिसे किसी भी सीमा से अलग नहीं किया जा सकता। पर्यावरणीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने हिमालय के तेजी से पिघलने, गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियों के प्रदूषण, तथा वनों के लगातार घटते क्षेत्र को मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा और गंभीर चेतावनी बताया। अपने संबोधन के अंत में, शिप्रा पाठक ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए भविष्य के लुंबिनी को हरियाली, स्वच्छ जल और समृद्ध वन जीवन का प्रतीक बनाने का आह्वान किया, जहाँ शिक्षा, समाज और संस्कृति मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, विद्वानों और छात्रों ने उनके विचारों की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
    user_Hukum Singh दैनिक भास्कर संवाददाता Dataganj
    Hukum Singh दैनिक भास्कर संवाददाता Dataganj
    Local News Reporter Dataganj, Budaun•
    1 hr ago
  • उदयवीर सिंह यादव ग्राम माचलपुर अतरंजिखेरा थाना अंग्रेजी
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    उदयवीर सिंह यादव ग्राम माचलपुर अतरंजिखेरा थाना अंग्रेजी
    user_Udayveer Singh Yadav
    Udayveer Singh Yadav
    अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 36 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण शिविर में कुल 500 कैडेट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
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    एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 36 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण शिविर में कुल 500 कैडेट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की दातागंज तहसील के बिरिया डंडी गांव में सड़क की कोई सुविधा नहीं है। यह गांव तहसील दातागंज के अंतर्गत आता है, जहाँ ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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    उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की दातागंज तहसील के बिरिया डंडी गांव में सड़क की कोई सुविधा नहीं है। यह गांव तहसील दातागंज के अंतर्गत आता है, जहाँ ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
    user_Atul Kashyap
    Atul Kashyap
    दातागंज, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शाहजहांपुर के कलान में सोमवार को एक स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ मिलीं, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस मेले में कई विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे, जिनमें प्रमुख रूप से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, समाज कल्याण, पशुपालन, कृषि, फसल बीमा, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा और टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल थे।
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    शाहजहांपुर के कलान में सोमवार को एक स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ मिलीं, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस मेले में कई विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे, जिनमें प्रमुख रूप से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, समाज कल्याण, पशुपालन, कृषि, फसल बीमा, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा और टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल थे।
    user_Leagel India
    Leagel India
    कलां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • फर्रुखाबाद में पुलिस ने लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन वापस लौटाकर बड़ी राहत दी है, जिससे उन्हें पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस अधीक्षक (SP) आरती सिंह ने कुल 125 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिया। इन बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित लागत लगभग 28 लाख रुपए बताई गई है। एसपी ने फतेहगढ़ के पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल फोन धारकों को अपने हाथों से ये फोन वितरित किए।
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    फर्रुखाबाद में पुलिस ने लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन वापस लौटाकर बड़ी राहत दी है, जिससे उन्हें पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस अधीक्षक (SP) आरती सिंह ने कुल 125 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिया। इन बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित लागत लगभग 28 लाख रुपए बताई गई है। एसपी ने फतेहगढ़ के पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल फोन धारकों को अपने हाथों से ये फोन वितरित किए।
    user_Amit farukhabad indiakhasnews
    Amit farukhabad indiakhasnews
    Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे।

धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • फर्रुखाबाद के थाना कादरीगेट क्षेत्र स्थित लिंजीगंज विद्यालय परिसर में चल रहा एक क्रिकेट टूर्नामेंट अचानक जंग के मैदान में तब्दील हो गया। मोहल्ला कछियाना और मोहल्ला लकुला के युवकों के बीच एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते बड़े बवाल का रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के 50 से अधिक युवक हिंसक रूप से आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर लात-घूंसे और बल्ले चले, जिससे टूर्नामेंट स्थल पर हड़कंप मच गया। मारपीट और भगदड़ के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और दर्शकों में भी दहशत फैल गई। झगड़े से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं, जिसने क्रिकेट के रोमांच को एक बड़े बवाल में बदल दिया है।
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    फर्रुखाबाद के थाना कादरीगेट क्षेत्र स्थित लिंजीगंज विद्यालय परिसर में चल रहा एक क्रिकेट टूर्नामेंट अचानक जंग के मैदान में तब्दील हो गया। मोहल्ला कछियाना और मोहल्ला लकुला के युवकों के बीच एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते बड़े बवाल का रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के 50 से अधिक युवक हिंसक रूप से आपस में भिड़ गए।

इस दौरान जमकर लात-घूंसे और बल्ले चले, जिससे टूर्नामेंट स्थल पर हड़कंप मच गया। मारपीट और भगदड़ के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और दर्शकों में भी दहशत फैल गई। झगड़े से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं, जिसने क्रिकेट के रोमांच को एक बड़े बवाल में बदल दिया है।
    user_Amit farukhabad indiakhasnews
    Amit farukhabad indiakhasnews
    Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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