एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- उदयवीर सिंह यादव ग्राम माचलपुर अतरंजिखेरा थाना अंग्रेजी1
- एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद एटा के विकास खंड अवागढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत इसौली के बाकलपुर गांव की गलियों में इन दिनों गंदा पानी भरा हुआ है। इस जलभराव के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। दरअसल, गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए गांव के बाहर नाले तक जो पक्की नाली बनी हुई है, वह पूरी तरह से चोक हो गई है। इस कारण पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गांव की गलियों में फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाकलपुर गांव में सफाई के लिए सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद कोई भी सफाईकर्मी कभी गांव में नहीं आता है। गलियों में भरे इस गंदे पानी से ग्रामीणों को संक्रामक रोगों का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसे ग्रामीण प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान का उल्लंघन बता रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गंदे पानी के इस गंभीर जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे एटा के जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत पत्र सौंपेंगे। शिकायत करने वालों में भंवर पाल सिंह, लोकेंद्र पाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, अजेंद्र प्रताप सिंह, बंटू ठाकुर, रामपाल सिंह, रमेश पाल सिंह, सुरेश पाल सिंह, रघुवीर सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, दीपू सिंह, धर्मवीर सिंह और अन्य कई ग्रामीण शामिल हैं।2
- ग्राम अमृतपुर में माता रानी का एक विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में सभी लोगों को दावत पर बुलाया गया है और उन्हें भोजन प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह भंडारा दोपहर 1 बजे से शुरू होकर रात 12 बजे तक चलेगा। यह कार्यक्रम करावली सुहागपुर के ग्राम अमृतपुर में संपन्न होगा।1
- सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उसने “असली आज़ादी” या एक “दिखाए गए सच” को दबाने के लिए दो अफसरों की हत्या की थी। आरोप है कि सरकार ने सैकड़ों आंदोलनकारियों को गोली और आग से भूनकर विरोध को कुचल दिया था। इसी बीच, “दूसरे क्रांति” के नायक रामवृक्ष यादव ने आजाद हिंद सरकार के पुनर्निर्माण की मांग की है।1
- कासगंज जिले की तीर्थ नगरी सोरों शूकरक्षेत्र में आज सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पहुंचकर पवित्र स्नान किया, जिससे पूरा शूकरक्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।1
- एटा के थाना निधौली कला क्षेत्र के गांव खंगारपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शादी की खुशियाँ अचानक मातम में बदल गईं। आगामी 19 जून को शादी के बंधन में बँधने वाली एक युवती का शव गांव के बाहर खेत में फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी साधना पुत्री रामदास की शादी की तैयारियाँ घर में चल रही थीं और चार दिन बाद ही बारात आने वाली थी। परिजनों ने बताया कि शादी से ठीक पहले युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में खेत पर एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। शव मिलने की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना निधौली कला पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है; जिस घर में शादी के गीत गूँज रहे थे, वहाँ अब मातम पसरा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हैं, और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।1
- मैनपुरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून को यातायात पुलिस द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात श्री अरुण कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सुश्री दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की। इसके साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत कुल 190 वाहनों के चालान किए गए, जबकि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 5 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 10 हजार रुपये का नकद समन शुल्क भी वसूल किया गया और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके।2