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कामखेड़ा के आसपास के इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति को मोबाइल चोर बताया गया है, जिसका नाम अनिल है। जनता से आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे, तो तुरंत 7725995376 नंबर पर फोन करके जानकारी दें।

1 day ago
user_गिरीराज मेवाड़ा
गिरीराज मेवाड़ा
🎮 गेम खेलो पैसे कमाओ ❤️ * .💵https://h2 लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
1 day ago
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कामखेड़ा के आसपास के इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति को मोबाइल चोर बताया गया है, जिसका नाम अनिल है। जनता से आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे, तो तुरंत 7725995376 नंबर पर फोन करके जानकारी दें।

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  • हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
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    हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई।

किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • चम्बल ढीपरी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ विकास के नाम पर खोदा गया एक नाला अब ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। नालियां अवरुद्ध होने के कारण अब घरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं, प्रशासन की इस बेपरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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    चम्बल ढीपरी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ विकास के नाम पर खोदा गया एक नाला अब ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। नालियां अवरुद्ध होने के कारण अब घरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं, प्रशासन की इस बेपरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer Ladpura, Kota•
    13 hrs ago
  • राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ। भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।
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    राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ।

भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है।

इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है। ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।
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    राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया।

सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है।

ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    10 hrs ago
  • सांसद चंद्रप्रकाश जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने हाल ही में 'श्री आर्य गुरुकुल' में आयोजित प्रांतीय आर्य वीर संस्कार शिविर का अवलोकन किया। यह शिविर विशेष रूप से 'सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और डिस्पोजल मुक्त' था, जिसने दोनों जनप्रतिनिधियों को खासा प्रभावित किया। अवलोकन के दौरान, सांसद जोशी और विधायक आक्या ने बच्चों की आदर्श दिनचर्या देखी। वे इस बात से अत्यंत प्रभावित और आश्चर्यचकित हुए कि शिविर में प्रत्येक बालक द्वारा स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जा रहा था और वे अपने बर्तन स्वयं ही धो रहे थे। पूरे शिविर में डिस्पोजल और प्लास्टिक का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया गया था। इस पहल की सराहना करते हुए, दोनों जनप्रतिनिधियों ने समाज के अन्य लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। अपने संबोधन में, सांसद जोशी ने कहा कि आर्य वीर दल सदैव ही देश और समाज के उत्थान के लिए कार्य करता है। उन्होंने युवाओं के चरित्र निर्माण हेतु नियमित रूप से इस प्रकार के शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रत्येक माता-पिता से अपनी संतानों को ऐसे संस्कार शिविरों में भेजने का आग्रह किया। विधायक आक्या ने भी आर्य समाज द्वारा गुरुकुल शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान करने की बात कही और भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह जानकारी शिविर संयोजक विशाल माहेश्वरी, जो आर्य वीर दल उदयपुर संभाग संचालक भी हैं, द्वारा दी गई।
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    सांसद चंद्रप्रकाश जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने हाल ही में 'श्री आर्य गुरुकुल' में आयोजित प्रांतीय आर्य वीर संस्कार शिविर का अवलोकन किया। यह शिविर विशेष रूप से 'सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और डिस्पोजल मुक्त' था, जिसने दोनों जनप्रतिनिधियों को खासा प्रभावित किया।

अवलोकन के दौरान, सांसद जोशी और विधायक आक्या ने बच्चों की आदर्श दिनचर्या देखी। वे इस बात से अत्यंत प्रभावित और आश्चर्यचकित हुए कि शिविर में प्रत्येक बालक द्वारा स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जा रहा था और वे अपने बर्तन स्वयं ही धो रहे थे। पूरे शिविर में डिस्पोजल और प्लास्टिक का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया गया था। इस पहल की सराहना करते हुए, दोनों जनप्रतिनिधियों ने समाज के अन्य लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में, सांसद जोशी ने कहा कि आर्य वीर दल सदैव ही देश और समाज के उत्थान के लिए कार्य करता है। उन्होंने युवाओं के चरित्र निर्माण हेतु नियमित रूप से इस प्रकार के शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रत्येक माता-पिता से अपनी संतानों को ऐसे संस्कार शिविरों में भेजने का आग्रह किया। विधायक आक्या ने भी आर्य समाज द्वारा गुरुकुल शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान करने की बात कही और भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह जानकारी शिविर संयोजक विशाल माहेश्वरी, जो आर्य वीर दल उदयपुर संभाग संचालक भी हैं, द्वारा दी गई।
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer Ladpura, Kota•
    18 hrs ago
  • राजस्थान के नैनवा में पुरानी रंजिश को लेकर एक खूनी बवाल हुआ है, जिसमें पाँच लोग घायल हो गए हैं। इस घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो इस हिंसक झड़प की गंभीरता को दर्शाते हैं।
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    राजस्थान के नैनवा में पुरानी रंजिश को लेकर एक खूनी बवाल हुआ है, जिसमें पाँच लोग घायल हो गए हैं। इस घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो इस हिंसक झड़प की गंभीरता को दर्शाते हैं।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    3 hrs ago
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