राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ। भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।
राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ। भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला
जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त
विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को
पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।
- राजस्थान सरकार के "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" (जो 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक संचालित है) के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 31 मई को भैसरोड़गढ़ में एक ब्लॉक स्तरीय विशाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम भैसरोड़गढ़ स्थित काला जी की तलाई पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संपन्न हुआ। भैसरोड़गढ़ पंचायत समिति के विकास अधिकारी ग्यारसीलाल मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, गाद निकालना और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, बड़ी संख्या में ग्रामीण काला जी की तलाई पर एकत्रित हुए और श्रमदान के माध्यम से तलाई से गाद, हरी घास, प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा हटाया। साथ ही, कंटीली झाड़ियों की कटाई कर आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान भैसरोड़गढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की, वहीं सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार ने उपस्थित जनसमूह को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" की शपथ दिलाई। श्रमदान कार्यक्रम में अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र सिसोदिया, सहायक विकास अधिकारी धर्म सिंह पंवार, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सोना गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी नारायण लाल भाम्बी, कनिष्ठ सहायक निशा जोशी, समाजसेवी दौलत पुरी और दिलीप सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि काला जी की तलाई गांव की सबसे प्राचीन और सुंदर जल संरचनाओं में से एक थी, लेकिन प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण इसकी स्थिति बिगड़ गई थी, जिससे जलीय जीवों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस श्रमदान के माध्यम से तलाई की सफाई कर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जिससे जलीय जीवों को भी नया जीवनदान मिला है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया, साथ ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की। अभियान के तहत पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें वंदे गंगा प्रभात फेरियां, जनजागरूकता रैलियां, जल स्रोतों, प्राचीन बावड़ियों और पशु खेलों की सफाई, स्वच्छ जल भरना और पक्षियों के परिंडों में पानी भरकर जीवों के प्रति करुणा एवं संरक्षण का संदेश देना शामिल था।4
- हरियाणा के भिवानी में गौ भक्तों ने एक 'महामंथन' का आयोजन किया, जहाँ गाय को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग की गई। इस महामंथन में यह लक्ष्य निर्धारित किया गया कि देशभर में एक 'महा हस्ताक्षर अभियान' चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से दो करोड़ लोगों से हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे।1
- यूरोप का सबसे सुंदर शहर और फ्रांस की राजधानी पेरिस इस वक्त दंगों की भीषण आग में झुलस रहा है। जानकारी के अनुसार, पूरा शहर कट्टरपंथियों की चपेट में आ चुका है और वहां का सिस्टम पूरी तरह से कॉलेप्स कर गया है। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि डेमोग्राफी में बदलाव का क्या असर होता है, यह आज साफ तौर पर पेरिस में देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी से एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें एक दारोगा का गुस्सा चरम पर पहुँच गया और उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना एक मामूली विवाद के बाद हुई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दारोगा द्वारा मारा गया थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित पहलू बन गया है। यह वायरल वीडियो पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और इसे देखने वाले लोग विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है, जिससे विवाद की शुरुआत, पूर्व की घटनाओं और दोनों पक्षों की भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। यह पूरा मामला फिलहाल जाँच का विषय है, और पूर्ण सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना अनुचित होगा। यह घटना इस बात पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या यह व्यवहार वर्दी की गरिमा के अनुरूप था, या इसके पीछे कोई ऐसी अस्पष्ट स्थिति है जो अभी तक सामने नहीं आई है।1
- हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का संतोषजनक समाधान न मिलने पर हजारों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभा के बाद किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। देखते ही देखते रेलवे लाइन पर करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बन गई। किसानों के भारी जमावड़े से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों की भीड़ के सामने बेबस नजर आया। किसानों ने ट्रैक पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और उपखंड अधिकारी उमा मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता चली। किसान नेताओं ने गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने, पोर्टल पर दर्ज समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांगें रखीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद जिला कलक्टर ने हनुमानगढ़ जिले में शीघ्र ही आठ लाख बैग उपलब्ध करवाने तथा पोर्टल पर दर्ज संपूर्ण गेहूं का उठाव करवाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के इस आश्वासन पर संयुक्त मोर्चा ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।1
- रावतभाटा नगर पालिका ने अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 132 जीएसएस के पास बाड़ोलिया क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया। इस अभियान में जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टरों की सहायता से लगभग 20 ट्रॉली पत्थरों को हटाया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। यह कार्रवाई तब की गई जब पालिका को सूचना मिली थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रातों-रात पत्थर डालकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अतिक्रमण प्रभारी नरपत सिंह के निर्देश पर पालिका का अतिक्रमण दल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस कार्रवाई के दौरान जगदीश चंद्र सफेला, प्रकाश सारवान, नरेंद्र कुमार, होमगार्ड जवान और नगर पालिका के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखी गई, और अवैध कब्जे के प्रयास को सफल नहीं होने दिया गया। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राजस्थान के कोटा शहर में तेज़ आंधी के दौरान एक बड़ा पेड़ अचानक टूटकर दो ऑटो रिक्शाओं पर गिर गया। यह घटना शहर के सुभाष सर्किल स्थित पूर्व पार्षद देवेंद्र चौधरी के कार्यालय के पास हुई। हादसे के वक्त ऑटो रिक्शा में सवारियां मौजूद थीं, लेकिन सभी यात्री बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ी राहत मिली है। पेड़ गिरने के बाद मौके पर तत्काल अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। तेज़ आंधी और खराब मौसम के कारण शहर में कई स्थानों पर पेड़ गिरने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। फिलहाल, इस हादसे में किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है।4