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फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
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- कांकरोली मे बिजली का हाई वोल्टेज आने से जले कई उपकरण, लोगों की बड़ी परेशानी1
- बुधवार को होंगा आमेट नगर पालिका चुनाव, 25 वार्डों का होगा मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे रहेगा मतदान का समय, राजसमंद जिले की आमेट नगर पालिका मंडल के 25 वार्डों का बुधवार को मतदान होगा। मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे । भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों ने सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं तथा दो निर्दलीय एवं पांच लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी है ।इस बार चुनाव में युवाओं को ज्यादा तरजीह दी गई है। टिकट के लिए कुल 57 दावेदारों ने आवेदन किया था। मतदाताओं में पुरुष 6514, महिला 6151, तथा अन्य दो कुल 12667 है। इन 25 वार्डों के 25 जगह वोट डाले जाएंगे । मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिसमें करीब 140 पुलिस के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं । बुधवार को होंगा आमेट नगर पालिका चुनाव, 25 वार्डों का होगा मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे रहेगा मतदान का समय, राजसमंद जिले की आमेट नगर पालिका मंडल के 25 वार्डों का बुधवार को मतदान होगा। मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे । भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों ने सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं तथा दो निर्दलीय एवं पांच लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी है ।इस बार चुनाव में युवाओं को ज्यादा तरजीह दी गई है। टिकट के लिए कुल 57 दावेदारों ने आवेदन किया था। मतदाताओं में पुरुष 6514, महिला 6151, तथा अन्य दो कुल 12667 है। इन 25 वार्डों के 25 जगह वोट डाले जाएंगे । मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिसमें करीब 140 पुलिस के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं ।1
- घासा में वृद्ध महिला से लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा, पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को किया गिरफ्तार, लूटे गए जेवर बरामद उदयपुर जिले के घासा थाना पुलिस ने एक वृद्ध महिला से दिनदहाड़े हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का त्वरित पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से महिला से लूटे गए सोने-चांदी के सभी आभूषण भी बरामद कर लिए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत बिश्नोई व वृत्ताधिकारी चांदमल सिंगारिया के सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह शक्तावत के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की है।1
- पंचकर्म थैरेपी से गर्दन का ऑपरेशन टल गया,, बिना ऑपरेशन सफल ईलाज आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में हो रहा है1
- 🙏 श्री सांवलिया सेठ के टोटल लाइव श्रृंगार दर्शन | सेठ जी का आशीर्वाद | Hello Chittorgarh 🙏 श्री सांवलिया सेठ के टोटल लाइव श्रृंगार दर्शन | सेठ जी का आशीर्वाद | Hello Chittorgarh1
- बछ बारस पर गाय के दूध से बने उत्पादों से भी परहेज, चाकू से कटी सब्जी नहीं बनाई गाय-बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने रखा व्रत, मिट्टी के गोवत्स बनाकर भी की आराधना; मक्का की रोटी और चने की दाल से निभाई परंपरा पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाने वाला लोकपर्व बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) मंगलवार को क्षेत्र में महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया । महिलाओं ने गाय-बछड़े की पूजा-अर्चना कर संतान की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पर्व मातृत्व, वात्सल्य और गौसेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है। घरों व गौशालाओं में गाय-बछड़ों को स्नान कराकर सजाया गया। महिलाओं ने तिलक लगाकर माला पहनाई तथा गुड़, चना, हरा चारा और बाजरा खिलाकर पूजा की। अग्रवाल परिवारों में घर पर मिट्टी के गाय-बछड़े यानी गोवत्स बनाए गए, जिनकी सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। वही सामूहिक रूप से बछ बारस की कथा सुनी और पर्व की पौराणिक मान्यताओं को जाना। व्रत में दूध से बने उत्पादों का भी त्याग बछ बारस के व्रत में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस दिन गाय के दूध, दही, घी सहित दूध से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं किया गया। साथ ही चाकू से काटी गई सब्जी नहीं बनाई गई। नमक और मिर्च भी साबुत डालकर भोजन तैयार करने की परंपरा निभाई गई। मक्का की रोटी और चने की दाल का विशेष महत्व व्रत के भोजन में गेहूं, जौ और चावल जैसे अनाज का उपयोग नहीं किया जाता। महिलाओं ने मक्का की रोटी और चने की दाल का सेवन किया। बुजुर्ग महिला रामी बाई ने बताया कि बछ बारस पर मक्का को पवित्र और सात्विक अन्न मानकर ग्रहण करने की परंपरा है। सब्जियों को भी बिना काटे अथवा उबालकर तैयार किया गया। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को कथा और पूजा-अर्चना के बाद भोजन ग्रहण किया। वहीं गौशालाओं में श्रद्धालुओं ने गौसेवा के साथ गौदान और चारा दान किया। ग्रामीणों ने बताया कि बछ बारस धार्मिक आस्था के साथ गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सेवा का संदेश देने वाला पर्व भी है।1
- चित्तौड़गढ़ में मतदान को लेकर उत्साह, खुशी के साथ पोलिंग बूथ पहुंचे मतदाता 🗳️चित्तौड़गढ़ में मतदान को लेकर उत्साह, खुशी के साथ पोलिंग बूथ पहुंचे मतदाता 🗳️ चित्तौड़गढ़ में मतदान दिवस पर दिखा जबरदस्त उत्साह, खुशी के साथ वोट डालने पहुंचे शहरवासी 🗳️ | पार्षद प्रत्याशियों और जनता से खास बातचीत, किसने क्या कहा? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट | किला रोड से लाइव, पाडन पोल के पास राजकीय विद्यालय में जारी मतदान प्रक्रिया1
- चित्तौडगढ : कपासन के डंपिंग यार्ड का भैरूलाल खटिक (पत्रकार) ने लिया पुरा जायजा1
- सराय बनने से पहले ही उठे सवाल: हाथ लगते निकलने लगी ईंटें ग्रामीण बोले जांच होनी चाहिए सराय बनने से पहले ही उठे सवाल: हाथ लगाते ही निकलने लगीं ईंटें, ग्रामीण बोले—जांच होनी चाहिए कुमारया खेड़ा में ₹5 लाख की लागत से बन रही हनुमानजी की सराय के निर्माण पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, ठेकेदार की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल सहाड़ा। ग्राम पंचायत चीड़ खेड़ा के कुमारया खेड़ा में करीब ₹5 लाख की लागत से बन रही हनुमानजी की सराय के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही दीवार की मजबूती को लेकर स्थिति सामने आने लगी। उनका दावा है कि दीवार को हाथ लगाने पर ईंटें निकलकर नीचे गिर गईं। ग्रामीणों ने निर्माण में उपयोग हो रही ईंटों, सीमेंट और मसाले की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक राशि से होने वाले निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। ठेकेदार के जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जब ठेकेदार से सवाल किया गया तो कथित तौर पर कहा गया कि प्लास्टर होने के बाद सब ठीक हो जाएगा। इस जवाब से ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दीवार की जुड़ाई और ईंटों की पकड़ कमजोर है तो केवल प्लास्टर करने से निर्माण की वास्तविक मजबूती सुनिश्चित नहीं हो सकती। सरपंच को सूचना, फिर भी काम जारी रखने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने निर्माण में सामने आ रही कथित कमियों की जानकारी सरपंच को भी दी थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ईंट, सीमेंट, मसाला, नींव और दीवारों की जुड़ाई की गुणवत्ता की जांच करने की मांग रखी है। जांच के बाद ही साफ होगी हकीकत ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए समय रहते जांच होने पर यदि कोई कमी है तो उसे सुधारा जा सकता है। ग्रामीणों ने मांग की कि जांच में गुणवत्ता संबंधी कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। हनुमानजी की सराय आस्था और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ा निर्माण है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन ऐसा बने जो वर्षों तक मजबूती से खड़ा रहे। अब देखना है कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कब कराता है। संवाददाता प्रभुलाल लोहार2