बछ बारस पर गाय के दूध से बने उत्पादों से भी परहेज, चाकू से कटी सब्जी नहीं बनाई गाय-बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने रखा व्रत, मिट्टी के गोवत्स बनाकर भी की आराधना; मक्का की रोटी और चने की दाल से निभाई परंपरा पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाने वाला लोकपर्व बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) मंगलवार को क्षेत्र में महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया । महिलाओं ने गाय-बछड़े की पूजा-अर्चना कर संतान की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पर्व मातृत्व, वात्सल्य और गौसेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है। घरों व गौशालाओं में गाय-बछड़ों को स्नान कराकर सजाया गया। महिलाओं ने तिलक लगाकर माला पहनाई तथा गुड़, चना, हरा चारा और बाजरा खिलाकर पूजा की। अग्रवाल परिवारों में घर पर मिट्टी के गाय-बछड़े यानी गोवत्स बनाए गए, जिनकी सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। वही सामूहिक रूप से बछ बारस की कथा सुनी और पर्व की पौराणिक मान्यताओं को जाना। व्रत में दूध से बने उत्पादों का भी त्याग बछ बारस के व्रत में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस दिन गाय के दूध, दही, घी सहित दूध से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं किया गया। साथ ही चाकू से काटी गई सब्जी नहीं बनाई गई। नमक और मिर्च भी साबुत डालकर भोजन तैयार करने की परंपरा निभाई गई। मक्का की रोटी और चने की दाल का विशेष महत्व व्रत के भोजन में गेहूं, जौ और चावल जैसे अनाज का उपयोग नहीं किया जाता। महिलाओं ने मक्का की रोटी और चने की दाल का सेवन किया। बुजुर्ग महिला रामी बाई ने बताया कि बछ बारस पर मक्का को पवित्र और सात्विक अन्न मानकर ग्रहण करने की परंपरा है। सब्जियों को भी बिना काटे अथवा उबालकर तैयार किया गया। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को कथा और पूजा-अर्चना के बाद भोजन ग्रहण किया। वहीं गौशालाओं में श्रद्धालुओं ने गौसेवा के साथ गौदान और चारा दान किया। ग्रामीणों ने बताया कि बछ बारस धार्मिक आस्था के साथ गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सेवा का संदेश देने वाला पर्व भी है।
बछ बारस पर गाय के दूध से बने उत्पादों से भी परहेज, चाकू से कटी सब्जी नहीं बनाई गाय-बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने रखा व्रत, मिट्टी के गोवत्स बनाकर भी की आराधना; मक्का की रोटी और चने की दाल से निभाई परंपरा पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाने वाला लोकपर्व बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) मंगलवार को क्षेत्र में महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया । महिलाओं ने गाय-बछड़े की पूजा-अर्चना कर संतान की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पर्व मातृत्व, वात्सल्य और गौसेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है। घरों व गौशालाओं में गाय-बछड़ों को स्नान कराकर सजाया गया। महिलाओं ने तिलक लगाकर माला पहनाई तथा गुड़, चना, हरा चारा और बाजरा खिलाकर पूजा की। अग्रवाल परिवारों में घर पर मिट्टी के गाय-बछड़े यानी गोवत्स बनाए गए, जिनकी सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। वही सामूहिक रूप से बछ बारस की कथा सुनी और पर्व की पौराणिक मान्यताओं को जाना। व्रत में दूध से बने उत्पादों का भी त्याग बछ बारस के व्रत में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस दिन गाय के दूध, दही, घी सहित दूध से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं किया गया। साथ ही चाकू से काटी गई सब्जी नहीं बनाई गई। नमक और मिर्च भी साबुत डालकर भोजन तैयार करने की परंपरा निभाई गई। मक्का की रोटी और चने की दाल का विशेष महत्व व्रत के भोजन में गेहूं, जौ और चावल जैसे अनाज का उपयोग नहीं किया जाता। महिलाओं ने मक्का की रोटी और चने की दाल का सेवन किया। बुजुर्ग महिला रामी बाई ने बताया कि बछ बारस पर मक्का को पवित्र और सात्विक अन्न मानकर ग्रहण करने की परंपरा है। सब्जियों को भी बिना काटे अथवा उबालकर तैयार किया गया। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को कथा और पूजा-अर्चना के बाद भोजन ग्रहण किया। वहीं गौशालाओं में श्रद्धालुओं ने गौसेवा के साथ गौदान और चारा दान किया। ग्रामीणों ने बताया कि बछ बारस धार्मिक आस्था के साथ गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सेवा का संदेश देने वाला पर्व भी है।
- बछ बारस पर गाय के दूध से बने उत्पादों से भी परहेज, चाकू से कटी सब्जी नहीं बनाई गाय-बछड़े की पूजा कर महिलाओं ने रखा व्रत, मिट्टी के गोवत्स बनाकर भी की आराधना; मक्का की रोटी और चने की दाल से निभाई परंपरा पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाने वाला लोकपर्व बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) मंगलवार को क्षेत्र में महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया । महिलाओं ने गाय-बछड़े की पूजा-अर्चना कर संतान की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पर्व मातृत्व, वात्सल्य और गौसेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है। घरों व गौशालाओं में गाय-बछड़ों को स्नान कराकर सजाया गया। महिलाओं ने तिलक लगाकर माला पहनाई तथा गुड़, चना, हरा चारा और बाजरा खिलाकर पूजा की। अग्रवाल परिवारों में घर पर मिट्टी के गाय-बछड़े यानी गोवत्स बनाए गए, जिनकी सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई। वही सामूहिक रूप से बछ बारस की कथा सुनी और पर्व की पौराणिक मान्यताओं को जाना। व्रत में दूध से बने उत्पादों का भी त्याग बछ बारस के व्रत में विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस दिन गाय के दूध, दही, घी सहित दूध से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं किया गया। साथ ही चाकू से काटी गई सब्जी नहीं बनाई गई। नमक और मिर्च भी साबुत डालकर भोजन तैयार करने की परंपरा निभाई गई। मक्का की रोटी और चने की दाल का विशेष महत्व व्रत के भोजन में गेहूं, जौ और चावल जैसे अनाज का उपयोग नहीं किया जाता। महिलाओं ने मक्का की रोटी और चने की दाल का सेवन किया। बुजुर्ग महिला रामी बाई ने बताया कि बछ बारस पर मक्का को पवित्र और सात्विक अन्न मानकर ग्रहण करने की परंपरा है। सब्जियों को भी बिना काटे अथवा उबालकर तैयार किया गया। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को कथा और पूजा-अर्चना के बाद भोजन ग्रहण किया। वहीं गौशालाओं में श्रद्धालुओं ने गौसेवा के साथ गौदान और चारा दान किया। ग्रामीणों ने बताया कि बछ बारस धार्मिक आस्था के साथ गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सेवा का संदेश देने वाला पर्व भी है।1
- जंगली सुअरों के आतंक से पीपरौली में मक्के की फसल पूरी तरह तबाह, लाचार किसानों ने प्रशासन से लगाई मुआवजे की गुहार ग्राम पंचायत नूरडा के राजस्व गांव पीपरौली में जंगली सुअरों के झुंड लगातार खेतों में घुसकर फसलों को चौपट कर रहे हैं खेत के खेत पूरी तरह साफ कर दिए हैं जिससे किसानों के चेहरे पर निराशा और चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। मौसम की बेरुखी, बुवाई के समय नीलगायों के प्रकोप और कीटों के हमलों से किसी तरह अपनी फसल को बचाकर लाए किसानों के सामने अब अपनी पूरी उपज के नष्ट होने का संकट खड़ा हो गया है।1
- पंचकर्म थैरेपी से गर्दन का ऑपरेशन टल गया,, बिना ऑपरेशन सफल ईलाज आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में हो रहा है1
- 🙏 श्री सांवलिया सेठ के टोटल लाइव श्रृंगार दर्शन | सेठ जी का आशीर्वाद | Hello Chittorgarh 🙏 श्री सांवलिया सेठ के टोटल लाइव श्रृंगार दर्शन | सेठ जी का आशीर्वाद | Hello Chittorgarh1
- मनासा पुलिस का अवैध शराब पर बड़ा प्रहार, 1100 लीटर महुआ लहान किया नष्ट नीमच के मनासा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मनासा पुलिस की टीम ने ग्राम तलाऊ और बरखेड़ा में दबिश देकर अवैध रूप से संचालित हाथ भट्टियों को नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 1100 लीटर महुआ लहान बरामद कर नष्ट किया। साथ ही अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल की जा रही भट्टियों को भी ध्वस्त किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में मनासा, रामपुरा और कुकड़ेश्वर थाना पुलिस का सराहनीय योगदान रहा।4
- “पहले डीजल, अब पेट्रोल! नीमच कलेक्ट्रेट में फिर मचा हड़कंप, जनसुनवाई में पेट्रोल लेकर पहुंचा किसान” “पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, न्याय नहीं मिलने से नाराज किसान ने उठाया खतरनाक कदम; सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा” नीमच में जनसुनवाई के दौरान फिर दहला सिस्टम! मध्य प्रदेश के नीमच कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब मनासा तहसील के कंजार्डा गांव निवासी किसान हीरालाल मालवीय पेट्रोल लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। किसान का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और लंबे समय से शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि इससे पहले 18 अगस्त को भी किसान डीजल लेकर जनसुनवाई में पहुंच चुके थे। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप है। मंगलवार को दोबारा पेट्रोल लेकर पहुंचने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और संभावित हादसा टाल दिया। अब सवाल यह है कि आखिर एक किसान को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार इस तरह का जोखिम उठाने की नौबत क्यों आई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? और क्या प्रशासन इस जमीन विवाद का जल्द समाधान करेगा?1
- घासा में वृद्ध महिला से लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा, पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को किया गिरफ्तार, लूटे गए जेवर बरामद उदयपुर जिले के घासा थाना पुलिस ने एक वृद्ध महिला से दिनदहाड़े हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का त्वरित पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से महिला से लूटे गए सोने-चांदी के सभी आभूषण भी बरामद कर लिए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत बिश्नोई व वृत्ताधिकारी चांदमल सिंगारिया के सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह शक्तावत के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की है।1
- सुखाड़ घाटी में अज्ञात वाहन ने युवक को मारी टक्कर, राहगीर ने 108 एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल #सुखाड़घाटी #सड़कहादसा #छोटीसादड़ी #अज्ञातवाहन #RoadAccident #BreakingNews #RajasthanNews #PratapgarhNews #DesiNews247 #108Ambulance #LocalNews #ViralNews #LatestNews1