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जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बीना में बैंड-बाजों के साथ 2 किमी की कलश यात्रा निकली, विधायक रहीं मौजूद

2 hrs ago
user_RAJESH BABELE
RAJESH BABELE
Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बीना में बैंड-बाजों के साथ 2 किमी की कलश यात्रा निकली, विधायक रहीं मौजूद

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बीना में बैंड-बाजों के साथ 2 किमी की कलश यात्रा निकली, विधायक रहीं मौजूद
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    जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बीना में बैंड-बाजों के साथ 2 किमी की कलश यात्रा निकली, विधायक रहीं मौजूद
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • char Ande Hain is pakshi ke 4 mahine barbad Aisa kahate Hain budhe karane log ⛈️ अपने लक्ष्य को गुप्त रखो जब तक काम पूरा न हो, हर योजना सबको बताना जरूरी नहीं।
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    char Ande Hain is pakshi ke 4 mahine barbad Aisa kahate Hain budhe karane log ⛈️
अपने लक्ष्य को गुप्त रखो
जब तक काम पूरा न हो, हर योजना सबको बताना जरूरी नहीं।
    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    City Star सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
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    ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी
ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी
बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर
बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा।
जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि
“भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।”
उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो।
आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया।
श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रास्ता बंद होने के विषय में परेसानी का सामना करना पड़ रहा है ग्राम दुहाव पंचायत सुहाव मे रास्ता बंद कर दिया है जिस समस्त ग्राम दुहाव बसियों को बहुत परेसी का सामना करना पड़ रहा है और पानी का निकास बंद कर दिया है जिस कारण पानी का भराव हों रहा है जिस कारण निकल ने बहुत परेसानी का सामना करना पड़ रहा है
    2
    रास्ता बंद होने के विषय में परेसानी का सामना करना पड़ रहा है
ग्राम दुहाव पंचायत सुहाव मे रास्ता बंद कर दिया है जिस समस्त ग्राम दुहाव बसियों को बहुत परेसी का सामना करना पड़ रहा है और पानी का निकास बंद कर दिया है जिस कारण पानी का भराव हों रहा है जिस कारण निकल ने बहुत परेसानी का सामना करना पड़ रहा है
    user_Babu Lodhi
    Babu Lodhi
    छात्र पथरिया, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बीना में अन्तर्राष्ट्रीय कथा बाचक सुश्री जया किशोरी जी की कथा का आज शुभारंभ ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
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    बीना में अन्तर्राष्ट्रीय कथा बाचक सुश्री जया किशोरी जी की कथा का आज शुभारंभ 
ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी
बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर
बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा।
जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि
“भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।”
उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो।
आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया।
श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
    user_Sanjay kumar sen
    Sanjay kumar sen
    खुरई, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का कहना आप सुने प्रेस के सामने फारुख अब्दुल्ला ने जो बोला वह सुनकर फैसला कर लो
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    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का कहना आप सुने
प्रेस के सामने फारुख अब्दुल्ला ने जो बोला वह सुनकर फैसला कर लो
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नाली के विवाद में अधिवक्ता पर लगा sc st एक्ट विरोध में धरने पर बैठे अधिवक्ता देवरी कला। ग्राम इमझिरा में नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद अधिवक्ता काशीराम पटेल एससी एसटी का मामला दर्ज किया गया था। इसके विरोध में अधिवक्ता संघ के सभी अधिवक्ता थाना प्रभारी को ज्ञापन देने के लिए पुलिस थाना पहुंचे, जहां ज्ञापन नहीं लेने पर सभी अधिवक्ता पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठ गए। अधिवक्ता संघ के पवन मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता काशीराम पटेल मारपीट की गई और उल्टा उनके खिलाफ एससी-एसटी का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में पूर्व में एसडीओपी को ज्ञापन दिया था जिसमें आश्वासन दिया था कि शनिवार तक कार्रवाई की करेंगे। इसलिए वह शनिवार को पुलिस थाने आए हैं लेकिन उनका ज्ञापन नहीं लिया गया है, उन्होंने पुलिस की कर प्रणाली पर कई आरोप लगाते हुए थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। पीड़ित काशीराम का कहना है कि उनके साथ मारपीट की गई है और उनकी मांग है कि यह लोगों ने मारपीट की है उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करें। इस मामले में थाना प्रभारी हरिराम मानकर का कहना है कि अधिवक्ता पुलिस पर दबाव बनाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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    नाली के विवाद में अधिवक्ता पर लगा sc st एक्ट विरोध में धरने पर बैठे अधिवक्ता
देवरी कला। ग्राम इमझिरा  में  नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद अधिवक्ता काशीराम पटेल एससी एसटी का मामला दर्ज किया गया था। 
इसके विरोध में अधिवक्ता संघ के सभी अधिवक्ता थाना प्रभारी को ज्ञापन देने के लिए पुलिस थाना पहुंचे, जहां ज्ञापन नहीं लेने पर सभी अधिवक्ता पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठ गए। 
अधिवक्ता संघ के पवन मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता काशीराम पटेल मारपीट की गई और उल्टा उनके खिलाफ एससी-एसटी का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में पूर्व में एसडीओपी को ज्ञापन दिया था जिसमें आश्वासन दिया था कि शनिवार तक कार्रवाई की करेंगे। 
इसलिए वह शनिवार को पुलिस थाने आए हैं लेकिन उनका
ज्ञापन नहीं लिया गया है, उन्होंने पुलिस की कर प्रणाली पर कई आरोप लगाते हुए थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
पीड़ित काशीराम का कहना है कि उनके साथ मारपीट की गई है और उनकी मांग है कि यह लोगों ने मारपीट की है उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करें। 
इस मामले में थाना प्रभारी हरिराम मानकर का कहना है कि अधिवक्ता पुलिस पर दबाव बनाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
    user_कृष्णकांत नगाइच
    कृष्णकांत नगाइच
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
  • जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेलेबीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं, जया किशोरी राजेश बबेले बीना।धार्मिक,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता जया किशोरी के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा,उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। *“राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा* कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। *श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया* जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। *भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं जया किशोरी* अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व विधायक निर्मला सप्रे द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा,भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। *व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई* श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। *श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया* कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के नागरिक,सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। *अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना* श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
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    जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेलेबीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर
लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले 
ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” जया किशोरी
बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर
भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं, जया किशोरी
राजेश बबेले 
बीना।धार्मिक,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता जया किशोरी के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा,उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। 
*“राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा*
कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा।
*श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया*
जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
*भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं जया किशोरी*
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।”
उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व विधायक निर्मला सप्रे द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा,भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
*व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई*
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है।
*श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया*
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो।
आयोजन में क्षेत्र के नागरिक,सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया।
*अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना*
श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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