आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार
आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार
- आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार1
- मध्य प्रदेश के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगामी 8 जुलाई को प्रस्तावित दौरे के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस दौरान क्षेत्र में एक बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 20 हजार किसानों के शामिल होने की संभावना है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया है और वे सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं ताकि मुख्यमंत्री के दौरे और किसान सम्मेलन का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।1
- नगर के वरिष्ठ शिक्षक, लेखक और कवि फारूक पठान ने शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सोनकच्छ से अपनी गौरवपूर्ण शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति ले ली है। उन्होंने कुल 43 वर्षों तक सेवा दी।1
- कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- मध्यप्रदेश में एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसे 'अजूबा' बताया जा रहा है। सतना जिले के बसुधा गाँव में ढोल-डुगडुगी बजाकर मुनादी की गई, लेकिन इसका उद्देश्य कोई अपराध की घोषणा करना नहीं था। दरअसल, यह मुनादी मोहन सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी जी की जाति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए करवाई गई, जो राज्य में पहले कभी नहीं हुआ। यह घटना जाति की राजनीति और असाधारण तरीकों को लेकर सवाल खड़े करती है।1
- सीहोर जिले में मानसून की जोरदार दस्तक, अब तक 11 इंच से अधिक औसत वर्षा दर्ज… मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।" " सीहोर जिले में इस बार मानसून पूरी रफ्तार में है। जिला भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, 1 जून से 5 जुलाई की सुबह तक जिले में 11 दशमलव 05 इंच औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई 8 दशमलव 98 इंच वर्षा से अधिक है। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 0 दशमलव 41 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इस मानसून सीजन में सबसे अधिक वर्षा आष्टा में 15 दशमलव 75 इंच, जबकि सबसे कम वर्षा श्यामपुर में 6 दशमलव 41 इंच दर्ज की गई है। आज के आंकड़ों के अनुसार जावर में सबसे अधिक 1 दशमलव 06 इंच और श्यामपुर में 0 दशमलव 87 इंच बारिश हुई, जबकि बुधनी में आज वर्षा दर्ज नहीं की गई। इसके अलावा रेहटी, भैरुंदा, आष्टा, इछावर और सीहोर में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण अगले 48 से 72 घंटों में सीहोर जिले में गरज-चमक, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं तथा भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। देवेंद्र सिंह मीना, सीहोर, मध्य प्रदेश।1