कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
- कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- मध्यप्रदेश में एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसे 'अजूबा' बताया जा रहा है। सतना जिले के बसुधा गाँव में ढोल-डुगडुगी बजाकर मुनादी की गई, लेकिन इसका उद्देश्य कोई अपराध की घोषणा करना नहीं था। दरअसल, यह मुनादी मोहन सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी जी की जाति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए करवाई गई, जो राज्य में पहले कभी नहीं हुआ। यह घटना जाति की राजनीति और असाधारण तरीकों को लेकर सवाल खड़े करती है।1
- आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार1
- आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के एक मामले को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया गया है।1
- हरदा जिले में 05 जुलाई 2026 को समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों के दौरान औसतन 4.5 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में हरदा तहसील और सिराली तहसील में कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई (0 मि.मी.)। वहीं, खिरकिया तहसील में सर्वाधिक 16.4 मि.मी., टिमरनी में 5.3 मि.मी. और रहटगांव में 1 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस वर्ष अब तक, जिले में कुल 295.6 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। तहसील-वार आँकड़ों के अनुसार, हरदा में 330.3 मि.मी., टिमरनी में 217.6 मि.मी., खिरकिया में 334.4 मि.मी., सिराली में 292.7 मि.मी. तथा रहटगांव में 303.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष 5 जुलाई तक जिले में कुल 280.3 मि.मी. औसत वर्षा हुई थी, जिससे पता चलता है कि इस साल अब तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वर्षा दर्ज की गई है।1
- नगर के वरिष्ठ शिक्षक, लेखक और कवि फारूक पठान ने शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सोनकच्छ से अपनी गौरवपूर्ण शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति ले ली है। उन्होंने कुल 43 वर्षों तक सेवा दी।1
- देवास जिले के सतवास तहसील में स्थित नामनपुर ग्राम पंचायत से कुछ ही दूरी पर बोरी टप्पर में भीषण जल सैलाब उमड़ आया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण, स्थानीय निवासी विष्णु जी बचानिया के घर में पूरी तरह पानी भर गया है, जिससे उनके निवास स्थान पर जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस वीडियो के माध्यम से, यह अपील की गई है कि यह जानकारी और तस्वीरें सरकार तक अवश्य पहुँचनी चाहिए।1