हरदा जिले में 05 जुलाई 2026 को समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों के दौरान औसतन 4.5 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में हरदा तहसील और सिराली तहसील में कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई (0 मि.मी.)। वहीं, खिरकिया तहसील में सर्वाधिक 16.4 मि.मी., टिमरनी में 5.3 मि.मी. और रहटगांव में 1 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस वर्ष अब तक, जिले में कुल 295.6 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। तहसील-वार आँकड़ों के अनुसार, हरदा में 330.3 मि.मी., टिमरनी में 217.6 मि.मी., खिरकिया में 334.4 मि.मी., सिराली में 292.7 मि.मी. तथा रहटगांव में 303.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष 5 जुलाई तक जिले में कुल 280.3 मि.मी. औसत वर्षा हुई थी, जिससे पता चलता है कि इस साल अब तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
हरदा जिले में 05 जुलाई 2026 को समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों के दौरान औसतन 4.5 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में हरदा तहसील और सिराली तहसील में कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई (0 मि.मी.)। वहीं, खिरकिया तहसील में सर्वाधिक 16.4 मि.मी., टिमरनी में 5.3 मि.मी. और रहटगांव में 1 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस वर्ष अब तक, जिले में कुल 295.6 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। तहसील-वार आँकड़ों के अनुसार, हरदा में 330.3 मि.मी., टिमरनी में 217.6 मि.मी., खिरकिया में 334.4 मि.मी., सिराली में 292.7 मि.मी. तथा रहटगांव में 303.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष 5 जुलाई तक जिले में कुल 280.3 मि.मी. औसत वर्षा हुई थी, जिससे पता चलता है कि इस साल अब तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
- गुजरात एटीएस ने एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, इन आरोपियों पर संगठन के नेटवर्क का विस्तार करने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने और ऑनलाइन माध्यमों से संपर्क बढ़ाने का आरोप है। एटीएस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इनके विदेशी संगठनों से भी संबंध थे। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, और कानून की नजर में सभी आरोपी जांच पूरी होने तथा अदालत में आरोप सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाते हैं। इस महत्वपूर्ण मामले पर, सोशल मीडिया पर इसे धर्म से जोड़कर कई भ्रामक पोस्ट साझा की जा रही हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के अपराध का जिम्मेदार पूरा धर्म या समुदाय नहीं होता, बल्कि कार्रवाई केवल व्यक्तियों के खिलाफ होती है, किसी धर्म के खिलाफ नहीं।1
- कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- पिपरिया तहसील के सांडिया डीसी अंतर्गत संखनी सबस्टेशन से जुड़े धनाश्री गांव में पिछले 10 दिनों से 63 केवीए का एक घरेलू विद्युत ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। इस समस्या के कारण गांव के लगभग 25 से 30 घरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए मजबूरन सभी उपभोक्ताओं ने अपनी-अपनी केबल पास के दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़ रखी है। इससे उस संबंधित ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और उसके भी जलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, तो गांव में बिजली संकट और गहरा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले की जानकारी सांडिया डीसी के जेई शमशेर आलम, लाइनमैन सुधीर शर्मा और पिपरिया डिवीजन के उपमहाप्रबंधक दिनेश भदोरिया को दी जा चुकी है। इसके बावजूद, अब तक जले हुए ट्रांसफार्मर को हटाकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विद्युत विभाग के नियमों के अनुसार, यदि संबंधित उपभोक्ताओं द्वारा 50 प्रतिशत बिजली बिल जमा किया जा चुका है, तो जले हुए ट्रांसफार्मर को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से बदला जाना चाहिए। इसी आधार पर, ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- नर्मदापुरम जिले में पूर्ण शराब प्रतिबंध और पुलिस की लगातार कार्रवाई के दावों के बीच, अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर जारी है, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। देर रात सिटी थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काका श्री होटल और पहलवान होटल पर पुलिस ने दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड पर बने एक कमरे से बड़ी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण बरामद किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के पास के इन होटलों में अवैध शराब बेची जा रही है। सूचना की तस्दीक के बाद कोतवाली पुलिस ने काका श्री होटल और पहलवान होटल पर छापा मारा। पहलवान होटल से 18 क्वार्टर ऑफिसर चॉइस अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जबकि काका श्री होटल से 10 क्वार्टर ऑफिसर चॉइस अंग्रेजी शराब और 40 क्वार्टर देसी प्लेन शराब बरामद हुई। इस मामले में पहलवान होटल के मैनेजर आयुष मनवारे (पिता द्वारका प्रसाद मनवारे, निवासी मेहरा गांव इटारसी) और काका श्री होटल के मैनेजर यश (पिता विजय चौकसे, निवासी गिन्नी कंपाउंड मीनाक्षी चौक नर्मदापुरम) के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि उक्त दोनों होटलों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अलग से की जाएगी। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि थाना इतनी करीब होने के बावजूद शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चालू है, जो प्रतिबंध की प्रभावशीलता और पुलिस विभाग की कार्रवाइयों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।2
- आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार1
- भोपाल के एपी नगर की एसीपी श्रीमती दिव्या ने 'SafeClick2_0' अभियान से जुड़ने और स्वयं, अपने परिवार तथा समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों को यह भी सलाह दी है कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो उन्हें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए।1
- कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन में, पिपरिया के आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन और संग्रहण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। इसी क्रम में, शनिवार को शाम 4 बजे आबकारी वृत्त पिपरिया शहर के अंतर्गत अंबेडकर वार्ड, कुचबंदिया मोहल्ला, हाथवास, ग्राम राईखेड़ी और रिछेड़ा में आकस्मिक दबिश दी गई। इस दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत कुल 8 प्रकरण दर्ज किए गए। इस कार्रवाई में विभाग ने 680 किलोग्राम महुआ लाहन और 19 लीटर हाथभट्टी निर्मित अवैध शराब जब्त की। जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 71,800 रुपये आंकी गई है। यह पूरी कार्रवाई वृत्त प्रभारी हितेश कुमार बिशोरिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें आबकारी आरक्षक गणपति बोबड़े का सराहनीय योगदान रहा। आबकारी विभाग ने बताया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सूचनाएं एकत्रित कर नियमित रूप से ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कन्नौद क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि बाढ़ के पानी से भरे नदी-नालों पर किसी भी प्रकार का आवागमन न किया जाए, ताकि हादसों से बचा जा सके। प्रशासन ने अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती भी की है ताकि ऐसे स्थानों पर लोगों को रोका जा सके। इसके बावजूद, शनिवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग उफान पर आए नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करते दिख रहे हैं। यह देखने में आ रहा है कि लोग लगातार पूर्व में हुए हादसों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं और नदी-नालों तथा पुल-पुलियाओं से अपने वाहनों को जोखिम में डालकर निकाल रहे हैं। गत बुधवार को कन्नौद के कोथमीर गांव में एक ऐसी ही घटना हुई थी, जहां नाला पार करते समय दो युवक बाइक सहित बह गए थे और उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा, गुरुवार शाम को भैसुन और लोहारदा के बीच भी तेज बारिश के कारण नाला उफान पर था, जिसमें एक बाइक सवार अपनी बाइक समेत बह गया था, हालांकि गनीमत रही कि लोगों ने उसकी जान बचा ली। हाल ही में, इंदौर-बैतूल हाईवे पर कालापाठा के समीप भी यही स्थिति देखने को मिली, जहाँ रपटे पर अत्यधिक पानी होने के बावजूद एक बस चालक ने यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए बस निकाल दी। ऐसे में, यदि कोई हादसा होता है तो उसका दोष प्रशासन पर मढ़ा जाता है। इन लगातार हो रहे हादसों से सबक न लेते हुए लोग अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डालकर वाहनों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन से सख्त और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है ताकि ऐसे वाहन चालकों पर नियंत्रण पाया जा सके और हादसों को रोका जा सके।1