कन्नौद क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि बाढ़ के पानी से भरे नदी-नालों पर किसी भी प्रकार का आवागमन न किया जाए, ताकि हादसों से बचा जा सके। प्रशासन ने अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती भी की है ताकि ऐसे स्थानों पर लोगों को रोका जा सके। इसके बावजूद, शनिवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग उफान पर आए नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करते दिख रहे हैं। यह देखने में आ रहा है कि लोग लगातार पूर्व में हुए हादसों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं और नदी-नालों तथा पुल-पुलियाओं से अपने वाहनों को जोखिम में डालकर निकाल रहे हैं। गत बुधवार को कन्नौद के कोथमीर गांव में एक ऐसी ही घटना हुई थी, जहां नाला पार करते समय दो युवक बाइक सहित बह गए थे और उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा, गुरुवार शाम को भैसुन और लोहारदा के बीच भी तेज बारिश के कारण नाला उफान पर था, जिसमें एक बाइक सवार अपनी बाइक समेत बह गया था, हालांकि गनीमत रही कि लोगों ने उसकी जान बचा ली। हाल ही में, इंदौर-बैतूल हाईवे पर कालापाठा के समीप भी यही स्थिति देखने को मिली, जहाँ रपटे पर अत्यधिक पानी होने के बावजूद एक बस चालक ने यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए बस निकाल दी। ऐसे में, यदि कोई हादसा होता है तो उसका दोष प्रशासन पर मढ़ा जाता है। इन लगातार हो रहे हादसों से सबक न लेते हुए लोग अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डालकर वाहनों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन से सख्त और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है ताकि ऐसे वाहन चालकों पर नियंत्रण पाया जा सके और हादसों को रोका जा सके।
कन्नौद क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि बाढ़ के पानी से भरे नदी-नालों पर किसी भी प्रकार का आवागमन न किया जाए, ताकि हादसों से बचा जा सके। प्रशासन ने अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती भी की है ताकि ऐसे स्थानों पर लोगों को रोका जा सके। इसके बावजूद, शनिवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग उफान पर आए नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करते दिख रहे हैं। यह देखने में आ रहा है कि लोग लगातार पूर्व में हुए हादसों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं और नदी-नालों तथा पुल-पुलियाओं से अपने वाहनों को जोखिम में डालकर निकाल रहे हैं। गत बुधवार को कन्नौद के कोथमीर गांव में एक ऐसी ही घटना हुई थी, जहां नाला पार करते समय दो युवक बाइक सहित बह गए थे और उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा, गुरुवार शाम को भैसुन और लोहारदा के बीच भी तेज बारिश के कारण नाला उफान पर था, जिसमें एक बाइक सवार अपनी बाइक समेत बह गया था, हालांकि गनीमत रही कि लोगों ने उसकी जान बचा ली। हाल ही में, इंदौर-बैतूल हाईवे पर कालापाठा के समीप भी यही स्थिति देखने को मिली, जहाँ रपटे पर अत्यधिक पानी होने के बावजूद एक बस चालक ने यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए बस निकाल दी। ऐसे में, यदि कोई हादसा होता है तो उसका दोष प्रशासन पर मढ़ा जाता है। इन लगातार हो रहे हादसों से सबक न लेते हुए लोग अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डालकर वाहनों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन से सख्त और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है ताकि ऐसे वाहन चालकों पर नियंत्रण पाया जा सके और हादसों को रोका जा सके।
- कन्नौद तहसील के ग्राम भुवाना में मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे हुए पत्थर होने के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों, जिनमें गजानंद पटेल भी शामिल हैं, ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जर्जर मार्ग के कारण किसी गर्भवती महिला, बीमार व्यक्ति या आपातकालीन स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाना अत्यंत कठिन हो जाता है। सड़क पर कई जगह बड़े पत्थर और गहरे गड्ढे होने से वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- मध्यप्रदेश में एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसे 'अजूबा' बताया जा रहा है। सतना जिले के बसुधा गाँव में ढोल-डुगडुगी बजाकर मुनादी की गई, लेकिन इसका उद्देश्य कोई अपराध की घोषणा करना नहीं था। दरअसल, यह मुनादी मोहन सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी जी की जाति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए करवाई गई, जो राज्य में पहले कभी नहीं हुआ। यह घटना जाति की राजनीति और असाधारण तरीकों को लेकर सवाल खड़े करती है।1
- आष्टा के वार्ड क्रमांक 18 में आज एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहाँ आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक मासूम बालिका को घेर लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहाँ से गुजर रहे एक बाइक सवार ने तुरंत साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और बालिका को कुत्तों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया। यदि वह बाइक सवार समय पर नहीं पहुँचता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। इस घटना ने नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अक्सर जब नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने या उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो विरोध के कारण यह कार्रवाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि भविष्य में किसी बड़ी घटना की नौबत आती है, तो उसकी जिम्मेदार1
- हरदा जिले में 05 जुलाई 2026 को समाप्त हुए पिछले चौबीस घंटों के दौरान औसतन 4.5 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में हरदा तहसील और सिराली तहसील में कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई (0 मि.मी.)। वहीं, खिरकिया तहसील में सर्वाधिक 16.4 मि.मी., टिमरनी में 5.3 मि.मी. और रहटगांव में 1 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस वर्ष अब तक, जिले में कुल 295.6 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। तहसील-वार आँकड़ों के अनुसार, हरदा में 330.3 मि.मी., टिमरनी में 217.6 मि.मी., खिरकिया में 334.4 मि.मी., सिराली में 292.7 मि.मी. तथा रहटगांव में 303.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष 5 जुलाई तक जिले में कुल 280.3 मि.मी. औसत वर्षा हुई थी, जिससे पता चलता है कि इस साल अब तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वर्षा दर्ज की गई है।1
- नगर के वरिष्ठ शिक्षक, लेखक और कवि फारूक पठान ने शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सोनकच्छ से अपनी गौरवपूर्ण शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति ले ली है। उन्होंने कुल 43 वर्षों तक सेवा दी।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हरदा नगर इकाई ने जिले के स्कूलों में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से नौ मांगें रखी गईं। इनमें छात्राओं के लिए प्रत्येक स्कूल में सैनिटरी पैड की व्यवस्था सुनिश्चित करना, स्कूल के गेट और कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, स्कूल बसों में महिला स्टाफ की नियुक्ति करना, जर्जर हो रही स्कूल बिल्डिंगों की मरम्मत कराना, तथा स्कूल बसों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ABVP ने प्रत्येक स्कूल में स्वास्थ्य संबंधी उपचार व्यवस्था, स्कूल बस का वैध परमिट होना, अभिभावकों को एक ही दुकान से पुस्तक-कॉपी खरीदने के लिए बाध्य न करना और छात्रों से अतिरिक्त शुल्क न वसूलने की मांग भी की। नगर मंत्री शर्मा ने बताया कि इन मांगों पर प्रशासन को उचित कार्यवाही करनी चाहिए। वहीं, पूर्व नगर मंत्री शुभम ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है, तो विद्यार्थी परिषद एक उग्र आंदोलन करेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस घेराव और आंदोलन के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ता दानिश बिल्लौरे, जिला संयोजिका लिशिका, प्रद्युमन, रुद्र, विकास, सौम्या, सरिता, अपेक्षा, प्रियांशु, निहाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- गुजरात एटीएस ने एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, इन आरोपियों पर संगठन के नेटवर्क का विस्तार करने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने और ऑनलाइन माध्यमों से संपर्क बढ़ाने का आरोप है। एटीएस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इनके विदेशी संगठनों से भी संबंध थे। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, और कानून की नजर में सभी आरोपी जांच पूरी होने तथा अदालत में आरोप सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाते हैं। इस महत्वपूर्ण मामले पर, सोशल मीडिया पर इसे धर्म से जोड़कर कई भ्रामक पोस्ट साझा की जा रही हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति के अपराध का जिम्मेदार पूरा धर्म या समुदाय नहीं होता, बल्कि कार्रवाई केवल व्यक्तियों के खिलाफ होती है, किसी धर्म के खिलाफ नहीं।1
- देवास जिले के सतवास तहसील में स्थित नामनपुर ग्राम पंचायत से कुछ ही दूरी पर बोरी टप्पर में भीषण जल सैलाब उमड़ आया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण, स्थानीय निवासी विष्णु जी बचानिया के घर में पूरी तरह पानी भर गया है, जिससे उनके निवास स्थान पर जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस वीडियो के माध्यम से, यह अपील की गई है कि यह जानकारी और तस्वीरें सरकार तक अवश्य पहुँचनी चाहिए।1