बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव। पन्ना जिले के सुप्रसिद्ध और खतरनाक पर्यटन स्थल 'बृहस्पति कुंड' में रील्स और सेल्फी का जुनून एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां निगल गया। ग्राम पंचायत गहरा के ग्राम इम्लोनिया निवासी सुखेंद्र गोंड (22 वर्ष), पिता बुद्ध सिंह गोंड की कुंड के किनारे सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। बतादें कि कल 2 अगस्त को दोपहर के समय सुखेंद्र बृहस्पति कुंड अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था। कुंड के बेहद खतरनाक किनारे पर खड़े होकर जब वह दोस्तो के साथ मोबाइल से सेल्फी ले रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और पैर फिसलते ही वह सीधे उफनते पानी और पत्थरों से भरी गहरी खाई में जा समाया। हालांकि इस द्वारान साथ मे सेल्फी ले रहे दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे, लेकिन कुंड की अत्यधिक गहराई और मुश्किल रास्तों के कारण सुखेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा। स्थानीय स्तर पर सफलता न मिलने पर सतना जिले से SDERF की विशेषज्ञ टीम को आपात स्थिति में बुलाया गया। SDERF के जवानों ने लगातार 24 घंटे तक पानी के भीतर जोखिम भरा सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद आज SDERF की टीम ने शव को कुंड के गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद बरौधा थाना के ASI राकेश केवट ने मामले में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए मझगवां (जिला सतना) भिजवा दिया है। *प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग, उठाए 3 बड़े सवाल* इस हादसे के बाद पन्ना और आसपास के इलाकों के पर्यटकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है स्थानीय निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि पुरातत्व और पर्यटन विभाग ने स्थल का विकास तो कर दिया, लेकिन सुरक्षा शून्य है। कुंड के खतरनाक किनारों पर तुरंत पक्की बैरिकेडिंग की मांग लगातार की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर व्यूज के चक्कर में जान जोखिम में डालकर रील्स और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग उठी है।लोगों का सीधा आरोप है कि बिना पूर्ण सुरक्षा मानकों के ग्लास ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स को समय से पहले चालू करके प्रशासन खुद हादसों को दावत दे रहा है। जब तक सुरक्षा पूरी न हो, इसका संचालन बंद होना चाहिए।
बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव। पन्ना जिले के सुप्रसिद्ध और खतरनाक पर्यटन स्थल 'बृहस्पति कुंड' में रील्स और सेल्फी का जुनून एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां निगल गया। ग्राम पंचायत गहरा के ग्राम इम्लोनिया निवासी सुखेंद्र गोंड (22 वर्ष), पिता बुद्ध सिंह गोंड की कुंड के किनारे सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। बतादें कि कल 2 अगस्त को दोपहर के समय सुखेंद्र बृहस्पति कुंड अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था। कुंड के बेहद खतरनाक किनारे पर खड़े होकर जब वह दोस्तो के साथ मोबाइल से सेल्फी ले रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और पैर फिसलते ही वह सीधे उफनते पानी और पत्थरों से भरी गहरी खाई में जा समाया। हालांकि इस द्वारान साथ मे सेल्फी ले रहे दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे, लेकिन कुंड की अत्यधिक गहराई और मुश्किल रास्तों के कारण सुखेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा। स्थानीय स्तर पर सफलता न मिलने पर सतना जिले से SDERF की विशेषज्ञ टीम को आपात स्थिति में बुलाया गया। SDERF के जवानों ने लगातार 24 घंटे तक पानी के भीतर जोखिम भरा सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद आज SDERF की टीम ने शव को कुंड के गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद बरौधा थाना के ASI राकेश केवट ने मामले में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए मझगवां (जिला सतना) भिजवा दिया है। *प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग, उठाए 3 बड़े सवाल* इस हादसे के बाद पन्ना और आसपास के इलाकों के पर्यटकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है स्थानीय निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि पुरातत्व और पर्यटन विभाग ने स्थल का विकास तो कर दिया, लेकिन सुरक्षा शून्य है। कुंड के खतरनाक किनारों पर तुरंत पक्की बैरिकेडिंग की मांग लगातार की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर व्यूज के चक्कर में जान जोखिम में डालकर रील्स और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग उठी है।लोगों का सीधा आरोप है कि बिना पूर्ण सुरक्षा मानकों के ग्लास ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स को समय से पहले चालू करके प्रशासन खुद हादसों को दावत दे रहा है। जब तक सुरक्षा पूरी न हो, इसका संचालन बंद होना चाहिए।
- दतिया विधानसभा जीत पर पन्ना कांग्रेस में जश्न ढोल नगाड़ों की धुन पर झूमे कार्यकर्ता -दतिया विधानसभा जीत पर पन्ना कांग्रेस में जश्न,, -ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमे कार्यकर्ता,, एंकर-मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत के बाद पन्ना जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया।जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जीत को जनता के विश्वास और कांग्रेस की नीतियों की जीत बताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन से यह शानदार जीत मिली है।जिससे पूरे प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इस जश्न समारोह में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान , वरिष्ठ कांग्रेस नेता राम किशोर मिश्रा, मनीष मिश्रा, शशिकांत दीक्षित, यूनिस खान, इस्माइल खान, ब्रजेन्द्र दुबे, वासुदेव बुंदेला, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती रमा बुंदेला, श्रीमती आस्था तिवारी, श्रीमती रहीमा खातून, श्रीमती नाजर खातून, श्रीमती चांदनी जाटव, श्रीमती विमला सिंगरौल, अंकित शर्मा, दीपक तिवारी, स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, डॉ कदीर खान, सुरेंद्र सिंह आदिवासी, वेदांत मिश्रा, अनीश पिंकू सिद्दीकी, नसीम खान, नरेंद्र वंशकार, अजय बाजपेई ,जितेंद्र दुबे, बृजेंद्र यादव, प्रदीप पटेल हिमांशु सिंह ठाकुर, अरविंद सोनी, रियासत मोहम्मद, योगेश जड़िया,3
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत पर नगर कांग्रेस कमेटी अमानगंज द्वारा हर्षोल्लास के साथ जश्न मनाया गया। नगर कांग्रेस कमेटी अमानगंज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा कांग्रेस की इस ऐतिहासिक जीत को जनता के विश्वास और लोकतंत्र की विजय बताया।1
- बांदा बस अड्डे पर बड़ा अपडेट | यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं | Banda Breaking News | Uttar Pradesh Update Today उत्तर प्रदेश के बांदा बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। साफ-सफाई, प्रतीक्षालय और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। यह अपडेट स्थानीय परिवहन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी पर आधारित है।1
- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दुबई से फोन पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह 'गुड्डू भैया' से चर्चा की और 9 अगस्त को निकलने वाली कांवड़ यात्रा के लिए अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। यह यात्रा पिछले 11 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही है news 11 reporter Dharmendra bundela1
- दलित बनाओ योजना बंद करे सरकार अभी तक लगभग 600 एससी 500एसटी सवर्ण को बना दिया है । ;- जितेंद्र राय भारतीय जन मोर्चा पार्टी दलित बनाओ योजना देश में लागू है:- जितेंद्र राय सतना भारतीय जन मोर्चा पार्टी की राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय का कहना है कि देश में जब से भारत आजाद हुआ है तब से कांग्रेस के द्वारा दलित बनो योजना लागू कर दिया गया था उन्होंने शोषित वंचित वर्ग को कभी उठाने की कोशिश नहीं किए जिसका कारण 1950 में एससी मै 600 जाति थी जो और ज्यादा शोषण और वंचित हो गई इसी प्रकार एसटी मै 244 थी जिसका शोषण लगातार कांग्रेस शासन द्वारा किया गया है। कांग्रेस की शोषणकारी नीतियों ने देश में जो 1950 में श्रवण थे उनका शोषण करना चालू किया और शोषण कर उनको दलित बनने चले गए लगभग कांग्रेस के शासन और भाजपा शासन में एससी में 600 जातियों को शोषण कर दलित बनाया उनको एसटी एससी केटेगरी में शामिल किया और एसटी में 244 की जनसंख्या थी उसमें भी कांग्रेस और भाजपा के शासन में दलित बनो योजना के तहत जो श्रवण जातियां का शोषण कर 500 जातियों को एसटी में शामिल किया गया जिससे जो सचमुच वंचित और कमजोर थी वह और कमजोर हो गए उनकी स्थिति दलित से महादलित बना दिया गया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी देश की कांग्रेस और भाजपा की इस नीति का विरोध करती है हम जातियों का शोषण कर उनको दलित बनो योजना के तहत उनको दलित बनने की जो मुहिम चालू है उसको तत्काल बंद होना चाहिए। देश में दलित बनाओ योजना चालू रह गई तो अब कुछ जाति ही श्रवण जातियों में आती है वह कुछ सालों में उसका सरकार इतना शोषण कर लेगी आरक्षण एसटी एससी यूजीसी के जैसे तरह-तरह के कानून को लाद कर उनको भी दलित की श्रेणी में या पिछड़े की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। भारतवर्ष सवर्ण विहीन हो जाएगा भाजपा और कांग्रेस दोनों देश में शोषण करने वाली पार्टी के तौर पर मान सकते हैं जिनके शासन में समाज का पतन हो रहा है । सरकार द्वारा सवर्ण जाति शोषण करने के लिए पूरी सरकारी व्यवस्थाएं लगी है । जो दलित या पिछड़ा नही बना देते है तब तक शोषण करने मै लगी है। जागो शोषण से बचो भारतीय जन मोर्चा पार्टी का साथ आये।1
- बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव बृहस्पति कुंड में सेल्फी बनी काल: पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव। पन्ना जिले के सुप्रसिद्ध और खतरनाक पर्यटन स्थल 'बृहस्पति कुंड' में रील्स और सेल्फी का जुनून एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां निगल गया। ग्राम पंचायत गहरा के ग्राम इम्लोनिया निवासी सुखेंद्र गोंड (22 वर्ष), पिता बुद्ध सिंह गोंड की कुंड के किनारे सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। बतादें कि कल 2 अगस्त को दोपहर के समय सुखेंद्र बृहस्पति कुंड अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था। कुंड के बेहद खतरनाक किनारे पर खड़े होकर जब वह दोस्तो के साथ मोबाइल से सेल्फी ले रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और पैर फिसलते ही वह सीधे उफनते पानी और पत्थरों से भरी गहरी खाई में जा समाया। हालांकि इस द्वारान साथ मे सेल्फी ले रहे दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे, लेकिन कुंड की अत्यधिक गहराई और मुश्किल रास्तों के कारण सुखेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा। स्थानीय स्तर पर सफलता न मिलने पर सतना जिले से SDERF की विशेषज्ञ टीम को आपात स्थिति में बुलाया गया। SDERF के जवानों ने लगातार 24 घंटे तक पानी के भीतर जोखिम भरा सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद आज SDERF की टीम ने शव को कुंड के गहरे पानी से बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद बरौधा थाना के ASI राकेश केवट ने मामले में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए मझगवां (जिला सतना) भिजवा दिया है। *प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग, उठाए 3 बड़े सवाल* इस हादसे के बाद पन्ना और आसपास के इलाकों के पर्यटकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है स्थानीय निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि पुरातत्व और पर्यटन विभाग ने स्थल का विकास तो कर दिया, लेकिन सुरक्षा शून्य है। कुंड के खतरनाक किनारों पर तुरंत पक्की बैरिकेडिंग की मांग लगातार की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर व्यूज के चक्कर में जान जोखिम में डालकर रील्स और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग उठी है।लोगों का सीधा आरोप है कि बिना पूर्ण सुरक्षा मानकों के ग्लास ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स को समय से पहले चालू करके प्रशासन खुद हादसों को दावत दे रहा है। जब तक सुरक्षा पूरी न हो, इसका संचालन बंद होना चाहिए।1