बदायूं के बिसौली में स्वयं सहायता समूह घोटाला, ब्लॉक मिशन अधिकारी पर रिश्वत का आरोप ' बदायूं -ब्लॉक मिशन अधिकारी पर घोटाले का आरोप, जांच तेज । बदायूं जिले के बिसौली ब्लॉक में स्वयं सहायता समूह में घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित समूह में लगभग दो लाख पैंसठ हजार रुपये के गबन की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम मौके पर पहुंची और समूह से जुड़े सभी सदस्यों के लिखित बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि समूह की अध्यक्ष के हस्ताक्षरों के आधार पर यह धनराशि निकाली गई। हालांकि, बयान के दौरान समूह अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ीं। जांच के दौरान समूह अध्यक्ष ने धनराशि के मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वहीं, एक वायरल वीडियो के जरिए ब्लॉक मिशन अधिकारी जगमोहन की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। वीडियो में समूह अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि निकाली गई रकम में से एक लाख रुपये रिश्वत के रूप में लिए गए। जांच टीम के पहुंचते ही NRLM कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरा मामला बिसौली ब्लॉक के ग्राम बेहटा पाठक स्थित जय मां गंगे स्वयं सहायता समूह से जुड़ा बताया जा रहा है। जिला मिशन अधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। समूह के कई सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बैंक रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों के मिलान के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
बदायूं के बिसौली में स्वयं सहायता समूह घोटाला, ब्लॉक मिशन अधिकारी पर रिश्वत का आरोप ' बदायूं -ब्लॉक मिशन अधिकारी पर घोटाले का आरोप, जांच तेज । बदायूं जिले के बिसौली ब्लॉक में स्वयं सहायता समूह में घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित समूह में लगभग दो लाख पैंसठ हजार रुपये के गबन की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम मौके पर पहुंची और समूह से जुड़े सभी सदस्यों के लिखित बयान दर्ज किए। बताया जा रहा
है कि समूह की अध्यक्ष के हस्ताक्षरों के आधार पर यह धनराशि निकाली गई। हालांकि, बयान के दौरान समूह अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ीं। जांच के दौरान समूह अध्यक्ष ने धनराशि के मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वहीं, एक वायरल वीडियो के जरिए ब्लॉक मिशन अधिकारी जगमोहन की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। वीडियो में समूह अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि निकाली गई रकम में से एक लाख रुपये रिश्वत के रूप में लिए गए। जांच टीम के पहुंचते ही NRLM कार्यालय में
अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरा मामला बिसौली ब्लॉक के ग्राम बेहटा पाठक स्थित जय मां गंगे स्वयं सहायता समूह से जुड़ा बताया जा रहा है। जिला मिशन अधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। समूह के कई सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बैंक रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों के मिलान के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
- बिल्सी क्षेत्र में संचालित इंडियन गैस गोदाम पर हुआ एक बड़ा मलयुद्ध बदायूं : बिल्सी क्षेत्र बदायूं बिजनौर हाइवे के निकट संचालित इंडियन गैस गोदाम पर दो ग्राहकों के बीच आपस में गैस लेने को लेकर कहासुनी हो गई ।कहासुनी इतनी हो गई कि लड़ाई का विकराल रूप ले लिया । मामला बिल्सी प्रशासन के संज्ञान तक पहुंच गया। तभी कुछ घंटे के पश्चात बिल्सी पूर्ति अधिकारी धीरज गुप्ता ने उपजिलाधिकारी महोदय एवं बिल्सी थाना प्रशासन के साथ इंडियन गैस गोदाम पर छापामारी कर जांच की । गैस गोदाम जांच में पूर्ति अधिकारी धीरज गुप्ता,क्षेत्राधिकार के के तिवारी, उपजिलाधिकारी प्रेमपाल सिंह, थाना प्रभारी मनोज कुमार मौजूद रहे । जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।1
- बदायूं ब्रेकिंग। बदायूं पुलिस का ऑपरेशन लंगड़ा लगातार जारी। बदायूं पुलिस तथा लूट के आरोपी में मुठभेड़ घायल। विगत कई दिनों से फरार चल रहा था लूट का आरोपी। आरोपी के पास से लूटा हुआ मोबाइल तथा एक मोटरसाइकिल बरामद। आरोपी के पास से एक 315 बर अवैध तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस बरामद। बिसौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत का पूरा मामला।2
- *अलापुर में ओवरलोड ट्रक ने बाइक मे टक्कर मारी तीन युवक घायल* अलापुर :- जिला बदायूं के कस्बा अलापुर में एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए ये हादसा आज दिनांक 31/03/2026 को शाम लगभग 8:00 बजे का है आप को बतादे घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है ट्रक और बाइक की टक्कर से हुआ हादसा पुलिस के अनुसार चौडेरा शिकारपुर निवासी गांव निवासी शिवम पुत्र दुर्गेश, महेंद्र पुत्र नेतराम और राजू पुत्र रोशन बाइक से आलापुर आए हुए थे आढत के पास एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी तेज की युवक गंभीर रूप से घायल हो गए सूचना मिलते ही अलापुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया ट्रक को कब्जे में ले लिया और ट्रक चालक को पकड़ लिया गया है थानाध्यक्ष अलापुर माधौ सिंह विष्ट ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी1
- बस और पिकअप हादसे में घायल एक और व्यक्ति की इलाज के दौरान हुई मौत बदायूं। मंगलवार को बरेली मथुरा हाईवे पर कछला के समीप डबल डेकर बस और सड़क निर्माण में लगी कंपनी की पिकअप में हुई टक्कर के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां से बरेली जिले की आंवला के गांव की रहने वाले महेश पाल पुत्र झनझना की बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई महेश की मौत के बाद परिजन उसका सब लेकर उझानी कोतवाली आए और पुलिस को सूचना दी इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को जिला मुख्यालय भेज दिया है1
- बरेली :हाईवे कट से पुराने रास्ते पर पुलिस की सटीक घेराबंदी… और हथियार के साथ एक शख्स दबोच लिया गया… आखिर कौन है ये और क्या है इसका रिकॉर्ड? देखिए ये रिपोर्ट…1
- सांसद आदित्य यादव ने आज लोकसभा में जनपद बदायूं दिनांक 12 मार्च 2026 को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) प्लांट में दिनदहाड़े हुई दो अधिकारियों की निर्मम हत्या का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या प्लांट परिसर के अंदर की गई, जो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मृतक अधिकारियों ने पूर्व में कई बार अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि 4 फरवरी 2026 को प्लांट में पहले भी हमला हुआ था, फिर भी आरोपी को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही पीड़ित अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद ने पूरे प्रकरण की *सीबीआई जांच कराने की मांग* की, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। सांसद ने सरकार से मांग की कि दोषी अपराधियों, लापरवाह पुलिस अधिकारियों और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक अधिकारियों के परिवारों को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।1
- Post by Thakur Sobran singh Journalist1
- सहसवान में घनी आबादी में रखे बिजली के ट्रांसफार्मर में लगी आग, इलाके की बिजली हुई गायब बदायूं। जिले के उपनगर सहसवान में बुधवार की शाम घनी आबादी के बीच रखे बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई जिससे आसपास अफरा तफरी का माहौल बन गया। ट्रांसफार्मर के पास की दुकान को दुकानदारों ने बंद कर दिया और आज से बचने के लिए दूर चले गए ट्रांसफार्मर के जल जाने से पूरे इलाके की बिजली बंद हो गई है । ट्रांसफार्मर में आग की सूचना पर बिजली विभाग के लोग मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का काम आग बुझाने के उपरांत शुरू किया ।1
- सांसद आदित्य यादव ने आज लोकसभा* में जनपद बदायूं दिनांक 12 मार्च 2026 को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) प्लांट में दिनदहाड़े हुई दो अधिकारियों की निर्मम हत्या का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या प्लांट परिसर के अंदर की गई, जो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मृतक अधिकारियों ने पूर्व में कई बार अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि 4 फरवरी 2026 को प्लांट में पहले भी हमला हुआ था, फिर भी आरोपी को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही पीड़ित अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद ने पूरे प्रकरण की *सीबीआई जांच कराने की मांग* की, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। सांसद ने सरकार से मांग की कि दोषी अपराधियों, लापरवाह पुलिस अधिकारियों और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक अधिकारियों के परिवारों को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।1