Shuru
Apke Nagar Ki App…
लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है। लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है।
Altamas king
लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है। लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है।
More news from झारखंड and nearby areas
- लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है। लोहरदगा के जुरिया में ऑन रोड से सटा हुआ 20 डिसमिल का एक बेहद खूबसूरत और प्राइम लोकेशन वाला प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध है।1
- छात्रों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं.?😱 #shorts #shortvideo #short #youtubeshorts #ranchi #viralvideo1
- रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC JSSC पेपर लीक आंदोलन के दौरान एक शख्स चढ़ा टावर पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC JSSC पेपर लीक आंदोलन के दौरान एक शख्स चढ़ा टावर पर1
- जेपीएससी जेएसएससी पेपर लीक मामले को लेकर मनोज यादव का बड़ा बयान जेपीएससी जेएसएससी पेपर लीक मामले को लेकर JLKM नेता का बड़ा बयान, डर पैदा करना होगा डर...1
- मांगो को लेकर रांची के चार दिवसीय धरना प्रदर्शन पर चर्चा गुमला जिला के पालकोट प्रखंड मे झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया संयोजिका अध्यक्ष संघ का बैठक रविवार को जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष झ देवकी देवी की अध्यक्षता मे संचालन प्रखंड सचिव मधुरी देवी व पुषपा डाग ने किए। बैठक मे गुमला जिला के सभी रसोईया संयोजिका को अपनी मांगो को लेकर रांची झारखंड विधान सभा कुटटे मैदान जाना है उस विद्यालय मे कोई भी रसोईयो को खाना नही बनना है उस दिन विद्यालय के बच्चो के लिए खाना का व्यस्था सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक महोदय लोगो को बच्चो के लिए अतिरिक्त भोजन का व्यस्था करना इसलिए सभी रसोईया संयोजिका को राँची पहुंचना है अपना हक अधिकार प्राप्त करने के लिए 9बजे तक पहुंचना है बैठक मे समिल सुकरमनी कुमारी अंजना तोपनो जनकी देवी सुचिता केरकेट्टा सहित कई लोग शामिल हुए देवकी देवी जिलाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।1
- वृक्ष से बडा़ मित्र कोई नहीं होता - मूरहू श्योर सक्सेस के संचालक सकलदीप भगत। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। फ्रेंडशिप डे के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की तरह रविवार को श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कोचिंग परिसर में सागवान, महोगनी, गुलमोहर समेत आधा दर्जन छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक सह शिक्षक सकलदीप भगत ने विद्यार्थियों को प्रकृति से मित्रता करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "वृक्ष से बड़ा मित्र कोई नहीं होता। वृक्षों से मिलने वाली शीतल एवं शुद्ध हवा का विकल्प कोई एसी नहीं हो सकता।" उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्थान के पूर्व छात्र शिवेंद्र नाथ तिवारी ने विद्यार्थियों को संस्कृति और अध्यात्म से मित्रता करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़कर ही जीवन को सही दिशा दी जा सकती है। साथ ही युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ तन, स्वच्छ मन और श्रेष्ठ संगति ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।1
- शुभम हत्या कांड के विरोध में कल 1 अगस्त को बुलाए गए लोहरदगा बंद का शहर में व्यापक और असरदार प्रभाव देखने को मिला। शुभम हटिया कांड के विरोध में कल 1 अगस्त को बुलाए गए लोहरदगा बंद का शहर में व्यापक और असरदार प्रभाव देखने को मिला। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस बंद को व्यापारी वर्ग का अभूतपूर्व सहयोग मिला।1
- झारखण्ड TGT 2016 शिक्षक भर्ती: 'साहब! अब और हिम्मत नहीं बची...' धरने पर बैठी महिला अभ्यर्थी रिपोर्टर के सामने रो पड़ीं रांची: झारखण्ड में वर्ष 2016 के TGT (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक) नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी रांची में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने के दौरान उस समय माहौल काफी गमगीन हो गया, जब एक महिला अभ्यर्थी मीडिया रिपोर्टर के सामने अपनी आपबीती सुनाते-सुनाते बिलख-बिलख कर रो पड़ीं। "उम्र बीत रही है, समाज ताने दे रहा है" कैमरे के सामने अपना दर्द साझा करते हुए अभ्यर्थी ने कहा, "2016 से हम सिर्फ तारीखें और आश्वासन गिन रहे हैं। परीक्षा पास की, कागजात सत्यापित (Document Verification) हुए, लेकिन नियुक्ति पत्र आज तक नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, उम्र सीमा खत्म हो रही है और समाज के ताने सुनने पड़ रहे हैं। आखिर हमारी गलती क्या है?" क्या है अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग? अंतिम मेधा सूची जारी करना: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में बची हुई सीटों पर जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। समयबद्ध नियुक्ति: बार-बार दिए जाने वाले मौखिक आश्वासनों के बजाय ठोस लिखित आदेश और नियुक्ति पत्र की तिथि तय हो। व्यवस्था पर उठाए सवाल धरने पर बैठे अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सालों से मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा सरकारी नौकरियों के लिए समाप्त होने के कगार पर है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।1