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दमोह जिले में रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के तहत प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के अंतर्गत चना और मसूर उपार्जन का कार्य 30 मार्च से 28 मई 2026 तक संपन्न कराया गया था। हालांकि, उपार्जन पूरा होने के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों को उनकी उपज का भुगतान नहीं मिल पाया है। ई-उपार्जन पोर्टल से मिली रिपोर्ट के अनुसार, जिले के किसानों को उपार्जित चना और मसूर की राशि का केवल 44.79 प्रतिशत भुगतान ही प्राप्त हुआ है, जबकि शेष किसानों का भुगतान अभी भी लंबित है। भुगतान में हो रही इस देरी के कारण किसान लगातार सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। किसानों की इस बढ़ती समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य विपणन संघ मर्यादित को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि स्वीकृत उपार्जन मात्रा के अनुसार सभी पात्र किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। पत्र में किसानों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और वे आगामी कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय पर कर सकें। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि राज्य स्तर से जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर शेष किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।

8 hrs ago
user_Narendra Ahirwar
Narendra Ahirwar
संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago
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दमोह जिले में रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के तहत प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के अंतर्गत चना और मसूर उपार्जन का कार्य 30 मार्च से 28 मई 2026 तक संपन्न कराया गया था। हालांकि, उपार्जन पूरा होने के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों को उनकी उपज का भुगतान नहीं मिल पाया है। ई-उपार्जन पोर्टल से मिली रिपोर्ट के अनुसार, जिले के किसानों को उपार्जित चना और मसूर की राशि का केवल 44.79 प्रतिशत भुगतान ही प्राप्त हुआ है, जबकि शेष किसानों का भुगतान अभी भी लंबित है। भुगतान में हो रही इस देरी के कारण किसान लगातार सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। किसानों की इस बढ़ती समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य विपणन संघ मर्यादित को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि स्वीकृत उपार्जन मात्रा के अनुसार सभी पात्र किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। पत्र में किसानों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और वे आगामी कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय पर कर सकें। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि राज्य स्तर से जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर शेष किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।

More news from Damoh and nearby areas
  • दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था। आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
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    दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है।

ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था।

आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए।

हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Farmer Jabera, Damoh•
    19 hrs ago
  • बहोरीबंद विकासखंड की डिहुंता कॉलोनी के किसान सोनू कुमार ने वैज्ञानिक तरीके से खीरे की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने एक एकड़ जमीन पर मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरिगेशन तकनीक का उपयोग करके खीरे की फसल लगाई है, जिससे लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। करीब 50 हजार रुपये की लागत वाली इस खेती से किसान को एक लाख रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है। यह उपलब्धि उद्यानिकी विभाग की सब्सिडी से मिली मल्चिंग पेपर और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के कारण संभव हुई है, जिससे खरपतवार और बीमारियाँ कम होती हैं, वहीं पानी की भी बचत होती है। फसल की तुड़ाई 15 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और परंपरागत खेती के साथ सब्जी उत्पादन अपनाने की अपील की है, ताकि कम जमीन में भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।
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    बहोरीबंद विकासखंड की डिहुंता कॉलोनी के किसान सोनू कुमार ने वैज्ञानिक तरीके से खीरे की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने एक एकड़ जमीन पर मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरिगेशन तकनीक का उपयोग करके खीरे की फसल लगाई है, जिससे लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। करीब 50 हजार रुपये की लागत वाली इस खेती से किसान को एक लाख रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है।

यह उपलब्धि उद्यानिकी विभाग की सब्सिडी से मिली मल्चिंग पेपर और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के कारण संभव हुई है, जिससे खरपतवार और बीमारियाँ कम होती हैं, वहीं पानी की भी बचत होती है। फसल की तुड़ाई 15 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और परंपरागत खेती के साथ सब्जी उत्पादन अपनाने की अपील की है, ताकि कम जमीन में भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सागर जिले के गौरझामर में ग्राम पंचायत द्वारा सीमेंट सड़क का निर्माण कार्य बीच मझधार में ही अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश है। बरसात की दस्तक आ चुकी है और गहराई में मौजूद यह सड़क अधूरी होने के कारण लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। वार्ड 20 के रहवासियों ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है, उनका कहना है कि पंचायत ने निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया, जिसके चलते यह अजीबोगरीब मामला सामने आया है।
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    सागर जिले के गौरझामर में ग्राम पंचायत द्वारा सीमेंट सड़क का निर्माण कार्य बीच मझधार में ही अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश है। बरसात की दस्तक आ चुकी है और गहराई में मौजूद यह सड़क अधूरी होने के कारण लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।

वार्ड 20 के रहवासियों ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है, उनका कहना है कि पंचायत ने निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया, जिसके चलते यह अजीबोगरीब मामला सामने आया है।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • यह पोस्ट शुभ रात्रि की पाँच खास शायरी का संग्रह प्रस्तुत करता है, जिनमें रात के शांत और मीठे पलों को दर्शाया गया है। पहली शायरी चाँद-तारों से जगमगाती रात और फूलों की खुशबू का वर्णन करती है, जो नींद की परी के सपनों में आने का निमंत्रण देती है। दूसरी शायरी में, रात का चाँद और तारे स्वयं आसमान से आकर शुभ रात्रि कहने की बात कही गई है। तीसरी शायरी जीवन की क्षणभंगुरता और नींद में बुने गए सपनों पर विचार करती है, कल नई उम्मीदों के साथ जागने के लिए आज मुस्कुराकर सोने का आग्रह करती है। चौथी शायरी प्रेम और सपनों के गहन जुड़ाव को दर्शाती है, जहाँ दिल और नींद में प्रिय का ही वास है, और उनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अंतिम शायरी आपके आँगन में चाँदनी लाने, तारों को लोरी गाने और इतने प्यारे सपनों की कामना करती है कि आप सोते हुए भी मुस्कुराएँ। इसके अतिरिक्त, पोस्ट यह भी बताती है कि रोमांटिक, दोस्ती वाली या एटीट्यूड वाली शुभ रात्रि शायरी भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
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    यह पोस्ट शुभ रात्रि की पाँच खास शायरी का संग्रह प्रस्तुत करता है, जिनमें रात के शांत और मीठे पलों को दर्शाया गया है। पहली शायरी चाँद-तारों से जगमगाती रात और फूलों की खुशबू का वर्णन करती है, जो नींद की परी के सपनों में आने का निमंत्रण देती है। दूसरी शायरी में, रात का चाँद और तारे स्वयं आसमान से आकर शुभ रात्रि कहने की बात कही गई है। तीसरी शायरी जीवन की क्षणभंगुरता और नींद में बुने गए सपनों पर विचार करती है, कल नई उम्मीदों के साथ जागने के लिए आज मुस्कुराकर सोने का आग्रह करती है। चौथी शायरी प्रेम और सपनों के गहन जुड़ाव को दर्शाती है, जहाँ दिल और नींद में प्रिय का ही वास है, और उनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। अंतिम शायरी आपके आँगन में चाँदनी लाने, तारों को लोरी गाने और इतने प्यारे सपनों की कामना करती है कि आप सोते हुए भी मुस्कुराएँ। इसके अतिरिक्त, पोस्ट यह भी बताती है कि रोमांटिक, दोस्ती वाली या एटीट्यूड वाली शुभ रात्रि शायरी भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    City Star सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सागर जिले की देवरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक कथित अपहरण और फिरौती कांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, एक 'कलयुगी पुत्र' ने गांजा तस्करी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए अपने ही अपहरण का षड्यंत्र रचा और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती वसूलने की साजिश की थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल भी जब्त किए हैं। मामले की शुरुआत 12 जून 2026 की रात हुई, जब ग्राम डोंगर सलैया निवासी राजेश पिता प्रेम जाटव ने देवरी थाने में सूचना दी कि उसका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसी बीच, राजेश के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने और उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती मांगी गई। रकम न देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई थी। इस गंभीर मामले में देवरी थाने में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में देवरी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र और साइबर टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की। जांच के दौरान, पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित किया और उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका के चलते दोनों ने गांजे का पैकेट और पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने की राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और खर्च की गई रकम वापस पाने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और अरविंद दुबे ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा। उन्होंने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया। उनका उद्देश्य भय और दबाव बनाकर अपने ही पिता से बड़ी रकम वसूलना था, क्योंकि फरियादी केवल ₹30 हजार की व्यवस्था कर पा रहा था, जिसके कारण आरोपी उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश 24 घंटे के भीतर उजागर हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि बलजीत सिंह और फरार आरोपी सुनील पटेल पहले एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने इस झूठे अपहरण और फिरौती की साजिश का पर्दाफाश कर फरियादी परिवार को राहत प्रदान की। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत एवं उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
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    सागर जिले की देवरी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक कथित अपहरण और फिरौती कांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, एक 'कलयुगी पुत्र' ने गांजा तस्करी में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए अपने ही अपहरण का षड्यंत्र रचा और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती वसूलने की साजिश की थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल भी जब्त किए हैं।

मामले की शुरुआत 12 जून 2026 की रात हुई, जब ग्राम डोंगर सलैया निवासी राजेश पिता प्रेम जाटव ने देवरी थाने में सूचना दी कि उसका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसी बीच, राजेश के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने और उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती मांगी गई। रकम न देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई थी। इस गंभीर मामले में देवरी थाने में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई।

पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में देवरी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, मोतीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र और साइबर टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की। जांच के दौरान, पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित किया और उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को हिरासत में लिया।

पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका के चलते दोनों ने गांजे का पैकेट और पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने की राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और खर्च की गई रकम वापस पाने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और अरविंद दुबे ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा। उन्होंने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया। उनका उद्देश्य भय और दबाव बनाकर अपने ही पिता से बड़ी रकम वसूलना था, क्योंकि फरियादी केवल ₹30 हजार की व्यवस्था कर पा रहा था, जिसके कारण आरोपी उन्हें लगातार गुमराह करते रहे।

पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश 24 घंटे के भीतर उजागर हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि बलजीत सिंह और फरार आरोपी सुनील पटेल पहले एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने इस झूठे अपहरण और फिरौती की साजिश का पर्दाफाश कर फरियादी परिवार को राहत प्रदान की। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत एवं उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कोलकाता में एक सरकारी इमारत में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर नष्ट हो गईं। इस आग में कुल 4,000 EVM खाक हो गईं, जिनका इस्तेमाल इसी साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में किया गया था। इस घटना के बाद लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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    कोलकाता में एक सरकारी इमारत में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर नष्ट हो गईं। इस आग में कुल 4,000 EVM खाक हो गईं, जिनका इस्तेमाल इसी साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में किया गया था। इस घटना के बाद लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
    user_Vimlesh sagari
    Vimlesh sagari
    बटियागढ़, दमोह, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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