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उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर मौजूदा स्थिति को 'जंगल राज' करार दिया। 'टीम बॉबी चकराता विधानसभा जौनसार बावर चकराता' की ओर से यह सवाल उठाया गया कि इस 'जंगल राज' का मास्टरमाइंड कौन है, और साथ ही यह घोषणा भी की गई कि बीते 70 सालों का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
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उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर मौजूदा स्थिति को 'जंगल राज' करार दिया। 'टीम बॉबी चकराता विधानसभा जौनसार बावर चकराता' की ओर से यह सवाल उठाया गया कि इस 'जंगल राज' का मास्टरमाइंड कौन है, और साथ ही यह घोषणा भी की गई कि बीते 70 सालों का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
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- हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर में बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग करते नजर आए, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह रही कि यह शूटिंग उसी गली में हो रही है जहाँ दो दिन पहले फिल्म सेट पर लगाए गए 'कैफे एंड बार' बोर्ड को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद, फिल्म यूनिट ने बोर्ड से 'बार' शब्द हटा दिया था, जिसके बाद मामला शांत हुआ था। अभिनेता की एक झलक पाने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशंसकों ने मौके पर भारी भीड़ लगा दी, जहाँ उनमें खासा उत्साह देखने को मिला।1
- दिनांक 19 अप्रैल, 2026 को मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी, जो वसीम सिद्दीकी के पुत्र हैं, के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ था। पीड़ित ने जैसे ही इस अज्ञात लिंक पर क्लिक किया, उनका फोन हैक हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते से ₹20,000 की धनराशि किसी अज्ञात खाते में स्थानांतरित हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने हरिद्वार स्थित साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम सेल हरिद्वार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया। लगातार किए गए तकनीकी प्रयासों और प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप, दिनांक 11 जून, 2026 को पीड़ित मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी को उनके ₹20,000 सफलतापूर्वक वापस दिलवा दिए गए, जिससे युवक खुशी से खिल उठा। इस मामले को सुलझाने के साथ ही, साइबर सेल की टीम ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। इस सफल कार्रवाई के लिए हरिद्वार पुलिस को धन्यवाद दिया गया है।1
- क्षेत्र में एक सड़क का निर्माण न होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आसपास की अन्य सभी सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन यह विशेष सड़क अब तक नहीं बनाई गई है, जिसके कारण आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। यात्रियों ने 'पटेल और गांडेवाड' से इस सड़क को जल्द से जल्द बनवाने की भावुक अपील की है।4
- लक्सर के शिव चौक स्थित स्वागत गेस्ट हाउस में सैनी समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महाराजा भागीरथ की मूर्ति की स्थापना अपने स्वयं के खर्चे पर कराने का निर्णय लिया। सैनी समाज ने नेताओं द्वारा महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर की जा रही राजनीति को बंद किए जाने पर भी विशेष जोर दिया। इसी बैठक के दौरान, सैनी समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से अपने समाज के लिए टिकट की मांग भी रखी।1
- लक्सर के शिव चौक पर सैनी समाज की एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज की एकता को मजबूत करने, राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान, समाज के नेताओं ने लक्सर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सैनी समाज के उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की पुरज़ोर मांग उठाई। इसके साथ ही, यह भी घोषणा की गई कि महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को समाज अपने स्वयं के खर्चे पर स्थापित करेगा, जो उनकी एकजुटता और स्वावलंबन को दर्शाता है। इस मौके पर डॉ. रिशिपाल फतवा, डॉ. सुभाष सैनी और जिला अध्यक्ष बाबूराम सैनी सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इन नेताओं ने सैनी समाज की एकजुटता और उनके राजनीतिक अधिकारों के महत्व पर ज़ोर दिया, जिससे समाज में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ।1
- भोपाल और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को सहारनपुर के नानौता कस्बे में छापेमारी कर मोहल्ला अफगानान निवासी 38 वर्षीय नईम अब्दुल्ला को हिरासत में ले लिया है। एजेंसियां उसे पूछताछ के लिए अपने साथ भोपाल ले गई हैं, जहाँ उसे भोपाल में दर्ज एक मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एटीएस ने लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर यह कार्रवाई की। टीम ने नईम के घर से चार मोबाइल फोन और धार्मिक साहित्य बरामद किया है, जिनमें से एक मोबाइल को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। एजेंसियां नईम की डिजिटल गतिविधियों और उसके संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई भोपाल से पकड़े गए मोहम्मद फराज के मामले से जोड़कर देखी जा रही है। एटीएस के अनुसार, फराज पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है, और जांच में उसके अफगानिस्तान जाकर प्रशिक्षण लेने की तैयारी व विदेशी संपर्कों की बात सामने आने की जानकारी है। एजेंसियां अब देवबंद क्षेत्र से जुड़े संभावित संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और चैट रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान "ऑपरेशन प्रहार" के तहत, कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए की गई थी। इस संबंध में, 12 मई 2026 को वादी मतलूब ने अपनी मोटरसाइकिल संख्या UK17F-4899 चोरी होने की सूचना दी थी, जिस पर भगवानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, 10 जून 2026 को वादी अहसान ने अपनी मोटरसाइकिल UP11BQ-7714 चोरी होने की तहरीर दी थी, जिस पर भी मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए पुलिस टीमों को विशेष निर्देश दिए। जांच के दौरान, पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, और पिछले पांच वर्षों में जेल से छूटे वाहन चोरों का सत्यापन एवं पूछताछ की। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर सहित सीमावर्ती जनपदों के थानों एवं जेलों से भी सूचनाएं एकत्र की गईं। इसी क्रम में, 11 जून 2026 को खेलपुर रोड से खानपुर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग के दौरान, पुलिस टीम ने तीन संदिग्ध युवकों को चोरी हुई मोटरसाइकिलों UK17F4899 और UP11BQ7714 के साथ हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी निशानदेही पर भगवानपुर क्षेत्र से चोरी हुई दोनों मोटरसाइकिलों सहित कुल 12 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों में थाना कलियर क्षेत्र से चोरी हुई एक मोटरसाइकिल और हिमाचल प्रदेश के बद्दी जनपद से चोरी हुई एक बुलेट मोटरसाइकिल भी शामिल है। अन्य वाहनों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सैनी पुत्र सतपाल निवासी अम्बेहटी, कुलदीप कुमार पुत्र भूल्लन निवासी दादनौर (दोनों थाना नकुड़, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और मुनव्वर पुत्र बसीर निवासी कुण्डाकला, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी कुलदीप सैनी का एक लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें झबरेड़ा, हरिद्वार, नकुड़ सहारनपुर और गंगोह सहारनपुर के विभिन्न थानों में चोरी, आईपीसी, बीएनएस, विद्युत अधिनियम, और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आरोपी कुलदीप कुमार पर नकुड़ सहारनपुर और भगवानपुर में बीएनएस से संबंधित दो मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसएचओ रितेश शाह, व0उ0नि0 रमेश कुमार सैनी, उ0नि0 मुकेश नौटियाल, उ0नि0 आशीष नेगी, उ0नि0 नीरज रावत, उ0नि0 सुनीत दत्त, उ0नि0 बालाराम जोशी, है0का0 गीतम सिंह, का0 सचिन तोमर, का0 रविन्द्र राणा, का0 उवैद, का0 सुशील तोमर, है0का0 निर्मल जोशी और विनय थपलियाल शामिल थे।1
- एक संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आम लोगों के बैंक खातों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को अपने साइबर अपराध का माध्यम बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है, जो सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। आरोपी ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे, कभी अपने पिता को कैंसर का मरीज बताकर तो कभी गाड़ी जब्त होने की झूठी कहानी सुनाकर नकद रुपये मांगते थे। नकद लेने के बदले में वे संबंधित व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करते थे। शुरुआत में लोगों को यह सामान्य लेनदेन लगता था, लेकिन कुछ समय बाद उनके बैंक खाते फ्रीज हो जाते थे, तब उन्हें ठगी का अहसास होता था। जांच में पता चला कि यह पैसा साइबर ठगी से हासिल किया गया होता था, जिसके लिए आरोपी विशेष APK फाइलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। ठगी की गई रकम को सीधे CSC सेंटरों और अन्य बैंक खातों में भेजा जाता था ताकि उसके वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद आरोपी नकद रकम को विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कराते थे, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़ी धनराशि के निशान मिटाना और जांच एजेंसियों को गुमराह करना था। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब दाबकी कला गांव के दो CSC संचालकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बहाने बनाकर नकद पैसे लिए और उनके खातों में संदिग्ध रकम डाली, जिसके बाद उनके खाते फ्रीज हो गए और साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई, जिसमें आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से कई QR स्कैनर और संदिग्ध लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया एक POCO मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में हेलंग के समीप एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक आईसर ट्रक (UK11CA-1710) लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरकर सीधे नदी में जा पहुंचा। इस दुखद हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 34 वर्षीय गोपाल सिंह के रूप में हुई है, जो नेपाल का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक जगमोहन सिंह के नेतृत्व में SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू प्रयासों के दौरान पता चला कि ट्रक चालक दुर्घटना के समय वाहन से छिटककर करीब 150 मीटर नीचे पहाड़ी में फंस गया था। SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने बेहद कठिन और विषम परिस्थितियों में चालक तक पहुंच बनाई, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। SDRF ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के लिए जिला पुलिस को सौंप दिया। इस दुखद हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चालक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1