अस्पताल में पत्रकार से अभद्रता, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शिकायत सागवाड़ा अस्पताल में पत्रकार से अभद्रता का आरोप, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शिकायत डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित राजकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सागवाड़ा लाइव न्यूज के संपादक जितेन्द्र सिंह चौहान ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश परमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उपखण्ड अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को एक सड़क दुर्घटना के घायल को अस्पताल लाए जाने की सूचना पर पत्रकार कवरेज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान एम्बुलेंस से मरीज को उतारते समय वार्ड बॉय की अनुपस्थिति देखी गई, जिसे आपातकालीन सेवा में लापरवाही बताया गया। इसी संबंध में जानकारी लेने जब वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे तो वहां उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। पत्रकार का आरोप है कि डॉ. उमेश परमार ने न केवल अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया बल्कि उन्हें चेंबर से बाहर निकालने की धमकी भी दी। साथ ही उन पर महिला वार्ड में जाकर स्तनपान कराती महिलाओं के वीडियो बनाने जैसा गंभीर और निराधार आरोप भी लगाया, जिसे पत्रकार ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर का व्यवहार आम मरीजों और जनता के प्रति भी ठीक नहीं रहता, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और जनविश्वास प्रभावित हो रहा है। पत्रकार ने स्वयं को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि जानकारी लेने के अधिकार के बावजूद उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए पत्रकार ने उपखण्ड अधिकारी से डॉ. परमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, उन्हें तत्काल सागवाड़ा से स्थानांतरित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
अस्पताल में पत्रकार से अभद्रता, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शिकायत सागवाड़ा अस्पताल में पत्रकार से अभद्रता का आरोप, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शिकायत डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित राजकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सागवाड़ा लाइव न्यूज के संपादक जितेन्द्र सिंह चौहान ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश परमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उपखण्ड अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को एक सड़क दुर्घटना के घायल को अस्पताल लाए जाने की सूचना पर पत्रकार कवरेज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान एम्बुलेंस से मरीज को उतारते समय वार्ड बॉय की अनुपस्थिति देखी गई, जिसे आपातकालीन सेवा में लापरवाही बताया गया। इसी संबंध में जानकारी लेने जब वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे तो वहां उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। पत्रकार का आरोप है कि डॉ. उमेश परमार ने न केवल अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया बल्कि उन्हें चेंबर से बाहर निकालने की धमकी भी दी। साथ ही उन पर महिला वार्ड में जाकर स्तनपान कराती महिलाओं के वीडियो बनाने जैसा गंभीर और निराधार आरोप भी लगाया, जिसे पत्रकार ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर का व्यवहार आम मरीजों और जनता के प्रति भी ठीक नहीं रहता, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और जनविश्वास प्रभावित हो रहा है। पत्रकार ने स्वयं को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि जानकारी लेने के अधिकार के बावजूद उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए पत्रकार ने उपखण्ड अधिकारी से डॉ. परमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, उन्हें तत्काल सागवाड़ा से स्थानांतरित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
- सागवाड़ा अस्पताल में पत्रकार से अभद्रता का आरोप, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ शिकायत डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित राजकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सागवाड़ा लाइव न्यूज के संपादक जितेन्द्र सिंह चौहान ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश परमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उपखण्ड अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को एक सड़क दुर्घटना के घायल को अस्पताल लाए जाने की सूचना पर पत्रकार कवरेज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान एम्बुलेंस से मरीज को उतारते समय वार्ड बॉय की अनुपस्थिति देखी गई, जिसे आपातकालीन सेवा में लापरवाही बताया गया। इसी संबंध में जानकारी लेने जब वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे तो वहां उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। पत्रकार का आरोप है कि डॉ. उमेश परमार ने न केवल अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया बल्कि उन्हें चेंबर से बाहर निकालने की धमकी भी दी। साथ ही उन पर महिला वार्ड में जाकर स्तनपान कराती महिलाओं के वीडियो बनाने जैसा गंभीर और निराधार आरोप भी लगाया, जिसे पत्रकार ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर का व्यवहार आम मरीजों और जनता के प्रति भी ठीक नहीं रहता, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और जनविश्वास प्रभावित हो रहा है। पत्रकार ने स्वयं को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि जानकारी लेने के अधिकार के बावजूद उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए पत्रकार ने उपखण्ड अधिकारी से डॉ. परमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, उन्हें तत्काल सागवाड़ा से स्थानांतरित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का राजस्थान वार काउंसिल के चुनाव पर विशेष बुलेटिन जारी। चल रहा है जबरदस्त घमासान 234 हजार चौतीश वकीलों में। 84000 वकील करेंगे कल अपने मत का उपयोग और चुनेगे 20 अपने प्रतिनिधि। कोटा जिला बार एसोसिएशन के लोकप्रिय प्रत्याशी महेश शर्मा एडवोकेट प्रथम वीरता में सबसे आगे। उनकी फीईट रहेगी रघुनंदन शर्मा से जो एक बार पूर्व में चुनाव हार चुके हैं। वही राजेश सुराणा भी सर्वाधिक वोटो से जीतेंगे जोधपुर के लोकप्रिय वकील हैं।1
- धंबोला। धंबोला थाना क्षेत्र के राखोड़िया कस्बे में एक शादी समारोह उस वक्त मातम में बदल गया जब बिनोला की रस्म के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, शादी में मौजूद युवकों के बीच शुरू हुई बहस जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गई, जिसमें कांति पिता खतरा रोत (उम्र 35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन व ग्रामीण तुरंत घायल कांति को संभालने में जुटे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मारपीट के दौरान लगी चोटों के कारण कांति की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा मोर्चरी में रखवाया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, शादी जैसे खुशी के मौके पर इस तरह की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- झाड़ियों में गुम हुआ शौचालय, जिम्मेदारों की लापरवाही से हवाहवाई हुआ स्वच्छता संकल्प संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। एक ओर जहाँ देश के शीर्ष अधिकारी और राजनेता स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर उतारने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं ग्राम पंचायत मांडव के राजस्व गांव सुरेला में जमीनी हकीकत इसके उलट और बेहद शर्मनाक है। यहाँ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के समीप बना सार्वजनिक शौचालय भ्रष्टाचार और अनदेखी की भेंट चढ़ चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि रखरखाव के अभाव में यह शौचालय अब कंटीली झाड़ियों के पीछे पूरी तरह छिप गया है। परकोटे से रास्ता बंद होने और चारों ओर उगी झाड़ियों के कारण यहाँ तक पहुँचना भी नामुमकिन है। यदि कोई साहस जुटाकर करीब पहुँच भी जाए, तो वहां फैली असहनीय दुर्गंध आमजन का दम घोंटने के लिए काफी है। - नौनिहालों के भविष्य और स्वास्थ्य से खिलवाड़ सबसे गंभीर स्थिति विद्यालय की है, जहाँ करीब 80 से 95 छात्र-छात्राएं और 9 शिक्षकों का स्टाफ कार्यरत है। स्कूल परिसर में शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राओं को खुले में या स्कूल परिसर से बाहर जाने को मजबूर होना पड़ता है। शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की ऐसी घोर लापरवाही ने स्वच्छता अभियान के दावों की पोल खोल कर रख दी है। विद्यालय के पास बने इस सार्वजनिक शौचालय के भीतर का दृश्य और भी विचलित करने वाला है। अंदर टाइल्स और कमोड टूटे हुए हैं, और स्वच्छता की जगह बियर की खाली बोतलें और गंदगी का अंबार लगा है। पानी की कोई व्यवस्था न होने से पुरुष शौचालय खंडहर में तब्दील हो चुका है, जबकि महिला शौचालय तो उपयोग करने की स्थिति में भी नहीं बचा है। - ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल इस जनहित के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत की अनदेखी ने इस मिशन को केवल कागजों तक सीमित कर दिया है। सरकारी धन का ऐसा दुरुपयोग स्थानीय निवासियों के गले नहीं उतर रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शौचालय की मरम्मत कर इसे सुचारू नहीं किया गया और स्कूल के बच्चों के लिए उचित प्रबंध नहीं हुए, तो वे इस लापरवाही के विरुद्ध उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। अब देखना यह है कि स्वच्छ भारत का दम भरने वाला प्रशासन कब नींद से जागता है।1
- सागवाड़ा | डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट ब्रिज के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुजरात से बजरी भरकर बांसवाड़ा की ओर जा रहा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे में डंपर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसे करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जानकारी के अनुसार चिखली निवासी कमलेश बागडिया डंपर लेकर गुजरात से बांसवाड़ा जा रहा था। गलियाकोट ब्रिज के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और डंपर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक कमलेश के पैर केबिन में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने पहले जेसीबी मशीन बुलाकर केबिन को खींचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। चालक की गंभीर हालत और दर्द को देखते हुए पुलिस ने तत्काल डॉक्टरों की टीम को मौके पर बुलवाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही चिकित्सकों ने केबिन में फंसे चालक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, ताकि उसे सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से बचाया जा सके। इसके बाद गैस कटर की मदद से केबिन के लोहे के हिस्सों को काटा गया और चालक तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कमलेश को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।1
- हज़रत पीर बादशाह के 48वें उर्स पर मजार पर चढ़ाई चादर,अमन-चैन की दुआं मांगी जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-हजरत पीर बादशाह बड़ वाले बाबा के 48वें उर्स तीन दिवसीय कार्यक्रम में मंगलवार को बाबा की मजार पर चादर शरीफ पेश की गई। फातिहा पढ़ी गई और अमन और चैन के लिए दुआएं की गई। कार्यक्रम में मंगलवार शाम को चादर शरीफ का जुलूस निकाला गया। जो पठान मोहल्ले से शुरू होता हुआ दरगाह पर पहुंचा है। इस दौरान दरगाह कमेटी के के सदर मोहम्मद हनीफ के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया है। उर्स के मौके पर पठान मोहल्ले से चादर शरीफ का जुलूस निकाला। जहां पर हाफिज फारुख हुसैन द्वारा नाते कलाम पेश की गई। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग सम्मिलित हुए हैं। इस दौरान बड़ वाले बाबा की मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। वहीं बुधवार को कूल की फातिहा की रस्म अदा की जाएगी साथ ही लंगर का आयोजन भी होगा।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (विधवा महिला के बेल को पिटने वाले पर अब होगी कानुनी कार्यवाही, पुलिस पंहुची मोके पर) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के पाटन पुलिस थाना क्षेत्र के गलदर गांव की एक विधवा मां ने गांव के ही युवक द्वारा बेल को पिटने व लड़ाई झगड़ा पर उतारू को लेकर पाटन पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दी जिस पर पाटन पुलिस ने तुरन्त एक्सन लेते हुए थानाधिकारी सुरजमल खराड़ी ने थाने में पदस्थ एएसआई शंकरलाल को मय जाब्ता मौके पर भेजा पुलिस ने मोके पर पंहुच कर पशु चिकित्सा अधिकारी को बुला कर बेल का मेडीकल करवा कर बेल को पिटने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अंजाम में लाई जाएगी वहीं क्षेत्र में गो माता के सम्मान में सभी ने नंदी को लेकर सोशल मिडिया पर जो साथ दिया जीसे जनता में सराहा जा रहा है3
- डूंगरपुर: रेती से भरा डंपर पेड़ से टकराया, 3 घंटे की मशक्कत के बाद ड्राइवर को सकुशल निकाला डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट रोड स्थित नेशनल हाईवे 927ए बायपास ओवरब्रिज के नीचे सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 5 बजे रेती से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पीपल के पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर उसमें फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अधिकारी मनीष खोईवाल के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और क्रेन को बुलाया गया। ग्रामीणों की मदद से करीब 3 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद डंपर में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायल ड्राइवर की पहचान पोपटलाल पुत्र कमलेशलाल बगड़िया निवासी चिखली राठड़ी के रूप में हुई है। चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। गनीमत रही कि हादसे में ड्राइवर की जान बच गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1