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आदिवासी बेटी संदीपा बेदिया का घर देखिए, बिरसा मुंडा का जीवंत किरदार निभाकर अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं

10 hrs ago
user_Anit tiwary
Anit tiwary
Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
10 hrs ago

आदिवासी बेटी संदीपा बेदिया का घर देखिए, बिरसा मुंडा का जीवंत किरदार निभाकर अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं

More news from झारखंड and nearby areas
  • गरीब की सेवा काम की एक झलक देखे लाइव वीडियो भारत न्यूज़ बुलेटिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबी कम करने (Garibi Hit/Ulmulan) और गरीबों के उत्थान के लिए कई प्रमुख योजनाएं चलाई जा रही हैं। 2024-2026 तक की जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य भोजन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना है।  यहाँ प्रमुख गरीबी-विरोधी योजनाओं का विवरण दिया गया है: 1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY):  विवरण: यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसके तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन (5 किलो प्रति व्यक्ति/माह) दिया जा रहा है। उद्देश्य: सुनिश्चित करना कि कोई भी गरीब भूख से न सोए।  2. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY - ग्रामीण और शहरी): विवरण: 2024-25 में PMAY-U 2.0 शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ अतिरिक्त घरों का निर्माण करना है। अब तक करोड़ों पक्के मकान गरीबों को मिल चुके हैं। उद्देश्य: हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर हो (2029 तक का लक्ष्य)।  3. आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY): विवरण: गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है। उद्देश्य: स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के कारण गरीबों को और अधिक गरीब होने (Catastrophic expenditure) से बचाना।  4. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA): विवरण: ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक परिवारों को 100 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करना।
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    गरीब की सेवा काम की एक झलक देखे लाइव वीडियो भारत न्यूज़ बुलेटिन पर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबी कम करने (Garibi Hit/Ulmulan) और गरीबों के उत्थान के लिए कई प्रमुख योजनाएं चलाई जा रही हैं। 2024-2026 तक की जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य भोजन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना है। 
यहाँ प्रमुख गरीबी-विरोधी योजनाओं का विवरण दिया गया है:
1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY): 
विवरण: यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसके तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन (5 किलो प्रति व्यक्ति/माह) दिया जा रहा है।
उद्देश्य: सुनिश्चित करना कि कोई भी गरीब भूख से न सोए। 
2. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY - ग्रामीण और शहरी):
विवरण: 2024-25 में PMAY-U 2.0 शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ अतिरिक्त घरों का निर्माण करना है। अब तक करोड़ों पक्के मकान गरीबों को मिल चुके हैं।
उद्देश्य: हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर हो (2029 तक का लक्ष्य)। 
3. आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY):
विवरण: गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है।
उद्देश्य: स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के कारण गरीबों को और अधिक गरीब होने (Catastrophic expenditure) से बचाना। 
4. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA):
विवरण: ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक परिवारों को 100 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करना।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • बलरामपुर ब्रेकिंग... बस स्टैंड के पास किराना दुकान में भीषण आग.! दमकल और स्थानीय लोगों के मदद से आग पर पाया काबू.! समय रहते आग पर नियंत्रण, बड़ा हादसा टला.! बलरामपुर जिले के कुसमी नगर पंचायत की है घटना.!
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    बलरामपुर ब्रेकिंग...
बस स्टैंड के पास किराना दुकान में भीषण आग.!
दमकल और स्थानीय लोगों के मदद से आग पर पाया काबू.!
समय रहते आग पर नियंत्रण, बड़ा हादसा टला.!
बलरामपुर जिले के कुसमी नगर पंचायत की है घटना.!
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • ब्रेकिंग बलरामपुर NH-343 निर्माण की सुस्त रफ्तार ​बलरामपुर में NH-343 बना मुसीबत की राह कछुआ गति से हो रहे निर्माण ने राहगीरों का चलना किया दूभर, ठेकेदार की मनमानी से जनता में भारी ​धूल के गुबारों में गुम हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग पानी के छिड़काव न होने से ग्रामीण और राहगीर परेशान, सांस लेना भी हुआ मुश्किल। ​प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ा विकास बलरामपुर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी, बेलगाम ठेकेदार अपनी शर्तों पर कर रहा काम। ​बरसात की दस्तक और अधूरा निर्माण महज डेढ़ महीने में मानसून की आहट, nh मे अधूरे पड़े नाली और पुलिया बढ़ा सकते हैं बड़ी मुसीबत। ​रामानुजगंज-अंबिकापुर मार्ग पर बढ़ा सफर का समय 110 किमी की दूरी तय करना बना चुनौती, खराब सड़क और धूल से यात्री बेहाल। ​ग्रामीणों की मांग को किया जा रहा दरकिनार बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हो रहा पानी का छिड़काव, धूल से बीमार हो रहे हैं स्थानीय लोग। जिला प्रशासन के तरफ से कोई पहल नहीं पूरा मामला बलरामपुर जिले के सड़क nh 343 राष्ट्रीय राजमार्ग का है
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    ब्रेकिंग बलरामपुर
NH-343 निर्माण की सुस्त रफ्तार
​बलरामपुर में NH-343 बना मुसीबत की राह कछुआ गति से हो रहे निर्माण ने राहगीरों का चलना किया दूभर, ठेकेदार की मनमानी से जनता में भारी 
​धूल के गुबारों में गुम हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग 
पानी के छिड़काव न होने से ग्रामीण और राहगीर परेशान, सांस लेना भी हुआ मुश्किल।
​प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ा विकास 
बलरामपुर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी, बेलगाम ठेकेदार 
अपनी शर्तों पर कर रहा काम।
​बरसात की दस्तक और अधूरा निर्माण महज डेढ़ महीने में मानसून की आहट,
nh मे अधूरे पड़े नाली और पुलिया बढ़ा सकते हैं बड़ी मुसीबत।
​रामानुजगंज-अंबिकापुर मार्ग पर बढ़ा सफर का समय 110 किमी की दूरी तय करना बना चुनौती, खराब सड़क और धूल से यात्री बेहाल।
​ग्रामीणों की मांग को किया जा रहा दरकिनार बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हो रहा पानी का छिड़काव, 
धूल से बीमार हो रहे हैं स्थानीय लोग।
जिला प्रशासन के तरफ से कोई पहल नहीं 
पूरा मामला बलरामपुर जिले के  सड़क nh 343 राष्ट्रीय राजमार्ग का है
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • डाल्टनगंज ,पलामू:-डाल्टनगंज पलामू के उपायुक्त महोदय दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि मैं पलामू जिले के डाल्टनगंज से ही प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की थी, और मेरा आगमन दोबारा पलामू जिले में हुआ है|सरकार के जितने भी महत्वाकांक्षी योजना है उसे धरातल में उतरने की पूरी कोशिश करेंगे|अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाएंगे, साथी विकास के जितने भी काम है उसमें तेजी लाएंगे, साथ ही पलामू की जो जनता है उनकी बात को सही प्लेटफॉर्म पर पहुंचाया जाए, उनकी बात सुनी जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए|विधि व्यवस्था संधारण मैं पूरा जोर रहेगा और आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और एक अच्छी मिसाल पेश करेंगे|
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    डाल्टनगंज ,पलामू:-डाल्टनगंज पलामू के उपायुक्त महोदय दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि मैं पलामू जिले के डाल्टनगंज से ही प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की थी,  और मेरा आगमन दोबारा पलामू  जिले में हुआ है|सरकार के जितने भी महत्वाकांक्षी योजना है उसे धरातल में उतरने की पूरी कोशिश करेंगे|अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाएंगे, साथी विकास के जितने भी काम है उसमें तेजी लाएंगे,  साथ ही पलामू की जो जनता है उनकी बात को सही प्लेटफॉर्म पर पहुंचाया जाए, उनकी बात सुनी जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए|विधि व्यवस्था संधारण मैं पूरा जोर रहेगा और आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और एक अच्छी मिसाल पेश करेंगे|
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    21 hrs ago
  • बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली आर्थिक विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम देवसराकला निवासी 63 वर्षीय धारी उरांव और गांव के ही संजीत उरांव के बीच जनवरी महीने में भैंसा बेचने को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि संजीत उरांव ने मध्यस्थता करते हुए धारी उरांव का भैंसा 15,500 रुपये में बिकवाया था, जबकि धारी उरांव उसे 16,500 रुपये में बेचना चाहता था। इस कारण धारी उरांव को 1,000 रुपये का नुकसान हुआ, जिसे लेकर वह अक्सर नाराज रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, धारी उरांव शराब के नशे में कई बार संजीत उरांव पर 1,000 रुपये हड़पने का आरोप लगाता था। यह विवाद धीरे-धीरे व्यक्तिगत तनाव में बदल गया। घटना की रात क्या हुआ घटना 6 फरवरी 2026 की रात करीब 8 बजे की है। उस समय संजीत उरांव अपने घर के बाहर सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहा था। इसी दौरान धारी उरांव वहां पहुंचा और फिर से पैसे को लेकर विवाद शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस तेजी से बढ़ी और गुस्से में आकर संजीत उरांव ने अपने हाथ में रखी थाली से धारी उरांव पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने धारी उरांव को पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जिससे बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन आरोपी ने तत्काल इलाज कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की। इलाज में देरी और बिगड़ती हालत अगले दिन 7 फरवरी को परिजन घायल धारी उरांव को शंकरगढ़ अस्पताल ले गए। वहां प्रारंभिक इलाज के दौरान परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि वह गिरने से घायल हुए हैं। हालांकि, हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रायपुर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब दो सप्ताह तक इलाज चलने के बावजूद धारी उरांव की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। अंततः 20 फरवरी को परिजन थाना कुसमी पहुंचे और संजीत उरांव के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मौत के बाद बढ़ीं धाराएं शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच 21 फरवरी 2026 को रायपुर अस्पताल में इलाज के दौरान धारी उरांव की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण ही धारी उरांव की मृत्यु हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में गंभीर धारा 103(1) बीएनएस (हत्या से संबंधित) जोड़ दी। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी संजीत उरांव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसक रूप लेकर गंभीर अपराध में बदल जाते हैं।
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    बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली आर्थिक विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम देवसराकला निवासी 63 वर्षीय धारी उरांव और गांव के ही संजीत उरांव के बीच जनवरी महीने में भैंसा बेचने को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि संजीत उरांव ने मध्यस्थता करते हुए धारी उरांव का भैंसा 15,500 रुपये में बिकवाया था, जबकि धारी उरांव उसे 16,500 रुपये में बेचना चाहता था। इस कारण धारी उरांव को 1,000 रुपये का नुकसान हुआ, जिसे लेकर वह अक्सर नाराज रहता था।
ग्रामीणों के मुताबिक, धारी उरांव शराब के नशे में कई बार संजीत उरांव पर 1,000 रुपये हड़पने का आरोप लगाता था। यह विवाद धीरे-धीरे व्यक्तिगत तनाव में बदल गया।
घटना की रात क्या हुआ
घटना 6 फरवरी 2026 की रात करीब 8 बजे की है। उस समय संजीत उरांव अपने घर के बाहर सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहा था। इसी दौरान धारी उरांव वहां पहुंचा और फिर से पैसे को लेकर विवाद शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस तेजी से बढ़ी और गुस्से में आकर संजीत उरांव ने अपने हाथ में रखी थाली से धारी उरांव पर हमला कर दिया।
इसके बाद उसने धारी उरांव को पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जिससे बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन आरोपी ने तत्काल इलाज कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की।
इलाज में देरी और बिगड़ती हालत
अगले दिन 7 फरवरी को परिजन घायल धारी उरांव को शंकरगढ़ अस्पताल ले गए। वहां प्रारंभिक इलाज के दौरान परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि वह गिरने से घायल हुए हैं। हालांकि, हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रायपुर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया।
करीब दो सप्ताह तक इलाज चलने के बावजूद धारी उरांव की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। अंततः 20 फरवरी को परिजन थाना कुसमी पहुंचे और संजीत उरांव के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मौत के बाद बढ़ीं धाराएं
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच 21 फरवरी 2026 को रायपुर अस्पताल में इलाज के दौरान धारी उरांव की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण ही धारी उरांव की मृत्यु हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में गंभीर धारा 103(1) बीएनएस (हत्या से संबंधित) जोड़ दी।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी संजीत उरांव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसक रूप लेकर गंभीर अपराध में बदल जाते हैं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • Post by Ratan Choudhry
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    Post by Ratan Choudhry
    user_Ratan Choudhry
    Ratan Choudhry
    Insurance Agent बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • Maharashtra ke IT company mein kya khulasa hua hai. महाराष्ट्र के नासिक में एक आईटी कंपनी (TCS) से जुड़ी कुछ गंभीर खबरों की जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।  मामले के मुख्य बिंदु: पुलिस जांच: नासिक पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है। आरोप: कुछ कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर भेदभाव और अनुचित दबाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। कंपनी की प्रतिक्रिया: कंपनी ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू की है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं। महिला आयोग की भूमिका: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और स्थिति की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है।  यह मामला वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया और जांच के अधीन है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट का इंतजार करना उचित होगा।
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    Maharashtra ke IT company mein kya khulasa hua hai.
महाराष्ट्र के नासिक में एक आईटी कंपनी (TCS) से जुड़ी कुछ गंभीर खबरों की जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। 
मामले के मुख्य बिंदु:
पुलिस जांच: नासिक पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है।
आरोप: कुछ कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर भेदभाव और अनुचित दबाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
कंपनी की प्रतिक्रिया: कंपनी ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू की है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
महिला आयोग की भूमिका: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और स्थिति की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। 
यह मामला वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया और जांच के अधीन है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट का इंतजार करना उचित होगा।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • बरवाडीह,लातेहार:-प्रखंड क्षेत्र के बरवाडीह में स्कूल रुआर कार्यक्रम 2026 का एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन आर प्लस टू उच्च विद्यालय बरवाडीह के प्रांगण में किया गया|कार्यशाला का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, शिक्षा विभाग के सीआरपी श्याम मनोहर यादव और सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने संयुक्त रूप से प्रज्वलित कर किया|यह एकदिवसीय रुआर कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने की|इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत करने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज को पुष्प गुच्छ और माला पहनकर स्वागत किया|कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के सभी और नामांकित बच्चों को सत प्रतिशत विद्यालय में अनामांकित का नामांकन सुनिश्चित करना तथा स्कूल छोड़ चुके उन सभी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना रहा|अधिकारियों ने बताया कि यह नामांकन प्रक्रिया 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में चलाया जाएगा|कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षक कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वह घर-घर जाकर सर्व करें, स्कूल से बाहरी बच्चों की पहचान करें और उनके अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करें|विशेष रूप से उन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दे जिन्होंने किसी कारण बस विद्यालय छोड़ दिया हैं|
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    बरवाडीह,लातेहार:-प्रखंड क्षेत्र के बरवाडीह में स्कूल रुआर कार्यक्रम 2026 का एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन आर प्लस टू उच्च विद्यालय बरवाडीह के प्रांगण में किया गया|कार्यशाला का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, शिक्षा विभाग के सीआरपी श्याम मनोहर यादव और सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने संयुक्त रूप से प्रज्वलित कर किया|यह एकदिवसीय रुआर कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने की|इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत करने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज को पुष्प गुच्छ और माला पहनकर स्वागत किया|कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के सभी और नामांकित बच्चों को सत प्रतिशत विद्यालय में अनामांकित का नामांकन सुनिश्चित करना तथा स्कूल छोड़ चुके उन सभी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना रहा|अधिकारियों ने बताया कि यह नामांकन प्रक्रिया 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में चलाया जाएगा|कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षक कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वह घर-घर जाकर सर्व करें, स्कूल से बाहरी बच्चों की पहचान करें और उनके अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करें|विशेष रूप से उन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दे जिन्होंने किसी कारण बस विद्यालय छोड़ दिया हैं|
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    21 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ने किया पीएमजीएसवाई फेस-4 का शुभारंभ 774 सड़कों का किया शिलान्यास जिले में 58 सड़कों से जुड़ेगी नई बसाहटें* बलरामपुर @मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास कर शुभारंभ किया। जिसके अंतर्गत वर्चुअल रूप से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की 58 कार्य का भी शुभारम्भ किया गया। इसी कड़ी में जिले में बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा,नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, गणमान्य नागरिक भानु प्रकाश दीक्षित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समग्र विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन और विकास के साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-4 अंतर्गत प्रदेश में 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना नहीं थी, तब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति धीमी थी और बिजली, सड़क, नलकूप जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा और विकास को गति मिली। उन्होंने कहा कि बिना सड़कों के विकास संभव नहीं है, इसलिए सबसे पहले बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा गया। योजना के फेस 4 में बचे बसाहटों को बारह मासी सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में दो प्रमुख सड़क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के शुभारंभ की जानकारी देते हुए कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में इन सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने मोर तरिया आय के नवा जरिए योजना के तहत स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी। जिला मुख्यालय स्तर पर आआयोजित कार्यक्रम मे जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन के सहयोग से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बलरामपुर जिले में 58 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में सतत विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। निकुंज ने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि जाति, राशन कार्ड, मतदाता सूची, बैंकिंग सेवाएं तथा बिजली बिल भुगतान जैसी समस्याओं के समाधान हेतु इन केंद्रों की स्थापना की गई है। इससे ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ अब आसानी से और समय पर मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। और इसका विस्तार भी किया जा रहा है रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इस योजना के अंतर्गत किलोमीटर लंबी सड़कों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों के लिए कोई सुदृढ़ योजना नहीं थी, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर गांवों की कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिनके पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने कहा कि पूर्व में क्षेत्र की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और सड़कों का तेजी से निर्माण एवं सुधार कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है।और लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि सरकार के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़कों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और गांव-गांव तक सड़क नेटवर्क विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है उन्होंने कहा कि बारह मासी सड़कों के माध्यम से गांवों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे वर्षभर सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा और विकास को और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किया। नवा तरीया आय का जरिया योजना के तहत शंकरगढ़ व वाड्रफनगर में मिली स्वीकृति कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना नवा तरीया आय का जरिया मनरेगा योजना अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत सरीमा एवं विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रजखेता को नवा तरीया निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश दिया गया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 25 -26 में फेस 4 के प्रथम चरण में कुल 58 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है जिसकी कुल लंबाई 142.55 किलोमीटर एवं लागत लगभग 140.8 करोड़ है इन सड़कों के निर्माण से 58 नवीन बसाहटें अब पक्की सड़कों से जुड़ेंगे जिसे वर्ष भर आवागमन सुगम होगा। हेडींग और सब हेडिंग चटपटा बनाएं
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    मुख्यमंत्री ने किया पीएमजीएसवाई फेस-4 का शुभारंभ
774 सड़कों का किया  शिलान्यास
जिले में 58 सड़कों से जुड़ेगी नई बसाहटें*
बलरामपुर @मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास कर शुभारंभ किया। जिसके अंतर्गत वर्चुअल रूप से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की 58 कार्य का भी शुभारम्भ किया गया। इसी कड़ी में जिले में बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष  धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा,नगर पालिका अध्यक्ष  लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी, गणमान्य नागरिक भानु प्रकाश दीक्षित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर, कार्यपालन अभियंता  सच्चिदानंद कांत एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समग्र विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन और विकास के साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-4 अंतर्गत प्रदेश में 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना नहीं थी, तब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति धीमी थी और बिजली, सड़क, नलकूप जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा और विकास को गति मिली। उन्होंने कहा कि बिना सड़कों के विकास संभव नहीं है, इसलिए सबसे पहले बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा गया। योजना के फेस 4 में बचे बसाहटों को बारह मासी सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में दो प्रमुख सड़क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के शुभारंभ की जानकारी देते हुए कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में इन सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने मोर तरिया आय के नवा जरिए योजना के तहत स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी।
जिला मुख्यालय स्तर पर आआयोजित कार्यक्रम मे जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज ने  अपने उद्बोधन में कहा कि शासन के सहयोग से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बलरामपुर जिले में 58 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में सतत विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।  निकुंज ने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि जाति, राशन कार्ड, मतदाता सूची, बैंकिंग सेवाएं तथा बिजली बिल भुगतान जैसी समस्याओं के समाधान हेतु इन केंद्रों की स्थापना की गई है। इससे ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ अब आसानी से और समय पर मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। और इसका विस्तार भी किया जा रहा है
रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  ओम प्रकाश जायसवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इस योजना के अंतर्गत किलोमीटर लंबी सड़कों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों के लिए कोई सुदृढ़ योजना नहीं थी, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर गांवों की कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिनके पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष  धीरज सिंह देव ने कहा कि पूर्व में क्षेत्र की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और सड़कों का तेजी से निर्माण एवं सुधार कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है।और लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि सरकार के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़कों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और गांव-गांव तक सड़क नेटवर्क विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है उन्होंने कहा कि बारह मासी सड़कों के माध्यम से गांवों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे वर्षभर सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा और विकास को और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किया।
नवा तरीया आय का जरिया योजना के तहत शंकरगढ़ व वाड्रफनगर में मिली स्वीकृति
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना नवा तरीया आय का जरिया मनरेगा योजना अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत सरीमा एवं विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रजखेता को नवा तरीया निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश दिया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 25 -26 में फेस 4 के प्रथम चरण में कुल 58 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है जिसकी कुल लंबाई 142.55 किलोमीटर एवं लागत लगभग 140.8 करोड़ है इन सड़कों के निर्माण से 58 नवीन बसाहटें अब पक्की सड़कों से जुड़ेंगे जिसे वर्ष भर आवागमन सुगम होगा।
हेडींग और सब हेडिंग चटपटा बनाएं
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
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