बरवाडीह में स्कूल रुआर 2026 कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य , शिक्षा के मुख्य धारा से भटक चुके उन सभी बच्चों को विद्यालय में पुनः नामांकन करना है बरवाडीह,लातेहार:-प्रखंड क्षेत्र के बरवाडीह में स्कूल रुआर कार्यक्रम 2026 का एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन आर प्लस टू उच्च विद्यालय बरवाडीह के प्रांगण में किया गया|कार्यशाला का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, शिक्षा विभाग के सीआरपी श्याम मनोहर यादव और सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने संयुक्त रूप से प्रज्वलित कर किया|यह एकदिवसीय रुआर कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने की|इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत करने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज को पुष्प गुच्छ और माला पहनकर स्वागत किया|कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के सभी और नामांकित बच्चों को सत प्रतिशत विद्यालय में अनामांकित का नामांकन सुनिश्चित करना तथा स्कूल छोड़ चुके उन सभी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना रहा|अधिकारियों ने बताया कि यह नामांकन प्रक्रिया 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में चलाया जाएगा|कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षक कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वह घर-घर जाकर सर्व करें, स्कूल से बाहरी बच्चों की पहचान करें और उनके अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करें|विशेष रूप से उन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दे जिन्होंने किसी कारण बस विद्यालय छोड़ दिया हैं|
बरवाडीह में स्कूल रुआर 2026 कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य , शिक्षा के मुख्य धारा से भटक चुके उन सभी बच्चों को विद्यालय में पुनः नामांकन करना है बरवाडीह,लातेहार:-प्रखंड क्षेत्र के बरवाडीह में स्कूल रुआर कार्यक्रम 2026 का एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन आर प्लस टू उच्च विद्यालय बरवाडीह के प्रांगण में किया गया|कार्यशाला का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, शिक्षा विभाग के सीआरपी श्याम मनोहर यादव और सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने संयुक्त रूप से प्रज्वलित कर किया|यह एकदिवसीय रुआर कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने की|इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत करने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज को पुष्प गुच्छ और माला पहनकर स्वागत किया|कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के सभी और नामांकित बच्चों को सत प्रतिशत विद्यालय में अनामांकित का नामांकन सुनिश्चित करना तथा स्कूल छोड़ चुके उन सभी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना रहा|अधिकारियों ने बताया कि यह नामांकन प्रक्रिया 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में चलाया जाएगा|कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षक कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वह घर-घर जाकर सर्व करें, स्कूल से बाहरी बच्चों की पहचान करें और उनके अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करें|विशेष रूप से उन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दे जिन्होंने किसी कारण बस विद्यालय छोड़ दिया हैं|
- महुआडांड़ अनुमंडल के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से आग का ऐसा तांडव मचा है कि हर तरफ सिर्फ धुआं, लपटें और तबाही नजर आ रही है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार महकमा अब भी गहरी नींद में है।जंगल धू-धू कर जल रहा है पेड़ राख बन रहे हैं और बेजुबान जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खौफनाक हैं कि आसमान में काले धुएं की मोटी चादर छा गई है ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया है तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया है छोटे जीव-जंतु, पक्षी और उनके अंडे जलकर खत्म हो चुके हैं स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी एक हफ्ते से आग लगी है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद में है कोई सुनने वाला नहीं! तेज हवाएं और सूखे पत्ते आग को और विकराल बना रहे हैं। हर दिन नया इलाका इसकी चपेट में आ रहा है, लेकिन जमीन पर असरदार कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही। ये सिर्फ आग नहीं है यह सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और संवेदनहीनता की जलती हुई मिसाल है।1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।2
- Post by Sunil singh1
- कान्हाचट्टी: कान्हाचट्टी प्रखंड के मदगड़ा पंचायत के ग्राम हरहद में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। नव निर्मित कौलेश्वरी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित इस यज्ञ का समापन 26 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा। कलश यात्रा यज्ञ मण्डप से शुरू हुआ जो पवित्र नदी पहुंचा जहाँ से कलश में जल भराव का रष्म पूरा हुआ। इसके बाद कलश को पूरे नगर में भ्रमण कराते हुए यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण हो गया। अध्यक्ष राम रंजन साव ने कहा कि कलश यात्रा के साथ आज से यज्ञ का शुभारंभ हुआ है, जिसमें राजद नेत्री रशिम प्रकाश सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- यह प्राचीन शिव मंदिर लोहरदगा जिला का किस्को प्रखंड का देवदरिया पंचायत का देवदरिया गांव में हैं1
- Post by AAM JANATA1
- (लातेहार) महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।1
- Post by Sunil singh1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ अनुमंडल के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से आग का ऐसा तांडव मचा है कि हर तरफ सिर्फ धुआं, लपटें और तबाही नजर आ रही है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार महकमा अब भी गहरी नींद में है।जंगल धू-धू कर जल रहा है पेड़ राख बन रहे हैं और बेजुबान जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खौफनाक हैं कि आसमान में काले धुएं की मोटी चादर छा गई है ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया है तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया है छोटे जीव-जंतु, पक्षी और उनके अंडे जलकर खत्म हो चुके हैं स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी एक हफ्ते से आग लगी है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद में है कोई सुनने वाला नहीं! तेज हवाएं और सूखे पत्ते आग को और विकराल बना रहे हैं। हर दिन नया इलाका इसकी चपेट में आ रहा है, लेकिन जमीन पर असरदार कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही। ये सिर्फ आग नहीं है यह सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और संवेदनहीनता की जलती हुई मिसाल है।3