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_हरहद में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, कलश यात्रा के साथ हुई शुरुआत_ कान्हाचट्टी: कान्हाचट्टी प्रखंड के मदगड़ा पंचायत के ग्राम हरहद में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। नव निर्मित कौलेश्वरी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित इस यज्ञ का समापन 26 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा। कलश यात्रा यज्ञ मण्डप से शुरू हुआ जो पवित्र नदी पहुंचा जहाँ से कलश में जल भराव का रष्म पूरा हुआ। इसके बाद कलश को पूरे नगर में भ्रमण कराते हुए यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण हो गया। अध्यक्ष राम रंजन साव ने कहा कि कलश यात्रा के साथ आज से यज्ञ का शुभारंभ हुआ है, जिसमें राजद नेत्री रशिम प्रकाश सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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_हरहद में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, कलश यात्रा के साथ हुई शुरुआत_ कान्हाचट्टी: कान्हाचट्टी प्रखंड के मदगड़ा पंचायत के ग्राम हरहद में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। नव निर्मित कौलेश्वरी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित इस यज्ञ का समापन 26 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा। कलश यात्रा यज्ञ मण्डप से शुरू हुआ जो पवित्र नदी पहुंचा जहाँ से कलश में जल भराव का रष्म पूरा हुआ। इसके बाद कलश को पूरे नगर में भ्रमण कराते हुए यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण हो गया। अध्यक्ष राम रंजन साव ने कहा कि कलश यात्रा के साथ आज से यज्ञ का शुभारंभ हुआ है, जिसमें राजद नेत्री रशिम प्रकाश सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- चोर होने की अफवाह में तीन युवकों के साथ मारपीट, थाना में शिकायत दर्ज चतरा: चोर होने की अफवाह में तीन युवकों के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पत्थलगड़ा के अनगड़ा गांव निवासी सुनील कुमार यादव ने पत्थलगड़ा थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। दिए गए आवेदन के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 की रात करीब 11:30 बजे सुनील कुमार यादव अपने साथियों सोनू यादव और अनाश मुंडी के साथ बहन के घर से वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान नोनगांव के समीप जंगल के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और चोर होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से मारपीट की गई, जिससे सुनील कुमार यादव घायल हो गए। आवेदन में यह भी कहा गया है कि हमलावरों ने गले से चांदी की चेन छीन ली तथा साथियों के पास रखे नकद रुपये भी ले लिए। साथ ही उनकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ितों ने किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई, लेकिन आरोप है कि हमलावर पीछा करते हुए आगे भी पहुंचे और दोबारा मारपीट की। बाद में आसपास के ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। घटना में घायल युवकों ने इलाज कराने के बाद 17 अप्रैल 2026 को थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- getha bazar se dabra road best hai 👍1
- गुरुकुल इंटरनेशनल आवासीय विद्यालय मनिका के प्रधानाध्यापक दीपक यादव ने बताया कि हमारे विद्यालय में अनुभवी शिक्षकों के द्वारा नेतरहाट, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक विद्यालय, एकलव्य विद्यालय , समेत विभिन्न विद्यालय का प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जाती है सफलता 100% प्रतिशत1
- रफीगंज (औरंगाबाद)। एक अज्ञात महिला, जिनकी मानसिक स्थिति सामान्य प्रतीत नहीं हो रही है, रास्ता भटककर पौथू पहुंच गई हैं। महिला अपना नाम और पता बताने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित रखा गया है और फिलहाल वे पौथू थाना में हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा उनके परिजनों की तलाश की जा रही है। पौथू मुखिया प्रतिनिधि राजीव कुमार रंजन उर्फ गोरा शर्मा ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई इस महिला को पहचानता हो या उनके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी रखता हो, तो तुरंत पौथू थाना से संपर्क करें। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि महिला के परिजनों तक यह खबर जल्द से जल्द पहुंच सके और उन्हें उनके परिवार से मिलाया जा सके।1
- महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है। *हर दिन पानी के लिए जंग* गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है। *जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था। *आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।1
- महुआडांड़ अनुमंडल के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से आग का ऐसा तांडव मचा है कि हर तरफ सिर्फ धुआं, लपटें और तबाही नजर आ रही है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार महकमा अब भी गहरी नींद में है।जंगल धू-धू कर जल रहा है पेड़ राख बन रहे हैं और बेजुबान जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खौफनाक हैं कि आसमान में काले धुएं की मोटी चादर छा गई है ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया है तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया है छोटे जीव-जंतु, पक्षी और उनके अंडे जलकर खत्म हो चुके हैं स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी एक हफ्ते से आग लगी है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद में है कोई सुनने वाला नहीं! तेज हवाएं और सूखे पत्ते आग को और विकराल बना रहे हैं। हर दिन नया इलाका इसकी चपेट में आ रहा है, लेकिन जमीन पर असरदार कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही। ये सिर्फ आग नहीं है यह सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और संवेदनहीनता की जलती हुई मिसाल है।1
- Post by Om Singh1
- कांड संख्या 375 से जुड़े मामले में पीड़ित सत्यम के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का आरोप है कि वरिय पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बावजूद स्थानीय थाना स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि 29 दिसंबर 2025 को वरिय पुलिस अधिकारियों द्वारा विष्णुपद थाना को लिखित आवेदन भेजा गया था, जिसमें मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी थाना की ओर से न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है। पीड़ित परिवार अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिरकार जब वरिय अधिकारियों के निर्देश मौजूद हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।1