*महुआडांड़ में दम तोड़ गई नल-जल योजना, बूंद-बूंद को मोहताज गांव के लोग* महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है। *हर दिन पानी के लिए जंग* गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है। *जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था। *आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।
*महुआडांड़ में दम तोड़ गई नल-जल योजना, बूंद-बूंद को मोहताज गांव के लोग* महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है। *हर दिन पानी के लिए जंग* गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है। *जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था। *आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।
- लातेहार : जिले में बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष बंशी यादव के नेतृत्व में बिजली विभाग परिसर में एक दिवसीय आक्रोशपूर्ण धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बढ़ी बिजली दर, लगातार कटौती और पोस्टपेड मीटर में गड़बड़ी को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उपयोग के भी लोगों को भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।वहीं राजधानी प्रसाद यादव ने कहा कि यह धरना आम जनता की आवाज है और पार्टी उनके हक के लिए संघर्ष जारी रखेगी। जिलाध्यक्ष बंशी यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों का आर्थिक शोषण हो रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- Post by AAM JANATA1
- युवक ने आत्महत्या घटना को दिया अंजाम अकेला घर में होने के कारण पिता के गम में किया आत्महत्या1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।2
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के छारदा रोड में भूतपूर्व जमींदार स्व गुरूबाबू अम्बिका प्रसाद के पुण्य स्मृति में नवनिर्मित अम्बिकेश्वर शिव मंंदिर की स्थापना व नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शनिवार को 1151 कलश के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हज़ारों की संख्या में महिला पुरूषों व बच्चों ने उत्साहपूर्वक व भक्तिभाव के साथ भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम में हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश अध्यक्ष आजात शत्रु ॠषिनाथ साहदेव, प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा व तोरपा विधानसभा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस बरगांव रेखा देवी, हेमा गुप्ता, राजकिशोर प्रसाद शर्मा, शंभु प्रसाद शर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक रोहित शर्मा, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, मुकेश ताम्रकर, दीपक अधिकारी, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, प्रयाग साहु, घनश्याम आर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कलश यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ कर दिया गया। इस त्रिदिवासी धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान पीयूष मिश्रा सह रश्मि मिश्रा, रोहित मिश्रा सह श्रुति मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड सह उर्वशी देवी हैं। कलश यात्रा मंंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर छारदा रोड स्थित कंस नदी पहुंची जहां मुख्य पुरोहित सूर्यनारायण पाठक के सानिध्य में नदी तट पर विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण के साथ जल भरणी का रस्म निभाई गयी। सभी श्रधालु कलश में जल भरकर जय श्री राम, हर हर महादेव का नारा लगाते हुए वापस मंंदिर प्रांगण पहुंचे वहीं मंंदिर परिसर में बने यज्ञ शाला के पांच परिक्रमा कराते हुए जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। तत्पश्चात सभी श्रधालुओं को शर्बत व जलपान कराया गया। इस दौरान सिसई का पुरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं संध्या में विग्रह का नगर भ्रमण कराया गया। कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। जिसमें महिला जवान भी शामिल थी। 20 अप्रैल दिन सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा और महाभण्डारे के वितरण के साथ ही रात्रि में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कलश यात्रा को सफल बनाने में विहिप बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा। वहीं ओडिशा के कारीगरों द्वारा उत्कल वास्तुकला के अनूठे शैली से निर्मित की गई है जो गुमला जिला में पहला मंंदिर है इस मंंदिर के निर्माण से सिसई को एक अलग पहचान मिली है।4
- सिसई प्रखंड के छारदा रोड में भव्य बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सुबह में भव्य कलश यात्रा निकाला गया। वही शाम में नगर भ्रमण के बाद अखंड हरि कीर्तन शुरू किया गया।1
- (लातेहार) महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।1
- बरही में वैवाहिक मंच से सुदेश महतो का बड़ा हमला किसानों की मेहनत को सराहा शिक्षा स्वावस्थ्य पर सरकार को घेरा1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ अनुमंडल के जंगलों में पिछले एक हफ्ते से आग का ऐसा तांडव मचा है कि हर तरफ सिर्फ धुआं, लपटें और तबाही नजर आ रही है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार महकमा अब भी गहरी नींद में है।जंगल धू-धू कर जल रहा है पेड़ राख बन रहे हैं और बेजुबान जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भाग रहे हैं। हालात इतने खौफनाक हैं कि आसमान में काले धुएं की मोटी चादर छा गई है ग्रामीणों को सांस लेना मुश्किल हो गया है तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया है छोटे जीव-जंतु, पक्षी और उनके अंडे जलकर खत्म हो चुके हैं स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी एक हफ्ते से आग लगी है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद में है कोई सुनने वाला नहीं! तेज हवाएं और सूखे पत्ते आग को और विकराल बना रहे हैं। हर दिन नया इलाका इसकी चपेट में आ रहा है, लेकिन जमीन पर असरदार कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही। ये सिर्फ आग नहीं है यह सिस्टम की नाकामी, लापरवाही और संवेदनहीनता की जलती हुई मिसाल है।3