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बरही में वैवाहिक मंच से सुदेश महतो का बड़ा हमला किसानों की मेहनत को सराहा शिक्षा स्वावस्थ्य पर सरकार को घेरा
आलोक कुमार
बरही में वैवाहिक मंच से सुदेश महतो का बड़ा हमला किसानों की मेहनत को सराहा शिक्षा स्वावस्थ्य पर सरकार को घेरा
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- Post by AAM JANATA1
- यह प्राचीन शिव मंदिर लोहरदगा जिला का किस्को प्रखंड का देवदरिया पंचायत का देवदरिया गांव में हैं1
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के छारदा रोड में भूतपूर्व जमींदार स्व गुरूबाबू अम्बिका प्रसाद के पुण्य स्मृति में नवनिर्मित अम्बिकेश्वर शिव मंंदिर की स्थापना व नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शनिवार को 1151 कलश के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हज़ारों की संख्या में महिला पुरूषों व बच्चों ने उत्साहपूर्वक व भक्तिभाव के साथ भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम में हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश अध्यक्ष आजात शत्रु ॠषिनाथ साहदेव, प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा व तोरपा विधानसभा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस बरगांव रेखा देवी, हेमा गुप्ता, राजकिशोर प्रसाद शर्मा, शंभु प्रसाद शर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक रोहित शर्मा, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, मुकेश ताम्रकर, दीपक अधिकारी, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, प्रयाग साहु, घनश्याम आर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कलश यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ कर दिया गया। इस त्रिदिवासी धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान पीयूष मिश्रा सह रश्मि मिश्रा, रोहित मिश्रा सह श्रुति मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड सह उर्वशी देवी हैं। कलश यात्रा मंंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर छारदा रोड स्थित कंस नदी पहुंची जहां मुख्य पुरोहित सूर्यनारायण पाठक के सानिध्य में नदी तट पर विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण के साथ जल भरणी का रस्म निभाई गयी। सभी श्रधालु कलश में जल भरकर जय श्री राम, हर हर महादेव का नारा लगाते हुए वापस मंंदिर प्रांगण पहुंचे वहीं मंंदिर परिसर में बने यज्ञ शाला के पांच परिक्रमा कराते हुए जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। तत्पश्चात सभी श्रधालुओं को शर्बत व जलपान कराया गया। इस दौरान सिसई का पुरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं संध्या में विग्रह का नगर भ्रमण कराया गया। कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। जिसमें महिला जवान भी शामिल थी। 20 अप्रैल दिन सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा और महाभण्डारे के वितरण के साथ ही रात्रि में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कलश यात्रा को सफल बनाने में विहिप बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा। वहीं ओडिशा के कारीगरों द्वारा उत्कल वास्तुकला के अनूठे शैली से निर्मित की गई है जो गुमला जिला में पहला मंंदिर है इस मंंदिर के निर्माण से सिसई को एक अलग पहचान मिली है।4
- सिसई प्रखंड के छारदा रोड में भव्य बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सुबह में भव्य कलश यात्रा निकाला गया। वही शाम में नगर भ्रमण के बाद अखंड हरि कीर्तन शुरू किया गया।1
- सदर प्रखंडवक डूमरटोली में एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय थियोडोर एक्का की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके में शोक का माहौल छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत में सब्जी की खेती के लिए पानी देने हेतु कुएं पर मोटर लगाने गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे कुएं से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। बताया जाता है कि मृतक असम राइफल्स से रिटायर फौजी थे और सेवानिवृत्ति के बाद खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में अविवाहित एक बेटा और एक बेटी हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।2
- महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है। *हर दिन पानी के लिए जंग* गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है। *जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था। *आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।1
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