*NH-39 की बदहाली के खिलाफ देवेंद्रनगर में आक्रोश* *तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, 20 सितंबर तक काम शुरू करने का अल्टीमेटम — मांग पूरी नहीं हुई तो रविवार को 11 बजे से NH-39 जाम और देवेंद्रनगर बंद* 💥 *देवेंद्रनगर* लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी NH-39 सड़क को लेकर अब देवेंद्रनगर के नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। सड़क की बदहाली से परेशान नगरवासियों ने सड़क पर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने मांग की कि NH-39 का निर्माण/सुदृढ़ीकरण शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों, यात्रियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 20 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय तक सड़क का काम धरातल पर शुरू नहीं किया गया तो 20 सितंबर, रविवार को सुबह 11 बजे से NH-39 को जाम कर दिया जाएगा और देवेंद्रनगर पूर्ण बंद रखा जाएगा। इस आंदोलन में व्यापार मंडल ने भी सक्रिय भागीदारी की है। व्यापारियों और नगरवासियों का कहना है कि खराब सड़क का सीधा असर व्यापार, आवागमन और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। लगातार खराब सड़क पर सफर करने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोगों का कहना है कि धूल, गड्ढों तथा खराब आवागमन का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। 💥 *सवाल यह कि आखिर कब सुधरेगी NH-39?* सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के अनुसार बमीठा से सतना तक NH-39 के लगभग 97.84 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग ₹51.69 करोड़ से अधिक का टेंडर जारी किया गया था। रिकॉर्ड में यह कार्य Ministry of Road Transport and Highways के अंतर्गत दर्ज है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब सड़क के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, तो जमीनी स्तर पर काम कब शुरू होगा और जनता को राहत कब मिलेगी? लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति केवल देवेंद्रनगर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आवागमन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। 💥*सांसद-विधायक से भी हस्तक्षेप की मांग* नगरवासियों ने इस मामले में सांसद और विधायक से भी सक्रिय हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपना प्रतिनिधि चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है और अब उन्हें उम्मीद है कि वे NH-39 की समस्या को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाकर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने में भूमिका निभाएंगे। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को जनता की परेशानी को गंभीरता से लेना चाहिए। सड़क पर गड्ढों और जर्जर स्थिति के कारण होने वाली परेशानियों के बीच अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। 💥*20 सितंबर पर टिकी निगाहें* फिलहाल प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद 20 सितंबर का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि तब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो नगरवासियों और व्यापार मंडल द्वारा घोषित सड़क जाम एवं देवेंद्रनगर बंद के आंदोलन का असर व्यापक हो सकता है। अब देखना यह है कि 20 सितंबर से पहले प्रशासन और संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी इस मामले में क्या कदम उठाती है और NH-39 पर काम कब शुरू होता है। *पन्ना ब्यूरो चीफ राहुल मिश्रा
*NH-39 की बदहाली के खिलाफ देवेंद्रनगर में आक्रोश* *तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, 20 सितंबर तक काम शुरू करने का अल्टीमेटम — मांग पूरी नहीं हुई तो रविवार को 11 बजे से NH-39 जाम और देवेंद्रनगर बंद* 💥 *देवेंद्रनगर* लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी NH-39 सड़क को लेकर अब देवेंद्रनगर के नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। सड़क की बदहाली से परेशान नगरवासियों ने सड़क पर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया और अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने मांग की कि NH-39 का निर्माण/सुदृढ़ीकरण शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों, यात्रियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 20 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय तक सड़क का काम धरातल पर शुरू नहीं किया गया तो 20 सितंबर, रविवार को सुबह 11 बजे से NH-39 को जाम कर दिया जाएगा और देवेंद्रनगर पूर्ण बंद रखा जाएगा। इस आंदोलन में व्यापार मंडल ने भी सक्रिय भागीदारी की है। व्यापारियों और नगरवासियों का कहना है कि खराब सड़क का सीधा असर व्यापार, आवागमन और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। लगातार खराब सड़क पर सफर करने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोगों का कहना है कि धूल, गड्ढों तथा खराब आवागमन का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। 💥 *सवाल यह कि आखिर कब सुधरेगी NH-39?* सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के अनुसार बमीठा से सतना तक NH-39 के लगभग 97.84 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग ₹51.69 करोड़ से अधिक का टेंडर जारी किया गया था। रिकॉर्ड में यह कार्य Ministry of Road Transport and Highways के अंतर्गत दर्ज है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब सड़क के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, तो जमीनी स्तर पर काम कब शुरू होगा और जनता को राहत कब मिलेगी? लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति केवल देवेंद्रनगर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आवागमन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। 💥*सांसद-विधायक से भी हस्तक्षेप की मांग* नगरवासियों ने इस मामले में सांसद और विधायक से भी सक्रिय हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपना प्रतिनिधि चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है और अब उन्हें उम्मीद है कि वे NH-39 की समस्या को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाकर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने में भूमिका निभाएंगे। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को जनता की परेशानी को गंभीरता से लेना चाहिए। सड़क पर गड्ढों और जर्जर स्थिति के कारण होने वाली परेशानियों के बीच अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। 💥*20 सितंबर पर टिकी निगाहें* फिलहाल प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद 20 सितंबर का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि तब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो नगरवासियों और व्यापार मंडल द्वारा घोषित सड़क जाम एवं देवेंद्रनगर बंद के आंदोलन का असर व्यापक हो सकता है। अब देखना यह है कि 20 सितंबर से पहले प्रशासन और संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी इस मामले में क्या कदम उठाती है और NH-39 पर काम कब शुरू होता है। *पन्ना ब्यूरो चीफ राहुल मिश्रा
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- पन्ना आगमन पर मा. विधानसभा अध्यक्ष जी का बहुत-बहुत आभार श्रमजीवी पत्रकार संघ1
- 💐😭 अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब… सम्मान से विदा हुए फोई लाल चौधरी जी। 🕯️🙏😭 सामाजिक कार्यकर्ता रामभुवन चौधरी जी पन्ना1
- एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में सवर्ण अधिकारी-कर्मचारी समाज ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में सवर्ण अधिकारी-कर्मचारी समाज ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन पन्ना। अजयगढ़ थाने में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए एक मामले के विरोध में सवर्ण अधिकारी कर्मचारी सामान्य उत्थान परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद के सदस्यों एवं सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष व गहन जाँच कराने की माँग की। झूठे मामले में फंसाने का आरोप ज्ञापन सौंपने पहुंचे परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि अजयगढ़ थाने में दर्ज किया गया यह मामला पूर्वाग्रह और द्वेष भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट का दुरुपयोग कर निर्दोष व्यक्ति/कर्मचारी को मानसिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने की मंशा से यह एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई की माँग ज्ञापन के माध्यम से सवर्ण समाज और संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि: अजयगढ़ थाने में दर्ज मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराई जाए। बिना ठोस सबूत और प्राथमिक जाँच के किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। यदि जाँच में आरोप असत्य या झूठे पाए जाते हैं, तो दुर्भावनापूर्वक शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी परिषद के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई और निष्पक्ष जाँच के बिना कोई एकतरफा कदम उठाया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सवर्ण अधिकारी कर्मचारी सामान्य उत्थान परिषद के जिला एवं स्थानीय पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले में नियमानुसार व निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया1
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- शुभ बुधवार। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ बुधवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें।1
- 😭😭🕯️💐 भावपूर्ण श्रद्धांजलि 💐🕯️😭😭😭😭😭 ग्राम पंचायत हिनौती के वर्तमान सरपंच एवं कई बार सरपंच रहे, समाज में अपनी अलग पहचान बनाने वाले, समाज के साथ-साथ सर्व समाज में अपनी सरलता, व्यवहार और जनसेवा से सम्मान अर्जित करने वाले सम्माननीय श्री फोई लाल चौधरी जी का आज अचानक हम सबको छोड़कर चले जाना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। 😢🙏 उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उन्होंने अपने सामाजिक जीवन में लोगों के सुख-दुःख में साथ खड़े होकर जो पहचान बनाई, वह सदैव याद की जाएगी। उनके जाने से समाज और क्षेत्र ने एक मिलनसार एवं सम्मानित व्यक्तित्व खो दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा उनके परिवारजनों, परिजनों और चाहने वालों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 🙏 दिल की गहराइयों से भावपूर्ण श्रद्धांजलि। कोटि-कोटि नमन। 💐🙏🕯️ — सामाजिक कार्यकर्ता रामभुवन चौधरी जी, पन्ना1
- पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस (विशेष नोट: हालांकि, यह वायरल वीडियो कब का है और किस संदर्भ में पूरी बात कही गई थी, इस बात की पुष्टि 'कवरेज रिपोर्ट इंडिया' नहीं करता है।) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर सरकार के नाम से प्रसिद्ध गुरुशरण महाराज के बयानों को लेकर सोशल मीडिया और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों ओर से सामने आए बयानों और दावों के बाद सिद्धियों और चमत्कारिक दावों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो और बयानों के अनुसार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कथा या मंच के दौरान किसी संत या साधक के शिष्यों द्वारा नोट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर बताने के दावों पर सवाल खड़े किए थे। धीरेंद्र शास्त्री का कहना था कि यदि कोई इस तरह के नंबर बता सकता है, तो वह सट्टे का नंबर क्यों नहीं बताता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जो लोग भारी-भरकम राशि लेकर पर्चा खोलते हैं, यदि वे सट्टे का नंबर बता दें तो करोड़ों रुपये कमा सकते हैं। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद पंडोखर सरकार (गुरुशरण महाराज) का कड़ा पलटवार सामने आया। पंडोखर सरकार ने तीखे तेवरों में अपनी सिद्धियों का बचाव करते हुए खुले मंच से चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों की साधना और अनुभव के आगे धीरेंद्र शास्त्री अभी उम्र और अनुभव में काफी छोटे हैं। पंडोखर सरकार ने कहा कि वे अपनी आध्यात्मिक शक्तियों पर पूरा विश्वास रखते हैं और किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मीडिया और टीआरपी की होड़ में बयानबाज़ी करने वालों पर भी निशाना साधा। इस बयानबाज़ी के बाद दोनों कथावाचकों और पीठों के समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायी इसे अंधविश्वास और व्यापार के खिलाफ एक बेबाक बयान मान रहे हैं, वहीं पंडोखर सरकार के समर्थक इसे अपनी पीठ की प्राचीन परंपरा और सिद्धियों का अपमान बता रहे हैं। फिलहाल इस वाकयुद्ध ने धार्मिक मंचों पर सिद्धियों के प्रदर्शन और उनके व्यावहारिक आधार को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।1
- सलेहा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म दोनों आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफतार सलेहा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म दोनों आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफतार1