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इन्दौरा क्षेत्र में नही मिल रही किसानों को यूरिया खाद

1 day ago
user_इन्दौरा रिपोर्टर
इन्दौरा रिपोर्टर
Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
1 day ago
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इन्दौरा क्षेत्र में नही मिल रही किसानों को यूरिया खाद

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  • चम्बा जिला में मौसम की बेरुखी अब चिंता का विषय बनती जा रही है। पिछले कई महीनों से बारिश न होने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। पहली जनवरी को ऊपरी इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी से लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके बाद मौसम फिर से शुष्क बना हुआ है। जनवरी के महीने में जहां आमतौर पर पहाड़ों पर तीन मीटर से अधिक बर्फ जमनी चाहिए थी, वहीं इस बार पहाड़ पूरी तरह सूखे नजर आ रहे हैं। मौसम की इस मार का सबसे ज्यादा असर किसानों और बागवानों पर पड़ रहा है। वॉयस ओवर: किसानों का कहना है कि गेहूं की बुवाई का समय निकल चुका है, लेकिन खेतों में नमी न होने के कारण कई किसान अभी तक बुवाई नहीं कर पाए हैं। जिन किसानों ने बुवाई की है, उनकी फसल भी नमी के अभाव में प्रभावित हो रही है, जिससे आने वाले समय में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं बागवानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। सेब के पौधों को पर्याप्त चिलिंग ऑवर की आवश्यकता होती है, लेकिन बर्फबारी न होने से पौधों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और इसका सीधा असर सेब की पैदावार पर पड़ सकता है। वॉयस ओवर: मौसम की बेरुखी का असर अब जिले की नदियों और नालों पर भी दिखने लगा है। जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे जल शक्ति विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। विभाग के अनुसार सर्दियों में होने वाली बर्फबारी ही गर्मियों में पानी की आपूर्ति का मुख्य आधार होती है। यदि बर्फबारी नहीं हुई, तो आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत हो सकती है। बाइट: स्थानीय लोग / किसान वॉयस ओवर: स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी न होने से फसलें और सेब के बाग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि जनवरी में होने वाली बर्फबारी बेहद लाभकारी होती है। एक कहावत का उल्लेख करते हुए लोगों ने कहा— “लोहड़ी से पहले की बर्फ लोहे की तरह मजबूत होती है, जबकि लोहड़ी के बाद की बर्फ गोबर जैसी होती है, जो जल्दी पिघल जाती है और कोई खास फायदा नहीं देती।” लोगों ने भगवान से जल्द बारिश और बर्फबारी की प्रार्थना की है। वॉयस ओवर: जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी होने से जल स्रोतों में कोई कमी नहीं रहती, लेकिन यदि मौसम इसी तरह शुष्क रहा तो गर्मियों में परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि फिलहाल पानी की कोई गंभीर समस्या नहीं है। बाइट: जितेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग वॉयस ओवर: मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार भी किसानों और बागवानों को राहत देने के प्रयास कर रही है। कृषि विभाग द्वारा फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लाभ देने की कोशिश की जा रही है। किसानों को 31 जनवरी तक आलू, मटर सहित अन्य फसलों का बीमा करवाने की सलाह दी गई है। साथ ही सरकार की ओर से बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि किसान इस कठिन समय में नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकें। बाइट: भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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    चम्बा जिला में मौसम की बेरुखी अब चिंता का विषय बनती जा रही है। पिछले कई महीनों से बारिश न होने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। पहली जनवरी को ऊपरी इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी से लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके बाद मौसम फिर से शुष्क बना हुआ है।
जनवरी के महीने में जहां आमतौर पर पहाड़ों पर तीन मीटर से अधिक बर्फ जमनी चाहिए थी, वहीं इस बार पहाड़ पूरी तरह सूखे नजर आ रहे हैं। मौसम की इस मार का सबसे ज्यादा असर किसानों और बागवानों पर पड़ रहा है।
वॉयस ओवर:
किसानों का कहना है कि गेहूं की बुवाई का समय निकल चुका है, लेकिन खेतों में नमी न होने के कारण कई किसान अभी तक बुवाई नहीं कर पाए हैं। जिन किसानों ने बुवाई की है, उनकी फसल भी नमी के अभाव में प्रभावित हो रही है, जिससे आने वाले समय में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वहीं बागवानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। सेब के पौधों को पर्याप्त चिलिंग ऑवर की आवश्यकता होती है, लेकिन बर्फबारी न होने से पौधों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और इसका सीधा असर सेब की पैदावार पर पड़ सकता है।
वॉयस ओवर:
मौसम की बेरुखी का असर अब जिले की नदियों और नालों पर भी दिखने लगा है। जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे जल शक्ति विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। विभाग के अनुसार सर्दियों में होने वाली बर्फबारी ही गर्मियों में पानी की आपूर्ति का मुख्य आधार होती है। यदि बर्फबारी नहीं हुई, तो आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत हो सकती है।
बाइट:
स्थानीय लोग / किसान
वॉयस ओवर:
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी न होने से फसलें और सेब के बाग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि जनवरी में होने वाली बर्फबारी बेहद लाभकारी होती है। एक कहावत का उल्लेख करते हुए लोगों ने कहा—
“लोहड़ी से पहले की बर्फ लोहे की तरह मजबूत होती है, जबकि लोहड़ी के बाद की बर्फ गोबर जैसी होती है, जो जल्दी पिघल जाती है और कोई खास फायदा नहीं देती।”
लोगों ने भगवान से जल्द बारिश और बर्फबारी की प्रार्थना की है।
वॉयस ओवर:
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी होने से जल स्रोतों में कोई कमी नहीं रहती, लेकिन यदि मौसम इसी तरह शुष्क रहा तो गर्मियों में परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि फिलहाल पानी की कोई गंभीर समस्या नहीं है।
बाइट:
जितेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग
वॉयस ओवर:
मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार भी किसानों और बागवानों को राहत देने के प्रयास कर रही है। कृषि विभाग द्वारा फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लाभ देने की कोशिश की जा रही है। किसानों को 31 जनवरी तक आलू, मटर सहित अन्य फसलों का बीमा करवाने की सलाह दी गई है। साथ ही सरकार की ओर से बीज भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि किसान इस कठिन समय में नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकें।
बाइट:
भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    9 hrs ago
  • राज्य में डिजास्टर एक्ट का बहाना लगाकर माननीय उच्च न्यायालय के पंचायत चुनावो के आदेश की अभेलना कर रही सुक्खू सरकार ,राजेंद्र मलांगड़ कुटलैहड़ भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायत चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र मलागढ़ ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पंचायत चुनाव करवाने से बच रही है, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
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    राज्य में डिजास्टर एक्ट का बहाना लगाकर माननीय उच्च न्यायालय के पंचायत चुनावो के आदेश की अभेलना कर रही सुक्खू सरकार ,राजेंद्र मलांगड़
कुटलैहड़ भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायत चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र मलागढ़ ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पंचायत चुनाव करवाने से बच रही है, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Journalist बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • हिमाचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर से देखिए शनिवार सुबह माता रानी को भोग लगाते हुए मंदिर के पुजारी जय माता दी
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    हिमाचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर से देखिए शनिवार सुबह माता रानी को भोग लगाते हुए मंदिर के पुजारी 
जय माता दी
    user_Aman Sharma
    Aman Sharma
    Journalist Una, Himachal Pradesh•
    19 hrs ago
  • चीन ने बिना पटरी चलने वाली ट्रेन तकनीक ART (Autonomous Rail Rapid Transit) विकसित की है। यह ट्रेन सामान्य सड़कों पर चलती है और सेंसर, कैमरा व GPS की मदद से सड़क पर बनी वर्चुअल लाइनों को फॉलो करती है। पारंपरिक ट्राम के मुकाबले यह सस्ती, तेज़ और आसान है। ART बस की लचीलापन और मेट्रो जैसी क्षमता को एक साथ जोड़ती है। #FutureTech #ChinaInnovation #SmartTransport #NextGenTransit #ViralNews #TechExplained #PublicTransport
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    चीन ने बिना पटरी चलने वाली ट्रेन तकनीक ART (Autonomous Rail Rapid Transit) विकसित की है। यह ट्रेन सामान्य सड़कों पर चलती है और सेंसर, कैमरा व GPS की मदद से सड़क पर बनी वर्चुअल लाइनों को फॉलो करती है। पारंपरिक ट्राम के मुकाबले यह सस्ती, तेज़ और आसान है। ART बस की लचीलापन और मेट्रो जैसी क्षमता को एक साथ जोड़ती है।
#FutureTech #ChinaInnovation #SmartTransport #NextGenTransit #ViralNews #TechExplained #PublicTransport
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company Bhalessa, Doda•
    6 hrs ago
  • gaurav titus baddi 📍
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    gaurav titus baddi 📍
    user_Gaurav titus baddi
    Gaurav titus baddi
    भरारी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सिलाई के कारोबार से हो रही 25 से 30 हजार रुपये मासिक आमदनी मंडी।प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से लोगों की आजीविका में सुधार लाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसी ही योजनाओं का लाभ उठा कर मंडी जिला के सुंदरनगर उपमंडल के शहरी क्षेत्र की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। भीमा देवी सुंदरनगर शहर की रहने वाली हैं। पहले वे सिलाई का छोटा-मोटा कार्य करती थीं। काम कम मिलने के कारण आमदनी भी सीमित थी। इसी बीच राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत वे राधे मुकुंद स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया। भीमा देवी बताती हैं कि समूह को पहले 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला, जिससे उन्हें प्रारंभिक सहायता मिली। इसके बाद समूह को 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह में कुल 8 सदस्य हैं और सभी को एक-एक लाख रुपये की राशि मिली, जिससे उन्होंने सिलाई मशीनें और आवश्यक उपकरण खरीदे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे सिलाई कार्य से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक रूप से मदद कर पा रही हैं। इतना ही नहीं, उनके पास कई लड़कियां सिलाई कार्य सीखने आती हैं, जिससे वे भी आगे चलकर अपना स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह की महिलाएं 500 रुपये प्रतिमाह की बचत करती थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में समूह की कुल बचत लगभग 2 लाख रुपये हो चुकी है, जिससे सभी सदस्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। भीमा देवी ने अपील की कि जो महिलाएं अपने बूते पर कुछ करना चाहती हैं, उनके लिए स्वयं सहायता समूह एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से लेकर वर्तमान तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों को सरकार द्वारा लगभग 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अब तक प्रदान की गई है। 114 में से 41 स्वयं सहायता समूहों की क्रेडिट लिंकेज करवाई जा चुकी है। वहीं, 111 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 2 लाख रुपये की राशि 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के रूप में प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, 112 स्वयं सहायता समूहों को 10-10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड तथा शहर में गठित 7 एरिया लेवल फेडरेशनों को 50-50 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड प्रदान किया गया है। नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं, बल्कि अपने लघु एवं मध्यम स्तर के व्यवसाय भी सफलतापूर्वक स्थापित कर रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। यह पहल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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    सिलाई के कारोबार से हो रही 25 से 30 हजार रुपये मासिक आमदनी
मंडी।प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से लोगों की आजीविका में सुधार लाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसी ही योजनाओं का लाभ उठा कर मंडी जिला के सुंदरनगर उपमंडल के शहरी क्षेत्र की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। भीमा देवी सुंदरनगर शहर की रहने वाली हैं। पहले वे सिलाई का छोटा-मोटा कार्य करती थीं। काम कम मिलने के कारण आमदनी भी सीमित थी। इसी बीच राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत वे राधे मुकुंद स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया।
भीमा देवी बताती हैं कि समूह को पहले 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला, जिससे उन्हें प्रारंभिक सहायता मिली। इसके बाद समूह को 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह में कुल 8 सदस्य हैं और सभी को एक-एक लाख रुपये की राशि मिली, जिससे उन्होंने सिलाई मशीनें और आवश्यक उपकरण खरीदे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे सिलाई कार्य से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक रूप से मदद कर पा रही हैं। इतना ही नहीं, उनके पास कई लड़कियां सिलाई कार्य सीखने आती हैं, जिससे वे भी आगे चलकर अपना स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह की महिलाएं 500 रुपये प्रतिमाह की बचत करती थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में समूह की कुल बचत लगभग 2 लाख रुपये हो चुकी है, जिससे सभी सदस्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। भीमा देवी ने अपील की कि जो महिलाएं अपने बूते पर कुछ करना चाहती हैं, उनके लिए स्वयं सहायता समूह एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से लेकर वर्तमान तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों को सरकार द्वारा लगभग 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अब तक प्रदान की गई है। 114 में से 41 स्वयं सहायता समूहों की क्रेडिट लिंकेज करवाई जा चुकी है। वहीं, 111 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 2 लाख रुपये की राशि 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के रूप में प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, 112 स्वयं सहायता समूहों को 10-10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड तथा शहर में गठित 7 एरिया लेवल फेडरेशनों को 50-50 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड प्रदान किया गया है। नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं, बल्कि अपने लघु एवं मध्यम स्तर के व्यवसाय भी सफलतापूर्वक स्थापित कर रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। यह पहल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
    user_Manish Rajput
    Manish Rajput
    Journalist मंडी, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • pichhle kal haripur dhar bus hadse men 15 logon ki mrityu ho gayi 😭😭😭😭😭😭😭😭😭
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    pichhle kal haripur dhar bus hadse men 15 logon ki mrityu ho gayi 😭😭😭😭😭😭😭😭😭
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    18 hrs ago
  • कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष बनने के बाद आज पहली बार जिला मुख्यालय चंबा पहुंचे सुरजीत भरमोरी का पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर जिला व ब्लॉक स्तर के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपने संबोधन में सुरजीत भरमोरी ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भी धन्यवाद किया और कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। सुरजीत भरमोरी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया तथा आगामी समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने की बात कही। स्टेज बाइट सुरजीत भरमौरी कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंबा।
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    कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष बनने के बाद आज पहली बार जिला मुख्यालय चंबा पहुंचे सुरजीत भरमोरी का पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर जिला व ब्लॉक स्तर के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अपने संबोधन में सुरजीत भरमोरी ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भी धन्यवाद किया और कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
सुरजीत भरमोरी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया तथा आगामी समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने की बात कही।
स्टेज बाइट सुरजीत भरमौरी कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंबा।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    11 hrs ago
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