पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ का किया गया वार्षिक निरीक्षण मऊ । मंगलवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक, मऊ इलामारन जी एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ के आगमन पर परेड की सलामी ली गई तथा परेड का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान परेड की गुणवत्ता, अनुशासन, टर्नआउट एवं शारीरिक दक्षता का मूल्यांकन किया गया। साथ ही चल रही आर०टी०सी० में प्रशिक्षुओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के क्रम में आर०टी०सी० भोजनालय, आर०ओ० प्लांट, वामा सारथी रीडिंग रूम, गैस गोदाम, आर०टी०सी० कार्यालय, सीसीटीएनएस कार्यालय, कम्प्यूटर लैब, पुलिस संग्रहालय (म्यूजियम), गैस कार्यालय, कैश कार्यालय, सी०पी०सी० कार्यालय, जिला भोजनालय, फैमिली लाइन, फील्ड यूनिट, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, क्वार्टर गार्द, आरमरी, स्टोर, गणना कार्यालय एवं जी०डी० कार्यालय आदि शाखाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों एवं शस्त्रों के रख-रखाव, साफ-सफाई, वाहनों के संचालन एवं अनुरक्षण, भोजनालय की व्यवस्थाओं, आवासीय परिसर की स्थिति तथा रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर की समग्र स्वच्छता का सूक्ष्म परीक्षण कर संबंधित को अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, वाहनों के नियमित अनुरक्षण तथा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ सुनील कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, अनुशासन को सुदृढ़ रखने तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं को और बेहतर करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइन्स किसी भी जनपद की आधारभूत इकाई है, अतः यहां की व्यवस्थाएं उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय होनी चाहिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ एवं समस्त क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहे । निरीक्षण किए जाने के उपरांत समस्त राजपत्रित अधिकारियों, समस्त थाना प्रभारियों, जनपदीय साइबर सेल प्रभारी एवं थाना स्तर पर नियुक्त साइबर सेल प्रभारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के दौरान श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश महोदय की "दृष्टि, सतर्कता, संकल्प" की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा की गई। विशेष रूप से अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर साइबर अपराध से संबंधित प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर उसका समयबद्ध एवं विधिसम्मत निस्तारण किया जाए। साइबर सेल को आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण में दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा साइबर अपराध की घटनाओं में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। गोष्ठी के अंत में श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराध वर्तमान समय की एक गंभीर चुनौती है, जिसके प्रभावी नियंत्रण हेतु तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्यवाही एवं समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ का किया गया वार्षिक निरीक्षण मऊ । मंगलवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक, मऊ इलामारन जी एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ के आगमन पर परेड की सलामी ली गई तथा परेड का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान परेड की गुणवत्ता, अनुशासन, टर्नआउट एवं शारीरिक दक्षता का मूल्यांकन किया गया। साथ ही चल रही आर०टी०सी० में प्रशिक्षुओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के क्रम में आर०टी०सी० भोजनालय, आर०ओ० प्लांट, वामा सारथी रीडिंग रूम, गैस गोदाम, आर०टी०सी० कार्यालय, सीसीटीएनएस कार्यालय, कम्प्यूटर लैब,
पुलिस संग्रहालय (म्यूजियम), गैस कार्यालय, कैश कार्यालय, सी०पी०सी० कार्यालय, जिला भोजनालय, फैमिली लाइन, फील्ड यूनिट, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, क्वार्टर गार्द, आरमरी, स्टोर, गणना कार्यालय एवं जी०डी० कार्यालय आदि शाखाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों एवं शस्त्रों के रख-रखाव, साफ-सफाई, वाहनों के संचालन एवं अनुरक्षण, भोजनालय की व्यवस्थाओं, आवासीय परिसर की स्थिति तथा रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर की समग्र स्वच्छता का सूक्ष्म परीक्षण कर संबंधित को अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, वाहनों के नियमित अनुरक्षण तथा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ सुनील कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, अनुशासन को सुदृढ़ रखने तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं को और बेहतर करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइन्स
किसी भी जनपद की आधारभूत इकाई है, अतः यहां की व्यवस्थाएं उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय होनी चाहिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ एवं समस्त क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहे । निरीक्षण किए जाने के उपरांत समस्त राजपत्रित अधिकारियों, समस्त थाना प्रभारियों, जनपदीय साइबर सेल प्रभारी एवं थाना स्तर पर नियुक्त साइबर सेल प्रभारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के दौरान श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश महोदय की "दृष्टि, सतर्कता, संकल्प" की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा की गई। विशेष रूप से अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर
साइबर अपराध से संबंधित प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर उसका समयबद्ध एवं विधिसम्मत निस्तारण किया जाए। साइबर सेल को आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण में दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा साइबर अपराध की घटनाओं में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। गोष्ठी के अंत में श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराध वर्तमान समय की एक गंभीर चुनौती है, जिसके प्रभावी नियंत्रण हेतु तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्यवाही एवं समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
- मऊ । मंगलवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक, मऊ इलामारन जी एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगंढ़ परिक्षेत्र, आजमगढ़ द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स, मऊ के आगमन पर परेड की सलामी ली गई तथा परेड का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान परेड की गुणवत्ता, अनुशासन, टर्नआउट एवं शारीरिक दक्षता का मूल्यांकन किया गया। साथ ही चल रही आर०टी०सी० में प्रशिक्षुओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के क्रम में आर०टी०सी० भोजनालय, आर०ओ० प्लांट, वामा सारथी रीडिंग रूम, गैस गोदाम, आर०टी०सी० कार्यालय, सीसीटीएनएस कार्यालय, कम्प्यूटर लैब, पुलिस संग्रहालय (म्यूजियम), गैस कार्यालय, कैश कार्यालय, सी०पी०सी० कार्यालय, जिला भोजनालय, फैमिली लाइन, फील्ड यूनिट, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, क्वार्टर गार्द, आरमरी, स्टोर, गणना कार्यालय एवं जी०डी० कार्यालय आदि शाखाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों एवं शस्त्रों के रख-रखाव, साफ-सफाई, वाहनों के संचालन एवं अनुरक्षण, भोजनालय की व्यवस्थाओं, आवासीय परिसर की स्थिति तथा रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर की समग्र स्वच्छता का सूक्ष्म परीक्षण कर संबंधित को अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, वाहनों के नियमित अनुरक्षण तथा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ सुनील कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, अनुशासन को सुदृढ़ रखने तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं को और बेहतर करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइन्स किसी भी जनपद की आधारभूत इकाई है, अतः यहां की व्यवस्थाएं उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय होनी चाहिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ एवं समस्त क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहे । निरीक्षण किए जाने के उपरांत समस्त राजपत्रित अधिकारियों, समस्त थाना प्रभारियों, जनपदीय साइबर सेल प्रभारी एवं थाना स्तर पर नियुक्त साइबर सेल प्रभारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के दौरान श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश महोदय की "दृष्टि, सतर्कता, संकल्प" की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा की गई। विशेष रूप से अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर साइबर अपराध से संबंधित प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर उसका समयबद्ध एवं विधिसम्मत निस्तारण किया जाए। साइबर सेल को आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण में दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा साइबर अपराध की घटनाओं में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। गोष्ठी के अंत में श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराध वर्तमान समय की एक गंभीर चुनौती है, जिसके प्रभावी नियंत्रण हेतु तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्यवाही एवं समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।4
- Post by SONI DEVI1
- Post by Ajay Kumar1
- बिल्थरारोड। उभांव थाना क्षेत्र अंतर्गत आये दिन हो रही पशु चोरी , बाईक चोरी और घरों में चोरी की घटनाओं से लोगो मे दहशत व्याप्त है। चोरी की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही है। हल्दीरामपुर के कटहरबारी निवासी सुरेश राजभर की भैंस सोमवार की रात्रि चोरों चुरा ले गए। चार दिन पूर्व मधुबन ढाला से एक बाईक चोरी ने चुरा लिया।डीएन सूर्या अस्पताल के पास स्थित एक मकान से लगभग 10 लाख के आभूषण पर चोरो ने हाथ साफ कर दिया। एक माह पूर्व राधिका मैरेज हाल के पास से एक बाईक चोरो ने चुरा लिया। तीन माह पूर्व कड़सर गांव में चोरों ने दिनेश यादव की एक भैंस और एक बड़ी पड़िया खोल ले गये। चार माह में लगभग आधा दर्जन बाईक सहित कई गांवों में चोरी की घटनाएं घटित हो चुकी है। पशु चोरी व बाईक चोरी की घटनाओं का अभी तक पता नहीं चल सका है।3
- atauli2
- भागवत कथा ज्योतिष शास्त्र तंत्र अनुसंधान 63925550391
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षक कृष्ण मोहन द्वारा अपनी पीड़ा का वीडियो बनाकर व सुसाइट नोट में गम्भीर आरोप की जांच करने पहुंची टीम ने जहां एक ओर जांच कर रहीं थी वहीं दूसरी तरफ आजाद हिंद सेना के द्वारा कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर कार्यवाही की मांग की जा रही थी।2
- मऊ । जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराए जाने के क्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़, सुनील कुमार सिंह द्वारा व पुलिस अधीक्षक मऊ इलामारन जी द्वारा पुलिस कार्यालय में उपस्थित रहकर की गयी जनसुनवाई कर सम्बन्धित को निस्तारण हेतु निर्देशित किया।1