Daltonganj मे जल अस्तर बडने से मगर गोह की हुई अगमन , सावधान होकर जाए नदी किनारे पर l डाल्टनगंज (मेदिनीनगर) की कोयल नदी में मगरमच्छ या घड़ियाल दिखने की खबरें मुख्य रूप से मानसून के मौसम (जुलाई से सितंबर के बीच) में भारी बारिश और बाढ़ आने के बाद सामने आती हैं। कोयल नदी में मगरमच्छ या घड़ियाल जैसी प्रजातियां अक्सर भारी मानसूनी बारिश और बाढ़ के दौरान पानी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाने पर देखी जाती हैं। जब भी पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होती है और कोयल नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है, तब इनके बहकर आने की घटनाएं होती हैं। कहाँ से आया? ये जीव मुख्य रूप से पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के नदी क्षेत्रों, सोन नदी (जिसमें कोयल नदी जाकर मिलती है) या आसपास के अन्य जल निकायों और बड़े जलाशयों से बहकर आते हैं। पलामू के जंगलों और उससे जुड़े नदी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से इन जीवों का निवास स्थान है। 🐊 कैसे आया? तेज बहाव और बाढ़: मानसूनी सीजन में जब जंगलों और पहाड़ी नालों में अचानक पानी बढ़ता है, तो पानी के तेज बहाव के कारण ये जीव नियंत्रण खो देते हैं और मुख्य नदी (कोयल नदी) की धारा में बह जाते हैं। नए शिकार और सुरक्षित स्थान की तलाश: बाढ़ के समय नदियों की मुख्य धारा बहुत अशांत हो जाती है। इस अशांत और तेज पानी से बचने के लिए मगरमच्छ या घड़ियाल तैरते हुए शांत या रिहायशी इलाकों के करीब वाले किनारों की तरफ आ जाते हैं। सुरक्षा सलाह: जब भी कोयल नदी में जलस्तर बढ़े या ऐसी कोई अफवाह/खबर मिले, तो नदी के घाटों (जैसे मरीन ड्राइव क्षेत्र) पर जाने से बचें, कपड़े धोने या मवेशियों को नहलाने नदी के भीतर न जाएं और वन विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
Daltonganj मे जल अस्तर बडने से मगर गोह की हुई अगमन , सावधान होकर जाए नदी किनारे पर l डाल्टनगंज (मेदिनीनगर) की कोयल नदी में मगरमच्छ या घड़ियाल दिखने की खबरें मुख्य रूप से मानसून के मौसम (जुलाई से सितंबर के बीच) में भारी बारिश और बाढ़ आने के बाद सामने आती हैं। कोयल नदी में मगरमच्छ या घड़ियाल जैसी प्रजातियां अक्सर भारी मानसूनी बारिश और बाढ़ के दौरान पानी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाने पर देखी जाती हैं। जब भी पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होती है और कोयल नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है, तब इनके बहकर आने की घटनाएं होती हैं। कहाँ से आया? ये जीव मुख्य रूप से पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के नदी क्षेत्रों, सोन नदी (जिसमें कोयल नदी जाकर मिलती है) या आसपास के अन्य जल निकायों और बड़े जलाशयों से बहकर आते हैं। पलामू के जंगलों और उससे जुड़े नदी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से इन जीवों का निवास स्थान है। 🐊 कैसे आया? तेज बहाव और बाढ़: मानसूनी सीजन में जब जंगलों और पहाड़ी नालों में अचानक पानी बढ़ता है, तो पानी के तेज बहाव के कारण ये जीव नियंत्रण खो देते हैं और मुख्य नदी (कोयल नदी) की धारा में बह जाते हैं। नए शिकार और सुरक्षित स्थान की तलाश: बाढ़ के समय नदियों की मुख्य धारा बहुत अशांत हो जाती है। इस अशांत और तेज पानी से बचने के लिए मगरमच्छ या घड़ियाल तैरते हुए शांत या रिहायशी इलाकों के करीब वाले किनारों की तरफ आ जाते हैं। सुरक्षा सलाह: जब भी कोयल नदी में जलस्तर बढ़े या ऐसी कोई अफवाह/खबर मिले, तो नदी के घाटों (जैसे मरीन ड्राइव क्षेत्र) पर जाने से बचें, कपड़े धोने या मवेशियों को नहलाने नदी के भीतर न जाएं और वन विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
- गढ़वा जिला बॉक्सिंग संघ का एनुअल मीटिंग संपन्न गणेशा बॉक्सिंग एकेडमी में नए पदाधिकारियों का हुआ चयन1
- आप्राधि की 3 द्ववाई लातम, जुतम और पिटाई , नहीं होगी दवाई तो आप्राधलोग बढ़ता जाई l यह मामला गुजरात के भावनगर का है, जो सितंबर 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। [1] वहां काजल बारैया नाम की एक महिला की सरेआम बस स्टैंड पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के आरोपी फैजल (उर्फ खटकी) को जब पुलिस क्राइम सीन री-क्रिएशन (घटनास्थल की जांच) के लिए लेकर पहुंची, तब वहां उसकी पुलिस हिरासत में कथित पिटाई का वीडियो सामने आया। [1, 2, 3] सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, पुलिस ने उसे जीप से बांधकर करीब 5 से 10 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे मारे थे। हालांकि, डंडे मारने की सटीक संख्या की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ। [1, 2, 3] क्या आप इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई या ताजा अपडेट के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं? जीप से बांधकर लाठियों से ताबड़तोड़ पीटा... गुजरात पुलिस ने फैजल को क्यों ... 7 Sept 2026 — कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 5 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे लगाए गए, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल, 3 सितंबर को भावनगर ST... गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर काजल बारैया की हत्या के आरोपी फैसल ... 6 Sept 2026 — रिपोर्ट्स में दावा है कि आरोपी को रस्सी से बांधकर डंडों से पीटा गया और करीब 10 मिनट में उसे 107 बार डंडे मारे गए। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि... गुजरात के भावनगर में हत्या के आरोपी पैजल लखानी की पुलिस पिटाई का ... 🚨 गुजरात से बड़ी खबर: हत्या के आरोपी की पुलिस हिरासत में पिटाई का वीडियो वायरल भावनगर: काजल बेन हत्या मामले में आरोपी फैजल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से ... भारतको गुजरातस्थित भावनगरमा एक महिलाको हत्या आरोपमा पक्राउ परेका ... जिसको भी इस पर दया आए. कमेंट बॉक्स में इसके कारनामों की सीसीटीवी फुटेज देख लेना. इस आरोपी का नाम फैजल खान है इसने गुजरात के भावनगर बस स्टैंड पर हिंदू युवती काजल...1
- संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे। उतर प्रदेश संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे। उतर प्रदेश1
- दूधवल पंचायत में एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कैंप वीडीयो के उपस्थित में आयोजित रंका प्रखंड के दूधवल पंचायत में मंगलवार को एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का आयोजन सुबह 11 बजे से खबर दिखे जाने चार बजे तक कार्य किया जा रहा था , जिसमें पंचायत क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपने मतदाता संबंधी दस्तावेजों एवं एसआईआर फॉर्म में आवश्यक सुधार कराया। कैंप के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम बेला टोपनो एवं प्रखंड कर्मियों की टीम ने बारी-बारी से ग्रामीणों के एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को फॉर्म भरने, आवश्यक जानकारी दर्ज करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसमें सुधार कराने के संबंध में जानकारी दी। मौके पर दूधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी वन अध्यक्ष नसीर अंसारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कैंप में पहुंचने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए आवश्यक सहयोग किया। कैंप में हजारों की संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई। ग्रामीणों ने अपने-अपने एसआईआर फॉर्म की जांच कराई तथा नाम, पता एवं अन्य आवश्यक विवरणों में सुधार का कार्य करवाया। बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य में किसी भी ग्रामीण को परेशानी नहीं हो और सभी योग्य मतदाताओं के फॉर्म की सही तरीके से जांच एवं सुधार सुनिश्चित किया जाए। कैंप के आयोजन से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मतदाता संबंधी कार्य कराने की सुविधा मिली।1
- 48 घंटे से फूटा है पेयजल पाइप, सड़क पर बह रहा पानी; विभाग की चुप्पी से ग्रामीणों में नाराजगी चिनिया। थाना क्षेत्र के चिनिया-खुथुआ मोड़ मुख्य सड़क पर रानीचेरी गांव से आगे करियई माटी के समीप पुल पर पेयजल आपूर्ति की पाइप फट गई है। पाइप फटने के बाद पिछले करीब 48 घंटे से लगातार पानी का फव्वारा निकलकर बर्बाद हो रहा है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से इसकी मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं की गई है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे भी पाइप से तेज धार में पानी निकलता हुआ देखा गया। एक ओर लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों लीटर पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग से फटी पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है।1
- अकराहा मंदिर से उरांव टोला तक दो किमी कच्ची सड़क की मुखिया ने निजी खर्च से कराई मरम्मत *ग्रामीणों ने कहा- आजादी के बाद से नहीं हुआ सड़क का निर्माण, आवागमन में होती थी परेशानी* किशुनपुर। किशुनपुर पंचायत के अकराहा गांव में अकरहा मंदिर से उरांव टोला तक करीब दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की मरम्मत पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता ने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर कराई। सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती थी। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। लंबे समय से सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी। कर्मा पूजा को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के लिए पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता से आग्रह किया था। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मुखिया ने अपने निजी खर्च से सड़क पर मिट्टी-मोरम डालकर आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया। मुखिया सुमन गुप्ता ने बताया कि कई वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है। कर्मा पूजा को लेकर ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कराने का आग्रह किया था। इसके बाद उन्होंने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर सड़क को दुरुस्त कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर है, इसलिए इतनी लंबी सड़क का निर्माण निजी फंड से कराना संभव नहीं है। उनका प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में संबंधित विभाग एवं सरकारी स्तर पर पहल कर इस सड़क को पक्की सड़क में तब्दील कराया जाए। सड़क की मरम्मत शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों ने मुखिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को फिलहाल काफी राहत मिलेगी। इस मौके पर संगीता देवी, झरो देवी, कविता देवी, समरी देवी, कुलेश उरांव, लालबिहारी उरांव, योगेश्वर उरांव, श्याम उरांव, बीफन उरांव, कालेश्वर उरांव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।3
- सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव1
- झारखंड में बिजली बिल में हेराफेरी कर, विभाग की ओर से अवैध कमाई का जरिया का खुलासा हुआ l महिला का लाई और पंखा का बिजली बिल एक माह का बिनजी विभाग से 18000 रुपये का भुगतान के लिए भेजा गया l महिला ने करजा कर बिल को जमा कर दिया l दूसरी बार आगले माह का 26000 रुपये का बिल, बिजली बीभाग भेज दिया l महिला का गुस्सा फूटा गाव वालो के साथ पाहुची बिजली विभाग आगे जो हुआ वीडियो में देखे भरष्ट पदाधिकारी की करतूत l1