लोक लेखा समिति के सभापति और दिल्ली विधानसभा के विधायक अजय महावर ने कहा कि लोक लेखा समिति एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है और अपने निर्धारित नियमों व अधिकार क्षेत्र के तहत काम करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008-09 के बाद करीब 17 साल के अंतराल के बाद 2025 में लोक लेखा समिति की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी गई। पिछली सरकारों के दौरान 40 से ज्यादा मामले लंबित रहे। उन्होंने कहा कि केवल जवाबदेही की बातें करना पर्याप्त नहीं, बल्कि सीएजी की रिपोर्टों पर कार्रवाई और विधानसभा की समितियों की रिपोर्ट नियमित रूप से सदन में आना जरूरी है। करीब 60 करोड़ रुपये के स्टाफ क्वार्टर निर्माण से जुड़े मामले पर अजय महावर ने कहा कि समिति सीएजी रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर जांच कर रही है। निर्माण क्षेत्रफल बढ़ाने, लागत में वृद्धि, सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य, मॉड्यूलर किचन और करीब 45.90 लाख रुपये के पर्दों के खर्च समेत कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि समिति करीब 18 रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही थी और इसी दौरान सदस्यों को गोपनीय रूप से जानकारी दी गई। लेकिन समिति की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक कर उसे राजनीतिक विवाद बनाने का प्रयास किया गया, जो संसदीय प्रक्रिया की गरिमा के खिलाफ है। अजय महावर ने कहा कि इस पूरे मामले को विशेषाधिकार के दृष्टिकोण से विधानसभा अध्यक्ष के सामने रखा जाएगा। आज प्रस्तावित स्थल निरीक्षण भी इसी विवाद के चलते स्थगित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक लेखा समिति किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि विधानसभा के नियमों और जनता के पैसे की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम करती है। समिति किसी दबाव में नहीं आएगी और सीएजी की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक जवाब सामने लाने का काम जारी रखेगी।
लोक लेखा समिति के सभापति और दिल्ली विधानसभा के विधायक अजय महावर ने कहा कि लोक लेखा समिति एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है और अपने निर्धारित नियमों व अधिकार क्षेत्र के तहत काम करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008-09 के बाद करीब 17 साल के अंतराल के बाद 2025 में लोक लेखा समिति की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी गई। पिछली सरकारों के दौरान 40 से ज्यादा मामले लंबित रहे। उन्होंने कहा कि केवल जवाबदेही की बातें करना पर्याप्त नहीं, बल्कि सीएजी की रिपोर्टों पर कार्रवाई और विधानसभा की समितियों की रिपोर्ट नियमित रूप से सदन में आना जरूरी है। करीब 60 करोड़ रुपये के स्टाफ क्वार्टर निर्माण से जुड़े मामले पर अजय महावर ने कहा कि समिति सीएजी रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर जांच कर रही है। निर्माण क्षेत्रफल बढ़ाने, लागत में वृद्धि, सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य, मॉड्यूलर किचन और करीब 45.90 लाख रुपये के पर्दों के खर्च समेत कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि समिति करीब 18 रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही थी और इसी दौरान सदस्यों को गोपनीय रूप से जानकारी दी गई। लेकिन समिति की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक कर उसे राजनीतिक विवाद बनाने का प्रयास किया गया, जो संसदीय प्रक्रिया की गरिमा के खिलाफ है। अजय महावर ने कहा कि इस पूरे मामले को विशेषाधिकार के दृष्टिकोण से विधानसभा अध्यक्ष के सामने रखा जाएगा। आज प्रस्तावित स्थल निरीक्षण भी इसी विवाद के चलते स्थगित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक लेखा समिति किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि विधानसभा के नियमों और जनता के पैसे की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम करती है। समिति किसी दबाव में नहीं आएगी और सीएजी की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक जवाब सामने लाने का काम जारी रखेगी।
- लोक लेखा समिति के सभापति और दिल्ली विधानसभा के विधायक अजय महावर ने कहा कि लोक लेखा समिति एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है और अपने निर्धारित नियमों व अधिकार क्षेत्र के तहत काम करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008-09 के बाद करीब 17 साल के अंतराल के बाद 2025 में लोक लेखा समिति की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी गई। पिछली सरकारों के दौरान 40 से ज्यादा मामले लंबित रहे। उन्होंने कहा कि केवल जवाबदेही की बातें करना पर्याप्त नहीं, बल्कि सीएजी की रिपोर्टों पर कार्रवाई और विधानसभा की समितियों की रिपोर्ट नियमित रूप से सदन में आना जरूरी है। करीब 60 करोड़ रुपये के स्टाफ क्वार्टर निर्माण से जुड़े मामले पर अजय महावर ने कहा कि समिति सीएजी रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर जांच कर रही है। निर्माण क्षेत्रफल बढ़ाने, लागत में वृद्धि, सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य, मॉड्यूलर किचन और करीब 45.90 लाख रुपये के पर्दों के खर्च समेत कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि समिति करीब 18 रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही थी और इसी दौरान सदस्यों को गोपनीय रूप से जानकारी दी गई। लेकिन समिति की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक कर उसे राजनीतिक विवाद बनाने का प्रयास किया गया, जो संसदीय प्रक्रिया की गरिमा के खिलाफ है। अजय महावर ने कहा कि इस पूरे मामले को विशेषाधिकार के दृष्टिकोण से विधानसभा अध्यक्ष के सामने रखा जाएगा। आज प्रस्तावित स्थल निरीक्षण भी इसी विवाद के चलते स्थगित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक लेखा समिति किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि विधानसभा के नियमों और जनता के पैसे की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम करती है। समिति किसी दबाव में नहीं आएगी और सीएजी की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक जवाब सामने लाने का काम जारी रखेगी।1
- जिन लोगों ने ढोल बजाकर नेताओं के कार्यक्रम को चमकाया आज उन्हीं के घरों पर चला बुल्डोजर।।1
- दिल्ली: गुरुग्राम गोल्फ कोर्स एक्सीडेंट केस | पीड़िता सिया के पिता ने कहा, "मैं चाहता हूं कि पुलिस आरोपी पर सबसे सख्त आरोप लगाए खासकर हत्या की कोशिश और हिट-एंड-रन के ताकि ऐसे लोगों को सबक मिले और वे दोबारा सड़कों पर ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करें। दिल्ली: गुरुग्राम गोल्फ कोर्स एक्सीडेंट केस | पीड़िता सिया के पिता ने कहा, "मैं चाहता हूं कि पुलिस आरोपी पर सबसे सख्त आरोप लगाए खासकर हत्या की कोशिश और हिट-एंड-रन के ताकि ऐसे लोगों को सबक मिले और वे दोबारा सड़कों पर ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करें। मेरी बेटी अभी ठीक महसूस नहीं कर रही है; वह आराम कर रही है। वीडियो में दिखी उनकी सोच को देखते हुए, वे अपराधी लगते हैं, आम लोग नहीं। कोई भी आम इंसान एक्सीडेंट होने पर इंसानियत के नाते पीड़ित की मदद के लिए रुकता, लेकिन ये लोग नहीं रुके; बल्कि उन्होंने यू-टर्न लिया और लापरवाही से भाग गए। मैंने पुलिस से बात की है; वे बयान दर्ज करने के लिए अपना इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) भेजेंगे और अगर कोर्ट में सेक्शन 164 के तहत बयान दर्ज करने की ज़रूरत पड़ी, तो हम उसका भी इंतज़ाम करेंगे।"1
- नई दिल्ली ज़िला पुलिस द्वारा प्रमुख स्थानों पर नियमित पैदल गश्त कर पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ाई गई। इस दौरान असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए नई दिल्ली ज़िला पुलिस द्वारा प्रमुख स्थानों पर नियमित पैदल गश्त कर पुलिस की दृश्य उपस्थिति बढ़ाई गई। इस दौरान असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए नागरिकों में सुरक्षा की भावना एवं पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत किया गया।1
- दिल्ली सरकार और डीटीसी विभाग द्वारा डीटीसी सरकारी विभाग को प्राइवेट ऑपरेटर लालाओं के अधीन चलाकर दिल्ली सरकार और डीटीसी विभाग द्वारा डीटीसी सरकारी विभाग को प्राइवेट ऑपरेटर लालाओं के अधीन चलाकर राजधानी दिल्ली की जनता के साथ खिलवाड़ अभद्रता और धोखा किया गया है1
- वापस आऊंगा 17 तारिक को बाराबंकी गोंडा मे, यदि कार्रवाई पूरी नहीं की तो: चंद्रशेखर आजाद वापस आऊंगा 17 तारिक को बाराबंकी गोंडा मे, यदि कार्रवाई पूरी नहीं की तो: चंद्रशेखर आजाद ने दी इस वक्त की बड़ी खबर1
- 🚨दिल्ली पुलिस की टीम ने एक बड़े ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश कर 1.383kg स्मैक व ₹3.71 करोड़ से अधिक नकद किया बरामद। पुलिस टीम ने नोएडा में किराए पर रह रहे एक ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार कर पूछताछ की। मामले की गहन जांच कर पुलिस टीम ने गिरोह की कड़ियों को जोड़ते हुए 8 सदस्यों को धर दबोचा।1
- नेहरू कैंप में नवनिर्मित शौचालय ब्लॉक का उद्घाटन दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज जनता को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने नेहरू कैंप में नवनिर्मित आधुनिक शौचालय ब्लॉक का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया। दिल्ली में साफ-सुथरे और आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने सड़कों और बाजारों में 1,000 आधुनिक जन सुविधा परिसरों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में पहला जन सुविधा परिसर तैयार किया गया है। इस नवनिर्मित परिसर में पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग यूनिट्स बनाई गई हैं। महिलाओं की सुविधा के लिए यहां सैनिटरी नैपकिन की व्यवस्था भी की गई है। परिसर के रखरखाव के लिए 24 घंटे केयरटेकर मौजूद रहेगा, जबकि हर 20 परिसरों पर एक सुपरवाइजर की तैनाती की जाएगी। आधुनिक सफाई मशीनों के जरिए परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव सरकार की निगरानी में होगा। खास बात यह है कि दिल्लीवासियों के साथ-साथ राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। सरकार का कहना है कि 1,000 आधुनिक जन सुविधा परिसरों के निर्माण से दिल्ली में सार्वजनिक शौचालयों की कमी को दूर करने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।1
- फरीदाबाद की मोती कॉलोनी में दो परिवारों ने गाड़ियों के एक्सीडेंट होने पर चली लाठियां एक दूसरे के फोड़े सर।।1