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कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय द्वारा जिला सहकारी समिति सिगुड़ी ओर गढ़पुरी(परासी) का किया गया निरीक्षण और दिए निर्देश
RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय द्वारा जिला सहकारी समिति सिगुड़ी ओर गढ़पुरी(परासी) का किया गया निरीक्षण और दिए निर्देश
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- Post by Suraj singh Bais1
- कंट्रोल रूम स्थापित जबलपुर - बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा। कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकेगा।1
- *#सेमराधनाथ #विजयतेतराम* #भदोही के सरकार *सेमराधनाथ धाम* के *परम पूज्य गुरुदेव पं श्री रामप्रसाद पाण्डेय जी* सभी भक्तजनों का हार्दिक स्वागत करते हैं # *प्रधान पुजारी पण्डित श्री सूर्यकान्त पाण्डेय जी* #सेमराधनाथ धाम में दिव्य श्रृंगार व आरती #01/05/2026 #अन्नदाता सुखीनो भवः *#सेमराधनाथ धाम पालकी सेवा समिति* अध्यक्ष-योगेश सिंह 94997181031
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2
- जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- Post by JIYAUDDIN ANSARI1
- Post by Sharda Shrivastava1