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बरगी डैम में क्रूज डूबा कंट्रोल रूम स्थापित जबलपुर - बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा। कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकेगा।

21 hrs ago
user_Naresh Bajaj
Naresh Bajaj
पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

बरगी डैम में क्रूज डूबा कंट्रोल रूम स्थापित जबलपुर - बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा। कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकेगा।

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  • कंट्रोल रूम स्थापित जबलपुर - बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा। कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकेगा।
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    कंट्रोल रूम स्थापित
जबलपुर - बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा। कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकेगा।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • तेज़ तूफ़ान और बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता, छप्पर उड़े, दुकानों के बैनर-पोस्टर क्षतिग्रस्त.... कटनी/बहोरीबंद/बाकल। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश और तेज़ तूफ़ान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जहां आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है, वहीं किसानों की चिंता भी काफी बढ़ा दी है। तेज़ आंधी और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बाजार क्षेत्रों में दुकानों के बैनर और पोस्टर भी हवा में उड़ गए, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
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    तेज़ तूफ़ान और बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता, छप्पर उड़े, दुकानों के बैनर-पोस्टर क्षतिग्रस्त....
कटनी/बहोरीबंद/बाकल।  बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश और तेज़ तूफ़ान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जहां आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है, वहीं किसानों की चिंता भी काफी बढ़ा दी है।
तेज़ आंधी और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बाजार क्षेत्रों में दुकानों के बैनर और पोस्टर भी हवा में उड़ गए, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
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    Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    user_BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    Local Politician मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ​जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता ​जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। ​चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं ​इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। ​NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। ​लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। ​चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां ​हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। ​अब तक का अपडेट: ​कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। ​रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। ​मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। ​संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? ​मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
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    ​जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता
​जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली।
​चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं
​इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई।
​NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया।
​लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई।
​चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां
​हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए।
​अब तक का अपडेट:
​कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं।
​रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
​मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
​संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी?
​मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Sharda Shrivastava
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    Post by Sharda Shrivastava
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
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    Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    user_RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR
    Voice of people बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कटनी।। जिले के रीठी तहसील क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ती नजर आ रही है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। रीठी के सरकारी अस्पताल में हालात ऐसे हैं कि बेड कम पड़ गए हैं और मरीजों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। ओपीडी से लेकर डॉक्टर कक्ष तक लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग इलाज के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव और दूषित पानी के सेवन के कारण इस तरह की बीमारियां फैल रही हैं। अस्पताल स्टाफ लगातार मरीजों का इलाज करने में जुटा हुआ है, लेकिन बढ़ती संख्या के चलते व्यवस्थाएं दबाव में आ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, उबला हुआ पानी पीने और बाहर के खाने से परहेज करने की अपील की है, ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
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    कटनी।।  जिले के रीठी तहसील क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ती नजर आ रही है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है।
रीठी के सरकारी अस्पताल में हालात ऐसे हैं कि बेड कम पड़ गए हैं और मरीजों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। ओपीडी से लेकर डॉक्टर कक्ष तक लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग इलाज के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव और दूषित पानी के सेवन के कारण इस तरह की बीमारियां फैल रही हैं। अस्पताल स्टाफ लगातार मरीजों का इलाज करने में जुटा हुआ है, लेकिन बढ़ती संख्या के चलते व्यवस्थाएं दबाव में आ गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, उबला हुआ पानी पीने और बाहर के खाने से परहेज करने की अपील की है, ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by Sharda Shrivastava
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    Post by Sharda Shrivastava
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मैहर में पेट्रोल-डीजल संकट पर बवाल, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का अल्टीमेटम—व्यवस्था सुधरो, वरना आंदोलन तय मैहर। मैहर में पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर हालात अब विस्फोटक होते जा रहे हैं। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने पेट्रोल-डीजल की लगातार हो रही कमी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे प्रशासनिक नाकामी करार दिया है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर हालात बदतर बने हुए हैं—कहीं लंबी-लंबी कतारें, तो कहीं नो स्टॉक के बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। आम जनता, व्यापारी और रोजमर्रा के वाहन चालक इस संकट से जूझ रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रभात द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल सप्लाई की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की लापरवाही और समन्वय की कमी का परिणाम है। उन्होंने संबंधित विभाग और तेल कंपनियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तत्काल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जाए, अन्यथा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा न हो। शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो मैहर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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    मैहर में पेट्रोल-डीजल संकट पर बवाल, नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का अल्टीमेटम—व्यवस्था सुधरो, वरना आंदोलन तय
मैहर। मैहर में पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर हालात अब विस्फोटक होते जा रहे हैं। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने पेट्रोल-डीजल की लगातार हो रही कमी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे प्रशासनिक नाकामी करार दिया है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर हालात बदतर बने हुए हैं—कहीं लंबी-लंबी कतारें, तो कहीं नो स्टॉक के बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। आम जनता, व्यापारी और रोजमर्रा के वाहन चालक इस संकट से जूझ रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रभात द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल सप्लाई की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की लापरवाही और समन्वय की कमी का परिणाम है। उन्होंने संबंधित विभाग और तेल कंपनियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि तत्काल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जाए, अन्यथा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा न हो। शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो मैहर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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