प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा 7,000 रुपये की मांग की गई, जिसमें से उन्होंने 2,000 रुपये दिए और इसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए, जिसके बाद ऑपरेशन में कथित तौर पर लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद नवजात बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने प्रसूता को भी अस्पताल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। घटना के बाद, परिजनों ने सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर तहसीलदार मेंजा और मंडा इंस्पेक्टर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर उनका आवेदन लिया और जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा 7,000 रुपये की मांग की गई, जिसमें से उन्होंने 2,000 रुपये दिए और इसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए, जिसके बाद ऑपरेशन में कथित तौर पर लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद नवजात बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने प्रसूता को भी अस्पताल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। घटना के बाद, परिजनों ने सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर तहसीलदार मेंजा और मंडा इंस्पेक्टर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर उनका आवेदन लिया और जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली और रोज़ाना हो रहे फॉल्ट से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार कटौती और तकनीकी दिक्कतों ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है। हालांकि, विभागीय कर्मी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। इसी कड़ी में, मेजा रोड पावर हाउस से जुड़ी लाइन के अंतर्गत सोरांव गांव में लगे 400 केवीए ट्रांसफार्मर का शनिवार रात फ्यूज उड़ गया, जिससे गांव के कुछ हिस्सों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ट्रांसफार्मर के पास ही बिजली का तार टूटकर नीचे गिर पड़ा। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पावर हाउस पहुंचकर अपनी नाराजगी जताने लगे। सूचना पर सक्रिय हुए बिजली संविदा कर्मी विशाल तिवारी, विपिन कुमार और मनीष कुमार के साथ लाइनमैन विजय पटेल उर्फ डाकिया मौके पर पहुंचे और आपूर्ति बहाल करने में जुट गए। ग्रामीणों के सहयोग से देर रात तक चले मरम्मत कार्य के बाद आखिरकार बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली कर्मी कड़ी धूप और उमस भरी रातों में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते हैं, तब 45 डिग्री तापमान में भी जान जोखिम में डालकर पोल पर चढ़कर फॉल्ट दुरुस्त करते हैं। नंगे पांव और सीमित संसाधनों में काम करने के बावजूद उनका समर्पण सराहनीय है, क्योंकि आंधी-तूफान हो या रात का अंधेरा, हर हाल में बिजली बहाल करना ही उनका लक्ष्य रहता है, और उनकी इसी मेहनत से उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा 7,000 रुपये की मांग की गई, जिसमें से उन्होंने 2,000 रुपये दिए और इसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए, जिसके बाद ऑपरेशन में कथित तौर पर लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद नवजात बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने प्रसूता को भी अस्पताल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। घटना के बाद, परिजनों ने सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर तहसीलदार मेंजा और मंडा इंस्पेक्टर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर उनका आवेदन लिया और जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहानी स्थित ग्रीन फील्ड एकेडमी के पीछे कुछ दबंगों ने रात के समय एक जमीन मालिक की बाउंड्री वॉल और पिलर को गिरा दिया। इस घटना के दौरान उन्होंने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। भनौरी निवासी पीड़ित विनोद कुमार पटेल पुत्र जगतम्बा प्रसाद ने आरोप लगाया है कि इस कृत्य से उन्हें लगभग ₹4 लाख का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाटा संख्या 276, रकवा 0.068 की जमीन विधिवत बैनामा कराई थी। पीड़ित के अनुसार, 26 जून की रात को मझिगवां निवासी निर्भय नयन सिंह पुत्र निर्गुण और लल्ला बाबू पटेल पुत्र पन्ना लाल, 10-15 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मौके पर पहुंचे और ईंट-सरिये से बनी बाउंड्री वॉल तथा पिलर को तोड़ दिया। इस दौरान उन्होंने विनोद कुमार पटेल के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए। इस घटना के बाद, विनोद कुमार पटेल ने घूरपुर थाने में लिखित तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन और योगी सरकार से नुकसान की भरपाई कराने तथा इन दबंगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।3
- Sarkar 💪🏻💪🏻🫶🏻😈😈❤️🫂🫠🚩🫠🗣️🫂👑🚩👑👑🫂🚩🚩🚩🚩🚩1
- प्रयागराज के मांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इन आरोपों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र पर बिना पैसे के गरीब मरीजों का इलाज नहीं किया जाता है। दावा किया गया है कि विशेष रूप से महिलाओं की डिलीवरी के लिए ₹7000 की राशि ली जाती है, और यदि भुगतान न किया जाए तो डिलीवरी नहीं की जाती। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर, प्रयागराज के CMO की कार्यशैली को संदिग्ध बताया जा रहा है और उन पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया गया है।1
- प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र स्थित दिघिया चौकी के दरोगा शोएब खान पर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ₹4,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित के अनुसार, जब उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो दरोगा ने उसके दोपहिया वाहन का ₹2,000 का चालान काट दिया, जबकि वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के सभी आवश्यक कागजात मौजूद थे। दरोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित ने स्वयं इस घटना का वीडियो बनाया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने दरोगा शोएब खान की कार्यशैली के प्रति लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ा दिया है, वहीं अधिकारी इस पूरे मामले से कथित तौर पर बेखबर बने हुए हैं।1
- मीरजापुर जिले के ड्रमण्डगंज थाना क्षेत्र में मीरजापुर-हनमुना हाइवे पर ग्राम लाहुरियादह के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। 28 जून, 2026 को दोपहर करीब 2:00 बजे, एक खड़ी ट्रक (संख्या: UP67 AT 0054) में पीछे से एक अर्टिगा कार (संख्या: MP21 ZD 7405) जा घुसी, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही गांव निवासी विकास ताम्रकार (लगभग 35 वर्ष) पुत्र धानू ताम्रकार और उनकी पत्नी सोनम ताम्रकार (लगभग 31 वर्ष) के रूप में हुई है। घायलों में कार चालक हिमांशु ताम्रकार (लगभग 27 वर्ष) पुत्र लखनलाल ताम्रकार, जो सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के उचेहरा गांव का निवासी है, शामिल है। अन्य घायलों में हीरालाल (लगभग 23 वर्ष) पुत्र अवंती, सश्रम (लगभग 17 वर्ष) पुत्र प्रहलाद, राधा पुत्री प्रहलाद, शिवांश (लगभग 4 वर्ष) और रुद्र (लगभग 2 वर्ष) पुत्रगण विकास शामिल हैं। इनमें से हीरालाल कटनी के छिदिया गांव का तथा अन्य सभी कटनी के बरही गांव के निवासी बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी और ड्रमण्डगंज थाना पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सभी छह घायलों को सीएचसी लालगंज भिजवाया गया, जबकि दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।1
- कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शरीर संबंधी अपराधों को अंजाम देने वाले आरोपी ओम वांस्फ़ोडिया को पासा (PASA) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर राजकोट केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सूरत ग्रामीण जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस महानिरीक्षक, सूरत रेंज, श्री प्रेम वीर सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक, सूरत ग्रामीण, श्री राजेश गढिया के निर्देश पर, कामरेज डिवीजन के संभागीय पुलिस अधिकारी ने पुलिस को प्रभावी कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसी के तहत कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई ने क्षेत्र के असामाजिक तत्वों और उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए 'खतरनाक व्यक्ति' के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई द्वारा 21 वर्षीय ओम प्रकाशभाई रमेशभाई वांस्फ़ोडिया, जो अंतरोली गांव, भूरी फड़िया, तहसील पलसाना, जिला सूरत का निवासी है और शरीर संबंधी अपराधों में लिप्त है, के खिलाफ एक 'खतरनाक व्यक्ति' के तौर पर पासा प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव के आधार पर, सूरत के जिला मजिस्ट्रेट ने सूरत जिले में अवैध गतिविधियों में लिप्त ऐसे तत्वों को 'द गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटीसोशल एक्टिविटीज एक्ट-1985' के तहत गिरफ्तार करने के लिए संख्या पासा/19/2026 के साथ एक पासा वारंट जारी किया। वारंट जारी होने के बाद, पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की। ए.एस.आई. हरेशभाई खुमाभाई और अ.पो.को. भौतिककुमार महेंद्रभाई को मिली सूचना के आधार पर, आरोपी को पकड़ लिया गया और पासा के तहत गिरफ्तार करके राजकोट केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। आरोपी ओम प्रकाशभाई रमेशभाई वांस्फ़ोडिया का आपराधिक इतिहास विस्तृत है, जिसमें कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन में दर्ज कई मामले शामिल हैं। इन मामलों में पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2326-0316/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-326(एफ), 324(5), 61(2); पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2326-0510/2026 के तहत जी.पी. एक्ट की धारा 135 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223; पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2325-1770/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता अधिनियम सने 2023 की धारा 189(2), 191(2), 61(2), 121(1), 132, 265 तथा डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 की धारा 3(1); ए पार्ट गु.र.नं. 11214023240198/2024 के तहत ई.पी.को. की धारा-323, 326, 504, 506 (2); पार्ट ए गु.र.नं. 1121402324-1408/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा -118 (1), 352; और पार्ट ए गु.र.नं. 1121402325-0493/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा - 118 (1) (2), 115 (2), 352, 351(3), 54 तथा जी.पी.ए. की धारा 135 के तहत दर्ज अपराध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट, सूरत के कार्यालय के क्रमांक पासा/26/2025 भी उसके खिलाफ दर्ज है। इस प्रशंसनीय कार्य को अंजाम देने वाली टीम में पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई, ए.एस.आई. हरेशभाई खुमाभाई, ए.एस.आई. सुरेशभाई चिमनभाई, हे.को. मितेशभाई अनिलभाई, हे.को. महिपालदान प्रभातदान, हे.को. शैलेशभाई चंदुभाई, हे.को. कनकसिंह प्रवीणसिंह, हे.को. वनराजसिंह प्रतापभाई, पो.को. अल्ताफभाई गफुरभाई, पो.को. भौतिककुमार महेंद्रभाई, पो.स.ई. बी.बी. वाघेला और पो.को. रुडाभाई भुराभाई शामिल हैं।3